गर्मी और छुट्टियों के मौसम में वॉटर पार्क और स्विमिंग पूल लोगों की पहली पसंद बन जाते हैं। ठंडे पानी में घंटों मस्ती करना हर किसी को अच्छा लगता है, लेकिन कई बार यही आनंद बाद में परेशानी की वजह बन जाता है। कुछ लोगों को पूल से बाहर आने के बाद आंखों में जलन, त्वचा पर खुजली, लाल चकत्ते, बालों का रूखापन या स्कैल्प में जलन जैसी दिक्कतें महसूस होने लगती हैं। इसकी वजह केवल पानी नहीं, बल्कि उसमें मौजूद केमिकल, बैक्टीरिया और हमारी अपनी कुछ छोटी-छोटी लापरवाहियां भी हो सकती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर स्विमिंग पूल का रखरखाव सही तरीके से न किया जाए या पानी में क्लोरीन और अन्य रसायनों का स्तर संतुलित न हो, तो इसका सीधा असर त्वचा, बालों और आंखों पर पड़ सकता है। ऐसे में स्विमिंग का आनंद लेने के साथ-साथ कुछ जरूरी सावधानियां अपनाना भी बेहद जरूरी है।
क्यों मिलाया जाता है क्लोरीन?
स्विमिंग पूल और वॉटर पार्क के पानी को साफ और संक्रमणमुक्त रखने के लिए उसमें क्लोरीन जैसे डिसइन्फेक्टेंट मिलाए जाते हैं। कई जगहों पर ब्रोमीन का भी इस्तेमाल किया जाता है। इनका उद्देश्य पानी में मौजूद बैक्टीरिया, वायरस और अन्य हानिकारक सूक्ष्मजीवों को खत्म करना होता है ताकि लोगों को संक्रमण का खतरा न रहे।
हालांकि, जब यही क्लोरीन शरीर से निकलने वाले पसीने, त्वचा के प्राकृतिक तेल, पेशाब या अन्य जैविक तत्वों के संपर्क में आती है, तो एक नया रसायन बनता है जिसे क्लोरामीन कहा जाता है। यही क्लोरामीन कई बार आंखों में जलन, त्वचा की खुजली और पूल से आने वाली तेज क्लोरीन जैसी गंध का कारण बनता है।
पानी का पीएच संतुलन भी है बेहद अहम
सिर्फ क्लोरीन की मात्रा ही नहीं, बल्कि पानी का पीएच लेवल भी स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण होता है। यदि पानी का पीएच संतुलित न रहे या उसमें रसायनों की मात्रा आवश्यकता से अधिक हो जाए, तो त्वचा और बाल दोनों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
असंतुलित पानी त्वचा की बाहरी परत को प्रभावित करता है, जिससे त्वचा की सुरक्षा क्षमता कमजोर पड़ सकती है। यही वजह है कि कुछ लोगों को पूल में नहाने के बाद त्वचा में खिंचाव, रूखापन या जलन महसूस होने लगती है।
त्वचा की प्राकृतिक नमी पर पड़ता है असर
हमारी त्वचा पर एक प्राकृतिक तेल मौजूद होता है जिसे सीबम कहा जाता है। यही तेल त्वचा को मुलायम बनाए रखने और उसे बाहरी नुकसान से बचाने में मदद करता है। लेकिन क्लोरीन इस प्राकृतिक तेल को कम कर सकती है।
जब त्वचा से सीबम की मात्रा घटती है, तो त्वचा सूखी, बेजान और खुरदरी महसूस होने लगती है। कई लोगों में स्विमिंग के कुछ घंटे बाद लाल चकत्ते, छोटे दाने या जलन जैसी समस्याएं भी देखने को मिल सकती हैं।
जिन लोगों को पहले से एक्जिमा या संवेदनशील त्वचा की समस्या होती है, उनके लिए यह स्थिति और ज्यादा गंभीर हो सकती है। इसलिए ऐसे लोगों को पूल में जाने से पहले अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
साफ-सफाई की कमी से बढ़ सकता है संक्रमण का खतरा
यदि स्विमिंग पूल की नियमित सफाई नहीं होती या पानी समय-समय पर फिल्टर नहीं किया जाता, तो उसमें बैक्टीरिया और फंगस पनप सकते हैं। ऐसे पानी में नहाने से त्वचा संबंधी संक्रमण, फंगल इंफेक्शन और एलर्जी होने का खतरा बढ़ जाता है।
खासतौर पर सार्वजनिक स्विमिंग पूल में हाइजीन का स्तर कैसा है, इस पर ध्यान देना जरूरी है। गंदे पानी में अधिक समय बिताने से त्वचा पर संक्रमण की संभावना कई गुना बढ़ सकती है।
बालों पर भी पड़ता है गहरा प्रभाव
केवल त्वचा ही नहीं, क्लोरीनयुक्त पानी बालों को भी नुकसान पहुंचा सकता है। बालों की बाहरी परत यानी क्यूटिकल क्लोरीन के संपर्क में आने पर कमजोर होने लगती है। इसके कारण बाल अपनी प्राकृतिक चमक खो सकते हैं और रूखे, उलझे तथा बेजान दिखाई देने लगते हैं।
यदि लंबे समय तक या बार-बार क्लोरीन वाले पानी में बाल भीगते रहें, तो बालों के दोमुंहे होने, टूटने और झड़ने की समस्या बढ़ सकती है। फ्रिजनेस भी बढ़ जाती है, जिससे बालों को संभालना मुश्किल हो जाता है।
जिन लोगों ने बालों में कलर कराया होता है, उनके बालों का रंग भी जल्दी फीका पड़ सकता है। कई मामलों में पानी में मौजूद कॉपर जैसे धातु कण बालों पर जमा होकर उनकी बनावट को भी प्रभावित कर सकते हैं।
स्कैल्प भी हो सकता है प्रभावित
क्लोरीन और अन्य रसायन केवल बालों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि सिर की त्वचा यानी स्कैल्प पर भी असर डालते हैं। इससे स्कैल्प सूखा पड़ सकता है और खुजली, जलन या पपड़ी बनने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।
अगर पहले से डैंड्रफ या स्कैल्प संबंधी कोई समस्या है, तो क्लोरीनयुक्त पानी उसमें और इजाफा कर सकता है।
स्विमिंग से पहले अपनाएं ये आसान उपाय
अगर आप वॉटर पार्क या स्विमिंग पूल जाने की योजना बना रहे हैं, तो कुछ आसान आदतें आपको काफी हद तक नुकसान से बचा सकती हैं।
सबसे पहले पूल में उतरने से पहले साफ पानी से स्नान जरूर करें। जब त्वचा और बाल पहले से गीले होते हैं, तो वे क्लोरीनयुक्त पानी को कम मात्रा में सोखते हैं।
बालों की सुरक्षा के लिए हल्के गीले बालों पर लीव-इन कंडीशनर या सामान्य हेयर कंडीशनर लगाया जा सकता है। इससे बालों पर एक सुरक्षा परत बन जाती है। यदि संभव हो तो स्विमिंग कैप का इस्तेमाल भी करें।
यदि पूल खुली जगह यानी आउटडोर में है, तो पानी में उतरने से करीब 15 से 20 मिनट पहले एसपीएफ 30 से 50 वाली वॉटर-रेजिस्टेंट ब्रॉड स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन लगाएं। इससे त्वचा को यूवीए और यूवीबी किरणों से सुरक्षा मिलती है और धूप का असर भी कम होता है।
अगर चेहरे पर मेकअप लगा है, तो उसे हटाकर ही पूल में जाएं। मेकअप में मौजूद कुछ रसायन क्लोरीन के साथ प्रतिक्रिया कर त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
इसके अलावा पूरे दिन पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी जरूरी है। स्विमिंग के दौरान शरीर को हाइड्रेट रखना त्वचा और शरीर दोनों के लिए फायदेमंद होता है।
पूल से बाहर आने के बाद क्या करें?
स्विमिंग खत्म होने के तुरंत बाद सबसे पहला काम साफ पानी से अच्छी तरह स्नान करना होना चाहिए। इससे त्वचा और बालों पर चिपकी क्लोरीन तथा अन्य रसायन काफी हद तक हट जाते हैं।
इसके बाद हल्के क्लींजर से त्वचा साफ करें और अच्छी गुणवत्ता वाला मॉइश्चराइजर लगाएं। यदि त्वचा थोड़ी गीली रहते हुए मॉइश्चराइजर लगाया जाए, तो नमी लंबे समय तक बनी रहती है और त्वचा सूखने से बचती है।
बालों को भी साफ पानी से धोने के बाद माइल्ड शैंपू और कंडीशनर का उपयोग करना चाहिए। जो लोग नियमित रूप से स्विमिंग करते हैं, वे सप्ताह में एक बार क्लैरिफाइंग शैंपू का इस्तेमाल कर सकते हैं ताकि बालों में जमा क्लोरीन और अन्य अवशेष पूरी तरह निकल जाएं।
तुरंत हीट स्टाइलिंग से बचें
स्विमिंग के बाद बाल पहले से ही कमजोर अवस्था में होते हैं। ऐसे में तुरंत ब्लो ड्रायर, हेयर स्ट्रेटनर या कर्लिंग आयरन जैसी हीट स्टाइलिंग मशीनों का उपयोग करने से नुकसान और बढ़ सकता है।
बेहतर होगा कि बालों को प्राकृतिक तरीके से सूखने दें। इससे बालों की नमी बनी रहती है और उनके टूटने का खतरा कम हो जाता है।
थोड़ी सावधानी, भरपूर मस्ती
वॉटर पार्क और स्विमिंग पूल गर्मी से राहत देने के साथ बेहतरीन मनोरंजन का जरिया हैं, लेकिन इनका आनंद तभी सुरक्षित है जब स्वच्छता और व्यक्तिगत देखभाल दोनों का ध्यान रखा जाए। सही पूल का चुनाव, पानी की गुणवत्ता, त्वचा और बालों की सुरक्षा तथा स्विमिंग से पहले और बाद की छोटी-छोटी आदतें आपको कई परेशानियों से बचा सकती हैं। इसलिए अगली बार जब भी पूल में उतरें, सिर्फ मस्ती ही नहीं बल्कि अपनी त्वचा, बालों और सेहत की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दें।




