हरियाणा सरकार ने प्रदेश की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक में घोषणा की कि राज्य में जल्द ही 20 लाख और पात्र नागरिकों को “हैप्पी कार्ड” उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे वे हर साल रोडवेज बसों में एक हजार किलोमीटर तक मुफ्त यात्रा का लाभ उठा सकेंगे।
सरकार के अनुसार अब तक करीब 20 लाख लोगों को यह सुविधा दी जा चुकी है और अगले चरण में लाभार्थियों की संख्या दोगुनी करने की तैयारी है। यह योजना खासतौर पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों, ग्रामीण क्षेत्रों और जरूरतमंद यात्रियों को राहत देने के उद्देश्य से चलाई जा रही है।
बसों की लाइव ट्रैकिंग होगी शुरू
मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग को निर्देश दिए कि प्रदेश की सभी बसों को आधुनिक ट्रैकिंग सिस्टम से जोड़ा जाए। इसके तहत यात्री मोबाइल एप के माध्यम से बस की रियल टाइम लोकेशन देख सकेंगे। यात्रियों को यह जानकारी भी मिलेगी कि बस किस समय किस स्टॉप पर पहुंचेगी।
सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से यात्रियों को अनावश्यक इंतजार से राहत मिलेगी और सार्वजनिक परिवहन अधिक भरोसेमंद बनेगा। अधिकारियों को रेलवे की तर्ज पर डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं।
महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष फोकस
बैठक में बसों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी सरकारी बसों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और उन्हें कंट्रोल रूम से जोड़ा जाए। इसके अलावा महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बसों में पैनिक बटन लगाने की योजना भी तैयार की जा रही है।
आपात स्थिति में यात्री पैनिक बटन दबाकर तुरंत सहायता प्राप्त कर सकेंगे। सरकार का दावा है कि इससे महिला यात्रियों में सुरक्षा की भावना मजबूत होगी।
इलेक्ट्रिक बसों पर सरकार का बड़ा फोकस
हरियाणा सरकार आने वाले वर्षों में डीजल बसों की जगह इलेक्ट्रिक बसों को प्राथमिकता देने की योजना बना रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में परिवहन विभाग द्वारा खरीदी जाने वाली अधिकांश बसें इलेक्ट्रिक होंगी।
इसके लिए राज्यभर में मजबूत चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा। अगले एक वर्ष में 10 नए इलेक्ट्रिक बस स्टैंड बनाए जाएंगे, जहां बसों की चार्जिंग के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
सरकार ऐसी व्यवस्था भी विकसित कर रही है जिसमें बसों को यात्रियों के चढ़ने और टिकट प्रक्रिया के दौरान ही तेजी से चार्ज किया जा सके। इससे समय की बचत होगी और संचालन अधिक प्रभावी बनेगा।
हर जिले में बढ़ेंगी ई-बस सेवाएं
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य के अधिक से अधिक शहरों और जिलों में इलेक्ट्रिक बस सेवाएं शुरू की जाएं। इसके साथ ही निजी भागीदारी (PPP मॉडल) के तहत चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने पर भी जोर दिया गया है।
सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में हरियाणा को स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन प्रणाली वाला राज्य बनाया जाए। बस स्टैंडों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने की योजना भी इसी दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है।
वाहन स्क्रैपिंग नीति में हरियाणा आगे
बैठक में पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग नीति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि हरियाणा में इस समय 26 व्हीकल स्क्रैपिंग सेंटर संचालित हैं, जो देश में सबसे अधिक हैं।
केंद्र सरकार वाहन स्क्रैप करवाने पर प्रति वाहन 15 हजार रुपये तक का प्रोत्साहन दे रही है। मुख्यमंत्री ने सीमावर्ती जिलों में भी स्क्रैपिंग सेंटर स्थापित करने के निर्देश दिए ताकि अन्य राज्यों के वाहन मालिक भी इस सुविधा का लाभ उठा सकें।
बनेगा यूनिफाइड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर
सरकार प्रदेश स्तर पर एक आधुनिक यूनिफाइड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित करने जा रही है, जहां से सरकारी और निजी दोनों तरह की बसों की निगरानी की जाएगी। इससे बसों की आवाजाही, सुरक्षा और संचालन पर बेहतर नियंत्रण रखा जा सकेगा।
इसके अलावा पुराने बस स्टैंडों को आधुनिक सुविधाओं के अनुरूप अपग्रेड करने और जहां आवश्यकता हो वहां नए बस अड्डे बनाने की योजना भी तैयार की जा रही है। सरकार चाहती है कि यात्रियों को स्वच्छ, सुरक्षित और तकनीकी रूप से उन्नत परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।




