लुधियाना में खाद्य सुरक्षा को लेकर बड़ा एक्शन, बेकरियों से लेकर सिगरेट गोदामों तक छापेमारी; कई जगह मिली खामियां

लुधियाना में खाद्य सुरक्षा को लेकर बड़ा एक्शन, बेकरियों से लेकर सिगरेट गोदामों तक छापेमारी; कई जगह मिली खामियां

लुधियाना। आम लोगों को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध करवाने तथा खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए लुधियाना स्वास्थ्य विभाग ने जिले में व्यापक जांच और प्रवर्तन अभियान चलाया। जिला स्वास्थ्य अधिकारी (डीएचओ) डॉ. आशीष चावला के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की अलग-अलग टीमों ने शहर के कई इलाकों में बेकरियों, फास्ट फूड आउटलेट्स, ड्राई फ्रूट स्टोर्स, मिठाई की दुकानों, डेयरी प्रतिष्ठानों और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं की जांच की। इसके साथ ही पंजाब पुलिस के सहयोग से सिगरेट विक्रेताओं और उनके गोदामों पर भी छापेमारी की गई।

अभियान के दौरान कई प्रतिष्ठानों में स्वच्छता और सैनिटेशन से जुड़ी कमियां सामने आईं। कुछ स्थानों पर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर नमूने लिए गए, जबकि ऐसे खाद्य पदार्थ भी मिले जिन्हें मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त पाए जाने के बाद मौके पर ही नष्ट करवा दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों के लिए गए नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जांच अभियान की शुरुआत टिब्बा रोड क्षेत्र की दो बेकरियों से हुई। निरीक्षण के दौरान दोनों प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई और सैनिटेशन की व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिली। टीम ने खाद्य पदार्थ तैयार करने वाले स्थानों, भंडारण व्यवस्था और परिसर की स्वच्छता की जांच की। खामियां मिलने के बाद दोनों बेकरी संचालकों को मौके पर ही हाइजीन चालान जारी किए गए। विभाग ने स्पष्ट किया कि बेकरी जैसे प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई का विशेष महत्व है, क्योंकि यहां रोजाना बड़ी मात्रा में खाद्य पदार्थ तैयार किए जाते हैं और थोड़ी सी लापरवाही भी उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है।

इसी कार्रवाई के दौरान बेकरी से पेस्ट्री, केक स्पंज और जैम रोल समेत कुल चार खाद्य नमूने लिए गए। इन नमूनों को राज्य खाद्य प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया है। विभाग के अनुसार प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर यह तय किया जाएगा कि संबंधित खाद्य पदार्थ निर्धारित गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं। यदि किसी नमूने में मिलावट, खराब गुणवत्ता या अन्य प्रकार का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित कारोबारी के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सुंदर नगर स्थित डोमिनोज आउटलेट का भी निरीक्षण किया। यहां भी स्वच्छता से जुड़ी कुछ कमियां पाई गईं। इसके बाद आउटलेट प्रबंधन को हाइजीन चालान जारी किया गया। अधिकारियों ने प्रबंधन को तत्काल कमियां दूर करने के निर्देश देते हुए कहा कि खाद्य पदार्थ तैयार करने, रखने और ग्राहकों को परोसने के दौरान स्वच्छता के सभी निर्धारित मानकों का पालन किया जाना चाहिए।

अभियान के दौरान सिविल लाइंस स्थित एक ड्राई फ्रूट स्टोर की जांच भी की गई। यहां से बादाम, अखरोट और गाय के घी के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए। निरीक्षण के दौरान स्टोर में रखी किशमिश में कीड़ों का संक्रमण पाया गया। इसके अलावा मिश्री भी मक्खियों से दूषित मिली। स्वास्थ्य अधिकारियों ने इन दोनों खाद्य पदार्थों को मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त माना और उन्हें मौके पर ही नष्ट करवा दिया।

अधिकारियों ने दुकानदारों को चेतावनी दी कि खाद्य पदार्थों को लंबे समय तक खुले, गंदे या असुरक्षित वातावरण में रखने से उनकी गुणवत्ता खराब हो सकती है। ड्राई फ्रूट जैसे खाद्य पदार्थों को भी सुरक्षित और सूखे वातावरण में रखना जरूरी है। विभाग ने कारोबारियों को खाद्य सामग्री के भंडारण, तापमान, नमी, कीट नियंत्रण और पैकेजिंग संबंधी नियमों का पालन करने के निर्देश दिए।

जांच अभियान में खाद्य उत्पादों की लेबलिंग को लेकर भी कार्रवाई की गई। एक वितरक को Hell Energy Drink, Monster Energy Drink, Amul Sugar Free Ice Cream और Kinder Joy के लेबल पर कथित रूप से भ्रामक जानकारी से संबंधित नोटिस जारी किया गया। विभाग ने संबंधित वितरक को इन उत्पादों की बिक्री तत्काल रोकने और आवश्यक रिकॉल प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार किसी भी पैकेज्ड खाद्य या पेय पदार्थ पर दी गई जानकारी उपभोक्ता के लिए महत्वपूर्ण होती है। उत्पाद की सामग्री, पोषण संबंधी जानकारी, उपयोग की अवधि और अन्य आवश्यक विवरणों को निर्धारित नियमों के अनुसार प्रदर्शित किया जाना चाहिए। लेबल पर भ्रामक या गलत जानकारी उपभोक्ता को गुमराह कर सकती है, इसलिए ऐसे मामलों में खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

जिले में ‘फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स’ वैन के माध्यम से भी व्यापक जांच की गई। इस मोबाइल जांच सुविधा की मदद से फास्ट फूड आउटलेट्स, सड़क किनारे भोजन बेचने वाले विक्रेताओं, मिठाई की दुकानों और डेयरी प्रतिष्ठानों की निगरानी की गई। टीमों ने कई स्थानों पर खाद्य पदार्थों की मौके पर ही जांच की और कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा से संबंधित नियमों की जानकारी दी।

निरीक्षण के दौरान जहां खाद्य पदार्थ अस्वच्छ परिस्थितियों में तैयार या रखे पाए गए, उन्हें नष्ट कराया गया। अधिकारियों ने कारोबारियों को समझाया कि केवल स्वाद और बिक्री पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, सुरक्षित तैयारी, उचित भंडारण और स्वच्छ वातावरण भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।

बरसात के मौसम को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आम लोगों के लिए भी विशेष एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने लोगों से खुले में बिकने वाले कटे हुए फलों को खरीदने और खाने से बचने की अपील की है। अधिकारियों के अनुसार बारिश के मौसम में खुले खाद्य पदार्थों के दूषित होने की संभावना बढ़ जाती है। कटे हुए फल यदि लंबे समय तक खुले में पड़े रहें तो वे धूल, गंदे पानी, मक्खियों और अन्य संक्रमणकारी तत्वों के संपर्क में आ सकते हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने खाद्य कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत निर्धारित स्वच्छता और सैनिटेशन नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं। प्रतिष्ठानों में नियमित सफाई, प्रभावी कीट नियंत्रण, खाद्य सामग्री का सुरक्षित भंडारण और कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके अलावा सभी खाद्य कारोबारियों को अपना वैध एफएसएसएआई लाइसेंस प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं।

अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा तंबाकू उत्पादों के खिलाफ कार्रवाई भी रहा। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने पंजाब पुलिस के सहयोग से शहर के विभिन्न सिगरेट विक्रेताओं और उनके गोदामों पर छापेमारी की। टीमों ने वहां मौजूद सिगरेट के स्टॉक, विभिन्न ब्रांडों के पैकेट और उनसे संबंधित दस्तावेजों की जांच की।

इस कार्रवाई का उद्देश्य ऐसे आयातित सिगरेट उत्पादों की बिक्री और भंडारण पर रोक लगाना था, जिन पर अनिवार्य चित्रात्मक स्वास्थ्य चेतावनी नहीं थी। अधिकारियों ने कहा कि सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम यानी COTPA, 2003 तथा इससे जुड़े नियमों के अनुसार तंबाकू उत्पादों पर निर्धारित स्वास्थ्य चेतावनी का होना जरूरी है।

बिना अनिवार्य चित्रात्मक चेतावनी वाले तंबाकू उत्पादों की बिक्री या भंडारण कानून का उल्लंघन माना जाता है। विभाग ने ऐसे कारोबारियों को चेतावनी दी है कि यदि जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि तंबाकू उत्पादों से संबंधित नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए भविष्य में भी छापेमारी जारी रहेगी।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार खाद्य सुरक्षा और तंबाकू नियंत्रण दोनों का सीधा संबंध सार्वजनिक स्वास्थ्य से है। इसलिए दोनों क्षेत्रों में नियमों का पालन करवाना जरूरी है। प्रशासन की कोशिश है कि खाद्य कारोबारियों को नियमित निरीक्षण और जागरूकता के माध्यम से सुरक्षित खाद्य संचालन के लिए प्रेरित किया जाए, लेकिन जानबूझकर नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रवर्तन कार्रवाई भी की जाएगी।

जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष चावला ने कहा कि आम जनता को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध करवाना स्वास्थ्य विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जिले में संयुक्त निरीक्षण और प्रवर्तन अभियान भविष्य में भी लगातार चलाए जाएंगे। उनका कहना है कि किसी भी स्तर पर खाद्य सुरक्षा नियमों की अनदेखी को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

डॉ. चावला ने खाद्य कारोबार संचालकों से अपील की कि वे विभाग की कार्रवाई का इंतजार करने के बजाय अपने प्रतिष्ठानों की नियमित रूप से जांच करें। उन्होंने कहा कि खाद्य सामग्री तैयार करने वाले स्थानों की सफाई, कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता, खाद्य पदार्थों का सुरक्षित भंडारण और कीट नियंत्रण व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जानी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि खाद्य कारोबारियों को अपने एफएसएसएआई लाइसेंस और अन्य आवश्यक दस्तावेजों को अपडेट रखना चाहिए। खाद्य सुरक्षा कानून का पालन करना केवल कानूनी औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की रक्षा से जुड़ी जिम्मेदारी है।

अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से भी अपील की है कि वे खाद्य पदार्थ खरीदते समय सावधानी बरतें। पैकेज्ड उत्पादों पर लेबल, निर्माण और उपयोग की अवधि, सामग्री और अन्य जरूरी जानकारी जांचने के साथ खाद्य पदार्थ की पैकिंग और स्वच्छता पर भी ध्यान दें। खुले में रखे या खराब परिस्थितियों में बेचे जा रहे खाद्य पदार्थों को खरीदने से बचने की सलाह दी गई है।

विशेष रूप से बरसात के दिनों में स्ट्रीट फूड और खुले में बिकने वाले कटे फल खरीदते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है। यदि किसी खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता या स्वच्छता को लेकर संदेह हो तो उसका सेवन नहीं करना चाहिए।

स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई ने शहर के खाद्य कारोबारियों के बीच भी हलचल पैदा की है। विभाग ने साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में भी अलग-अलग क्षेत्रों में औचक निरीक्षण जारी रहेंगे। खासकर उन प्रतिष्ठानों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी, जहां बड़ी संख्या में लोगों के लिए प्रतिदिन खाद्य पदार्थ तैयार किए जाते हैं।

प्रशासन का उद्देश्य केवल चालान काटना या खाद्य नमूने लेना नहीं, बल्कि खाद्य कारोबारियों के बीच सुरक्षित खाद्य प्रबंधन की आदत विकसित करना भी है। इसके लिए निरीक्षण के साथ-साथ जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि कारोबारी स्वयं नियमों का पालन करें तो उपभोक्ताओं को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने के साथ-साथ कार्रवाई की जरूरत भी कम होगी।

कुल मिलाकर लुधियाना में चलाया गया यह अभियान खाद्य सुरक्षा और तंबाकू नियंत्रण को लेकर प्रशासन की सख्ती को दर्शाता है। बेकरियों में स्वच्छता की जांच से लेकर खाद्य नमूनों को प्रयोगशाला भेजने, दूषित खाद्य पदार्थों को नष्ट करने, भ्रामक लेबलिंग पर नोटिस जारी करने और बिना निर्धारित स्वास्थ्य चेतावनी वाले सिगरेट उत्पादों के खिलाफ कार्रवाई तक कई स्तरों पर निगरानी की गई।

स्वास्थ्य विभाग ने संकेत दिया है कि यह कार्रवाई एक बार का अभियान नहीं है। आम लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए जिले में खाद्य प्रतिष्ठानों और तंबाकू उत्पादों की नियमित जांच आगे भी जारी रहेगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि खाद्य कारोबारियों में नियमों के प्रति जवाबदेही बढ़े और उपभोक्ताओं को सुरक्षित, स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध हो। वहीं तंबाकू उत्पादों की अवैध या नियमों के विपरीत बिक्री पर भी प्रभावी रोक लगाई जा सके।