पेंशन से जुड़ी समस्याओं के समाधान को अधिक सरल और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने एक नया डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू किया है। ‘पेंशन सहायक’ नाम से लॉन्च किया गया यह AI आधारित सिस्टम पेंशन सब्सक्राइबर्स को शिकायत दर्ज कराने, उसकी स्थिति जानने और समाधान पाने की सुविधा एक ही जगह उपलब्ध कराएगा। इस नई व्यवस्था ने पुराने सेंट्रल ग्रिवेंस मैनेजमेंट सिस्टम (CGMS) की जगह ले ली है और इसका मकसद पूरी प्रक्रिया को पहले की तुलना में अधिक आसान, तेज और उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाना है।
AI तकनीक के जरिए मिलेगा बेहतर अनुभव
नया ‘पेंशन सहायक’ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से काम करेगा। इसके जरिए उपयोगकर्ताओं को केवल अपनी समस्या बतानी होगी, जबकि शिकायत दर्ज करने से लेकर उसके निपटारे तक की अधिकांश प्रक्रिया सिस्टम खुद संभालेगा। PFRDA का कहना है कि इस पहल से शिकायतों के समाधान में पारदर्शिता बढ़ेगी और पेंशनधारकों को बार-बार अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
एक ही सिस्टम में कई सेवाएं
इस डिजिटल प्लेटफॉर्म की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें वेब पोर्टल, मोबाइल आधारित सेवाएं और व्हाट्सऐप जैसी सुविधाओं को एकीकृत किया गया है। यानी यूजर अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी माध्यम से शिकायत दर्ज कर सकता है और उसकी प्रगति पर नजर रख सकता है। इससे पूरी प्रक्रिया पहले की तुलना में काफी आसान हो जाएगी।
भाषा की बाधा नहीं बनेगी परेशानी
देशभर के अलग-अलग राज्यों के लोगों को ध्यान में रखते हुए इस प्लेटफॉर्म को 22 भारतीय भाषाओं के समर्थन के साथ तैयार किया गया है। ‘भाषिनी AI’ के इंटीग्रेशन की वजह से उपयोगकर्ता अपनी मातृभाषा में बोलकर शिकायत दर्ज करा सकेंगे। इतना ही नहीं, शिकायत के जवाब भी उसी भाषा में उपलब्ध होंगे। अगर कोई व्यक्ति लिखित जवाब पढ़ना नहीं चाहता तो वह ऑडियो के रूप में भी जानकारी प्राप्त कर सकेगा।
बिना PRAN और पासवर्ड के होगा लॉगिन
अक्सर पेंशन खाताधारकों को अपना परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर (PRAN) या पासवर्ड याद नहीं रहता, जिसके कारण उन्हें कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ‘पेंशन सहायक’ इस समस्या का समाधान लेकर आया है। अब यूजर केवल अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और OTP के जरिए लॉगिन कर सकता है। इससे प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सरल और सुविधाजनक हो गई है।
एक मोबाइल नंबर से जुड़े सभी अकाउंट दिखेंगे
यदि किसी व्यक्ति के एक ही मोबाइल नंबर से एक से अधिक PRAN जुड़े हुए हैं, तो लॉगिन करते ही सभी खाते एक ही स्क्रीन पर दिखाई देंगे। इससे अलग-अलग अकाउंट्स को ढूंढने या बार-बार लॉगिन करने की आवश्यकता नहीं होगी। वहीं अटल पेंशन योजना (APY) के ऐसे लाभार्थी, जिन्हें अपना PRAN याद नहीं है, वे भी इस प्लेटफॉर्म की मदद से आसानी से अपनी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
शिकायत का समाधान न होने पर खुद होगी कार्रवाई
नई व्यवस्था में एक खास फीचर यह भी जोड़ा गया है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर किसी शिकायत का समाधान नहीं होता है तो सिस्टम स्वतः ही उस मामले को उच्च अधिकारियों के पास भेज देगा। इससे शिकायतों के लंबित रहने की संभावना कम होगी और संबंधित विभागों पर समयबद्ध कार्रवाई का दबाव भी बना रहेगा।
समाधान से असंतुष्ट होने पर मिलेगा दूसरा विकल्प
यदि किसी व्यक्ति को पहली बार मिले समाधान से संतुष्टि नहीं होती है तो उसे दोबारा लंबी प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत नहीं होगी। केवल एक क्लिक के जरिए वह अपनी शिकायत को ओम्बड्समैन या एनपीएस ट्रस्ट के पास भेज सकता है। इसके अलावा यूजर को समाधान की गुणवत्ता को रेटिंग देने की सुविधा भी दी गई है, जिससे सेवाओं में लगातार सुधार करने में मदद मिलेगी।
पुराने सिस्टम से कैसे अलग है नया प्लेटफॉर्म
पहले इस्तेमाल किया जाने वाला सेंट्रल ग्रिवेंस मैनेजमेंट सिस्टम अपेक्षाकृत पारंपरिक था और उसे इस्तेमाल करने के लिए पेंशन से संबंधित तकनीकी जानकारी होना जरूरी माना जाता था। कई बार उपयोगकर्ताओं को अलग-अलग विकल्पों और प्रक्रियाओं को समझने में कठिनाई होती थी। वहीं नया ‘पेंशन सहायक’ पूरी तरह AI आधारित और यूजर फ्रेंडली बनाया गया है, जिसमें वॉइस कमांड जैसी आधुनिक सुविधाओं को शामिल किया गया है।
व्हाट्सऐप और मोबाइल के जरिए भी मिलेगी सुविधा
आज के समय में अधिकतर लोग मोबाइल और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए ‘पेंशन सहायक’ को ऐसे तरीके से विकसित किया गया है कि लोग घर बैठे मोबाइल या व्हाट्सऐप के माध्यम से भी अपनी शिकायतें दर्ज करा सकें। इससे बुजुर्गों और दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को भी काफी सुविधा मिलेगी।
डिजिटल इंडिया को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम डिजिटल इंडिया अभियान को भी मजबूती देगा। AI आधारित यह प्लेटफॉर्म न केवल शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया को तेज करेगा, बल्कि पेंशनधारकों के अनुभव को भी बेहतर बनाएगा। बहुभाषी सुविधा, ऑटो एस्केलेशन, OTP लॉगिन और वॉइस आधारित शिकायत प्रणाली जैसे फीचर्स इसे पुराने सिस्टम की तुलना में अधिक आधुनिक बनाते हैं।
पेंशन सब्सक्राइबर्स के लिए बड़ी राहत
कुल मिलाकर PFRDA द्वारा पेश किया गया ‘पेंशन सहायक’ पेंशनधारकों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इस नई व्यवस्था से शिकायत दर्ज करने और समाधान प्राप्त करने की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सरल और तेज होने की उम्मीद है। तकनीक और AI के इस्तेमाल के जरिए यह प्लेटफॉर्म पेंशन सेवाओं को नई दिशा देने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकता है। अब उपयोगकर्ताओं को जटिल प्रक्रियाओं में उलझने की बजाय सिर्फ अपनी समस्या बतानी होगी, जबकि बाकी का काम सिस्टम अपने स्तर पर संभालेगा।
(Photo : AI Generated)




