हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार का पक्ष रखते हुए कहा है कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस मुद्दे को गंभीरता से लिया है और स्पष्ट कर दिया है कि परीक्षा प्रणाली को प्रभावित करने वाले लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी रविवार को गुरुग्राम स्थित भाजपा कार्यालय गुरुकमल में आयोजित बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने नीट परीक्षा विवाद, विपक्ष के आरोपों और सरकार की कार्रवाई को लेकर विस्तार से अपनी बात रखी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नीट परीक्षा का मामला देश के लाखों युवाओं और उनके भविष्य से जुड़ा हुआ है। सरकार इस विषय को पूरी गंभीरता से देख रही है और परीक्षा में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार युवाओं के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
नायब सिंह सैनी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन के नेता इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष युवाओं की भावनाओं को मुद्दा बनाकर अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश कर रहा है, जबकि सरकार का ध्यान समस्या के स्थायी समाधान पर है।
उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं गंभीर अपराध हैं और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कानून और सख्त कार्रवाई जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठा रही है और परीक्षा व्यवस्था को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक सुधार किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों को भी लंबे समय तक शासन करने का अवसर मिला, लेकिन उनके कार्यकाल में भी कई बार प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक जैसी घटनाएं सामने आईं। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय कई मामलों में कार्रवाई की गति धीमी रही और विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
नायब सिंह सैनी ने कहा कि पिछली सरकारों के दौरान कई बार परीक्षा रद्द होने के बाद दोबारा आयोजन में काफी समय लग जाता था, जिससे लाखों छात्रों का समय और मेहनत प्रभावित होती थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार तेजी से निर्णय लेने और समस्या का समाधान करने में विश्वास रखती है।
नीट परिणाम और आगे की प्रक्रिया को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा परिणाम घोषित हो चुके हैं और छात्रों का दाखिला समय पर पूरा होगा। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन लोगों ने परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया है, उनके खिलाफ जांच और कार्रवाई जारी रहेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी निर्दोष छात्र को नुकसान पहुंचाना नहीं है, लेकिन परीक्षा व्यवस्था में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना जरूरी है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष को इस मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय समाधान के सुझाव देने चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार संसद में भी इस विषय पर चर्चा के लिए तैयार है और सभी दलों के सुझावों के आधार पर परीक्षा प्रणाली को और मजबूत किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी स्पष्ट संदेश दिया है कि देश के युवाओं के भविष्य के साथ किसी को खिलवाड़ करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगी।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा के एक पुराने वीडियो का जिक्र करते हुए कहा कि जब राजस्थान में कांग्रेस की सरकार थी, तब भी पेपर लीक की घटनाएं सामने आती थीं। उन्होंने कहा कि यदि उस समय सरकार को समस्या की जानकारी थी तो उसे रोकने के लिए मजबूत कानून क्यों नहीं बनाया गया।
नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार ने पेपर लीक और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में इस विषय पर विधानसभा में भी चर्चा हो चुकी है और सरकार युवाओं के हितों को ध्यान में रखते हुए लगातार काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है। युवाओं को उनकी मेहनत के आधार पर अवसर मिलना चाहिए और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से उनके सपनों को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार तकनीक के इस्तेमाल, सख्त नियमों और बेहतर निगरानी व्यवस्था के माध्यम से परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वह केवल आरोप लगाने के बजाय सकारात्मक सुझाव दे। उन्होंने कहा कि यदि सभी राजनीतिक दल मिलकर परीक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए काम करेंगे तो इसका लाभ देश के युवाओं को मिलेगा।
नायब सिंह सैनी ने कहा कि भाजपा सरकार युवाओं के रोजगार और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर गंभीर है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी हो, ताकि हर युवा को समान अवसर मिल सके।
उन्होंने कहा कि युवाओं का विश्वास बनाए रखना किसी भी सरकार की बड़ी जिम्मेदारी होती है। इसलिए परीक्षा प्रणाली में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को गंभीर अपराध मानते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने एक बार फिर दोहराया कि नीट मामले में किसी भी दोषी व्यक्ति को संरक्षण नहीं दिया जाएगा। जांच के आधार पर जो भी लोग जिम्मेदार पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होगी।
उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ रही है और यह सुनिश्चित करेगी कि मेहनत करने वाले युवाओं के साथ न्याय हो। उन्होंने कहा कि देश के युवा भारत का भविष्य हैं और उनके सपनों को सुरक्षित रखना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।




