शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल: सेंसेक्स 74,800 के पार, निफ्टी 23,450 पर पहुंचा, मेटल-बैंकिंग शेयरों में जोरदार खरीदारी

शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल: सेंसेक्स 74,800 के पार, निफ्टी 23,450 पर पहुंचा, मेटल-बैंकिंग शेयरों में जोरदार खरीदारी

भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार, 12 जून को शानदार तेजी देखने को मिली। सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन निवेशकों ने जमकर खरीदारी की, जिसके चलते प्रमुख सूचकांकों में बड़ी बढ़त दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स करीब 1,000 अंकों की छलांग लगाकर 74,800 के स्तर के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी लगभग 300 अंकों की मजबूती के साथ 23,450 के करीब पहुंच गया।

बाजार में सबसे अधिक उत्साह मेटल, बैंकिंग और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में देखने को मिला। इन सेक्टरों में मजबूत खरीदारी के कारण निवेशकों का भरोसा बढ़ा और बाजार का माहौल सकारात्मक बना रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक संकेतों में सुधार और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव कम होने की उम्मीद ने घरेलू बाजार को सहारा दिया है।

वैश्विक घटनाक्रम से निवेशकों का बढ़ा भरोसा

शेयर बाजार में आई इस तेजी के पीछे एक अहम वजह अमेरिका और ईरान से जुड़ी खबरों को माना जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि ईरान के सर्वोच्च नेतृत्व ने एक संभावित समझौते को मंजूरी दे दी है। ट्रम्प के अनुसार, इस प्रस्तावित समझौते के तहत ईरान परमाणु हथियारों के विकास से दूरी बनाए रखेगा और इसके बदले रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से पूरी तरह खोलने का रास्ता साफ हो सकता है।

हालांकि इस दावे पर ईरान की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय निवेशकों ने इसे सकारात्मक संकेत के रूप में लिया है। यदि इस दिशा में प्रगति होती है तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार मार्गों पर दबाव कम हो सकता है, जिसका असर दुनिया भर के वित्तीय बाजारों पर पड़ रहा है।

एशियाई बाजारों में भी दिखी मजबूती

भारतीय बाजार की तेजी केवल घरेलू कारणों तक सीमित नहीं रही। एशिया के अधिकांश प्रमुख शेयर बाजारों में भी जोरदार बढ़त दर्ज की गई, जिससे निवेशकों का मनोबल और मजबूत हुआ।

दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स सबसे ज्यादा चमका और लगभग 8 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखाई दिया। जापान के निक्केई सूचकांक में भी 3 प्रतिशत से अधिक की तेजी रही। इसके अलावा हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स भी मजबूत बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया।

एशियाई बाजारों में आई इस तेजी का सीधा असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा। विदेशी बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने निवेशकों को खरीदारी के लिए प्रेरित किया और बाजार की दिशा ऊपर की ओर बनी रही।

अमेरिकी बाजारों ने भी दिया मजबूत संकेत

गुरुवार के कारोबारी सत्र में अमेरिकी शेयर बाजारों ने भी शानदार प्रदर्शन किया था। वॉल स्ट्रीट के प्रमुख सूचकांकों में उल्लेखनीय बढ़त दर्ज की गई, जिसका असर शुक्रवार को एशियाई और भारतीय बाजारों पर दिखाई दिया।

डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में करीब 930 अंकों की तेजी दर्ज हुई, जबकि तकनीकी शेयरों से जुड़े नैस्डैक इंडेक्स में 640 अंकों से ज्यादा की मजबूती रही। वहीं एसएंडपी 500 इंडेक्स भी डेढ़ प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ बंद हुआ।

अमेरिकी बाजारों की इस मजबूती ने यह संकेत दिया कि वैश्विक निवेशक जोखिम लेने के मूड में हैं, जिससे उभरते बाजारों में भी निवेश का माहौल बेहतर हुआ है।

किन सेक्टरों ने संभाली बाजार की कमान?

शुक्रवार के कारोबार में रियल्टी, मेटल और बैंकिंग सेक्टर सबसे आगे रहे। मेटल कंपनियों के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली, क्योंकि वैश्विक मांग में सुधार की उम्मीदों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। बैंकिंग शेयरों में भी निवेशकों ने जमकर पैसा लगाया, जिससे वित्तीय क्षेत्र ने बाजार को मजबूती प्रदान की।

रियल एस्टेट सेक्टर भी तेजी की दौड़ में पीछे नहीं रहा। ब्याज दरों को लेकर उम्मीदों और आर्थिक गतिविधियों में सुधार की संभावना के कारण रियल्टी कंपनियों के शेयरों में सकारात्मक रुख देखने को मिला।

दूसरी ओर, बाजार के कुछ रक्षात्मक सेक्टरों में अपेक्षाकृत सीमित गतिविधि रही, लेकिन प्रमुख सूचकांकों की तेजी पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ा।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

बाजार में तेजी के बावजूद विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली का सिलसिला पूरी तरह नहीं थमा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पिछले कारोबारी सत्र में विदेशी निवेशकों ने लगभग 1,987 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे।

वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने बाजार को समर्थन देना जारी रखा। घरेलू निवेशकों ने एक ही दिन में 4,225 करोड़ रुपये से अधिक की खरीदारी की। पिछले सात दिनों और पिछले एक महीने के आंकड़े भी बताते हैं कि घरेलू निवेशक लगातार बाजार में निवेश कर रहे हैं, जबकि विदेशी निवेशकों की ओर से निकासी का दबाव बना हुआ है।

विश्लेषकों का कहना है कि घरेलू निवेशकों की मजबूत भागीदारी भारतीय बाजार को स्थिरता प्रदान कर रही है। यही कारण है कि विदेशी बिकवाली के बावजूद बाजार में बड़ी गिरावट देखने को नहीं मिल रही।

एक दिन पहले बाजार में रहा था उतार-चढ़ाव

गौरतलब है कि गुरुवार, 11 जून को शेयर बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला था। कारोबार की शुरुआत कमजोर रही, लेकिन बाद में बाजार ने तेजी पकड़ी और सेंसेक्स दिन के दौरान लगभग 400 अंक तक चढ़ गया था।

एक समय सेंसेक्स 74,394 के उच्च स्तर तक पहुंच गया था, लेकिन दोपहर बाद बिकवाली का दबाव बढ़ने लगा। इसके चलते बाजार ने अपनी अधिकांश बढ़त गंवा दी और अंततः सेंसेक्स करीब 150 अंकों की गिरावट के साथ 73,833 पर बंद हुआ।

निफ्टी भी पूरे दिन अस्थिरता का शिकार रहा और अंत में लगभग 53 अंक नीचे 23,162 के स्तर पर बंद हुआ। विशेष रूप से आईटी और बैंकिंग शेयरों में बिकवाली के कारण बाजार पर दबाव बना था।

आगे बाजार की दिशा पर रहेगी नजर

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर बनी रहेगी। यदि अमेरिका-ईरान समझौते को लेकर सकारात्मक संकेत आगे भी मिलते हैं तो बाजार में तेजी का रुख जारी रह सकता है।

फिलहाल घरेलू शेयर बाजार मजबूत वैश्विक संकेतों और चुनिंदा सेक्टरों में बढ़ती खरीदारी के सहारे ऊंचाई की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। शुक्रवार के शुरुआती कारोबार में दर्ज हुई बड़ी बढ़त ने निवेशकों के बीच उत्साह बढ़ा दिया है और बाजार में सकारात्मक माहौल बना हुआ है।