26 से 30 सितंबर तक होगा पांच दिवसीय आयोजन, चंडीगढ़ रोड स्थित जीएलएडीए मैदान में चल रही तैयारियां; कलश यात्रा से होगी धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत
लुधियाना में पहली बार बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की हनुमंत कथा का आयोजन होने जा रहा है। मंगलम वेलफेयर एंड चैरिटेबल सोसायटी की ओर से आयोजित पांच दिवसीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम 26 से 30 सितंबर तक चंडीगढ़ रोड स्थित वर्धमान मिल्स के सामने जीएलएडीए मैदान में होगा। आयोजन को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। करीब एक लाख वर्ग फीट क्षेत्र में विशाल पंडाल तैयार किया जा रहा है, जिसमें लगभग 70 हजार श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था की जा रही है।
आयोजकों के मुताबिक, कथा में लुधियाना के अलावा पंजाब के विभिन्न जिलों तथा आसपास के राज्यों से भी श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। बड़ी संख्या में लोगों की संभावित मौजूदगी को देखते हुए आयोजन स्थल पर प्रवेश, बैठने, पेयजल, चिकित्सा सहायता, पार्किंग और सुरक्षा समेत कई स्तरों पर व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
2500 महिलाएं निकालेंगी कलश यात्रा
पांच दिवसीय आयोजन से पहले शुक्रवार को धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत कलश यात्रा से होगी। करीब 2500 महिलाओं के इसमें शामिल होने की तैयारी है। आयोजन समिति की ओर से यात्रा को लेकर भी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। कलश यात्रा के बाद कथा स्थल पर धार्मिक गतिविधियों का सिलसिला शुरू होगा।
आयोजन समिति के अध्यक्ष वरिंदर सहगल के अनुसार, लुधियाना में पहली बार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की हनुमंत कथा आयोजित की जा रही है। उनका कहना है कि पांच दिनों के दौरान श्रद्धालुओं को भगवान हनुमान की भक्ति के साथ भगवान श्रीराम के जीवन और उनसे जुड़े प्रसंग सुनने का अवसर मिलेगा।
एक लाख वर्ग फीट में तैयार हो रहा पंडाल
आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं की संभावित संख्या को देखते हुए बड़े स्तर पर पंडाल तैयार किया जा रहा है। करीब एक लाख वर्ग फीट क्षेत्र में बैठने की व्यवस्था की जा रही है। आयोजकों के अनुसार, लगभग 70 हजार लोगों के बैठने की क्षमता के अनुरूप इंतजाम किए जा रहे हैं।
पंडाल में श्रद्धालुओं के बैठने के अलावा मंच, प्रवेश और निकास मार्ग तथा अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है। भीड़ को नियंत्रित करने और अलग-अलग हिस्सों में व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्वयंसेवकों की टीमों को भी जिम्मेदारियां दी जाएंगी।
आयोजन समिति ने विभिन्न कार्यों के लिए अलग-अलग टीमें गठित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इनमें श्रद्धालुओं की सहायता, प्रवेश व्यवस्था, पार्किंग, पेयजल, चिकित्सा सहायता और अन्य व्यवस्थाओं से जुड़ी टीमें शामिल होंगी।
पांच दिनों तक हनुमान भक्ति और श्रीराम के प्रसंग
आयोजकों के अनुसार, कथा के दौरान भगवान हनुमान की भक्ति, श्रीराम कथा से जुड़े प्रसंग और धार्मिक अनुष्ठान प्रमुख आकर्षण होंगे। श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक जीवन, सेवा, संस्कार और भक्ति से जुड़े संदेश भी सुनने का अवसर मिलेगा।
कार्यक्रम में भव्य दरबार का आयोजन भी प्रस्तावित है। इसके अलावा पादुका पूजन के माध्यम से श्रद्धालुओं को पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का आशीर्वाद लेने का अवसर मिलने की जानकारी आयोजन समिति की ओर से दी गई है।
समिति का कहना है कि आयोजन का उद्देश्य लोगों को धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण उपलब्ध कराने के साथ भारतीय धार्मिक परंपराओं और संस्कृति से जोड़ना है। कथा के दौरान विभिन्न धार्मिक गतिविधियों और अनुष्ठानों का आयोजन भी किया जाएगा।
पंजाब के कई जिलों से पहुंचने की संभावना
आयोजकों के मुताबिक, कार्यक्रम को लेकर लुधियाना के साथ-साथ पंजाब के अन्य जिलों में भी श्रद्धालुओं में रुचि है। बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए आयोजन स्थल के आसपास व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल और चिकित्सा सहायता के इंतजाम किए जा रहे हैं। आपात स्थिति में चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए भी व्यवस्था रखी जा रही है। स्वयंसेवकों को श्रद्धालुओं का मार्गदर्शन करने और भीड़ को व्यवस्थित रखने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
आयोजन समिति का कहना है कि कार्यक्रम के पांचों दिन आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए अलग-अलग जिम्मेदारियां तय की जा रही हैं।
धीरेंद्र शास्त्री के आगमन को लेकर भी तैयारियां
आयोजकों की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री शुक्रवार शाम हलवारा हवाई अड्डे पहुंचेंगे। इसके बाद उनका ठहराव कैलाश नगर में रहेगा। आयोजन स्थल से उनका ठहराव करीब साढ़े तीन किलोमीटर की दूरी पर रखा गया है।
उनके आगमन और कार्यक्रम में आवाजाही को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों तथा पुलिस प्रशासन की ओर से भी व्यवस्थाओं का जायजा लिया जा रहा है। आयोजन स्थल पर आने-जाने वाले मार्गों और भीड़ की संभावित स्थिति को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था तैयार की जा रही है।
तीन स्तर की सुरक्षा व्यवस्था
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा को लेकर भी विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। आयोजन स्थल पर तीन स्तर की सुरक्षा व्यवस्था रखने की तैयारी है। पुलिस अधिकारियों की ओर से स्थल का निरीक्षण कर सुरक्षा से जुड़े बिंदुओं की समीक्षा की जा रही है।
आयोजकों और पुलिस प्रशासन के बीच समन्वय के लिए भी व्यवस्था की जा रही है। भीड़ के प्रवेश और निकासी के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो, इसके लिए अलग-अलग मार्ग और जिम्मेदारियां तय की जा रही हैं।
सुरक्षा व्यवस्था में आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती भी की जा सकती है। खुफिया तंत्र की टीमें भी कार्यक्रम से जुड़े सुरक्षा पहलुओं पर नजर रखेंगी और वरिष्ठ अधिकारियों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएंगी।
चंडीगढ़ रोड पर यातायात रहेगा बड़ी चुनौती
कार्यक्रम स्थल चंडीगढ़ रोड पर होने के कारण पांच दिनों के दौरान यातायात प्रबंधन को लेकर भी पुलिस के सामने चुनौती रहेगी। हजारों श्रद्धालुओं के निजी वाहनों और अन्य साधनों से पहुंचने की संभावना को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस विशेष यातायात योजना तैयार कर रही है।
चंडीगढ़ रोड पर यातायात प्रभावित न हो और कथा स्थल की ओर आने वाले श्रद्धालुओं को भी परेशानी न हो, इसके लिए मार्गों, पार्किंग और वाहनों की आवाजाही को लेकर अलग व्यवस्था तैयार की जाएगी। पुलिस की ओर से कार्यक्रम के दौरान भीड़ के अनुसार यातायात व्यवस्था में बदलाव भी किया जा सकता है।
आयोजन स्थल के आसपास वाहनों की पार्किंग को व्यवस्थित रखने पर भी जोर दिया जा रहा है। बड़ी संख्या में वाहनों के पहुंचने की स्थिति में मुख्य सड़क पर जाम की स्थिति न बने, इसके लिए पुलिस और आयोजन समिति के स्वयंसेवकों के बीच समन्वय रखा जाएगा।
स्वयंसेवकों को दी जाएंगी अलग-अलग जिम्मेदारियां
आयोजन को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने के लिए बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों की सहायता ली जाएगी। इन्हें श्रद्धालुओं के प्रवेश, बैठने की व्यवस्था, पेयजल, पार्किंग, चिकित्सा सहायता और भीड़ प्रबंधन समेत अलग-अलग जिम्मेदारियां दी जाएंगी।
आयोजन समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि इतने बड़े धार्मिक कार्यक्रम को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए प्रशासन, पुलिस और स्वयंसेवकों के बीच तालमेल जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम से पहले सभी व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा रही है।
श्रद्धालुओं की सुविधा पर रहेगा जोर
पांच दिनों तक चलने वाली कथा में संभावित भीड़ को देखते हुए आयोजकों की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देने की बात कही गई है। कथा स्थल पर बैठने की पर्याप्त व्यवस्था के अलावा पेयजल, चिकित्सा सहायता और प्रवेश-निकास से संबंधित इंतजाम किए जा रहे हैं।
आयोजन समिति के अनुसार, कथा के दौरान धार्मिक कार्यक्रमों के साथ श्रद्धालुओं को भक्ति, सेवा और संस्कार से जुड़े संदेश भी दिए जाएंगे। समिति की ओर से लुधियाना और आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं से आयोजन में शामिल होने की अपील की गई है।
26 सितंबर से शुरू होकर 30 सितंबर तक चलने वाली इस हनुमंत कथा के लिए अब आयोजन स्थल पर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। विशाल पंडाल, श्रद्धालुओं की बैठने की व्यवस्था, सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को लेकर अगले कुछ घंटों में व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिए जाने की तैयारी है।




