अमेरिका-ईरान समझौते पर सस्पेंस बरकरार, तेहरान बोला- अभी डील से दूरी

अमेरिका-ईरान समझौते पर सस्पेंस बरकरार, तेहरान बोला- अभी डील से दूरी

अमेरिका और ईरान के बीच जारी बातचीत को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने जल्द समझौता होने की बात कही, वहीं ईरान ने साफ कर दिया कि फिलहाल किसी त्वरित डील की संभावना नहीं है।

तेहरान में सोमवार को ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकई ने कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत में कुछ अहम मुद्दों पर प्रगति जरूर हुई है, लेकिन यह कहना जल्दबाजी होगी कि समझौते पर तुरंत हस्ताक्षर होने वाले हैं। उनके मुताबिक वार्ता सही दिशा में आगे बढ़ रही है, मगर अभी कई पहलुओं पर चर्चा बाकी है।

बकई ने बताया कि फिलहाल बातचीत का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में चल रहे तनाव और युद्ध की स्थिति को खत्म करना है। उन्होंने कहा कि इस चरण में ईरान के परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज जलडमरूमध्य के मुद्दे को समझौता ज्ञापन (MoU) में शामिल नहीं किया गया है। इन विषयों पर अलग से आगे बातचीत की जाएगी।

होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ईरान ने अमेरिका पर निशाना भी साधा। बकई ने कहा कि इस रणनीतिक समुद्री मार्ग के संचालन का फैसला क्षेत्र के तटीय देशों को करना चाहिए। उन्होंने मांग की कि अमेरिका वहां की सैन्य नाकेबंदी समाप्त करे। साथ ही दावा किया कि ईरान इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करेगा।

ईरान ने यह भी स्पष्ट किया कि होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर कोई टोल लगाने की योजना नहीं है। हालांकि सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी सेवाओं पर खर्च होना स्वाभाविक बताया गया। दूसरी तरफ अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दावा किया कि ईरान के साथ समझौते को लेकर बड़ी खबर कभी भी सामने आ सकती है।

इसी बीच ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ के नेतृत्व में एक वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल कतर पहुंचा है। इस टीम में विदेश मंत्री अब्बास अराघची और सेंट्रल बैंक के गवर्नर अब्दोलनासेर हेम्मती भी शामिल हैं। माना जा रहा है कि यह प्रतिनिधिमंडल अमेरिका-ईरान समझौता ज्ञापन को अंतिम रूप देने पर चर्चा करेगा।