क्या आप जानते हैं? पिछले 5 साल में किन बड़े सरकारी पोर्टल्स पर हुए साइबर अटैक

क्या आप जानते हैं? पिछले 5 साल में किन बड़े सरकारी पोर्टल्स पर हुए साइबर अटैक

सीबीएसई के री-इवैल्युएशन पोर्टल में कथित साइबर सेंधमारी के मामले ने एक बार फिर सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार कुछ छात्रों ने भुगतान प्रणाली और डिजिटल ढांचे के कुछ हिस्सों तक अनधिकृत पहुंच हासिल कर ली थी। इस घटना के बाद देश में पिछले कुछ वर्षों के दौरान हुए बड़े साइबर हमलों की चर्चा फिर तेज हो गई है।

दरअसल, पिछले पांच सालों में भारत के कई महत्वपूर्ण सरकारी पोर्टल, स्वास्थ्य सेवाएं, दूरसंचार नेटवर्क और डेटा सेंटर साइबर अपराधियों के निशाने पर रहे हैं। इन घटनाओं के चलते न केवल सरकारी सेवाएं प्रभावित हुईं, बल्कि करोड़ों नागरिकों का संवेदनशील डेटा भी खतरे में पड़ गया।

ICMR डेटाबेस से जुड़ा बड़ा डेटा लीक

अक्टूबर 2023 में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के कोविड-19 परीक्षण डेटाबेस से जुड़ा एक बड़ा डेटा लीक सामने आया था। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की रिपोर्ट में दावा किया गया कि करीब 81.5 करोड़ भारतीयों की व्यक्तिगत जानकारी हैकर्स के हाथ लग सकती है। कथित तौर पर नाम, मोबाइल नंबर, पता, आधार और पासपोर्ट से जुड़ी जानकारियां डार्क वेब पर बिक्री के लिए उपलब्ध कराई गई थीं।

AIIMS दिल्ली पर रैंसमवेयर का हमला

नवंबर 2022 में देश के प्रतिष्ठित सरकारी अस्पताल AIIMS दिल्ली को बड़े साइबर हमले का सामना करना पड़ा था। रैंसमवेयर अटैक के कारण अस्पताल के मुख्य और बैकअप सर्वर प्रभावित हो गए थे। इसके चलते ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, अपॉइंटमेंट बुकिंग, बिलिंग और मरीजों के रिकॉर्ड जैसी सेवाएं लगभग दो सप्ताह तक बाधित रहीं। हालात ऐसे हो गए थे कि अस्पताल प्रशासन को कई काम मैन्युअली करने पड़े। आशंका जताई गई थी कि करोड़ों मरीजों का मेडिकल डेटा जोखिम में आ सकता है।

उत्तराखंड का सरकारी डेटा सेंटर भी हुआ प्रभावित

अक्टूबर 2024 में उत्तराखंड सरकार के स्टेट डेटा सेंटर पर साइबर हमला हुआ था। इस घटना का असर राज्य की डिजिटल सेवाओं पर व्यापक रूप से देखने को मिला। हमले के बाद 186 से अधिक सरकारी वेबसाइट और ऑनलाइन पोर्टल कई दिनों तक ठप रहे, जिससे नागरिक सेवाओं पर भी असर पड़ा।

BSNL के सिस्टम से संवेदनशील जानकारी लीक

मई 2024 में सरकारी दूरसंचार कंपनी BSNL से जुड़े डेटा लीक की खबर सामने आई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक हैकर्स ने कंपनी के कुछ आंतरिक सिस्टम तक पहुंच बनाकर महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारी हासिल कर ली थी। लीक डेटा में सिम कार्ड से संबंधित विवरण, IMSI नंबर, HLR रिकॉर्ड और नेटवर्क सुरक्षा से जुड़ी जानकारियां शामिल होने की बात कही गई थी। बाद में साइबर सुरक्षा शोधकर्ताओं ने दावा किया कि यह जानकारी डार्क वेब के कुछ मंचों पर दिखाई दी।

बढ़ती चुनौती बन रहे साइबर हमले

विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी सेवाओं के तेजी से डिजिटलीकरण के साथ साइबर हमलों का खतरा भी बढ़ा है। स्वास्थ्य, शिक्षा, दूरसंचार और प्रशासनिक सेवाओं से जुड़े प्लेटफॉर्म पर लगातार बढ़ते हमले इस बात का संकेत हैं कि साइबर सुरक्षा ढांचे को और मजबूत बनाने की जरूरत है। CBSE पोर्टल से जुड़ा ताजा मामला भी इसी चुनौती की ओर इशारा करता है।