लाल डोरा विवाद के बीच पानी कनेक्शन की मांग तेज, मेयर ने प्रशासक से लगाई गुहार

लाल डोरा विवाद के बीच पानी कनेक्शन की मांग तेज, मेयर ने प्रशासक से लगाई गुहार

चंडीगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले हजारों परिवार आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। खासकर 22 गांवों की लाल डोरा (फिरनी) सीमा से बाहर बने मकानों में रहने वाले लोगों को नियमित पेयजल कनेक्शन न मिलने के कारण लंबे समय से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अब इस मुद्दे को लेकर नगर निगम स्तर पर फिर से आवाज उठाई गई है।

चंडीगढ़ के मेयर सौरभ जोशी ने पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी प्रशासक गुलाब चंद कटारिया को पत्र लिखकर लाल डोरा क्षेत्र से बाहर बसे परिवारों को अस्थायी जल कनेक्शन उपलब्ध कराने की अनुमति देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि हजारों परिवार वर्षों से पानी जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित हैं, जिससे उनकी दैनिक जरूरतों के साथ-साथ स्वास्थ्य और स्वच्छता संबंधी समस्याएं भी बढ़ रही हैं।

मेयर ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल प्रत्येक नागरिक का बुनियादी अधिकार है। ऐसे में केवल तकनीकी या प्रशासनिक कारणों से लोगों को इस सुविधा से दूर रखना उचित नहीं है। उन्होंने प्रशासन से मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए जल्द निर्णय लेने का आग्रह किया है।

जानकारी के अनुसार, इस संबंध में प्रस्ताव पहले ही नगर निगम की 347वीं जनरल हाउस बैठक में सर्वसम्मति से पारित किया जा चुका है। बैठक में सभी पार्षदों ने इस मुद्दे पर सहमति जताते हुए प्रभावित परिवारों को राहत देने का समर्थन किया था। प्रस्ताव को मंजूरी के लिए प्रशासन के पास भेजा गया था, जिस पर अब अंतिम निर्णय का इंतजार है।

मेयर ने स्पष्ट किया कि जिन परिवारों को पानी के कनेक्शन दिए जाने का प्रस्ताव है, वे केवल अस्थायी प्रकृति के होंगे। इन कनेक्शनों को किसी भी प्रकार से भूमि या भवन के स्वामित्व, वैधता अथवा नियमितीकरण का आधार नहीं माना जाएगा। साथ ही लाभार्थियों को जलापूर्ति, सीवरेज और रखरखाव से संबंधित निर्धारित शुल्क भी जमा करवाना होगा।

ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों का कहना है कि वे वर्षों से पानी की समस्या झेल रहे हैं और कई जगहों पर लोगों को निजी टैंकरों या वैकल्पिक स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता है। गर्मी के मौसम में यह समस्या और गंभीर हो जाती है। ऐसे में यदि प्रशासन इस प्रस्ताव को मंजूरी देता है तो हजारों परिवारों को बड़ी राहत मिल सकती है।

अब सभी की नजर यूटी प्रशासन के फैसले पर टिकी है। यदि प्रस्ताव को हरी झंडी मिलती है तो चंडीगढ़ के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले बड़ी संख्या में परिवारों को पहली बार अधिकृत जलापूर्ति सुविधा का लाभ मिल सकेगा।