दांबुला में खेले गए ट्राई सीरीज के फाइनल मुकाबले में इंडिया-A ने शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका-A को 66 रनों से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। भारतीय टीम की इस बड़ी जीत की सबसे बड़ी वजह 15 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक बल्लेबाजी रही। उन्होंने ऐसी आक्रामक पारी खेली जिसने पूरे मुकाबले का रुख भारत के पक्ष में मोड़ दिया।
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंडिया-A ने निर्धारित 50 ओवर में 9 विकेट खोकर 377 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। इतने बड़े लक्ष्य का दबाव श्रीलंका-A पर शुरुआत से ही दिखा और पूरी टीम 47.1 ओवर में 311 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। भारत की ओर से गेंदबाजों ने भी शानदार प्रदर्शन किया और श्रीलंकाई बल्लेबाजों को लगातार दबाव में रखा।
29 गेंदों में 94 रन, वैभव ने मचाया धमाल
भारत की पारी के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी की रही। महज 29 गेंदों में उन्होंने 94 रनों की तूफानी पारी खेली। इस दौरान उनके बल्ले से 10 चौके और 8 शानदार छक्के निकले। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने केवल 11 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया।
वैभव की इस पारी ने 50 ओवर के क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। उन्होंने लंबे समय से कायम रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। मैदान पर उतरते ही उन्होंने श्रीलंकाई गेंदबाजों पर हमला बोल दिया और लगातार बड़े शॉट खेलते हुए भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।
वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी में आत्मविश्वास और आक्रामकता दोनों नजर आईं। कम उम्र के बावजूद उन्होंने जिस तरह बड़े स्तर के मुकाबले में दबाव संभाला, उसने सभी का ध्यान आकर्षित किया। उनकी पारी की बदौलत इंडिया-A बड़ा स्कोर खड़ा करने में सफल रही।
तिलक वर्मा और ऋतुराज ने भी संभाली पारी
वैभव के अलावा कप्तान तिलक वर्मा ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने 67 रनों की जिम्मेदारी भरी पारी खेली और टीम के स्कोर को मजबूती दी। वहीं ऋतुराज गायकवाड ने 40 रन बनाकर पारी को स्थिरता प्रदान की।
अंत के ओवरों में अनुकूल रॉय ने तेज बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 15 गेंदों पर 39 रन बनाए। उनकी छोटी लेकिन तेज पारी ने भारत के स्कोर को 350 के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
377 रन का लक्ष्य श्रीलंका-A के लिए आसान नहीं था और शुरुआत से ही टीम दबाव में दिखाई दी। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआती विकेट लेकर श्रीलंका की उम्मीदों को कमजोर कर दिया।
श्रीलंका-A की कोशिश नाकाम, 311 रन पर सिमटी टीम
लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका-A की शुरुआत अच्छी नहीं रही। भारतीय गेंदबाजों ने लगातार विकेट लेकर मेजबान टीम को बैकफुट पर धकेल दिया। हालांकि वनुजा सहान और सदीरा समरविक्रमा ने कुछ समय तक भारतीय गेंदबाजों का सामना किया।
वनुजा सहान ने टीम के लिए सबसे ज्यादा 62 रन बनाए। इसके अलावा सदीरा समरविक्रमा ने 52 रनों की पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों ने संघर्ष किया, लेकिन विशाल लक्ष्य के सामने यह प्रयास काफी नहीं था।
भारत की तरफ से यश ठाकुर और विप्रज निगम सबसे सफल गेंदबाज रहे। दोनों ने 3-3 विकेट लेकर श्रीलंका-A की बल्लेबाजी को रोकने में अहम भूमिका निभाई। भारतीय गेंदबाजी इकाई ने पूरी पारी में दबाव बनाए रखा और अंत में 66 रन से जीत दर्ज की।
वैभव ने तोड़ा 20 साल पुराना रिकॉर्ड
वैभव सूर्यवंशी की 11 गेंदों में फिफ्टी ने उन्हें रिकॉर्ड बुक में खास जगह दिला दी। इससे पहले 50 ओवर के क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक का रिकॉर्ड श्रीलंका के कौशल्य वीरात्ने के नाम था। वीरात्ने ने साल 2006 में रागामा क्रिकेट क्लब के लिए खेलते हुए 12 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया था। करीब दो दशक बाद वैभव ने इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
हालांकि वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे तेज फिफ्टी का रिकॉर्ड अभी भी अलग है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साउथ अफ्रीका के एबी डिविलियर्स और वेस्टइंडीज के मैथ्यू फोर्ड ने 16-16 गेंदों में अर्धशतक लगाने का कारनामा किया है। एबी डिविलियर्स ने 2015 में जोहानसबर्ग में वेस्टइंडीज के खिलाफ यह उपलब्धि हासिल की थी। इसके बाद उन्होंने उसी मुकाबले में 44 गेंदों पर 149 रन की यादगार पारी भी खेली थी। वहीं मैथ्यू फोर्ड ने 2025 में आयरलैंड के खिलाफ 16 गेंदों में फिफ्टी लगाकर इस रिकॉर्ड की बराबरी की थी।
उतार-चढ़ाव के बाद फाइनल में भारत का शानदार प्रदर्शन
इंडिया-A के लिए यह ट्राई सीरीज का सफर आसान नहीं रहा। टीम को टूर्नामेंट के दौरान कई मुश्किल मुकाबलों का सामना करना पड़ा। शुरुआत में भारत ने श्रीलंका-A को 8 रनों से हराकर जीत के साथ अभियान शुरू किया। इसके बाद दूसरे मुकाबले में अफगानिस्तान-A के खिलाफ भारत को 4 रन से हार झेलनी पड़ी। तीसरे मैच में श्रीलंका-A ने भारत को सुपर ओवर में मात दी। लगातार दो झटकों के बाद टीम पर दबाव था।
लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार वापसी की। अगले मुकाबले में इंडिया-A ने अफगानिस्तान-A को 101 रनों के बड़े अंतर से हराकर फाइनल में अपनी जगह बनाई। खिताबी मुकाबले में टीम ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए ट्रॉफी अपने नाम कर ली।
भारत-A की प्लेइंग इलेवन
वैभव सूर्यवंशी, प्रियांश आर्या, ऋतुराज गायकवाड, तिलक वर्मा (कप्तान), कुमार कुशाग्र, सूर्यांश शेडगे, अनुकूल रॉय, निशांत सिंधु, विप्रज निगम, अशोक शर्मा और यश ठाकुर।
श्रीलंका-A की प्लेइंग इलेवन
निरोशन डिकवेला (विकेटकीपर), अविष्का फर्नांडो, रविंदु फर्नांडो, सदीरा समरविक्रमा, सहान अराच्चिगे (कप्तान), नुवानिदु फर्नांडो, वनुजा सहान, मोहम्मद शिराज, दुलाज समुधिता, विजयकांत वियासकांत और कुगाथस माथुलन। इंडिया-A की इस जीत में वैभव सूर्यवंशी की रिकॉर्डतोड़ पारी सबसे बड़ा आकर्षण रही। कम उम्र में उन्होंने जिस अंदाज में बड़े मुकाबले में प्रदर्शन किया है, उससे भारतीय क्रिकेट में उनकी प्रतिभा को लेकर उम्मीदें और बढ़ गई हैं।



