मध्य-पूर्व में अमेरिका–इजराइल और ईरान के बीच जारी तनाव का असर 3 मार्च को वैश्विक बाजारों पर साफ दिखाई दिया। एशियाई शेयर बाजारों में मिला-जुला रुख रहा, जबकि होली के चलते भारतीय शेयर बाजार आज बंद हैं।
जापान में निवेशकों की बिकवाली हावी रही और निक्केई इंडेक्स करीब 2.3% टूटकर 56,700 के आसपास कारोबार करता दिखा। दक्षिण कोरिया में हालात और कमजोर रहे, जहां कोस्पी लगभग 4% गिरकर 6,000 के स्तर पर आ गया। चीन और हॉन्गकॉन्ग के बाजारों में सीमित हलचल रही—शंघाई कंपोजिट 4,180 और हैंगसेंग 26,070 के आसपास लगभग सपाट रहे। पाकिस्तान में हालांकि हल्की मजबूती दिखी और KSE-30 इंडेक्स करीब 0.8% चढ़कर 46,688 के स्तर पर पहुंच गया।
कमोडिटी बाजार में कच्चे तेल ने तेज उछाल लिया है। ब्रेंट क्रूड आज 3% से ज्यादा बढ़कर 80 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया। इससे एक दिन पहले ही इसमें 10% की तेजी देखी गई थी, यानी दो दिन में कुल बढ़त 13% से ज्यादा हो चुकी है। बाजार जानकारों का कहना है कि अगर भू-राजनीतिक तनाव और गहराता है तो कच्चा तेल 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है। तेल की बढ़ती कीमतों का सीधा असर भारत में पेट्रोल और डीजल पर पड़ सकता है। अनुमान है कि दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 95 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 100 रुपये तक जा सकती है, जबकि डीजल 88 रुपये से बढ़कर 92 रुपये प्रति लीटर के आसपास पहुंच सकता है। दूसरे शहरों में भी इसी तरह की बढ़ोतरी संभव है।
अमेरिकी शेयर बाजारों में 2 मार्च को सीमित उतार-चढ़ाव के साथ कारोबार बंद हुआ। टेक शेयरों में मजबूती से नैस्डैक कंपोजिट 0.36% की बढ़त के साथ बंद हुआ। एसएंडपी 500 में मामूली 0.04% की तेजी रही, जबकि डाउ जोंस 73 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ। वैश्विक तनाव का असर भारतीय बाजारों पर एक दिन पहले ही दिख चुका था। 2 मार्च को सेंसेक्स 1,048 अंक यानी करीब 1.3% गिरकर 80,239 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी में भी लगभग 313 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और यह 24,866 के स्तर पर आ गया।
निवेशकों की गतिविधियों पर नजर डालें तो 2 मार्च को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 3,295 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 8,593 करोड़ रुपये की खरीदारी की। फरवरी महीने में एफआईआई ने कुल 11,002 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे और इसी दौरान डीआईआई ने 17,324 करोड़ रुपये का निवेश किया। जनवरी 2026 में तस्वीर उलट रही थी, जब एफआईआई ने 41,435 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि डीआईआई ने 69,220 करोड़ रुपये की खरीद की थी।
पाकिस्तान के शेयर बाजार में 2 मार्च को भारी गिरावट देखने को मिली। KSE-30 इंडेक्स करीब 9.8% टूटकर 46,326 के स्तर पर बंद हुआ। तेज बिकवाली के चलते बाजार में 45 मिनट के लिए ट्रेडिंग रोकनी पड़ी और लोअर सर्किट लगाना पड़ा।




