पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच वनडे ट्राई सीरीज का मुकाबला आखिरी पलों तक रोमांच से भरा रहा। लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में खेले गए इस मैच में पाकिस्तान ने एक विकेट से जीत दर्ज कर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। मुकाबले में एक समय ऐसा था, जब पाकिस्तान की टीम लक्ष्य का पीछा करते हुए पूरी तरह दबाव में नजर आ रही थी। 242 रन के लक्ष्य के सामने टीम ने 154 रन तक पहुंचते-पहुंचते अपने 9 विकेट गंवा दिए थे। जीत के लिए अभी भी 88 रन बनाने बाकी थे और पाकिस्तान की हार लगभग तय मानी जा रही थी।
ऐसे मुश्किल हालात में शादाब खान ने अपनी बल्लेबाजी से मैच का रुख बदल दिया। उन्होंने आखिरी विकेट के लिए हारिस रऊफ के साथ मिलकर नाबाद 89 रन जोड़े और टीम को जीत की दहलीज तक पहुंचाया। शादाब ने 96 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 113 रन बनाए। उनकी इस पारी में 13 चौके और 5 छक्के शामिल रहे। दूसरी ओर हारिस रऊफ ने मुश्किल समय में विकेट बचाकर उनका साथ दिया। पाकिस्तान की इस जीत में शादाब की पारी सबसे बड़ा अंतर साबित हुई।
नंबर-8 पर उतरकर शादाब ने रचा इतिहास
पाकिस्तान की पारी के दौरान शादाब खान ने जिस तरह दबाव का सामना किया, वह इस मुकाबले की सबसे खास बात रही। शुरुआती और मध्यक्रम के बल्लेबाजों के जल्दी आउट होने के बाद टीम की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई थी। एक तरफ विकेट लगातार गिर रहे थे, तो दूसरी तरफ जरूरी रन बनाने का दबाव बढ़ता जा रहा था। ऐसे में शादाब ने संयम और आक्रामकता के बीच संतुलन बनाकर बल्लेबाजी की।
उन्होंने जरूरत के मुताबिक स्ट्राइक रोटेट की और खराब गेंदों को बाउंड्री के पार पहुंचाया। उनकी पारी में 13 चौके और 5 छक्के देखने को मिले। शादाब ने निचले क्रम में बल्लेबाजी करते हुए वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में नंबर-8 पर सबसे बड़ी पारी खेलने का रिकॉर्ड बनाया। उनका नाबाद 113 रन का स्कोर पाकिस्तान को ऐसी जीत दिलाने में कामयाब रहा, जिसकी उम्मीद 9 विकेट गिरने के बाद बेहद कम रह गई थी।
शादाब को पता था कि आखिरी बल्लेबाज के साथ लंबी साझेदारी बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने जोखिम भरे शॉट खेलने के बजाय स्थिति के अनुसार बल्लेबाजी की। जैसे-जैसे साझेदारी आगे बढ़ी, पाकिस्तान की जीत की उम्मीद भी मजबूत होती गई। अंत में टीम ने एक विकेट शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया।
इंग्लैंड के 241 रन पर सिमटने के बाद पाकिस्तान को मिला 242 रन का लक्ष्य
मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम 46.4 ओवर में 241 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। इंग्लैंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही और टीम ने शुरुआती तीन विकेट जल्दी गंवा दिए। शुरुआती झटकों के कारण बल्लेबाजों पर दबाव बन गया, लेकिन बेन डकेट ने एक छोर संभालकर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने की कोशिश की।
डकेट ने 111 गेंदों में 105 रन की शानदार पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी के दौरान 10 चौके और 2 छक्के लगाए। उनकी बल्लेबाजी की बदौलत इंग्लैंड की टीम शुरुआती नुकसान से उबरने में सफल रही। डकेट ने पारी को आगे बढ़ाते हुए रन बनाने की गति बनाए रखी और पाकिस्तान के गेंदबाजों को विकेट के लिए लगातार मेहनत करनी पड़ी।
हालांकि, डकेट के अलावा इंग्लैंड के बाकी बल्लेबाज बड़ी पारियां खेलने में सफल नहीं रहे। सैम करन ने 52 गेंदों में 42 रन बनाए। वहीं, गस एटकिंसन ने निचले क्रम में बल्लेबाजी करते हुए 28 गेंदों पर नाबाद 36 रन जोड़े। इन पारियों के सहारे इंग्लैंड ने 241 रन का स्कोर खड़ा किया, लेकिन टीम पूरे 50 ओवर भी नहीं खेल सकी।
पाकिस्तान की गेंदबाजी में कप्तान शाहीन अफरीदी सबसे सफल रहे। उन्होंने इंग्लैंड के चार बल्लेबाजों को आउट किया। अराफात मिन्हास और रजाउल्लाह ने भी दो-दो विकेट लेकर विपक्षी टीम की पारी को समेटने में योगदान दिया। इंग्लैंड की टीम को उम्मीद रही होगी कि 242 रन का लक्ष्य पाकिस्तान के लिए चुनौतीपूर्ण साबित होगा, लेकिन अंत में शादाब की पारी ने उसके गेंदबाजों की मेहनत पर पानी फेर दिया।
लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान की शुरुआत बिगड़ी
242 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की टीम शुरुआत से ही दबाव में आ गई। टीम को उम्मीद थी कि उसके शीर्ष क्रम के बल्लेबाज मजबूत शुरुआत देंगे, लेकिन इंग्लैंड के गेंदबाजों ने लगातार विकेट लेकर पाकिस्तान की योजनाओं को झटका दिया।
फखर जमान केवल 10 रन बनाकर आउट हो गए। सैम अयूब भी 6 रन ही बना सके, जबकि बाबर आजम के बल्ले से 10 रन निकले। इन तीनों बल्लेबाजों के विकेट जल्दी गिरने के कारण पाकिस्तान का स्कोर 31 रन पर तीन विकेट हो गया। इतने कम स्कोर पर तीन विकेट गंवाने से टीम की स्थिति कमजोर हो गई और मध्यक्रम पर दबाव बढ़ गया।
इसके बाद विकेटकीपर बल्लेबाज साद बेग ने तेजी से रन बनाने की कोशिश की। उन्होंने 22 गेंदों पर 32 रन बनाए और पाकिस्तान की पारी को आगे बढ़ाया। उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता दिखाई दी, लेकिन वह अपनी पारी को ज्यादा लंबा नहीं खींच सके।
सलमान आगा ने 49 गेंदों में 26 रन बनाए, जबकि हसन नवाज ने 33 गेंदों पर 15 रन का योगदान दिया। दोनों बल्लेबाजों से टीम को बड़ी साझेदारी की उम्मीद थी, लेकिन इंग्लैंड के गेंदबाजों ने पाकिस्तान को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।
पाकिस्तान की मुश्किलें लगातार बढ़ती गईं। टीम ने 103 रन तक अपने छह विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद भी विकेट गिरने का सिलसिला नहीं रुका। सलमान आगा के आउट होने तक पाकिस्तान का स्कोर 122 रन पर सात विकेट हो गया। निचले क्रम के बल्लेबाजों पर अब टीम को लक्ष्य तक पहुंचाने की जिम्मेदारी आ गई थी।
शाहीन और रजाउल्लाह के आउट होने से बढ़ा दबाव
पाकिस्तान को जब सबसे ज्यादा जरूरत थी कि कोई बल्लेबाज शादाब का साथ दे, तब दूसरे छोर पर विकेट गिरते रहे। शाहीन अफरीदी केवल 4 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। इसके बाद रजाउल्लाह भी 8 रन बनाकर आउट हो गए। इन विकेटों के बाद पाकिस्तान के खाते में नौ विकेट गिर चुके थे।
टीम का स्कोर 154 रन तक पहुंचा था और जीत के लिए 88 रन और बनाने थे। ऐसी स्थिति में पाकिस्तान के पास केवल एक विकेट बचा था। बल्लेबाजी क्रम के अधिकांश प्रमुख खिलाड़ी पवेलियन लौट चुके थे। इंग्लैंड के गेंदबाजों के लिए अब सिर्फ एक विकेट हासिल करना बाकी था, जबकि पाकिस्तान को जीत के लिए लंबा रास्ता तय करना था।
इसी समय शादाब खान ने अपनी पारी की अहमियत को समझते हुए बल्लेबाजी जारी रखी। उन्होंने हारिस रऊफ को दूसरे छोर पर टिके रहने का भरोसा दिया और रन बनाने की जिम्मेदारी खुद संभाली। पाकिस्तान के लिए यह साझेदारी सिर्फ रन जोड़ने का मामला नहीं थी, बल्कि मुकाबले में बने रहने का आखिरी मौका भी थी।
हारिस रऊफ ने निभाई अहम भूमिका, 89 रन की साझेदारी ने दिलाई जीत
हारिस रऊफ ने शादाब खान का साथ देते हुए विकेट नहीं गंवाया। हालांकि, उन्होंने तेजी से रन बनाने के बजाय अपनी भूमिका को समझा और शादाब को अधिकतर रन बनाने का मौका दिया। दोनों बल्लेबाजों ने आखिरी विकेट के लिए नाबाद 89 रन की साझेदारी की, जिसने मैच का परिणाम पाकिस्तान के पक्ष में कर दिया।
इस साझेदारी में शादाब का योगदान सबसे ज्यादा रहा। उन्होंने 81 रन अकेले बनाए, जबकि हारिस रऊफ ने 19 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 7 रन जोड़े। एक रन अतिरिक्त के रूप में मिला। इस तरह दोनों ने मिलकर पाकिस्तान को उस स्थिति से बाहर निकाला, जहां हार की आशंका काफी बढ़ गई थी।
इंग्लैंड के गेंदबाजों ने पूरी पारी में पाकिस्तान को दबाव में रखा था, लेकिन आखिरी विकेट नहीं निकाल सके। जेमी ओवरटन ने 10 ओवर में 43 रन देकर तीन विकेट लिए। गस एटकिंसन और लियाम डॉसन को दो-दो सफलताएं मिलीं। इसके बावजूद शादाब और हारिस की साझेदारी इंग्लैंड के गेंदबाजों के लिए निर्णायक चुनौती बन गई।
शादाब ने नाबाद शतक लगाकर न केवल अपनी टीम को जीत दिलाई, बल्कि वनडे क्रिकेट में नंबर-8 पर बल्लेबाजी करते हुए सबसे बड़ी पारी का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। इस मुकाबले में पाकिस्तान ने दिखाया कि आखिरी विकेट बचा होने के बावजूद लक्ष्य हासिल किया जा सकता है, बशर्ते बल्लेबाज दबाव में धैर्य बनाए रखें।
जीत के साथ पाकिस्तान फाइनल में पहुंचा
इंग्लैंड के खिलाफ एक विकेट से मिली इस जीत ने पाकिस्तान को वनडे ट्राई सीरीज के फाइनल में पहुंचा दिया है। अब फाइनल में पाकिस्तान का सामना इंग्लैंड और श्रीलंका में से किसी एक टीम से होगा। मुकाबले का फैसला शादाब खान की ऐतिहासिक पारी और हारिस रऊफ के उपयोगी साथ के कारण हुआ।
इंग्लैंड के लिए बेन डकेट का शतक और गेंदबाजों की शुरुआती सफलता जीत दिलाने के लिए पर्याप्त साबित नहीं हुई। दूसरी तरफ पाकिस्तान ने शीर्ष क्रम की नाकामी और लगातार गिरते विकेटों के बावजूद मुकाबले में वापसी की। 154 रन पर नौ विकेट गंवाने के बाद 242 रन का लक्ष्य हासिल करना इस मैच को यादगार बनाता है।
शादाब खान की 113 रन की नाबाद पारी इस मुकाबले की सबसे बड़ी उपलब्धि रही। उन्होंने नंबर-8 पर उतरकर टीम को जीत दिलाई और रिकॉर्ड बुक में भी अपना नाम दर्ज कराया। पाकिस्तान अब फाइनल में इसी आत्मविश्वास के साथ उतरना चाहेगा, जबकि इंग्लैंड को इस हार से अपनी रणनीति और आखिरी विकेट के खिलाफ गेंदबाजी पर दोबारा विचार करना होगा।




