अब आसान होगा पेंशन विवादों का समाधान, PFRDA का AI आधारित ‘पेंशन सहायक’ देगा कई डिजिटल सुविधाएं

अब आसान होगा पेंशन विवादों का समाधान, PFRDA का AI आधारित ‘पेंशन सहायक’ देगा कई डिजिटल सुविधाएं

देशभर के करोड़ों पेंशन सब्सक्राइबर्स के लिए पेंशन से जुड़ी शिकायतों का समाधान अब पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान होने वाला है। पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने शिकायत निवारण प्रक्रिया को आधुनिक, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए AI आधारित ‘PFRDA Pension Sahayak’ पोर्टल लॉन्च किया है। यह नया डिजिटल प्लेटफॉर्म आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), बहुभाषी सपोर्ट और डिजिटल ऑटोमेशन की मदद से पेंशनधारकों को शिकायत दर्ज करने, उसकी स्थिति ट्रैक करने और समयबद्ध समाधान प्राप्त करने की सुविधा देगा।

PFRDA के अनुसार, यह नया प्लेटफॉर्म पुराने Central Grievance Management System (CGMS) की जगह लेगा और राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) तथा अटल पेंशन योजना (APY) के लाभार्थियों के लिए शिकायत निवारण प्रक्रिया को अधिक सरल बनाएगा। अब उपयोगकर्ताओं को अलग-अलग प्लेटफॉर्म या जटिल प्रक्रियाओं में उलझने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि अधिकांश सेवाएं एक ही पोर्टल पर उपलब्ध रहेंगी।

क्या है PFRDA Pension Sahayak?

‘पेंशन सहायक’ PFRDA द्वारा विकसित एक AI-संचालित शिकायत निवारण प्लेटफॉर्म है, जिसे पेंशन सेवाओं को अधिक डिजिटल, पारदर्शी और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यह पोर्टल विशेष रूप से NPS और APY से जुड़े सब्सक्राइबर्स की समस्याओं के समाधान के लिए बनाया गया है।

इस प्लेटफॉर्म की सबसे बड़ी खासियत यह है कि उपयोगकर्ता को केवल अपनी समस्या बतानी होगी। इसके बाद AI आधारित सिस्टम शिकायत को सही श्रेणी में वर्गीकृत करेगा, संबंधित संस्था तक पहुंचाएगा और समाधान की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल रूप से ट्रैक करेगा। इससे शिकायत दर्ज करने से लेकर उसके निपटारे तक का समय कम होने की उम्मीद है।

AI तकनीक से कैसे बदलेगा शिकायत समाधान?

सरकारी सेवाओं में AI का उपयोग लगातार बढ़ रहा है और ‘पेंशन सहायक’ इसी दिशा में एक नई पहल है। पहले शिकायत दर्ज करने के लिए उपयोगकर्ताओं को कई विकल्पों और तकनीकी प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता था। अब AI सिस्टम शिकायत की प्रकृति को समझकर उसे स्वतः उचित श्रेणी में भेज देगा।

इससे गलत श्रेणी में शिकायत दर्ज होने की संभावना कम होगी और समाधान प्रक्रिया तेज हो सकेगी। इसके अलावा सिस्टम शिकायत की वर्तमान स्थिति, लंबित चरण और अपेक्षित कार्रवाई की जानकारी भी उपलब्ध कराएगा।

22 भारतीय भाषाओं में मिलेगी सुविधा

देश के विभिन्न राज्यों के उपयोगकर्ताओं को ध्यान में रखते हुए इस पोर्टल को बहुभाषी बनाया गया है। PFRDA ने इसमें Digital India BHASHINI तकनीक का उपयोग किया है, जिसके माध्यम से उपयोगकर्ता अपनी पसंद की भारतीय भाषा में शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

पोर्टल में 22 भारतीय भाषाओं का समर्थन उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे हिंदी, तमिल, तेलुगु, बंगाली, मराठी, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, पंजाबी सहित कई भाषाओं में सेवाएं मिल सकेंगी। भाषा संबंधी बाधा समाप्त होने से दूरदराज के क्षेत्रों के लोगों को भी बड़ी सुविधा मिलेगी।

अब मोबाइल नंबर और OTP से होगा लॉगिन

पहले कई उपयोगकर्ताओं को PRAN (Permanent Retirement Account Number) या पासवर्ड याद न रहने के कारण शिकायत दर्ज करने में कठिनाई होती थी। नए सिस्टम में इस समस्या का समाधान किया गया है।

अब उपयोगकर्ता अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और OTP की मदद से सीधे लॉगिन कर सकते हैं। यदि किसी व्यक्ति के एक ही मोबाइल नंबर से कई PRAN जुड़े हैं, तो सभी खाते एक ही स्क्रीन पर दिखाई देंगे। इससे अलग-अलग अकाउंट खोजने की आवश्यकता नहीं रहेगी।

NPS और APY दोनों के लिए उपयोगी

यह प्लेटफॉर्म केवल NPS सब्सक्राइबर्स तक सीमित नहीं है। अटल पेंशन योजना (APY) के लाभार्थी भी इसका उपयोग कर सकते हैं।

यदि APY ग्राहक अपना PRAN भूल गए हैं, तब भी वे मोबाइल नंबर के माध्यम से अपनी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे और शिकायत दर्ज करा सकेंगे। इससे वरिष्ठ नागरिकों और ग्रामीण क्षेत्रों के लाभार्थियों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है।

WhatsApp और मोबाइल से भी मिलेगी सुविधा

आज अधिकांश लोग स्मार्टफोन और मैसेजिंग ऐप का उपयोग करते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए PFRDA ने ‘पेंशन सहायक’ को विभिन्न डिजिटल माध्यमों के साथ एकीकृत किया है।

उपयोगकर्ता वेब पोर्टल के अलावा मोबाइल आधारित सेवाओं और WhatsApp इंटीग्रेशन के माध्यम से भी शिकायत दर्ज कर सकेंगे, उसकी स्थिति जान सकेंगे और आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इससे विशेष रूप से बुजुर्ग नागरिकों के लिए सेवाएं अधिक सुलभ बनेंगी।

शिकायत का समाधान तय समय में नहीं हुआ तो क्या होगा?

नई प्रणाली की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक Auto Escalation है।

यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर शिकायत का समाधान नहीं किया जाता है, तो सिस्टम स्वतः ही मामले को अगले स्तर के अधिकारी या संबंधित संस्था के पास भेज देगा। इससे शिकायतों के लंबे समय तक लंबित रहने की संभावना कम होगी और जवाबदेही भी बढ़ेगी।

समाधान से संतुष्ट नहीं हैं? मिलेगा दूसरा विकल्प

यदि किसी उपयोगकर्ता को प्राप्त समाधान संतोषजनक नहीं लगता है, तो उसे दोबारा पूरी प्रक्रिया शुरू करने की आवश्यकता नहीं होगी।

पोर्टल पर उपलब्ध विकल्प के माध्यम से शिकायत को NPS Trust या Ombudsman के पास भेजा जा सकता है। इसके अलावा उपयोगकर्ता समाधान की गुणवत्ता को रेटिंग भी दे सकते हैं, जिससे भविष्य में सेवाओं में सुधार किया जा सके।

पुराने CGMS से कितना अलग है नया सिस्टम?

पहले उपयोग किए जाने वाला Central Grievance Management System अपेक्षाकृत पारंपरिक था और कई उपयोगकर्ताओं को इसकी प्रक्रिया जटिल लगती थी।

नया ‘पेंशन सहायक’ कई मामलों में अधिक आधुनिक है—

  • AI आधारित शिकायत प्रबंधन
  • मोबाइल नंबर और OTP लॉगिन
  • 22 भारतीय भाषाओं का समर्थन
  • वॉइस आधारित शिकायत सुविधा
  • रियल टाइम ट्रैकिंग
  • स्वतः एस्केलेशन
  • एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म
  • उपयोगकर्ता-अनुकूल इंटरफेस

इन सुविधाओं के कारण यह सिस्टम पहले की तुलना में अधिक तेज, सरल और प्रभावी माना जा रहा है।

वरिष्ठ नागरिकों को कैसे मिलेगा लाभ?

भारत में बड़ी संख्या में पेंशनधारक वरिष्ठ नागरिक हैं, जिन्हें डिजिटल सेवाओं का उपयोग करने में कभी-कभी कठिनाई होती है।

नई व्यवस्था में सरल लॉगिन, वॉइस सपोर्ट, मातृभाषा में सहायता और मोबाइल आधारित सेवाएं उन्हें बिना किसी तकनीकी विशेषज्ञता के शिकायत दर्ज करने में मदद करेंगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि इससे डिजिटल समावेशन (Digital Inclusion) को भी बढ़ावा मिलेगा।

डिजिटल इंडिया अभियान को मिलेगी मजबूती

केंद्र सरकार लगातार सरकारी सेवाओं को डिजिटल बनाने पर जोर दे रही है। AI, भाषिनी, OTP प्रमाणीकरण और बहुभाषी सेवाओं का समावेश इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

इस पहल से न केवल शिकायत समाधान तेज होगा बल्कि सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिक संतुष्टि भी बढ़ने की उम्मीद है।

कौन-कौन उठा सकता है लाभ?

यह पोर्टल मुख्य रूप से निम्नलिखित उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध है—

  • राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के सब्सक्राइबर्स
  • अटल पेंशन योजना (APY) के लाभार्थी
  • पेंशन से जुड़ी शिकायत दर्ज कराने वाले उपयोगकर्ता
  • शिकायत की स्थिति जानने वाले सब्सक्राइबर्स
  • NPS Trust तक शिकायत एस्केलेट करने वाले ग्राहक

पेंशन सहायक की प्रमुख विशेषताएं

  • AI आधारित शिकायत निवारण
  • मोबाइल नंबर और OTP लॉगिन
  • PRAN भूल जाने पर भी सुविधा
  • 22 भारतीय भाषाओं का समर्थन
  • भाषिनी AI इंटीग्रेशन
  • वॉइस आधारित शिकायत सुविधा
  • रियल टाइम शिकायत ट्रैकिंग
  • WhatsApp और वेब आधारित सेवाएं
  • Auto Escalation
  • NPS Trust एवं Ombudsman तक ऑनलाइन एस्केलेशन
  • उपयोगकर्ता द्वारा समाधान की रेटिंग

(Photo : AI Generated)