भारत और इंग्लैंड के बीच ट्रेंट ब्रिज में खेले गए पांच मैचों की टी-20 सीरीज के दूसरे मुकाबले में भारतीय टीम को बेहद निराशाजनक हार का सामना करना पड़ा। 202 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया सिर्फ 11.4 ओवर में 76 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। इंग्लैंड ने यह मुकाबला 125 रन के विशाल अंतर से अपने नाम किया, जो टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में रन के लिहाज से भारत की सबसे बड़ी हार साबित हुई। इस जीत के साथ मेजबान टीम ने सीरीज में 2-0 की बढ़त भी हासिल कर ली।
भारतीय टीम का यह स्कोर टी-20 इंटरनेशनल इतिहास का दूसरा सबसे कम स्कोर है। इससे पहले भारत का सबसे छोटा स्कोर 74 रन रहा था, जो वर्ष 2008 में मेलबर्न में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बना था। इस मैच में भारतीय बल्लेबाजी पूरी तरह लड़खड़ा गई और कोई भी बल्लेबाज लंबी पारी खेलने में सफल नहीं हो सका।
इस मुकाबले में भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था। इंग्लैंड की शुरुआत संतुलित रही और उसके बल्लेबाजों ने नियमित अंतराल पर तेजी से रन जुटाए। निर्धारित 20 ओवर में इंग्लैंड ने 7 विकेट के नुकसान पर 201 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। टीम के लिए फिल सॉल्ट ने सबसे अहम भूमिका निभाई। उन्होंने 44 गेंदों का सामना करते हुए 70 रन बनाए और भारतीय गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा।
सॉल्ट के अलावा सैम करन ने भी उपयोगी पारी खेली। उन्होंने 24 गेंदों में नाबाद 41 रन बनाकर अंतिम ओवरों में टीम का स्कोर तेजी से आगे बढ़ाया। पूर्व कप्तान और विकेटकीपर बल्लेबाज जोस बटलर ने 21 गेंदों में 36 रन की तेज पारी खेली, जबकि अन्य बल्लेबाजों ने भी छोटी-छोटी पारियों से टीम को 200 के पार पहुंचाने में योगदान दिया।
भारतीय गेंदबाजी की बात करें तो प्रिंस यादव और हर्षित राणा ने दो-दो विकेट अपने नाम किए। अक्षर पटेल को एक सफलता मिली, लेकिन बाकी गेंदबाज इंग्लैंड के बल्लेबाजों को खुलकर रन बनाने से नहीं रोक सके। डेथ ओवरों में भारतीय गेंदबाजों ने काफी रन खर्च किए, जिसका असर लक्ष्य पर साफ दिखाई दिया।
202 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने शुरुआत में कुछ आक्रामक शॉट जरूर लगाए, लेकिन यह लय ज्यादा देर तक कायम नहीं रह सकी। युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने केवल 5 गेंदों में 13 रन बनाकर तेज शुरुआत देने की कोशिश की, जबकि ईशान किशन ने भी 13 रन बनाए। हालांकि दोनों बल्लेबाज जल्द ही पवेलियन लौट गए और इसके बाद विकेटों का सिलसिला लगातार जारी रहा।
सबसे बड़ा झटका तब लगा जब भारतीय टीम ने पावरप्ले के अंदर ही अपने पांच विकेट गंवा दिए। टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में यह पहला मौका रहा जब भारत ने शुरुआती छह ओवर के भीतर पांच बल्लेबाज खो दिए। इस खराब शुरुआत के बाद टीम वापसी नहीं कर सकी और एक के बाद एक बल्लेबाज आउट होते चले गए।
कप्तान श्रेयस अय्यर बड़ी जिम्मेदारी निभाने में सफल नहीं रहे। उनके अलावा अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, शिवम दुबे और अक्षर पटेल भी बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे। निचले क्रम के बल्लेबाज भी इंग्लैंड की तेज और सटीक गेंदबाजी के सामने ज्यादा देर टिक नहीं सके। पूरी टीम मात्र 11.4 ओवर में 76 रन पर सिमट गई।
इंग्लैंड की गेंदबाजी इस जीत की सबसे बड़ी वजह रही। तेज गेंदबाज जोश टंग ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चार विकेट हासिल किए और भारतीय बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। उन्होंने लगातार सही लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी करते हुए बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।
स्टार तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर ने भी अपनी रफ्तार और सटीकता से भारतीय बल्लेबाजों को परेशान किया। उन्होंने तीन विकेट झटके और शुरुआती झटकों से भारत को मुकाबले से लगभग बाहर कर दिया। स्पिनर आदिल रशीद ने दो विकेट लिए, जबकि विल जैक्स ने एक बल्लेबाज को आउट किया।
भारतीय पारी का अंत आदिल रशीद ने किया। उन्होंने वरुण चक्रवर्ती को बोल्ड कर इंग्लैंड की जीत पर मुहर लगा दी। इससे पहले जोश टंग ने हर्षित राणा को आउट कर अपना चौथा विकेट पूरा किया। आखिरी चरण में भारतीय बल्लेबाज पूरी तरह संघर्ष करते नजर आए और इंग्लैंड ने आसानी से मुकाबला समाप्त कर दिया।
मैच के दौरान आदिल रशीद ने अर्शदीप सिंह को भी बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में विकेटकीपर जोस बटलर के हाथों कैच कराया। अर्शदीप चार गेंदों में चार रन ही बना सके। इसके कुछ देर पहले शिवम दुबे भी जोश टंग की तेज उछाल भरी गेंद पर विकेटकीपर को कैच थमा बैठे। दुबे केवल दो रन बना पाए।
इस मुकाबले में इंग्लैंड की गेंदबाजी इकाई ने शुरुआत से आखिर तक दबदबा बनाए रखा। तेज गेंदबाजों ने नई गेंद से लगातार विकेट निकाले, जबकि स्पिनरों ने बीच के ओवरों में भारतीय बल्लेबाजों को संभलने का कोई मौका नहीं दिया। यही वजह रही कि भारत का कोई भी बल्लेबाज लंबी साझेदारी नहीं बना पाया।
मैच में शानदार प्रदर्शन के लिए जोफ्रा आर्चर को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। पुरस्कार मिलने के बाद उन्होंने कहा कि टीम की जीत में योगदान देकर उन्हें खुशी है। उनके अनुसार विश्व स्तरीय बल्लेबाजों के खिलाफ लगातार सही लेंथ पर गेंदबाजी करना सबसे महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले मुकाबले में अच्छी गेंदों पर भी चौके लगे थे, लेकिन इस मैच में किस्मत ने भी उनका साथ दिया और योजना के मुताबिक प्रदर्शन करने में सफलता मिली।
ट्रेंट ब्रिज में खेले गए इस मुकाबले के दौरान भारतीय क्रिकेट के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी भी स्टेडियम में मौजूद रहे। बड़ी स्क्रीन पर जैसे ही उनका चेहरा दिखाया गया, दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका स्वागत किया। संयोग से उसी दिन धोनी अपना 45वां जन्मदिन भी मना रहे थे, जिससे स्टेडियम का माहौल और भी खास बन गया।
दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवन में इंग्लैंड की ओर से फिल सॉल्ट, जोस बटलर, हैरी ब्रूक, जैकब बेथेल, टॉम बैंटन, सैम करन, विल जैक्स, लियम डॉसन, आदिल रशीद, जोफ्रा आर्चर और जोश टंग शामिल रहे। वहीं भारत की टीम में अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन, कप्तान श्रेयस अय्यर, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव और वरुण चक्रवर्ती को मौका दिया गया।
इस हार के बाद भारतीय टीम पर सीरीज में वापसी का दबाव बढ़ गया है। पांच मैचों की श्रृंखला में अब इंग्लैंड 2-0 से आगे निकल चुका है। यदि भारत को सीरीज जीतने की उम्मीद बनाए रखनी है तो अगले मुकाबलों में बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में उल्लेखनीय सुधार करना होगा। दूसरी ओर इंग्लैंड की टीम लगातार दो जीत के बाद पूरे आत्मविश्वास के साथ अगले मैच में उतरेगी और सीरीज अपने नाम करने की कोशिश करेगी।




