FIFA वर्ल्ड कप 2026 के नॉकआउट चरण में 3 जुलाई (भारतीय समयानुसार) फुटबॉल प्रेमियों को लगातार तीन बड़े मुकाबले देखने को मिलेंगे। सबसे ज्यादा चर्चा पुर्तगाल और क्रोएशिया के बीच होने वाली भिड़ंत की है, जहां दिग्गज स्ट्राइकर क्रिस्टियानो रोनाल्डो और अनुभवी मिडफील्डर लुका मोड्रिच आमने-सामने होंगे। वहीं स्पेन और ऑस्ट्रिया की टीमें 44 साल बाद विश्व कप में एक-दूसरे के खिलाफ उतरेंगी। तीसरे मुकाबले में स्विट्जरलैंड और अल्जीरिया के बीच पहली बार वर्ल्ड कप में भिड़ंत होगी।
दिन का पहला मुकाबला स्पेन और ऑस्ट्रिया के बीच खेला जाएगा। भारतीय समयानुसार यह मैच रात 12:30 बजे लॉस एंजिल्स स्टेडियम में शुरू होगा। इसके बाद सुबह 4:30 बजे टोरंटो स्टेडियम में पुर्तगाल और क्रोएशिया आमने-सामने होंगे। दिन के अंतिम मुकाबले में सुबह 8:30 बजे वैंकूवर के बीसी प्लेस स्टेडियम में स्विट्जरलैंड और अल्जीरिया की टीमें जीत के इरादे से मैदान पर उतरेंगी।
44 साल बाद विश्व कप में फिर भिड़ेंगे स्पेन और ऑस्ट्रिया
स्पेन और ऑस्ट्रिया का मुकाबला इस दौर के सबसे दिलचस्प मैचों में माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच अब तक कुल 16 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले जा चुके हैं। इनमें स्पेन ने 9 बार जीत दर्ज की है, जबकि ऑस्ट्रिया केवल 4 मुकाबले जीत सका है। तीन मैच ड्रॉ रहे हैं।
अगर सिर्फ FIFA वर्ल्ड कप की बात करें तो दोनों देशों की यह दूसरी भिड़ंत होगी। पिछली बार 1978 के विश्व कप में दोनों आमने-सामने आए थे, जहां ऑस्ट्रिया ने स्पेन को 2-1 से हराया था। अब चार दशक से ज्यादा समय बाद दोनों टीमें फिर से विश्व कप के मंच पर टकराने जा रही हैं।
ग्रुप स्टेज में स्पेन का शानदार प्रदर्शन
स्पेन ने ग्रुप-H में शानदार खेल दिखाते हुए बिना कोई मुकाबला गंवाए नॉकआउट में जगह बनाई। टीम ने तीन मैचों में दो जीत और एक ड्रॉ के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया। स्पेन ने सऊदी अरब को 4-0 से हराया, उरुग्वे को 1-0 से मात दी, जबकि काबो वर्डे के खिलाफ मुकाबला गोलरहित ड्रॉ रहा।
दूसरी ओर ऑस्ट्रिया का सफर उतना आसान नहीं रहा। ग्रुप-J में उसने तीन मुकाबलों में एक जीत, एक हार और एक ड्रॉ के साथ अगले दौर का टिकट हासिल किया। ऑस्ट्रिया ने जॉर्डन को 3-1 से हराया, अर्जेंटीना के खिलाफ 0-2 से हार झेली और अल्जीरिया के साथ 3-3 की बराबरी पर मैच समाप्त किया।
स्पेन की उम्मीदें युवा स्टार लामीन यमाल पर टिकी रहेंगी, जो अपनी गति और रचनात्मक खेल से विपक्षी रक्षा पंक्ति को लगातार परेशान करते रहे हैं। कप्तान अल्वारो मोराटा भी टीम के लिए अहम भूमिका निभाएंगे। वहीं ऑस्ट्रिया के लिए कप्तान मार्सेल सबित्जर और क्रिस्टोफ बाउमगार्टनर का प्रदर्शन बेहद महत्वपूर्ण रहेगा।
स्पेन और ऑस्ट्रिया की संभावित प्लेइंग-11
स्पेन: डेविड राया, डैनी कार्वहाल, रॉबिन ले नॉर्मैंड, आयमेरिक लापोर्टे, मार्क कुकुरेला, रोड्री, फैबियन रुइज, पेड्री, लामीन यमाल, अल्वारो मोराटा, निको विलियम्स।
ऑस्ट्रिया: पैट्रिक पेंट्स, स्टीफन पोश, केविन डैंसो, फिलिप लिनहार्ट, फिलिप म्वेने, निकोलस सीवाल्ड, कॉनराड लैमर, पैट्रिक विमर, क्रिस्टोफ बाउमगार्टनर, मार्सेल सबित्जर, माइकल ग्रेगोरिट्श।
रोनाल्डो और मोड्रिच के बीच होगी सबसे बड़ी जंग
दिन का सबसे चर्चित मुकाबला पुर्तगाल और क्रोएशिया के बीच खेला जाएगा। दोनों देशों का विश्व कप इतिहास में पहली बार आमना-सामना होगा, जिससे इस मैच का रोमांच और भी बढ़ गया है।
हालांकि कुल अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड पर नजर डालें तो पुर्तगाल का पलड़ा भारी दिखाई देता है। दोनों देशों के बीच अब तक 10 मैच हुए हैं, जिनमें पुर्तगाल ने 7 मुकाबले जीते हैं। क्रोएशिया को सिर्फ एक जीत मिली है, जबकि दो मुकाबले बराबरी पर खत्म हुए।
पुर्तगाल ने बिना हार के बनाई नॉकआउट में जगह
पुर्तगाल ने ग्रुप-K में शानदार प्रदर्शन करते हुए कोई मैच नहीं गंवाया। टीम ने एक जीत और दो ड्रॉ के साथ दूसरे स्थान पर रहते हुए अगले दौर में प्रवेश किया। उसका पहला मुकाबला कांगो डीआर के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ रहा। दूसरे मैच में पुर्तगाल ने उज्बेकिस्तान को 5-0 से हराकर अपनी ताकत दिखाई। उस मुकाबले में क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने दो गोल दागे थे। तीसरे मैच में कोलंबिया के खिलाफ मुकाबला 0-0 से समाप्त हुआ।
क्रोएशिया का ग्रुप चरण उतार-चढ़ाव से भरा रहा। पहले मुकाबले में इंग्लैंड ने उसे 4-0 से हरा दिया था, लेकिन टीम ने शानदार वापसी करते हुए पनामा को 1-0 और घाना को 2-1 से हराकर नॉकआउट का टिकट हासिल कर लिया।
पुर्तगाल की आक्रमण पंक्ति में रोनाल्डो सबसे बड़ी उम्मीद होंगे। वहीं ब्रूनो फर्नांडीस, बर्नार्डो सिल्वा और राफा लेआओ जैसे खिलाड़ी भी मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। दूसरी ओर क्रोएशिया की पूरी रणनीति अनुभवी मिडफील्डर लुका मोड्रिच के इर्द-गिर्द घूमेगी। उनके साथ माटेओ कोवाचिच और जोस्को ग्वार्डियोल जैसे खिलाड़ी भी अहम भूमिका निभाएंगे।
पुर्तगाल और क्रोएशिया की संभावित प्लेइंग-11
पुर्तगाल: डियोगो कोस्टा, जोआओ कैंसिलो, रूबेन डियास, एंटोनियो सिल्वा, नूनो मेंडेस, जोआओ पाल्हिन्हा, वितिन्हा, ब्रूनो फर्नांडीस, बर्नार्डो सिल्वा, राफा लेआओ, क्रिस्टियानो रोनाल्डो।
क्रोएशिया: डॉमिनिक लिवाकोविच, जोसिप स्टैनिसिच, जोसिप सुतालो, मारिन पोंग्रासिच, जोस्को ग्वार्डियोल, माटेओ कोवाचिच, लुका मोड्रिच, लुका सुचिच, मारियो पासालिच, आंद्रेई क्रामारिच, अंते बुदिमिर।
स्विट्जरलैंड के सामने अल्जीरिया की चुनौती
दिन के तीसरे मुकाबले में स्विट्जरलैंड और अल्जीरिया आमने-सामने होंगे। दोनों टीमों के बीच अब तक दो अंतरराष्ट्रीय मैच खेले गए हैं और दोनों में स्विट्जरलैंड ने जीत दर्ज की है। विश्व कप इतिहास में हालांकि यह दोनों देशों की पहली भिड़ंत होगी।
स्विट्जरलैंड ने ग्रुप-B में शानदार प्रदर्शन करते हुए दो जीत और एक ड्रॉ के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया। टीम ने कतर के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेला, फिर बोस्निया एंड हर्जेगोविना को 4-1 से हराया और मेजबान कनाडा को 2-1 से शिकस्त दी।
अल्जीरिया ने ग्रुप-J में मिश्रित प्रदर्शन किया। टीम को शुरुआती मुकाबले में 0-3 से हार मिली, लेकिन उसने अगले मैच में जॉर्डन को 2-1 से हराकर वापसी की। अंतिम ग्रुप मुकाबले में ऑस्ट्रिया के खिलाफ 3-3 का रोमांचक ड्रॉ खेलते हुए उसने नॉकआउट में जगह बनाई।
स्विट्जरलैंड की नजर अपने युवा फॉरवर्ड जोहान मंजाम्बी पर रहेगी, जिन्होंने इस विश्व कप में अब तक तीन गोल किए हैं। कप्तान ग्रैनिट जाका और स्ट्राइकर ब्रील एम्बोलो भी टीम की ताकत हैं। दूसरी ओर अल्जीरिया को अनुभवी विंगर रियाद महरेज, हौसेम औआर और अमीन गौरी से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।
स्विट्जरलैंड और अल्जीरिया की संभावित प्लेइंग-11
स्विट्जरलैंड: ग्रेगर कोबेल, जाक्रेज, निको एल्वेदी, मैनुएल अकांजी, रिकार्डो रोड्रिगेज, रेमो फ्रायलर, ग्रैनिट जाका, जिब्रिल सोव, जोहान मंजाम्बी, रूबेन वर्गास, ब्रील एम्बोलो।
अल्जीरिया: ओसामा बेनबोट, रफिक बेलघाली, एस्सा मंदी, रमी बेनसेबैनी, जवां हजम, फारस चैबी, नबील बेंटालेब, रियाद महरेज, इब्राहिम माजा, हौसेम औआर, अमीन गौरी।
तीनों मुकाबलों में अलग-अलग तरह का रोमांच देखने को मिलेगा। स्पेन अपनी मजबूत लय बरकरार रखना चाहेगा, पुर्तगाल की नजर रोनाल्डो के अनुभव के दम पर क्वार्टर फाइनल में पहुंचने पर होगी, जबकि क्रोएशिया मोड्रिच के नेतृत्व में बड़ा उलटफेर करने की कोशिश करेगा। वहीं स्विट्जरलैंड और अल्जीरिया के बीच होने वाला मुकाबला भी कड़ा रहने की उम्मीद है, क्योंकि दोनों टीमें नॉकआउट चरण में अपनी जगह और मजबूत करना चाहेंगी।



