फीफा वर्ल्ड कप 2026 में शनिवार को खेले गए मुकाबलों ने फुटबॉल प्रशंसकों को रोमांच से भर दिया। ग्रुप-बी में कतर और स्विट्जरलैंड के बीच खेला गया मैच अंतिम क्षणों तक बेहद दिलचस्प बना रहा। स्विट्जरलैंड लगभग पूरी तरह जीत की ओर बढ़ रहा था, लेकिन इंजरी टाइम में आए एक गोल ने मुकाबले का नतीजा बदल दिया। कतर के अनुभवी डिफेंडर बौआलेम खौखी ने अतिरिक्त समय में शानदार हेडर लगाकर अपनी टीम को हार से बचा लिया और मुकाबला 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ।
दूसरी ओर ग्रुप-डी के मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए तुर्किए को 2-0 से मात दी। वैंकूवर में खेले गए इस मैच में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और टूर्नामेंट में विजयी आगाज किया।
अंतिम मिनटों ने बदल दी मैच की कहानी
कतर और स्विट्जरलैंड के बीच मुकाबले की शुरुआत से ही स्विस टीम ज्यादा संगठित और आत्मविश्वास से भरी दिखाई दी। गेंद पर नियंत्रण रखने से लेकर हमलावर मूव बनाने तक स्विट्जरलैंड ने अधिकांश समय खेल पर अपना दबदबा बनाए रखा। कतर की टीम रक्षात्मक रणनीति के साथ मैदान पर उतरी थी और शुरुआती मिनटों में उसका ध्यान विपक्षी हमलों को रोकने पर ज्यादा केंद्रित रहा।
हालांकि स्विट्जरलैंड ने कई अवसर बनाए, लेकिन शुरुआती कुछ हमलों में उसे सफलता नहीं मिली। इसके बावजूद टीम लगातार कतर के गोलपोस्ट पर दबाव बनाती रही और आखिरकार उसे पहले हाफ में बढ़त हासिल हो गई।
17वें मिनट में मिला निर्णायक मौका
मैच का पहला बड़ा मोड़ 17वें मिनट में आया। स्विट्जरलैंड के स्ट्राइकर ब्रेल एम्बोलो तेज गति से कतर के पेनल्टी बॉक्स में पहुंचे। इसी दौरान कतर के गोलकीपर महमूद अबुनादा ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन यह प्रयास फाउल में बदल गया।
रेफरी ने बिना देर किए पेनल्टी किक का संकेत दिया। स्विस टीम के लिए यह बढ़त हासिल करने का सुनहरा अवसर था। एम्बोलो ने पूरी शांति के साथ गेंद को गोलपोस्ट के ऊपरी हिस्से में पहुंचाया और गोलकीपर को कोई मौका नहीं दिया। इस गोल के साथ स्विट्जरलैंड ने मुकाबले में 1-0 की बढ़त बना ली।
गोल के बाद भी स्विस खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ा हुआ दिखाई दिया और उन्होंने लगातार आक्रमण जारी रखा।
कतर की रक्षापंक्ति ने किया संघर्ष
हालांकि स्कोरलाइन स्विट्जरलैंड के पक्ष में थी, लेकिन कतर की टीम ने हार नहीं मानी। उसके डिफेंडरों ने कई मौकों पर शानदार टैकल किए और विपक्षी हमलों को विफल किया। गोलकीपर अबुनादा, जिन्होंने पेनल्टी के कारण टीम को नुकसान पहुंचाया था, बाद में कई महत्वपूर्ण बचाव करके टीम को मुकाबले में बनाए रखने में सफल रहे।
स्विट्जरलैंड ने पहले हाफ के अंत तक बढ़त दोगुनी करने की कोशिश की, लेकिन कतर की रक्षा दीवार बनकर खड़ी रही। कई बार गेंद खतरनाक क्षेत्रों तक पहुंची, मगर अंतिम क्षणों में बचाव सफल रहा।
दूसरे हाफ में भी स्विस टीम का दबदबा
ब्रेक के बाद भी मैच की तस्वीर ज्यादा नहीं बदली। स्विट्जरलैंड ने गेंद पर कब्जा बनाए रखा और लगातार हमले किए। टीम के मिडफील्डरों ने खेल की गति को नियंत्रित किया और कई बार कतर के डिफेंस को मुश्किल में डाला।
दूसरी ओर कतर को जवाबी आक्रमण के कुछ मौके जरूर मिले, लेकिन वे उन्हें गोल में तब्दील नहीं कर सके। कई बार ऐसा लगा कि स्विट्जरलैंड दूसरा गोल कर मुकाबले को पूरी तरह अपने पक्ष में कर लेगा, लेकिन अंतिम फिनिशिंग की कमी उसके रास्ते में आ गई। जैसे-जैसे समय आगे बढ़ता गया, कतर के लिए वापसी की उम्मीदें कम होती दिखाई देने लगीं। स्विस खिलाड़ी भी जीत को सुरक्षित रखने के लिए संयमित खेल दिखाने लगे।
जीत के करीब पहुंचकर फिसली स्विट्जरलैंड
90 मिनट पूरे होने के बाद अतिरिक्त समय शुरू हुआ और ऐसा लग रहा था कि स्विट्जरलैंड तीन अंक लेकर मैदान से बाहर जाएगा। कतर के खिलाड़ी अंतिम प्रयास कर रहे थे, जबकि स्विस टीम सिर्फ कुछ मिनट और निकालना चाहती थी।
इसी दौरान कतर को एक महत्वपूर्ण कॉर्नर किक मिली। पूरा स्टेडियम सांसें थामे इस मौके को देख रहा था। कॉर्नर से आई गेंद पर बौआलेम खौखी ने शानदार टाइमिंग के साथ छलांग लगाई और जोरदार हेडर लगाया। गेंद सीधे जाल में पहुंची और स्विट्जरलैंड के गोलकीपर के पास उसे रोकने का कोई मौका नहीं था। 90+4वें मिनट में आए इस गोल ने पूरे मुकाबले की दिशा बदल दी।
खौखी बने कतर के हीरो
गोल होते ही कतर के खिलाड़ी और कोचिंग स्टाफ खुशी से झूम उठे। जो टीम कुछ क्षण पहले हार के कगार पर खड़ी थी, उसने एक अंक हासिल कर लिया था। खौखी का यह गोल न केवल टीम के लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ बल्कि टूर्नामेंट के यादगार पलों में भी शामिल हो गया। दूसरी तरफ स्विट्जरलैंड के खिलाड़ियों के चेहरे पर निराशा साफ दिखाई दी। पूरे मैच में बेहतर प्रदर्शन करने के बावजूद वे जीत दर्ज नहीं कर सके और उन्हें अंक बांटने पड़े।
दोनों टीमों के लिए महत्वपूर्ण परिणाम
यह ड्रॉ दोनों टीमों के अभियान पर असर डाल सकता है। कतर के लिए यह एक ऐसा परिणाम रहा जिसने आत्मविश्वास बढ़ाया होगा, क्योंकि टीम ने अंत तक संघर्ष करते हुए हार को टाल दिया। वहीं स्विट्जरलैंड को इस बात का अफसोस रहेगा कि उसने कई मौके बनाने के बावजूद बढ़त को सुरक्षित नहीं रखा। ग्रुप चरण में हर अंक महत्वपूर्ण होता है और ऐसे में यह मुकाबला आगे की स्थिति तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
ऑस्ट्रेलिया ने की शानदार शुरुआत
दिन के दूसरे प्रमुख मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने ग्रुप-डी में तुर्किए को 2-0 से हराकर अपने अभियान का शानदार आगाज किया। वैंकूवर में खेले गए इस मैच में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने शुरुआत से ही आत्मविश्वास के साथ खेल दिखाया।
तुर्किए की टीम लंबे अंतराल के बाद वर्ल्ड कप में लौटी थी और उससे अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही थी। लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने उसे ज्यादा मौके नहीं दिए और पूरे मुकाबले में नियंत्रण बनाए रखा।
इरानीकुंडा और मेटकाफ ने किए गोल
ऑस्ट्रेलिया को पहला गोल नेस्टोरी इरानीकुंडा ने दिलाया। उनके गोल ने टीम को शुरुआती बढ़त दिलाई और तुर्किए पर दबाव बढ़ा दिया। इसके बाद कॉनर मेटकाफ ने दूसरा गोल कर स्कोर 2-0 कर दिया। दोनों गोलों ने ऑस्ट्रेलिया की जीत लगभग सुनिश्चित कर दी। तुर्किए ने वापसी की कोशिश की, लेकिन वह गोल हासिल नहीं कर सका।
गोलकीपर पैट्रिक बीच का शानदार प्रदर्शन
ऑस्ट्रेलिया की जीत में गोलकीपर पैट्रिक बीच की भूमिका भी बेहद अहम रही। उन्होंने पूरे मैच में शानदार बचाव किए और तुर्किए के कई खतरनाक प्रयासों को नाकाम कर दिया। तुर्किए के खिलाड़ियों ने गोल करने के लिए लगातार कोशिशें कीं, लेकिन बीच ने आठ महत्वपूर्ण शॉट रोककर विपक्षी टीम को निराश कर दिया। उनके प्रदर्शन ने ऑस्ट्रेलिया को क्लीन शीट दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई।
फीफा अध्यक्ष भी रहे मौजूद
वैंकूवर में खेले गए इस मुकाबले को देखने के लिए फीफा अध्यक्ष Gianni Infantino भी स्टेडियम में मौजूद थे। उनके सामने ऑस्ट्रेलिया ने प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की और अपने प्रशंसकों को जश्न मनाने का मौका दिया।
टूर्नामेंट में बढ़ा रोमांच
शनिवार के दोनों मुकाबलों ने यह साबित कर दिया कि फीफा वर्ल्ड कप 2026 में कोई भी परिणाम पहले से तय नहीं माना जा सकता। कतर ने अंतिम क्षणों में गोल कर स्विट्जरलैंड से जीत छीन ली, जबकि ऑस्ट्रेलिया ने मजबूत प्रदर्शन के साथ तुर्किए को हराकर तीन महत्वपूर्ण अंक अपने नाम किए।
अब सभी टीमों की नजरें अगले मुकाबलों पर होंगी, जहां ग्रुप चरण की तस्वीर और अधिक स्पष्ट होती जाएगी। शुरुआती मैचों के नतीजों ने यह संकेत भी दे दिया है कि इस बार वर्ल्ड कप में आखिरी सीटी बजने तक किसी भी टीम को हल्के में नहीं लिया जा सकता।




