सीजनल फ्लू से जल्दी उबरना है तो बदलें अपनी डाइट, एक्सपर्ट ने बताए रिकवरी तेज करने वाले फूड्स

सीजनल फ्लू से जल्दी उबरना है तो बदलें अपनी डाइट, एक्सपर्ट ने बताए रिकवरी तेज करने वाले फूड्स

मौसम में बदलाव होते ही वायरल संक्रमण और सीजनल फ्लू के मामले तेजी से बढ़ने लगते हैं। कई लोग इस दौरान सर्दी, खांसी या हल्के बुखार को सामान्य मौसमी परेशानी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा करना कई बार नुकसानदायक साबित हो सकता है। फ्लू के दौरान सिर्फ दवाइयों पर निर्भर रहने के बजाय खानपान और पर्याप्त आराम भी उतना ही जरूरी होते हैं। सही भोजन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने के साथ-साथ रिकवरी की प्रक्रिया को भी तेज कर सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ के अनुसार, सीजनल फ्लू होने पर शरीर संक्रमण से लड़ने में काफी ऊर्जा खर्च करता है। ऐसे में अगर व्यक्ति संतुलित और पौष्टिक आहार नहीं लेता, तो कमजोरी लंबे समय तक बनी रह सकती है। इसलिए बीमारी के दौरान ऐसी चीजों का सेवन करना चाहिए जो शरीर को जरूरी पोषक तत्व देने के साथ आसानी से पच भी जाएं।

सबसे पहले रखें शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा

फ्लू के दौरान बुखार, पसीना और कम भोजन करने की वजह से शरीर में पानी की कमी होने लगती है। डिहाइड्रेशन की स्थिति बनने पर सिरदर्द, चक्कर, थकान और कमजोरी जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। इसलिए पूरे दिन थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी पीना बेहद जरूरी माना जाता है।

सादा पानी के अलावा नारियल पानी, ताजा नींबू पानी, घर का बना सूप, गुनगुना पानी और हर्बल ड्रिंक भी शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं। पर्याप्त तरल पदार्थ लेने से शरीर से विषैले तत्व बाहर निकलते हैं और मरीज पहले से अधिक ऊर्जा महसूस कर सकता है।

हल्का भोजन पाचन तंत्र पर नहीं डालता अतिरिक्त दबाव

बीमारी के समय अक्सर भूख कम हो जाती है और पाचन क्रिया भी धीमी पड़ सकती है। ऐसे में तैलीय, मसालेदार और भारी भोजन करने से पेट संबंधी दिक्कतें बढ़ सकती हैं। डॉक्टरों का मानना है कि इस दौरान हल्का और सुपाच्य भोजन सबसे बेहतर विकल्प होता है।

डाइट में खिचड़ी, दलिया, मूंग दाल, उबली हुई सब्जियां, सादी रोटी और हल्की दाल शामिल किए जा सकते हैं। ये खाद्य पदार्थ शरीर को जरूरी कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और अन्य पोषक तत्व उपलब्ध कराते हैं, जबकि इन्हें पचाने में शरीर को ज्यादा मेहनत भी नहीं करनी पड़ती।

विटामिन C से भरपूर फल बढ़ा सकते हैं रोग प्रतिरोधक क्षमता

फ्लू के दौरान शरीर को संक्रमण से लड़ने के लिए मजबूत इम्यून सिस्टम की जरूरत होती है। ऐसे में विटामिन C युक्त फल काफी लाभदायक माने जाते हैं। संतरा, मौसमी, अमरूद, कीवी और पपीता जैसे फल शरीर को आवश्यक एंटीऑक्सीडेंट उपलब्ध कराते हैं, जो प्रतिरक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने में मदद करते हैं।

हालांकि विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि यदि गले में अधिक दर्द हो या ठंडी चीजों से परेशानी बढ़ती हो, तो फलों का सेवन अपनी सहनशीलता और डॉक्टर की सलाह के अनुसार करें।

हरी सब्जियां भी बन सकती हैं रिकवरी का मजबूत सहारा

फलों के साथ-साथ हरी और रंगीन सब्जियां भी फ्लू के मरीजों के लिए काफी उपयोगी मानी जाती हैं। पालक, गाजर, टमाटर, शिमला मिर्च और अन्य मौसमी सब्जियों में विटामिन, मिनरल्स और फाइबर अच्छी मात्रा में मौजूद होते हैं।

इनका नियमित सेवन शरीर को आवश्यक पोषण देता है और संक्रमण से उबरने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने में मदद करता है। यदि मरीज को कच्ची सब्जियां खाने में परेशानी हो, तो इन्हें हल्का उबालकर या सूप के रूप में भी लिया जा सकता है।

प्रोटीन से मिलती है शरीर को नई ताकत

जब शरीर किसी संक्रमण से लड़ता है, तब उसे ऊतकों की मरम्मत और ऊर्जा की पूर्ति के लिए अतिरिक्त प्रोटीन की आवश्यकता होती है। इसलिए बीमारी के दौरान प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों को डाइट में शामिल करना फायदेमंद माना जाता है।

दाल, पनीर, दही, दूध, सोयाबीन, टोफू और अंडा जैसे विकल्प शरीर को आवश्यक प्रोटीन उपलब्ध कराते हैं। शाकाहारी और मांसाहारी दोनों तरह के लोग अपनी पसंद और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार प्रोटीन स्रोत चुन सकते हैं। पर्याप्त प्रोटीन लेने से कमजोरी कम होती है और शरीर तेजी से सामान्य स्थिति में लौटने लगता है।

गुनगुने पेय पदार्थ भी दे सकते हैं आराम

फ्लू के दौरान गले में खराश और खांसी की समस्या आम होती है। ऐसे में गुनगुना पानी, हल्का सूप या अन्य गर्म पेय पदार्थ गले को आराम पहुंचा सकते हैं। गर्म तरल पदार्थ लेने से गले की जलन कम महसूस हो सकती है और शरीर को भी आराम मिलता है।

हालांकि बहुत ज्यादा गर्म पेय पदार्थ पीने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे गले में जलन बढ़ सकती है। हर चीज संतुलित मात्रा में और उचित तापमान पर ही लेनी चाहिए।

किन चीजों से बनाएं दूरी

बीमारी के दौरान खानपान में कुछ सावधानियां बरतना भी उतना ही जरूरी है जितना पौष्टिक भोजन करना। विशेषज्ञों के मुताबिक कोल्ड ड्रिंक, पैकेज्ड जूस, फास्ट फूड, ज्यादा तला-भुना भोजन और अत्यधिक मीठी चीजों का सेवन इस दौरान कम से कम करना चाहिए।

ऐसे खाद्य पदार्थ शरीर को पर्याप्त पोषण नहीं दे पाते और कई बार पाचन संबंधी परेशानियां भी बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा बाहर का अस्वच्छ भोजन संक्रमण का खतरा और बढ़ा सकता है।

पर्याप्त आराम भी है इलाज का अहम हिस्सा

दवा और पौष्टिक भोजन के साथ-साथ अच्छी नींद और पर्याप्त आराम भी फ्लू से जल्दी उबरने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जब व्यक्ति पर्याप्त आराम करता है, तो शरीर संक्रमण से लड़ने पर अधिक ऊर्जा खर्च कर पाता है।

बीमारी के दौरान जरूरत से ज्यादा शारीरिक मेहनत करने या देर रात तक जागने से रिकवरी में अधिक समय लग सकता है। इसलिए डॉक्टर मरीजों को पर्याप्त नींद लेने और शरीर को आराम देने की सलाह देते हैं।

दवा समय पर लेना भी जरूरी

कई लोग बुखार या सर्दी में थोड़ी राहत मिलते ही दवा लेना बंद कर देते हैं, जबकि ऐसा करना सही नहीं माना जाता। चिकित्सक द्वारा बताई गई दवाएं निर्धारित समय तक लेना जरूरी होता है। बिना सलाह के एंटीबायोटिक या दूसरी दवाओं का सेवन भी नहीं करना चाहिए, क्योंकि हर फ्लू में एंटीबायोटिक की जरूरत नहीं होती।

कब तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए

अगर फ्लू के लक्षण सामान्य समय से ज्यादा दिनों तक बने रहें या मरीज की हालत बिगड़ने लगे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। लगातार तेज बुखार, सांस लेने में तकलीफ, अत्यधिक कमजोरी, सीने में दर्द, बार-बार उल्टी या पानी की गंभीर कमी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर इलाज, संतुलित आहार, पर्याप्त तरल पदार्थ, अच्छी नींद और डॉक्टर की सलाह का पालन करने से अधिकांश लोग सीजनल फ्लू से जल्द ठीक हो सकते हैं। मौसम बदलने के दौरान साफ-सफाई का ध्यान रखना, हाथों को नियमित रूप से धोना और जरूरत पड़ने पर मास्क का उपयोग करना भी संक्रमण से बचाव के प्रभावी उपाय माने जाते हैं।