Haryana ई-श्रम पोर्टल पर 54 लाख गिग वर्कर हुए शामिल: रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया बंद, मिलेंगे 4 लाख तक बीमा और 3 हजार रुपए पेंशन।

Haryana ई-श्रम पोर्टल पर 54 लाख गिग वर्कर हुए शामिल: रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया बंद, मिलेंगे 4 लाख तक बीमा और 3 हजार रुपए पेंशन।

हरियाणा सरकार के श्रम विभाग द्वारा 7 अप्रैल से 17 अप्रैल 2025 तक चलाया गया राज्यव्यापी विशेष ई-श्रम पंजीकरण अभियान सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य गिग श्रमिकों, प्लेटफॉर्म आधारित कर्मचारियों, डिलीवरी पार्टनर्स, असंगठित क्षेत्र के कामगारों तथा ऐसे श्रमिकों को ई-श्रम पोर्टल से जोड़ना था, जो अब तक सरकारी डेटाबेस का हिस्सा नहीं बन पाए थे। अभियान के दौरान प्रदेश के सभी जिलों में विशेष पंजीकरण शिविर लगाए गए और हजारों श्रमिकों ने मौके पर ही अपना पंजीकरण कराया।

श्रम विभाग के अनुसार हरियाणा पहले से ही ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। अब तक प्रदेश के 54 लाख से अधिक श्रमिक राष्ट्रीय ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत हो चुके हैं। सरकार का मानना है कि अधिक से अधिक श्रमिकों का पंजीकरण होने से उन्हें केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जा सकेगा।

विशेष अभियान के दौरान श्रमिकों को केवल पंजीकरण की सुविधा ही नहीं दी गई, बल्कि उन्हें ई-श्रम कार्ड के महत्व, सरकारी योजनाओं की पात्रता और भविष्य में मिलने वाले लाभों की भी विस्तृत जानकारी दी गई। विभाग ने ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में विशेष जागरूकता गतिविधियां आयोजित कर लोगों को अभियान से जोड़ने का प्रयास किया।

क्या है ई-श्रम पोर्टल और क्यों महत्वपूर्ण है?

ई-श्रम पोर्टल भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा विकसित राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म है। इसका उद्देश्य देश के असंगठित क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों का एक व्यापक और अद्यतन राष्ट्रीय डेटाबेस तैयार करना है। इस पोर्टल पर पंजीकरण कराने वाले श्रमिकों को एक यूनिक ई-श्रम पहचान संख्या (UAN) प्रदान की जाती है, जिसके माध्यम से भविष्य में विभिन्न सरकारी योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों का लाभ उपलब्ध कराया जा सकता है।

देश में बड़ी संख्या में ऐसे श्रमिक हैं जो निर्माण कार्य, कृषि, घरेलू कार्य, रेहड़ी-पटरी, परिवहन, डिलीवरी सेवाएं, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, छोटे उद्योग, स्वरोजगार तथा अन्य असंगठित क्षेत्रों में कार्य करते हैं। इन श्रमिकों की पहचान और उनके लिए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए ई-श्रम पोर्टल महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

हरियाणा में 10 दिवसीय विशेष अभियान कैसे चलाया गया?

हरियाणा श्रम विभाग ने राज्य के सभी जिलों में विशेष पंजीकरण शिविर आयोजित किए। इन शिविरों में आधार आधारित सत्यापन, दस्तावेजों की जांच और मौके पर ही ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई गई। विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने विभिन्न क्षेत्रों में जाकर पात्र श्रमिकों को पंजीकरण के लिए प्रेरित किया।

अभियान के दौरान जिला प्रशासन, श्रम कल्याण अधिकारियों, स्थानीय निकायों तथा अन्य विभागों के सहयोग से ऐसे स्थानों का चयन किया गया, जहां बड़ी संख्या में असंगठित श्रमिक कार्यरत रहते हैं। इससे अधिक से अधिक लोगों तक अभियान की पहुंच सुनिश्चित की जा सकी।

जागरूकता अभियान के जरिए हजारों श्रमिकों तक पहुंचा विभाग

श्रम विभाग ने केवल पंजीकरण शिविर लगाने तक ही अभियान को सीमित नहीं रखा, बल्कि व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम भी संचालित किए। लोगों को ई-श्रम पोर्टल के महत्व और पंजीकरण की प्रक्रिया समझाने के लिए कई माध्यमों का उपयोग किया गया।

अभियान के दौरान समाचार पत्रों में जानकारी प्रकाशित कराई गई, विभिन्न क्षेत्रों में पंपलेट वितरित किए गए, सार्वजनिक घोषणाएं करवाई गईं और घर-घर जाकर लोगों को जागरूक किया गया। इसके अलावा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया ताकि युवा श्रमिक और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े कर्मचारी आसानी से जानकारी प्राप्त कर सकें।

गिग और प्लेटफॉर्म आधारित कंपनियों से भी किया गया संपर्क

वर्तमान समय में बड़ी संख्या में युवा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से रोजगार प्राप्त कर रहे हैं। इसे ध्यान में रखते हुए श्रम विभाग ने विभिन्न प्लेटफॉर्म आधारित कंपनियों और सेवा प्रदाताओं से भी संपर्क किया।

ब्लिंकिट, स्विगी, जोमैटो, फ्लिपकार्ट, अमेजन और अर्बन कंपनी जैसी कंपनियों के प्रतिनिधियों को अभियान की जानकारी दी गई तथा उनसे अनुरोध किया गया कि वे अपने डिलीवरी पार्टनर्स, सेवा प्रदाताओं और अन्य गिग वर्कर्स को ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण के लिए प्रेरित करें। विभाग का उद्देश्य था कि डिजिटल अर्थव्यवस्था से जुड़े अधिक से अधिक श्रमिक भी सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आ सकें।

ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण के बाद कौन-कौन से लाभ मिल सकते हैं?

ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण कराने वाले पात्र श्रमिकों को विभिन्न सरकारी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ उनकी पात्रता के अनुसार उपलब्ध कराया जा सकता है। इनमें दुर्घटना बीमा, जीवन बीमा, स्वास्थ्य सुरक्षा और पेंशन जैसी योजनाएं शामिल हैं।

प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को 2 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा उपलब्ध कराया जाता है। इसी प्रकार प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत पात्र श्रमिकों को 2 लाख रुपये तक का जीवन बीमा कवर प्राप्त हो सकता है।

इसके अलावा पात्र परिवारों को आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का वार्षिक स्वास्थ्य बीमा लाभ भी मिल सकता है। स्वास्थ्य संबंधी आपात परिस्थितियों में यह योजना आर्थिक सहायता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन योजना का भी मिल सकता है लाभ

ई-श्रम पोर्टल से जुड़े पात्र असंगठित श्रमिक प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन योजना का लाभ भी प्राप्त कर सकते हैं। इस योजना के तहत निर्धारित अंशदान जमा करने वाले लाभार्थियों को 60 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद प्रतिमाह 3,000 रुपये तक की पेंशन प्रदान की जाती है।

यह योजना असंगठित क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों के लिए वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित की जाती है। श्रम विभाग समय-समय पर पात्र श्रमिकों को इस योजना के बारे में भी जागरूक करता है।

पंजीकरण प्रक्रिया को बनाया गया सरल

विशेष अभियान के दौरान श्रमिकों को पंजीकरण कराने में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए प्रक्रिया को सरल बनाया गया। आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से मौके पर ही ऑनलाइन पंजीकरण किया गया और आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने में अधिकारियों ने सहायता प्रदान की।

ग्रामीण क्षेत्रों में भी मोबाइल शिविरों और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से पात्र श्रमिकों तक पहुंच बनाई गई ताकि दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोग भी इस सुविधा का लाभ उठा सकें।

श्रम विभाग ने समय पर पंजीकरण कराने की अपील की

हरियाणा श्रम विभाग के प्रधान सचिव ने अभियान के दौरान सभी पात्र गिग वर्कर्स, प्लेटफॉर्म आधारित कर्मचारियों और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों से अपील की कि वे निर्धारित अवधि के भीतर अपने नजदीकी पंजीकरण शिविर या श्रम विभाग कार्यालय में जाकर ई-श्रम पोर्टल पर अपना पंजीकरण अवश्य कराएं।

उन्होंने कहा कि आज के समय में गिग वर्कफोर्स राज्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। ऐसे श्रमिकों को भी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तक समान अवसर और सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

कहां से प्राप्त कर सकते हैं अधिक जानकारी?

ई-श्रम पोर्टल, पंजीकरण प्रक्रिया, पात्रता और उपलब्ध योजनाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए श्रमिक आधिकारिक ई-श्रम पोर्टल पर जाकर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त अपने निकटतम श्रम विभाग कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।

श्रमिक सहायता के लिए विभाग ने टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-180-2129 भी उपलब्ध कराई है, जहां पंजीकरण, दस्तावेज, पात्रता और अन्य संबंधित प्रश्नों के उत्तर प्राप्त किए जा सकते हैं। विभाग का उद्देश्य अधिक से अधिक असंगठित श्रमिकों को औपचारिक पहचान प्रदान करना और उन्हें केंद्र एवं राज्य सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ना है ताकि भविष्य में जरूरत पड़ने पर उन्हें सरकारी सहायता समय पर मिल सके।

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