फुटबॉल वर्ल्ड कप में जर्मनी का शानदार आगाज, कुरासाओ पर 7-1 की बड़ी जीत; हैवर्ट्ज चमके, नोयर ने बनाया रिकॉर्ड

फुटबॉल वर्ल्ड कप में जर्मनी का शानदार आगाज, कुरासाओ पर 7-1 की बड़ी जीत; हैवर्ट्ज चमके, नोयर ने बनाया रिकॉर्ड

फुटबॉल वर्ल्ड कप के अपने पहले मुकाबले में जर्मनी ने दमदार प्रदर्शन करते हुए दुनिया को अपनी ताकत का एहसास करा दिया। चार बार की विश्व चैंपियन टीम ने ग्रुप-ई के मुकाबले में टूर्नामेंट में पहली बार हिस्सा ले रही कुरासाओ को 7-1 के बड़े अंतर से पराजित किया। मैच की शुरुआत में कुछ समय तक कुरासाओ ने जर्मनी को टक्कर दी, लेकिन दूसरे हाफ में जर्मन खिलाड़ियों के आक्रामक खेल के सामने वह पूरी तरह बिखर गई।

ह्यूस्टन में खेले गए इस मुकाबले में जर्मनी के कई खिलाड़ियों ने गोल दागे, जबकि स्टार फॉरवर्ड काई हैवर्ट्ज ने दो गोल कर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। इस नतीजे के बाद जर्मनी ने न सिर्फ तीन महत्वपूर्ण अंक हासिल किए बल्कि शानदार गोल अंतर के साथ ग्रुप में शीर्ष स्थान भी हासिल कर लिया।

शुरुआती मिनटों में जर्मनी ने बनाई बढ़त

मुकाबले की शुरुआत से ही जर्मन टीम ने गेंद पर नियंत्रण बनाकर रखा। मैच के छठे मिनट में ही उसे सफलता मिल गई। फ्लोरियन विर्ट्ज ने बेहतरीन पास देकर आक्रमण की शुरुआत की, जिसे फेलिक्स नेमेचा ने शानदार तरीके से गोल में बदल दिया। इस गोल के साथ जर्मनी ने 1-0 की बढ़त हासिल कर ली और ऐसा लगने लगा कि मुकाबला एकतरफा रहने वाला है।

हालांकि, कुरासाओ ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया और दबाव में आने के बजाय जवाबी हमला जारी रखा। टीम ने अपने पहले विश्व कप मैच में आत्मविश्वास दिखाया और जर्मन डिफेंस को चुनौती दी।

कुरासाओ ने रचा इतिहास

मैच के 21वें मिनट में कुरासाओ ने इतिहास रच दिया। लिवानो कोमेनेंसिया ने शानदार मूव बनाते हुए गेंद को नेट के अंदर पहुंचा दिया। यह न सिर्फ मैच का बराबरी का गोल था बल्कि कुरासाओ के विश्व कप इतिहास का पहला गोल भी बन गया।

इस गोल के बाद स्टेडियम में मौजूद कुरासाओ समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। कुछ समय के लिए ऐसा लगा कि जर्मनी को उम्मीद से ज्यादा कड़ी चुनौती मिलने वाली है। स्कोर 1-1 होने के बाद मुकाबला पूरी तरह खुल गया।

जर्मनी ने फिर संभाली कमान

बराबरी के गोल के बाद जर्मनी ने अपने अनुभव का परिचय दिया और धीरे-धीरे खेल पर दोबारा नियंत्रण स्थापित कर लिया। 38वें मिनट में मिले कॉर्नर का फायदा उठाते हुए निको श्लोटरबेक ने शानदार हेडर लगाया और टीम को 2-1 से आगे कर दिया।

पहले हाफ के अंतिम क्षणों में जर्मनी को एक और बड़ा मौका मिला। इंजरी टाइम के दौरान फेलिक्स नेमेचा को पेनल्टी बॉक्स के अंदर गिरा दिया गया, जिसके बाद रेफरी ने पेनल्टी दे दी। काई हैवर्ट्ज ने बिना कोई गलती किए गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचाया और स्कोर 3-1 कर दिया।

इस गोल के साथ जर्मनी ने हाफ टाइम तक मुकाबले पर मजबूत पकड़ बना ली।

दूसरे हाफ में पूरी तरह बदला मैच

ब्रेक के बाद मैदान पर उतरी जर्मन टीम और ज्यादा आक्रामक नजर आई। दूसरे हाफ के सिर्फ दो मिनट बाद ही जमाल मुसियाला ने शानदार गोल दागकर बढ़त को 4-1 कर दिया। इस गोल ने कुरासाओ की उम्मीदों को बड़ा झटका पहुंचाया।

इसके बाद जर्मनी ने लगातार हमले जारी रखे। गेंद पर उसका कब्जा बना रहा और कुरासाओ की रक्षापंक्ति लगातार दबाव में दिखाई दी। 68वें मिनट में नाथानियल ब्राउन ने गोल कर स्कोर 5-1 कर दिया।

मैच आगे बढ़ने के साथ कुरासाओ की टीम थकी हुई नजर आने लगी। जर्मनी ने इसका पूरा फायदा उठाया और 78वें मिनट में डेनिज उंडाव ने एक और गोल दाग दिया। अब स्कोर 6-1 हो चुका था और जीत लगभग तय थी।

हैवर्ट्ज ने पूरा किया डबल

मैच के अंतिम क्षणों में भी जर्मन खिलाड़ियों का हमला जारी रहा। 88वें मिनट में काई हैवर्ट्ज ने अपना दूसरा गोल करते हुए टीम का सातवां गोल दर्ज किया। इस गोल के साथ स्कोर 7-1 हो गया और जर्मनी ने विश्व कप अभियान की शुरुआत बेहद प्रभावशाली जीत के साथ की।

हैवर्ट्ज का प्रदर्शन पूरे मैच में शानदार रहा। उन्होंने न सिर्फ गोल किए बल्कि आक्रमण में लगातार सक्रिय रहकर टीम के अन्य खिलाड़ियों के लिए भी मौके बनाए।

नोयर ने अपने नाम किया खास रिकॉर्ड

इस मुकाबले में जर्मनी के अनुभवी गोलकीपर मैनुअल नोयर ने भी एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया। 40 वर्ष और 79 दिन की उम्र में उन्होंने किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में जर्मनी की ओर से खेलने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया।

इससे पहले यह रिकॉर्ड दिग्गज खिलाड़ी लोथार मथाउस के नाम था, जिन्होंने यूरो 2000 में यह उपलब्धि हासिल की थी। नोयर का अनुभव जर्मन टीम के लिए आज भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

सबसे छोटे देश की बड़ी उपलब्धि

हालांकि कुरासाओ को हार का सामना करना पड़ा, लेकिन टीम ने अपने पहले विश्व कप मैच में कई यादगार पल भी हासिल किए। कैरेबियाई क्षेत्र का यह छोटा देश विश्व कप में भाग लेने वाला अब तक का सबसे छोटा राष्ट्र बन गया है।

इसके अलावा टीम ने टूर्नामेंट के इतिहास में अपना पहला गोल भी दर्ज किया, जो उसके खिलाड़ियों और समर्थकों के लिए लंबे समय तक यादगार रहेगा। हार के बावजूद कुरासाओ ने शुरुआती चरण में साहसिक प्रदर्शन कर यह दिखाया कि वह भविष्य में और बेहतर कर सकती है।

आइवरी कोस्ट ने आखिरी मिनट में छीनी जीत

ग्रुप-ई के दूसरे मुकाबले में आइवरी कोस्ट ने इक्वाडोर को 1-0 से हराकर महत्वपूर्ण तीन अंक हासिल किए। यह मुकाबला काफी संतुलित रहा और लंबे समय तक दोनों टीमों के बीच गोलरहित बराबरी बनी रही।

जब मैच ड्रॉ की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा था, तभी 90वें मिनट में अमद डियालो ने निर्णायक गोल दाग दिया। उन्हें विल्फ्रेड सिंगो से शानदार पास मिला, जिसे उन्होंने आसानी से गोल में बदल दिया।

गोल खाने के बाद इक्वाडोर को इंजरी टाइम में बराबरी का मौका मिला, लेकिन वह अवसरों का फायदा नहीं उठा सका। परिणामस्वरूप आइवरी कोस्ट ने 1-0 की जीत दर्ज कर ली।

ग्रुप-ई की स्थिति

पहले दौर के मुकाबलों के बाद ग्रुप-ई में जर्मनी और आइवरी कोस्ट दोनों के खाते में तीन-तीन अंक हैं। हालांकि जर्मनी का गोल अंतर कहीं बेहतर है, इसलिए वह तालिका में पहले स्थान पर है। आइवरी कोस्ट दूसरे नंबर पर मौजूद है।

दूसरी ओर कुरासाओ और इक्वाडोर को अपने शुरुआती मैचों में हार का सामना करना पड़ा है। अब दोनों टीमों पर अगले मुकाबलों में जीत हासिल करने का दबाव रहेगा।

जर्मनी अगले मैच में आइवरी कोस्ट से भिड़ेगी, जहां ग्रुप की शीर्ष टीम तय करने की दिशा में बड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है। वहीं कुरासाओ की टीम इक्वाडोर के खिलाफ अपनी पहली विश्व कप जीत की तलाश में मैदान पर उतरेगी। जर्मनी की मौजूदा फॉर्म को देखते हुए बाकी टीमों के लिए यह स्पष्ट संकेत है कि चार बार की विश्व चैंपियन इस बार भी खिताब की प्रबल दावेदारों में शामिल है।