पंजाब दौरे पर पीएम मोदी ने खोला विकास का पिटारा, कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार पर भी बोले

पंजाब दौरे पर पीएम मोदी ने खोला विकास का पिटारा, कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार पर भी बोले

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पंजाब के जालंधर दौरे के दौरान विकास परियोजनाओं की सौगात देने के साथ-साथ राज्य की राजनीति, कानून-व्यवस्था, युवाओं, किसानों और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई अहम मुद्दों पर अपनी बात रखी। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने रेल और सड़क क्षेत्र की हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शुभारंभ किया, जबकि अपने संबोधन में पंजाब की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए भाजपा को राज्य के विकास का विकल्प बताया।

जालंधर पहुंचने से पहले प्रधानमंत्री ने हरियाणा के जींद में देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाई और कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। इसके बाद वे पंजाब पहुंचे, जहां उनका मुख्य कार्यक्रम जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन परिसर में आयोजित किया गया। यहां उन्होंने डिजिटल माध्यम से देशभर के 75 आधुनिक रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन किया और अमृतसर से वाराणसी के बीच चलने वाली नई ‘श्री संत रविदास एक्सप्रेस’ को भी रवाना किया।

प्रधानमंत्री ने अपने भाषण की शुरुआत पूरी तरह पंजाबी अंदाज में की। उन्होंने मंच से लोगों का अभिवादन करते हुए पूछा, “कीवें हो पंजाबियो… चढ़दी कलां च हो या नहीं?” उनके इस अंदाज का उपस्थित लोगों ने जोरदार स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने कहा कि पंजाब की धरती हमेशा देश को नई ऊर्जा देने वाली रही है और आज का दिन विकास के नए अध्याय का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि हरियाणा में उन्हें भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को रवाना करने का अवसर मिला, जबकि कुरुक्षेत्र में सिख इतिहास और गुरुओं की विरासत को समर्पित संग्रहालय की आधारशिला भी रखी गई। उनके अनुसार ऐसे प्रयास नई पीढ़ी को देश की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएंगे।

अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने जालंधर के नागरिकों की स्वच्छता के प्रति जागरूकता की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास जी ने समाज में समानता और सामूहिक प्रयास का संदेश दिया था और जालंधर के लोगों ने उस संदेश को व्यवहार में उतारने का प्रयास किया है। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्र सेवा में योगदान देने वाले सरदार तेजा सिंह समुद्री को भी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को याद किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं बल्कि हर नागरिक तक उनका लाभ पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि सरकार “नागरिक देवो भवः” की भावना के साथ काम कर रही है, ताकि लोगों का जीवन आसान हो और हर वर्ग को विकास के समान अवसर मिल सकें।

अपने भाषण में उन्होंने पंजाब के युवाओं पर विशेष भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि जालंधर लंबे समय से खेल उद्योग का प्रमुख केंद्र रहा है और आने वाले समय में खेल अर्थव्यवस्था देश के विकास का बड़ा माध्यम बनेगी। उन्होंने हाल ही में न्यूजीलैंड के साथ खेल क्षेत्र में हुए समझौतों का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे भारतीय खिलाड़ियों और खेल उद्योग को नई संभावनाएं मिलेंगी। उन्होंने युवाओं से खेलों में आगे आने और पंजाब को नई पहचान दिलाने का आह्वान किया।

राजनीतिक मोर्चे पर प्रधानमंत्री ने राज्य सरकार पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पंजाब में किए गए कई चुनावी वादे अभी तक पूरे नहीं हुए हैं। महिलाओं को आर्थिक सहायता देने की घोषणाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने दावा किया कि कई लाभार्थियों तक अब तक योजनाओं का लाभ नहीं पहुंचा है। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्षी दल आपसी विवादों में उलझे हुए हैं, जबकि जनता विकास और बेहतर प्रशासन की अपेक्षा कर रही है।

किसानों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पंजाब के किसानों में अपार क्षमता है, लेकिन उन्हें उनकी मेहनत के अनुरूप लाभ नहीं मिल पा रहा। उन्होंने हरियाणा का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां किसानों और कर्मचारियों के हितों से जुड़े कई फैसले समय पर लागू किए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि यदि सही नीतियां अपनाई जाएं तो पंजाब फिर से देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो सकता है।

उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा भेजी गई कई योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पूरी तरह नहीं पहुंच रहा। उनके अनुसार विकास कार्यों के लिए उपलब्ध कराई गई राशि का प्रभावी उपयोग नहीं हुआ और कई योजनाओं का श्रेय लेने की राजनीति की गई। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार बिना किसी भेदभाव के पंजाब के विकास के लिए लगातार निवेश कर रही है।

कानून-व्यवस्था का मुद्दा भी प्रधानमंत्री के भाषण का प्रमुख हिस्सा रहा। उन्होंने कहा कि महाराजा रणजीत सिंह की वीरभूमि पंजाब आज अपराध, नशे और गैंगवार जैसी समस्याओं से जूझ रही है। उन्होंने दावा किया कि कई इलाकों में व्यापारियों और आम नागरिकों के मन में असुरक्षा की भावना बढ़ी है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में पुलिस व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं और नशे के खिलाफ कठोर कार्रवाई की आवश्यकता है।

भ्रष्टाचार के मुद्दे पर प्रधानमंत्री ने कहा कि जनता पारदर्शी शासन चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कई नेता भ्रष्टाचार के मामलों में घिरे हुए हैं और विकास कार्यों की गति भी प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता बदलाव चाहती है और इसके लिए भाजपा को अवसर देने की जरूरत है।

रेलवे और सड़क अवसंरचना को लेकर प्रधानमंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाओं का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन समेत देशभर के 75 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण पूरा किया गया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में 1300 से अधिक रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं वाले सिटी सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा। जालंधर स्टेशन की थीम खेल संस्कृति पर आधारित रखी गई है, जबकि आनंदपुर साहिब स्टेशन को तख्त श्री केसगढ़ साहिब की सांस्कृतिक विरासत से जोड़कर विकसित किया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने अमृतसर और वाराणसी के बीच शुरू की गई ‘श्री संत रविदास एक्सप्रेस’ को श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण सुविधा बताया। उन्होंने कहा कि इससे पंजाब और उत्तर प्रदेश के बीच धार्मिक एवं सांस्कृतिक संपर्क और मजबूत होगा।

अपने दौरे के दौरान प्रधानमंत्री ने करीब 5,470 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की शुरुआत की। इनमें दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे के पैकेज-6 का उद्घाटन और दक्षिणी लुधियाना ग्रीनफील्ड बाईपास की आधारशिला भी शामिल रही। उनका कहना था कि बेहतर सड़क और रेल नेटवर्क से उद्योग, व्यापार और पर्यटन को नई गति मिलेगी।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने डेरा बल्लां के प्रमुख निरंजन दास से भी मुलाकात की। उन्होंने वहां मौजूद विद्यार्थियों से बातचीत कर उनके अनुभव भी जाने। मंच पर कई प्रमुख राजनीतिक और सामाजिक हस्तियां मौजूद रहीं, जिनमें भाजपा के वरिष्ठ नेता, सांसद, पूर्व मुख्यमंत्री परिवार के सदस्य और अन्य जनप्रतिनिधि शामिल थे।

प्रधानमंत्री की हरे रंग की पगड़ी ने भी कार्यक्रम में विशेष आकर्षण का केंद्र बनाया। पंजाब में हरे रंग को कृषि और किसान संस्कृति का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में राजनीतिक हलकों में इसे किसानों के प्रति सम्मान और राज्य की कृषि परंपरा से जुड़ाव के संदेश के रूप में देखा गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी प्रधानमंत्री के इस अंदाज की सराहना की।

केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि प्रधानमंत्री का पंजाब और सिख गुरुओं के प्रति विशेष सम्मान हमेशा दिखाई देता है। उन्होंने आदमपुर एयरपोर्ट का नाम गुरु रविदास जी के नाम पर रखने, हलवारा एयरपोर्ट से जुड़े विकास कार्यों और नई ट्रेन सेवा को पंजाब के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। वहीं राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह ने पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए सभी दलों और समाज के लोगों से मिलकर काम करने की अपील की। पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने भी कहा कि प्रधानमंत्री का पंजाब से पुराना जुड़ाव रहा है और उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन का एक महत्वपूर्ण समय इसी राज्य में बिताया है।

अपने पूरे संबोधन में प्रधानमंत्री ने विकास, विरासत, युवाओं, किसानों, खेल, आधुनिक अवसंरचना और सुशासन को केंद्र में रखा। वहीं दूसरी ओर उन्होंने राज्य सरकार की कार्यशैली, कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार और चुनावी वादों को लेकर तीखे सवाल भी उठाए। विकास परियोजनाओं की शुरुआत और राजनीतिक संदेशों के कारण प्रधानमंत्री का यह जालंधर दौरा पंजाब की राजनीति और आगामी चुनावी समीकरणों के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।