हिमाचल प्रदेश में बढ़ती आपराधिक घटनाओं, कानून-व्यवस्था की स्थिति और विकास कार्यों की रफ्तार को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद कंगना रनौत ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। कुल्लू जिले के चंसारी में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में जिस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं, उन्होंने हिमाचल की वर्षों पुरानी शांत और सुरक्षित छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने और प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावी बनाने में असफल साबित हो रही है।
कंगना रनौत ने अपने संबोधन की शुरुआत भगवान बिजली महादेव का स्मरण करते हुए की और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि तथा मानसून के दौरान सभी की सुरक्षा की कामना की। इसके बाद उन्होंने सीधे प्रदेश सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि हिमाचल कभी अपनी शांतिपूर्ण जीवनशैली और सुरक्षित माहौल के लिए जाना जाता था, लेकिन अब लगातार सामने आ रही आपराधिक घटनाएं लोगों के मन में भय पैदा कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में कई ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिन्होंने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया। सरकाघाट में दिनदहाड़े एक बच्ची की हत्या और हाल ही में कुल्लू के क्षेत्रीय अस्पताल में कथित चिकित्सकीय लापरवाही के चलते प्रसूता की मौत जैसे मामलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में सरकार को तुरंत और कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। उनके अनुसार, यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो जनता का कानून-व्यवस्था पर भरोसा कमजोर हो सकता है।
सांसद ने कहा कि उन्हें यह देखकर दुख होता है कि जिस हिमाचल को लोग शांति और सुरक्षा का प्रतीक मानते थे, आज उसी राज्य में अपराधों की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की पहचान उसकी प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ सामाजिक सौहार्द और सुरक्षित वातावरण भी रही है, जिसे बनाए रखना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
केंद्र की सहायता को लेकर सरकार पर लगाए आरोप
अपने संबोधन के दौरान कंगना रनौत ने केंद्र और राज्य सरकार के संबंधों को लेकर भी कांग्रेस सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार केंद्र से मिलने वाली आर्थिक सहायता और विकास योजनाओं को लेकर जनता के बीच भ्रम की स्थिति पैदा कर रही है। उनके अनुसार, केंद्र सरकार हिमाचल के विकास के लिए लगातार सहयोग कर रही है, लेकिन राज्य सरकार उस सहयोग को सही ढंग से लागू करने में इच्छाशक्ति नहीं दिखा रही।
उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं को गति देने के बजाय कई स्तरों पर अनावश्यक अड़चनें पैदा की जा रही हैं। इससे न केवल योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी हो रही है, बल्कि आम लोगों को भी अपेक्षित लाभ समय पर नहीं मिल पा रहा।
‘अधिकारी हमारी बात नहीं सुनते’
कंगना रनौत ने प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि एक सांसद होने के बावजूद उन्हें अपने क्षेत्र के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई अधिकारी उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लेते और विकास कार्यों से जुड़े प्रस्ताव लंबे समय तक लंबित पड़े रहते हैं।
उन्होंने दावा किया कि उनकी सांसद निधि से 10 करोड़ रुपये से अधिक की राशि विभिन्न विकास कार्यों के लिए स्वीकृत की गई, लेकिन जिला प्रशासन अब तक उसका बहुत कम हिस्सा ही खर्च कर पाया है। उनके अनुसार, उपलब्ध धनराशि के मुकाबले केवल लगभग डेढ़ करोड़ रुपये ही विकास कार्यों पर खर्च किए गए हैं, जिससे कई योजनाएं समय पर पूरी नहीं हो सकीं।
सांसद ने कहा कि विकास योजनाओं का उद्देश्य लोगों को बेहतर सड़क, बुनियादी सुविधाएं और सार्वजनिक सेवाएं उपलब्ध कराना होता है। यदि स्वीकृत राशि समय पर खर्च ही नहीं होगी तो इसका सीधा नुकसान जनता को उठाना पड़ेगा।
ग्रामीण सड़कों का भी किया उल्लेख
कंगना रनौत ने कहा कि उनके प्रयासों से क्षेत्र में 17 से अधिक प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजनाओं की शुरुआत करवाई गई है। उनका कहना था कि ग्रामीण इलाकों में सड़क संपर्क मजबूत होने से शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और पर्यटन जैसे क्षेत्रों को लाभ मिलेगा। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए लगातार संसाधन उपलब्ध करा रही है और इन योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और आधारभूत ढांचे का विकास किसी भी राज्य की प्रगति की नींव होता है। इसलिए इन परियोजनाओं को राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाना चाहिए।
कांग्रेस सरकार की कार्यशैली पर उठाए सवाल
अपने संबोधन में भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार विकास कार्यों को लेकर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखा रही। उन्होंने कहा कि सरकार को जनता की समस्याओं के समाधान पर अधिक ध्यान देना चाहिए, लेकिन वर्तमान में कई अहम मुद्दे लंबित हैं। उनका कहना था कि कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं और प्रशासनिक जवाबदेही जैसे विषयों पर सरकार को प्राथमिकता के आधार पर काम करना चाहिए।
कंगना ने यह भी कहा कि प्रदेश की जनता बेहतर प्रशासन और पारदर्शी व्यवस्था की अपेक्षा रखती है। यदि विकास कार्यों में लगातार देरी होती रही तो लोगों का भरोसा सरकारी व्यवस्था से कमजोर हो सकता है।
भाजपा को मजबूत करने की अपील
जनसभा के अंत में कंगना रनौत ने लोगों से भारतीय जनता पार्टी को मजबूत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश में केंद्र और राज्य दोनों स्तर पर एक ही दल की सरकार होगी तो विकास योजनाओं को तेजी से लागू करने में आसानी होगी। उन्होंने दावा किया कि “डबल इंजन सरकार” के मॉडल से विकास परियोजनाओं को अधिक गति मिलेगी और जनता को योजनाओं का लाभ समय पर मिलेगा।
उन्होंने कहा कि भाजपा का लक्ष्य प्रदेश के हर क्षेत्र तक विकास पहुंचाना है और इसके लिए संगठन को मजबूत करना आवश्यक है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए तैयार रहने का भी आह्वान किया।
कार्यक्रम में कई भाजपा नेता रहे मौजूद
इस जनसभा में भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं और स्थानीय पदाधिकारियों ने भी भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने क्षेत्रीय विकास, संगठन विस्तार और आगामी रणनीतियों पर भी चर्चा की। भाजपा नेता नरोत्तम ठाकुर सहित कई पदाधिकारी मंच पर मौजूद रहे।
कुल मिलाकर, कंगना रनौत के संबोधन में कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं, प्रशासनिक कार्यप्रणाली, विकास परियोजनाएं और केंद्र-राज्य संबंध प्रमुख मुद्दे रहे। उन्होंने प्रदेश सरकार की नीतियों और कार्यशैली की आलोचना करते हुए दावा किया कि भाजपा ही हिमाचल को तेज विकास और बेहतर प्रशासन दे सकती है। वहीं, कांग्रेस सरकार की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।


