कॉमनवेल्थ गेम्स में हरियाणा का दबदबा बरकरार, 10 पदकों के साथ खिलाड़ियों ने लहराया परचम; मुख्यमंत्री सैनी बोले— खेलों में नंबर वन बनने का सफर जारी

कॉमनवेल्थ गेम्स में हरियाणा का दबदबा बरकरार, 10 पदकों के साथ खिलाड़ियों ने लहराया परचम; मुख्यमंत्री सैनी बोले— खेलों में नंबर वन बनने का सफर जारी

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में हरियाणा के खिलाड़ियों ने एक बार फिर अपने शानदार प्रदर्शन से पूरे देश का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। प्रदेश के खिलाड़ियों ने विभिन्न स्पर्धाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए भारत के पदक अभियान में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई देते हुए कहा कि हरियाणा ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह देश की खेल राजधानी बनने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल खिलाड़ियों को सम्मानित करना नहीं, बल्कि उन्हें विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराकर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का नाम रोशन करने के लिए तैयार करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों में भारत को मिले कुल 13 स्वर्ण पदकों में से सात स्वर्ण पदक हरियाणा के खिलाड़ियों ने जीतकर प्रदेश का ही नहीं बल्कि पूरे देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि वर्षों से प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने, आधुनिक खेल सुविधाएं विकसित करने और खिलाड़ियों को हर स्तर पर सहयोग देने का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने अपने संकल्प “खेलेंगे हरियाणा, जीतेंगे हरियाणा” को दोहराते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में राज्य को खेलों के क्षेत्र में और अधिक ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने सभी पदक विजेताओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि खिलाड़ियों की मेहनत, अनुशासन और समर्पण ने पूरे देश को गौरवान्वित किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार खिलाड़ियों के साथ हर कदम पर खड़ी है और उन्हें प्रशिक्षण से लेकर प्रतियोगिताओं तक हर प्रकार की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स में हरियाणा के खिलाड़ियों ने कुल 10 पदक अपने नाम किए, जिनमें सात स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य पदक शामिल हैं। विभिन्न खेलों में खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया कि हरियाणा आज भी देश के सबसे मजबूत खेल राज्यों में शामिल है।

स्वर्ण पदक जीतने वालों में रेवाड़ी की पैरा एथलीट शर्मीला ने अपने दमदार प्रदर्शन से गोल्ड मेडल जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया। बॉक्सिंग में भिवानी की प्रीति पंवार, जैसमीन लम्बोरिया, साक्षी चौधरी, सचिन सिवाच, प्रिया घनघस तथा हिसार के अंकुश ने स्वर्ण पदक जीतकर भारतीय मुक्केबाजी की ताकत का परिचय दिया। इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन को खेल विशेषज्ञों ने अनुशासन, तकनीक और मानसिक मजबूती का उत्कृष्ट उदाहरण बताया है।

रजत पदक विजेताओं में पानीपत के स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया। वहीं हांसी के बॉक्सर नरेंद्र बेरवाल ने भी शानदार मुकाबलों के बाद रजत पदक जीतकर देश और प्रदेश का सम्मान बढ़ाया। एथलेटिक्स में भिवानी की सीमा ने डिस्कस थ्रो स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर हरियाणा के पदकों की संख्या को दो अंकों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा को देश का “स्पोर्ट्स पावर हाउस” यूं ही नहीं कहा जाता। प्रदेश के खिलाड़ियों ने ओलंपिक, एशियाई खेल, राष्ट्रमंडल खेल और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार शानदार प्रदर्शन कर इस पहचान को मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि सरकार खिलाड़ियों की सफलता को संयोग नहीं बल्कि सुनियोजित खेल नीति का परिणाम मानती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेल अवसंरचना के विस्तार पर लगातार निवेश कर रही है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में आधुनिक इंडोर स्टेडियम, सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक, विश्वस्तरीय खेल अकादमियां तथा उच्च गुणवत्ता वाले प्रशिक्षण केंद्र विकसित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी खेल प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए गांव-गांव खेल नर्सरियों की स्थापना की जा रही है ताकि छोटी उम्र से ही खिलाड़ियों को वैज्ञानिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा सके।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में नए खेल मैदानों का निर्माण तेज गति से जारी है। खिलाड़ियों की शारीरिक फिटनेस को बेहतर बनाने के लिए अनेक स्थानों पर आधुनिक व्यायामशालाएं भी स्थापित की गई हैं। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए अपने जिले से बाहर जाने की आवश्यकता न पड़े और उन्हें स्थानीय स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध हों।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से महिला खिलाड़ियों का उल्लेख करते हुए कहा कि हरियाणा की बेटियां लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश का नाम रोशन कर रही हैं। पहले जिन खेलों में महिलाओं की भागीदारी सीमित थी, आज उन्हीं प्रतियोगिताओं में हरियाणा की बेटियां स्वर्ण पदक जीत रही हैं। उन्होंने कहा कि महिला खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार विशेष खेल छात्रवृत्ति, निःशुल्क कोचिंग, आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं और सुरक्षित खेल वातावरण उपलब्ध करा रही है। इन प्रयासों का परिणाम अब अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों को केवल प्रतियोगिता के समय ही नहीं, बल्कि पूरे करियर के दौरान सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्हें उच्च स्तरीय प्रशिक्षण, आधुनिक खेल उपकरण, अनुभवी कोच, खेल विज्ञान विशेषज्ञों की सेवाएं और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है ताकि वे बिना किसी चिंता के अपने प्रदर्शन पर पूरा ध्यान केंद्रित कर सकें।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए सम्मानजनक पुरस्कार राशि, सरकारी नौकरियों में अवसर और अन्य प्रोत्साहन योजनाओं को भी प्रभावी ढंग से लागू कर रही है। इससे युवा पीढ़ी में खेलों के प्रति रुचि बढ़ी है और बड़ी संख्या में खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी कर रहे हैं।

खेल विशेषज्ञों का मानना है कि हरियाणा की सफलता के पीछे मजबूत खेल संस्कृति, ग्रामीण क्षेत्रों में खेलों के प्रति उत्साह, परिवारों का सहयोग और सरकार की निरंतर खेल नीतियां महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। प्रदेश के अनेक खिलाड़ी छोटे गांवों से निकलकर विश्व मंच तक पहुंचे हैं, जिससे अन्य युवाओं को भी प्रेरणा मिल रही है।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में हरियाणा के खिलाड़ियों का प्रदर्शन इस बात का प्रमाण है कि राज्य की खेल नीति सही दिशा में आगे बढ़ रही है। सात स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य पदक जीतकर खिलाड़ियों ने न केवल भारत के पदक अभियान को मजबूती दी, बल्कि हरियाणा को एक बार फिर देश के सबसे सफल खेल राज्यों में शामिल होने का गौरव भी दिलाया।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में प्रदेश के खिलाड़ी ओलंपिक, विश्व चैंपियनशिप और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को पहचानने, उन्हें आधुनिक प्रशिक्षण देने और विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के अपने प्रयास लगातार जारी रखेगी, ताकि हरियाणा का तिरंगा खेलों की दुनिया में नई ऊंचाइयों तक पहुंचता रहे।