अफगानिस्तान क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ टी-20 सीरीज में अपना दबदबा कायम रखते हुए लगातार दूसरी जीत दर्ज कर ली है। शारजाह में खेले गए दूसरे मुकाबले में अफगानिस्तान ने जिम्बाब्वे को 19 रन से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली। इस मुकाबले में कई ऐसे रिकॉर्ड बने, जिन्होंने क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींचा। एक तरफ अजमतुल्लाह उमरजई ने बल्ले से ऐसा तूफान मचाया कि जिम्बाब्वे के गेंदबाज बेबस नजर आए, तो दूसरी ओर राशिद खान ने अंतरराष्ट्रीय टी-20 क्रिकेट में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर ली।
राशिद खान अब पुरुष टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट में 200 विकेट पूरे करने वाले दुनिया के पहले गेंदबाज बन गए हैं। उन्होंने यह उपलब्धि अपने 120वें टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में हासिल की। वहीं, उमरजई ने महज 44 गेंदों में शतक जड़कर अफगानिस्तान को मुश्किल परिस्थिति से बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाई। मुकाबले में जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने भी शानदार बल्लेबाजी करते हुए शतक लगाया, लेकिन उनकी पारी टीम को जीत की मंजिल तक नहीं पहुंचा सकी।
राशिद खान के नाम दर्ज हुआ ऐतिहासिक रिकॉर्ड
अफगानिस्तान के स्टार स्पिनर राशिद खान ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह दुनिया के सबसे प्रभावशाली टी-20 गेंदबाजों में क्यों गिने जाते हैं। जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी-20 मुकाबले में उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का 200वां विकेट हासिल किया। इसके साथ ही वह पुरुष टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट के इतिहास में विकेटों का दोहरा शतक लगाने वाले पहले गेंदबाज बन गए।
राशिद ने यह खास मुकाम हासिल करने के लिए 120 मुकाबले खेले। शारजाह में खेले गए इस मैच में जिम्बाब्वे की पारी के दौरान उन्होंने विकेटकीपर बल्लेबाज तादिवनाशे मरुमानी को अपना शिकार बनाया। राशिद की गेंद पर मरुमानी LBW आउट हुए और यही विकेट उनके करियर का 200वां अंतरराष्ट्रीय टी-20 विकेट साबित हुआ।
राशिद की इस उपलब्धि ने अफगानिस्तान क्रिकेट के लिए भी एक नया इतिहास लिख दिया। सीमित ओवरों के क्रिकेट में लगातार अपनी उपयोगिता साबित करने वाले राशिद ने अपनी फिरकी के दम पर दुनिया के बड़े-बड़े बल्लेबाजों को परेशान किया है। इस मुकाबले में भी उनका विकेट टीम के लिए अहम साबित हुआ। खास बात यह रही कि उनका व्यक्तिगत रिकॉर्ड उसी मैच में बना, जिसमें अफगानिस्तान ने सीरीज अपने नाम करने की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ाया।
आखिरी ओवर में राशिद की बल्लेबाजी ने भी मचाया धमाल
राशिद खान ने इस मुकाबले में केवल गेंद से ही कमाल नहीं किया, बल्कि बल्ले से भी जिम्बाब्वे के गेंदबाजों की मुश्किलें बढ़ा दीं। अफगानिस्तान की पारी के अंतिम ओवर में उन्होंने कुंदई मतिगीमु को निशाने पर लिया। इस ओवर में राशिद ने लगातार बड़े शॉट खेलने का प्रयास किया और चार छक्के जड़ दिए।
उन्होंने महज 6 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 25 रन बना डाले। राशिद की इस छोटी लेकिन विस्फोटक पारी ने अफगानिस्तान के स्कोर को 221 रन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। जब टीम शुरुआती ओवरों में लड़खड़ा गई थी, तब किसी ने शायद ही सोचा होगा कि अफगानिस्तान इतना बड़ा स्कोर खड़ा कर पाएगा। लेकिन मध्यक्रम और निचले क्रम के बल्लेबाजों ने मुकाबले का रुख पूरी तरह बदल दिया।
5 रन पर आधी टीम मुश्किल में, फिर उमरजई ने पलट दी बाजी
अफगानिस्तान की बल्लेबाजी की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। जिम्बाब्वे के गेंदबाजों ने शुरुआती ओवरों में ऐसा दबाव बनाया कि अफगानिस्तान के बल्लेबाज एक के बाद एक पवेलियन लौटते चले गए। टीम का स्कोर जब केवल 5 रन था, तभी उसके चार प्रमुख बल्लेबाज आउट हो चुके थे।
रहमानुल्लाह गुरबाज, मोहम्मद अकरम, इब्राहिम जादरान और शाहिदुल्लाह कमाल बिना खाता खोले ही आउट हो गए। शुरुआती विकेट गिरने से अफगानिस्तान की टीम बड़े संकट में नजर आने लगी। इसके बाद सदीकुल्लाह अटल ने 17 रन बनाकर पारी को कुछ संभालने की कोशिश की, लेकिन वह भी ज्यादा देर तक क्रीज पर नहीं टिक सके।
38 रन के स्कोर पर अफगानिस्तान ने अपना पांचवां विकेट गंवा दिया। इस समय टीम के सामने सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचना भी बड़ी चुनौती दिखाई दे रहा था। हालांकि, इसके बाद अजमतुल्लाह उमरजई और इजाज अहमद अहमदजई ने जिम्मेदारी संभाली। दोनों बल्लेबाजों ने आक्रामक अंदाज में रन बनाना शुरू किया और जिम्बाब्वे के गेंदबाजों को वापसी का कोई मौका नहीं दिया।
उमरजई और इजाज की साझेदारी ने बदल दिया मैच
अफगानिस्तान की पारी को संभालने का पूरा श्रेय उमरजई और इजाज अहमद अहमदजई की जोड़ी को जाता है। दोनों ने छठे विकेट के लिए केवल 59 गेंदों में 142 रन की शानदार साझेदारी की। इस साझेदारी ने न सिर्फ टीम को मुश्किल से बाहर निकाला, बल्कि एक नया टी-20 अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड भी कायम किया।
पुरुष टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट में छठे या उससे निचले विकेट के लिए यह सबसे बड़ी साझेदारी बन गई। दोनों बल्लेबाजों ने मैदान के चारों तरफ शॉट लगाए और जिम्बाब्वे के गेंदबाजों को लगातार दबाव में रखा।
अफगानिस्तान की पारी के आखिरी 10 ओवर भी बेहद आक्रामक रहे। टीम ने इन 10 ओवरों में 176 रन बटोर लिए। शुरुआती झटकों के बाद इस तरह की वापसी टी-20 क्रिकेट में बेहद खास मानी जाती है। उमरजई और इजाज ने अपनी बल्लेबाजी से यह दिखा दिया कि बड़े लक्ष्य तक पहुंचने के लिए केवल अच्छी शुरुआत ही जरूरी नहीं होती, बल्कि संकट के समय बड़ी साझेदारी भी मुकाबले का रुख बदल सकती है।
44 गेंदों में शतक, उमरजई ने गेंदबाजों की उड़ाई धज्जियां
अजमतुल्लाह उमरजई इस मुकाबले के सबसे बड़े सितारे बनकर उभरे। उन्होंने जिम्बाब्वे के गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए महज 44 गेंदों में अपना पहला टी-20 अंतरराष्ट्रीय शतक पूरा किया। उनकी पारी में चौकों से ज्यादा छक्कों की गूंज सुनाई दी।
उमरजई ने कुल 50 गेंदों का सामना किया और 116 रन बनाकर आउट हुए। इस दौरान उनके बल्ले से 5 चौके और 12 शानदार छक्के निकले। उनका स्ट्राइक रेट 232 का रहा, जो उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी को दर्शाता है।
उन्होंने शुरुआत में संभलकर खेलने के बाद तेजी से रन बनाने शुरू किए। जैसे-जैसे पारी आगे बढ़ी, उनके शॉट्स में आक्रामकता बढ़ती गई। जिम्बाब्वे के गेंदबाजों के पास उनकी बल्लेबाजी का कोई प्रभावी जवाब नहीं था।
दूसरे छोर पर इजाज अहमद अहमदजई ने भी शानदार साथ दिया। उन्होंने केवल 27 गेंदों पर 52 रन बनाए। उनकी पारी में 5 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। दोनों बल्लेबाजों के बीच हुई साझेदारी ने अफगानिस्तान को ऐसी स्थिति में पहुंचा दिया, जहां से टीम 200 रन का आंकड़ा पार करने में सफल रही।
अफगानिस्तान ने बनाया एक और अनोखा रिकॉर्ड
इस मुकाबले में अफगानिस्तान ने केवल व्यक्तिगत उपलब्धियां ही हासिल नहीं कीं, बल्कि टीम के रूप में भी एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया। टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अफगानिस्तान पहली ऐसी टीम बन गई, जिसने शुरुआती चार विकेट 20 रन से कम के स्कोर पर गंवाने के बावजूद 200 से ज्यादा रन बनाए।
टीम ने 38 रन तक पांच विकेट खो दिए थे, लेकिन उमरजई, इजाज और राशिद की पारियों ने स्कोर को 221/7 तक पहुंचा दिया। यह पारी इस बात का उदाहरण रही कि टी-20 क्रिकेट में अंतिम गेंद तक मुकाबले की तस्वीर बदल सकती है।
सिकंदर रजा का शतक भी जिम्बाब्वे को नहीं दिला पाया जीत
222 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम को शुरुआत से ही मुश्किलों का सामना करना पड़ा। अफगानिस्तान के गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट हासिल किए और मेजबान टीम को बड़े लक्ष्य से दूर रखने की कोशिश की।
राशिद खान ने सबसे पहले तादिवनाशे मरुमानी को LBW आउट करके अपने 200 विकेट पूरे किए। इसके बाद फरीद अहमद ने वेस्ली मधेवेरे को पवेलियन भेज दिया। विकेट गिरने का सिलसिला जारी रहा और जिम्बाब्वे ने 82 रन तक अपनी आधी टीम गंवा दी।
ऐसा लग रहा था कि अफगानिस्तान इस मुकाबले को आसानी से जीत जाएगा। लेकिन जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने हार मानने से इनकार कर दिया। उन्होंने डेब्यू कर रहे तफाद्जवा त्सिगा के साथ मिलकर पारी को संभाला और छठे विकेट के लिए शानदार साझेदारी की।
40 साल की उम्र में सिकंदर रजा ने रचा इतिहास
सिकंदर रजा ने एक बार फिर अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाते हुए अफगानिस्तान के गेंदबाजों के सामने बड़ी चुनौती पेश की। उन्होंने 56 गेंदों पर नाबाद 106 रन बनाए। उनकी पारी में 9 छक्के शामिल रहे। रजा को तफाद्जवा त्सिगा का अच्छा साथ मिला और दोनों ने छठे विकेट के लिए बिना आउट हुए 120 रन जोड़ दिए।
इस शतक के साथ 40 वर्षीय सिकंदर रजा पुरुष टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शतक लगाने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए। उन्होंने अपनी टीम को मुकाबले में वापस लाने की पूरी कोशिश की। हालांकि, दूसरे छोर से जरूरी सहयोग और पर्याप्त रन नहीं मिलने के कारण जिम्बाब्वे लक्ष्य से पीछे रह गया।
पूरी टीम निर्धारित 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 202 रन ही बना सकी। इस तरह अफगानिस्तान ने 19 रन से मुकाबला अपने नाम कर लिया।
अफगानिस्तान ने सीरीज पर जमाया कब्जा
दूसरे टी-20 मुकाबले में जीत के साथ अफगानिस्तान ने तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है। अब सीरीज का तीसरा और अंतिम मुकाबला एक नवंबर को खेला जाएगा। जिम्बाब्वे के सामने आखिरी मैच जीतकर सम्मान बचाने की चुनौती होगी, जबकि अफगानिस्तान की टीम क्लीन स्वीप के इरादे से मैदान पर उतरेगी।
इस मुकाबले को राशिद खान के ऐतिहासिक 200 विकेट, उमरजई के विस्फोटक शतक और सिकंदर रजा की उम्रदराज शतकीय पारी के लिए लंबे समय तक याद रखा जाएगा। अफगानिस्तान ने जिस तरह 5 रन पर चार विकेट गंवाने के बाद 221 रन का स्कोर खड़ा किया, उसने एक बार फिर साबित कर दिया कि टी-20 क्रिकेट में मजबूत वापसी करने वाली टीम ही अंत में बाजी मार सकती है।




