लुधियाना से नायब सैनी का सामाजिक संदेश: सेवा, संवेदना और अंत्योदय को बताया विकसित समाज की सबसे बड़ी पहचान

लुधियाना से नायब सैनी का सामाजिक संदेश: सेवा, संवेदना और अंत्योदय को बताया विकसित समाज की सबसे बड़ी पहचान

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि किसी भी राष्ट्र या समाज की वास्तविक ताकत उसके आर्थिक आंकड़ों, ऊंची इमारतों या औद्योगिक विकास से नहीं मापी जा सकती, बल्कि यह इस बात से तय होती है कि वह अपने कमजोर, वंचित और जरूरतमंद नागरिकों के प्रति कितना संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि जब समाज का सक्षम वर्ग जरूरतमंदों के साथ खड़ा होता है और उनकी मदद को अपना कर्तव्य समझता है, तभी सामाजिक विकास का वास्तविक उद्देश्य पूरा होता है।

लुधियाना के ज्ञान स्थल मंदिर में आयोजित विधवा महिलाओं के लिए मासिक राशन एवं सहायता वितरण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे मुख्यमंत्री ने समाजसेवा से जुड़े संगठनों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास न केवल लोगों की आर्थिक सहायता करते हैं, बल्कि उनमें आत्मविश्वास और सम्मान की भावना भी पैदा करते हैं। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने संस्था के कार्यों की प्रशंसा करते हुए उसके लिए 11 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की।

सेवा कार्यों को बताया समाज निर्माण की आधारशिला

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के दौर में जब समाज कई प्रकार की चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब सामाजिक संस्थाओं की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि सरकारें अपनी भूमिका निभाती हैं, लेकिन समाज के भीतर मौजूद सेवा भाव ही वह शक्ति है जो जरूरतमंद लोगों तक सबसे पहले पहुंचती है।

उन्होंने कहा कि जिन संगठनों ने वर्षों तक लगातार मानव सेवा को अपना मिशन बनाया है, वे वास्तव में समाज के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। ऐसे संगठनों की वजह से हजारों परिवारों को कठिन परिस्थितियों में सहारा मिलता है और उनमें जीवन के प्रति नया विश्वास पैदा होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह मानवीय संवेदनाओं को मजबूत करने का माध्यम भी है। जब किसी जरूरतमंद व्यक्ति को यह महसूस होता है कि समाज उसके साथ खड़ा है, तो उसकी मानसिक और सामाजिक स्थिति में भी सकारात्मक परिवर्तन आता है।

लाला जगत नारायण को दी श्रद्धांजलि

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता सेनानी, समाजसेवी और प्रख्यात पत्रकार अमर शहीद लाला जगत नारायण को श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि लाला जगत नारायण ने अपना पूरा जीवन राष्ट्रहित, सामाजिक सौहार्द और मानवीय मूल्यों की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया था।

उन्होंने कहा कि देश की एकता और अखंडता के लिए उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। उनके विचार आज भी नई पीढ़ी को राष्ट्रभक्ति, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी के लिए प्रेरित करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लाला जगत नारायण की सोच केवल शब्दों तक सीमित नहीं थी, बल्कि उन्होंने अपने जीवन में उन मूल्यों को जीकर दिखाया। यही कारण है कि आज भी उनके नाम से जुड़े सामाजिक और सेवा कार्य लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं।

एक छोटी पहल से बना बड़ा जनसेवा अभियान

नायब सिंह सैनी ने ज्ञान स्थल मंदिर सेवा सोसाइटी और उससे जुड़े स्वयंसेवकों की सराहना करते हुए कहा कि वर्षों पहले शुरू हुआ यह सेवा अभियान आज हजारों लोगों के जीवन को प्रभावित करने वाला बड़ा सामाजिक आंदोलन बन चुका है।

उन्होंने बताया कि संस्था द्वारा विधवा महिलाओं के लिए लगातार 346 महीनों से सहायता वितरण कार्यक्रम चलाया जा रहा है, जो अपने आप में एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। किसी भी सामाजिक अभियान को इतने लंबे समय तक निरंतर जारी रखना आसान नहीं होता, लेकिन संस्था ने यह साबित किया है कि यदि नीयत सेवा की हो तो संसाधन और सहयोग अपने आप जुड़ते चले जाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह समाज में सहयोग और सह-अस्तित्व की भावना को भी मजबूत करते हैं।

हजारों परिवारों तक पहुंची मदद

कार्यक्रम में संस्था के सेवा कार्यों का उल्लेख करते हुए बताया गया कि अब तक बड़ी संख्या में जरूरतमंद परिवारों को विभिन्न प्रकार की सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्था ने वर्षों के दौरान लाखों लोगों तक राहत पहुंचाने का कार्य किया है। विशेष रूप से विधवा महिलाओं के लिए नियमित राशन सहायता, आर्थिक सहयोग और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया गया है।

उन्होंने कहा कि हजारों महिलाओं को सिलाई मशीनें उपलब्ध कराई गईं, जिससे वे स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ सकीं। इसके अलावा दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण प्रदान कर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी सेवा कार्य की सफलता इस बात से मापी जाती है कि उससे लोगों के जीवन में कितना सकारात्मक परिवर्तन आया है, और इस दृष्टि से संस्था का योगदान अत्यंत सराहनीय है।

शिक्षा और कौशल विकास को भी मिला बढ़ावा

नायब सिंह सैनी ने कहा कि समाज सेवा केवल भोजन या आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। शिक्षा और कौशल विकास ऐसे क्षेत्र हैं जो किसी व्यक्ति के जीवन को स्थायी रूप से बदल सकते हैं।

उन्होंने बताया कि संस्था द्वारा हजारों बच्चों और युवाओं को कंप्यूटर शिक्षा एवं तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध कराया गया है। इससे युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त करने में मदद मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल शिक्षा और तकनीकी ज्ञान अत्यंत महत्वपूर्ण हो चुका है। ऐसे में यदि सामाजिक संस्थाएं इस क्षेत्र में योगदान देती हैं तो उसका प्रभाव कई वर्षों तक दिखाई देता है।

उन्होंने कहा कि युवाओं को शिक्षित और सक्षम बनाना समाज के उज्ज्वल भविष्य की सबसे बड़ी गारंटी है।

कोविड काल में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

मुख्यमंत्री ने कोविड-19 महामारी के दौरान संस्था द्वारा किए गए कार्यों का भी विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जब पूरा देश अभूतपूर्व संकट का सामना कर रहा था, तब अनेक स्वयंसेवकों ने अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना जरूरतमंद परिवारों तक सहायता पहुंचाने का काम किया।

उन्होंने कहा कि महामारी के कठिन दौर में हजारों परिवार ऐसे थे जिनकी आय के साधन बंद हो गए थे। उस समय सामाजिक संगठनों द्वारा दिया गया सहयोग उनके लिए जीवनरेखा साबित हुआ।

मुख्यमंत्री ने स्वयंसेवकों के समर्पण की प्रशंसा करते हुए कहा कि संकट के समय जो लोग दूसरों की सहायता के लिए आगे आते हैं, वही समाज की वास्तविक शक्ति होते हैं।

आतंकवाद प्रभावित परिवारों के लिए राहत प्रयासों की सराहना

कार्यक्रम के दौरान जम्मू-कश्मीर के आतंकवाद प्रभावित परिवारों के लिए भेजी जा रही राहत सामग्री का भी उल्लेख किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के किसी भी हिस्से में रहने वाले नागरिकों के प्रति हमारी जिम्मेदारी समान है।

उन्होंने संस्था द्वारा लगातार राहत सामग्री भेजे जाने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह राष्ट्रीय एकता और सामाजिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब देश के विभिन्न क्षेत्रों के लोग एक-दूसरे के दुख-दर्द में भागीदार बनते हैं, तब राष्ट्रीय एकता और अधिक मजबूत होती है।

महिलाओं के सशक्तिकरण पर सरकार का जोर

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने हरियाणा सरकार द्वारा महिलाओं के कल्याण के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि महिलाओं का सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण किसी भी राज्य के विकास का महत्वपूर्ण आधार है।

उन्होंने कहा कि सरकार विधवा महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और जरूरतमंद परिवारों के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है। इन योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना और उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने के लिए सक्षम बनाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वरोजगार, कौशल विकास और वित्तीय सहायता से जुड़े कार्यक्रमों को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है।

राजनीति का उद्देश्य केवल सत्ता नहीं

नायब सिंह सैनी ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीति का वास्तविक उद्देश्य केवल सरकार बनाना नहीं होता, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना होता है।

उन्होंने कहा कि यदि किसी गरीब, जरूरतमंद या वंचित व्यक्ति तक विकास की रोशनी नहीं पहुंचती, तो विकास की प्रक्रिया अधूरी मानी जाएगी। इसलिए सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है कि वे मिलकर अंत्योदय के लक्ष्य को साकार करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के विकास की यात्रा तभी सार्थक होगी जब समाज का सबसे कमजोर व्यक्ति भी सम्मान और सुरक्षा के साथ जीवन जी सके।

समाज के लिए प्रेरणा बना सेवा अभियान

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि लुधियाना में वर्षों से चल रहा यह सेवा अभियान केवल सहायता वितरण का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह मानवीय मूल्यों को जीवित रखने का एक सशक्त माध्यम है।

उन्होंने कहा कि आज जब दुनिया तेजी से बदल रही है, तब सेवा, करुणा और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे मूल्यों को मजबूत बनाए रखना बेहद आवश्यक है। ज्ञान स्थल मंदिर और उससे जुड़ी संस्थाओं ने यह साबित किया है कि संगठित प्रयासों के माध्यम से समाज में बड़ा परिवर्तन लाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में भी यह अभियान हजारों जरूरतमंद परिवारों के जीवन में नई उम्मीद और नई ऊर्जा का संचार करता रहेगा तथा समाज को सेवा और मानवता के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता रहेगा।