चंडीगढ़ में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए प्रशासन ने इंडस्ट्रियल प्लॉट्स के फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) में बढ़ोतरी का प्रस्ताव तैयार कर लिया है। यह प्रस्ताव अब केंद्र सरकार, विशेष रूप से गृह मंत्रालय की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
प्रशासन द्वारा गठित समिति ने अपनी रिपोर्ट प्रशासक को सौंप दी है, जिसमें इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 और फेज-2 के लिए FAR को मौजूदा 0.75 से बढ़ाकर 2 करने की सिफारिश की गई है। वहीं, फेज-3 के लिए इसे 2.50 तक बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है। पहले इन क्षेत्रों में अपेक्षाकृत कम वृद्धि पर विचार किया जा रहा था, लेकिन उद्योगपतियों की मांग को देखते हुए इसे और बढ़ाने की सिफारिश की गई।
इस बदलाव से औद्योगिक इकाइयों को अपने प्लॉट पर अधिक निर्माण की अनुमति मिलेगी, जिससे उन्हें कार्यक्षेत्र बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही, प्रशासन को भी राजस्व में बढ़ोतरी की उम्मीद है। लंबे समय से लंबित बिल्डिंग नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामलों को भी इससे राहत मिल सकती है।
समिति ने यह रिपोर्ट उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से चर्चा के बाद तैयार की है, ताकि उनकी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए व्यावहारिक समाधान निकाला जा सके।
पास के औद्योगिक शहरों जैसे मोहाली और पंचकूला में FAR पहले से ही 2.5 से 3 तक है। ऐसे में चंडीगढ़ में भी यह बदलाव लागू होने पर स्थानीय उद्योगों को प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिल सकेगा और फेज-3 का विकास तेज हो पाएगा।
इसके अलावा, प्रशासन ने इंडस्ट्रियल एरिया फेज-3 में नए प्लॉट्स की ई-नीलामी अगले महीने से शुरू करने की योजना बनाई है। अधिकारियों का मानना है कि FAR बढ़ने से वर्तमान में खाली पड़े प्लॉट्स की मांग बढ़ेगी और विकास कार्यों को गति मिलेगी।



