कालका: हरियाणा में रेलवे बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकसित कालका और नरवाना रेलवे स्टेशनों को राष्ट्र को समर्पित किया। इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश में रेलवे सुविधाओं को आधुनिक बनाने का कार्य लगातार गति पकड़ रहा है और आने वाले वर्षों में यात्रियों को पहले से बेहतर, सुरक्षित तथा तकनीक आधारित सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने इसे हरियाणा के परिवहन ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
कालका रेलवे स्टेशन पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय समारोह का सीधा प्रसारण भी किया गया। प्रधानमंत्री ने जालंधर से आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा देशभर में पुनर्विकसित 75 अमृत रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन किया। इन स्टेशनों में हरियाणा के कालका और नरवाना रेलवे स्टेशन भी शामिल रहे, जिन्हें आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना केवल रेलवे स्टेशनों के सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश के रेलवे नेटवर्क को आधुनिक, तकनीक-सक्षम और यात्री-केंद्रित बनाने की व्यापक योजना है। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराना, स्टेशन परिसरों का समग्र विकास करना तथा स्थानीय सांस्कृतिक पहचान को भी संरक्षित रखना है।
उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत हरियाणा के कुल 34 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। इन परियोजनाओं पर लगभग 1,149 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। सरकार का लक्ष्य इन स्टेशनों को आधुनिक यात्री सुविधाओं, बेहतर पहुंच, डिजिटल सेवाओं और स्वच्छ वातावरण से लैस करना है, ताकि यात्रियों को अधिक आरामदायक और सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिल सके।
मुख्यमंत्री के अनुसार प्रदेश में रेलवे विकास का कार्य चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि मंडी डबवाली, होडल और जींद रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास पहले ही पूरा किया जा चुका है। अब कालका और नरवाना स्टेशन भी इस सूची में शामिल हो गए हैं, जिससे हरियाणा में रेलवे आधुनिकीकरण अभियान को नई गति मिली है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक रेलवे स्टेशन केवल यात्रा की शुरुआत और समाप्ति का स्थान नहीं होते, बल्कि वे किसी शहर की पहचान और विकास का महत्वपूर्ण केंद्र भी बनते हैं। इसी सोच के तहत स्टेशनों पर बेहतर प्रतीक्षालय, आधुनिक टिकट बुकिंग प्रणाली, स्वचालित सूचना प्रणाली, डिजिटल डिस्प्ले, स्वच्छ शौचालय, बेहतर प्रकाश व्यवस्था, दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं, लिफ्ट, एस्केलेटर, सुरक्षित प्रवेश-निकास व्यवस्था और यात्रियों के लिए अन्य आवश्यक सुविधाओं का विकास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कालका रेलवे स्टेशन के महत्व पर विशेष प्रकाश डालते हुए कहा कि यह स्टेशन हिमालयी क्षेत्रों और प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों का प्रवेश द्वार माना जाता है। कालका से ऐतिहासिक कालका-शिमला रेलमार्ग की शुरुआत होती है, जो यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल है। ऐसे में स्टेशन का आधुनिक स्वरूप पर्यटकों के अनुभव को और बेहतर बनाएगा तथा पर्यटन गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
उन्होंने नरवाना रेलवे स्टेशन का उल्लेख करते हुए कहा कि यह क्षेत्र कृषि, व्यापार और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र है। स्टेशन के आधुनिकीकरण से स्थानीय व्यापारियों, किसानों और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही परिवहन व्यवस्था में सुधार से क्षेत्रीय आर्थिक विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले कुछ वर्षों में भारतीय रेलवे में व्यापक परिवर्तन देखने को मिला है। रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास, नई रेल लाइनों के निर्माण, रेलवे विद्युतीकरण, माल ढुलाई क्षमता बढ़ाने, आधुनिक ट्रेनों की शुरुआत और डिजिटल तकनीकों के उपयोग जैसे कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा भी इस परिवर्तन का सक्रिय भागीदार बन रहा है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने प्रदेश को मिली अन्य रेल परियोजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने हरियाणा के लिए लगभग 15 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली नौ प्रमुख रेल परियोजनाओं की सौगात दी है। इन परियोजनाओं में देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन परियोजना भी शामिल है, जिसे स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। उनका कहना था कि यह परियोजना भविष्य की पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था का मजबूत आधार बनेगी।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार रेलवे क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर विशेष ध्यान दे रही है। हाइड्रोजन आधारित ट्रेनें, ऊर्जा दक्ष रेलवे स्टेशन, डिजिटल टिकटिंग, स्मार्ट निगरानी प्रणाली और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े नए उपाय रेलवे को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
मुख्यमंत्री ने रेलवे बजट में हुई वृद्धि का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में हरियाणा के लिए रेलवे बजट लगभग 315 करोड़ रुपये था, जबकि वित्त वर्ष 2026-27 में यह बढ़कर 3,566 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उनके अनुसार यह वृद्धि दर्शाती है कि प्रदेश में रेलवे अवसंरचना के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है और विभिन्न परियोजनाओं के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण केवल यात्रियों की सुविधा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। स्टेशन परिसरों के विकास से व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, पर्यटन को नई गति मिलेगी और आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक विकास के नए अवसर पैदा होंगे। कई स्थानों पर स्टेशन परिसर स्थानीय संस्कृति और विरासत को प्रदर्शित करने वाले केंद्र के रूप में भी विकसित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत स्टेशनों को स्थानीय वास्तुकला और सांस्कृतिक पहचान के अनुरूप विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। इससे प्रत्येक स्टेशन की अपनी अलग पहचान बनेगी और यात्रियों को स्थानीय इतिहास एवं संस्कृति की झलक भी देखने को मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, जनप्रतिनिधि, रेलवे अधिकारी और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का सीधा प्रसारण देखा और कालका तथा नरवाना रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास पर खुशी व्यक्त की। कार्यक्रम में रेलवे आधुनिकीकरण से जुड़े विभिन्न विकास कार्यों की जानकारी भी साझा की गई।
सरकार का कहना है कि आधुनिक रेलवे नेटवर्क किसी भी राज्य के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बेहतर रेल संपर्क से उद्योग, कृषि, व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलता है। साथ ही लोगों की आवाजाही अधिक सुविधाजनक होने से सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आती है। इसी उद्देश्य से हरियाणा में रेलवे अवसंरचना के विस्तार और आधुनिकीकरण पर लगातार कार्य किया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकसित स्टेशनों में ऊर्जा दक्ष प्रकाश व्यवस्था, बेहतर जल प्रबंधन, स्वच्छता सुविधाएं, डिजिटल सूचना प्रणाली, यात्रियों के लिए आरामदायक प्रतीक्षालय, आधुनिक टिकटिंग व्यवस्था तथा सुरक्षा संबंधी उन्नत व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसके अलावा दिव्यांगजन और वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बाधारहित पहुंच (Barrier-Free Access) सुनिश्चित करने के प्रयास भी किए गए हैं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर हरियाणा में आधुनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं। सड़क, रेल और अन्य आधारभूत ढांचे के विकास के साथ-साथ भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नई परियोजनाओं को भी तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत शेष रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास पूरा होने के बाद हरियाणा का रेलवे नेटवर्क पहले की तुलना में अधिक आधुनिक, सुविधाजनक और यात्री अनुकूल होगा। इससे प्रदेश में पर्यटन, व्यापार, निवेश और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को नई गति मिलने की भी उम्मीद है।




