भारत-श्रीलंका टेस्ट सीरीज में दर्शकों की बल्ले-बल्ले, बिना टिकट देख सकेंगे मुकाबले; 15 अगस्त से गॉल में पहला टेस्ट

भारत-श्रीलंका टेस्ट सीरीज में दर्शकों की बल्ले-बल्ले, बिना टिकट देख सकेंगे मुकाबले; 15 अगस्त से गॉल में पहला टेस्ट

भारत और श्रीलंका के बीच होने वाली आगामी टेस्ट सीरीज को लेकर श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने दर्शकों के लिए बड़ा ऐलान किया है। दोनों देशों के बीच होने वाले टेस्ट मुकाबलों में क्रिकेट फैंस को टिकट खरीदने की जरूरत नहीं होगी। श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने स्टेडियम में दर्शकों की संख्या बढ़ाने के लिए दोनों टेस्ट मैचों के दौरान फ्री एंट्री देने का फैसला किया है। बोर्ड की ओर से इसकी आधिकारिक सूचना जारी कर दी गई है।

भारत और श्रीलंका के बीच इस दौरे पर कुल दो टेस्ट मैच खेले जाने हैं। सीरीज का पहला मुकाबला 15 अगस्त से गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में शुरू होगा। इसके बाद दोनों टीमें दूसरे टेस्ट के लिए कोलंबो जाएंगी, जहां 23 अगस्त से मुकाबला खेला जाएगा। दोनों मैचों को लेकर श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने दर्शकों से बड़ी संख्या में स्टेडियम पहुंचने की अपील की है।

बिना टिकट स्टेडियम में मिलेगी एंट्री

श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने दर्शकों के लिए एंट्री को आसान बनाने की व्यवस्था की है। गॉल में होने वाले पहले टेस्ट के दौरान फैंस गेट नंबर-4 से स्टेडियम में प्रवेश कर सकेंगे। इसके लिए किसी तरह का टिकट लेने की आवश्यकता नहीं होगी।

वहीं, कोलंबो में खेले जाने वाले दूसरे टेस्ट के लिए भी दर्शकों को मुफ्त प्रवेश दिया जाएगा। एसएससी मैदान में गेट नंबर 3, 4, 5 और 7 से क्रिकेट प्रेमी बिना टिकट स्टेडियम में दाखिल हो सकेंगे।

बोर्ड का उद्देश्य इस फैसले के जरिए स्टेडियम में ज्यादा से ज्यादा दर्शकों को लाना है। टेस्ट क्रिकेट के दौरान खाली नजर आने वाले स्टैंड क्रिकेट बोर्ड के लिए चिंता का विषय रहे हैं। ऐसे में फ्री एंट्री के जरिए माहौल को बेहतर बनाने और मुकाबलों में दर्शकों की मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।

टेस्ट क्रिकेट में घट रही दर्शकों की दिलचस्पी

टेस्ट क्रिकेट को खेल का सबसे पारंपरिक और लंबा फॉर्मेट माना जाता है, लेकिन हाल के वर्षों में कई देशों में इस फॉर्मेट के मुकाबलों के दौरान स्टेडियम की दर्शक क्षमता पूरी तरह भरती नजर नहीं आती। खासतौर पर उपमहाद्वीप में टेस्ट मैचों के दौरान खाली सीटें देखने को मिलती हैं।

श्रीलंका भी इस स्थिति से अछूता नहीं रहा है। भारतीय टीम के पिछले श्रीलंका दौरे के दौरान भी टेस्ट मुकाबलों में उम्मीद के मुताबिक दर्शक स्टेडियम तक नहीं पहुंचे थे। इसी तरह इस साल भारत और अफगानिस्तान के बीच खेले गए टेस्ट मैच में भी दर्शकों की संख्या काफी कम रही थी।

क्रिकेट की लोकप्रियता के बावजूद टेस्ट मैचों के लिए दर्शकों को स्टेडियम तक लाना क्रिकेट बोर्डों के लिए चुनौती बनता जा रहा है। टी-20 क्रिकेट के छोटे और तेज मुकाबलों की तुलना में पांच दिन तक चलने वाले टेस्ट मैचों को लेकर दर्शकों की रुचि कम दिखाई देती है।

श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड का मुफ्त प्रवेश का फैसला इसी चुनौती से निपटने की कोशिश माना जा रहा है। बोर्ड चाहता है कि भारत जैसी मजबूत टीम के खिलाफ होने वाले टेस्ट मैचों में स्टेडियम का माहौल शानदार रहे और क्रिकेट प्रेमी बड़ी संख्या में खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने पहुंचें।

WTC के लिहाज से दोनों टीमों के लिए अहम सीरीज

भारत और श्रीलंका के बीच होने वाली यह टेस्ट सीरीज केवल दो मुकाबलों तक सीमित नहीं है, बल्कि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप यानी WTC के नजरिए से भी काफी महत्वपूर्ण है। दोनों टीमें इस समय अंक तालिका में एक-दूसरे के करीब हैं और सीरीज में मिलने वाले अंक उनके अभियान पर असर डाल सकते हैं।

भारत फिलहाल WTC पॉइंट्स टेबल में पांचवें स्थान पर है। वहीं श्रीलंका छठे नंबर पर मौजूद है। ऐसे में दोनों टीमों की कोशिश टेस्ट सीरीज में बेहतर प्रदर्शन करके अपनी स्थिति मजबूत करने की होगी।

दो टेस्ट मैचों की इस सीरीज में हर मुकाबला अहम रहने वाला है। भारत जहां अंक तालिका में ऊपर जाने की कोशिश करेगा, वहीं श्रीलंका भी घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाकर भारतीय टीम को कड़ी चुनौती देना चाहेगा।

टेस्ट क्रिकेट में एक सीरीज का परिणाम टीम की रैंकिंग और WTC अभियान पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है। यही वजह है कि दोनों टीमों के लिए 15 अगस्त से शुरू होने वाला पहला मुकाबला काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

15 अगस्त को गॉल में आमने-सामने होंगी दोनों टीमें

सीरीज का पहला टेस्ट गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा। यह मैदान श्रीलंका के प्रमुख टेस्ट वेन्यू में शामिल है और यहां की परिस्थितियां स्पिन गेंदबाजों के लिए काफी उपयोगी मानी जाती हैं।15 अगस्त से शुरू होने वाले इस मुकाबले में दोनों टीमों के खिलाड़ियों के सामने अलग-अलग चुनौतियां होंगी। भारतीय बल्लेबाजों को श्रीलंका की परिस्थितियों में लंबी पारियां खेलने की चुनौती होगी, जबकि गेंदबाजों को पिच और मौसम के अनुसार रणनीति तैयार करनी होगी।

पहले टेस्ट के बाद सीरीज का दूसरा और अंतिम मुकाबला 23 अगस्त से कोलंबो में खेला जाएगा। यह मैच एसएससी मैदान पर आयोजित होगा। इस मुकाबले के लिए भी श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने फैंस को बिना टिकट प्रवेश देने का फैसला किया है।

दोनों मुकाबलों में दर्शकों की मौजूदगी बढ़ाने के लिए अलग-अलग गेट से एंट्री की व्यवस्था की गई है। बोर्ड को उम्मीद है कि भारत जैसी बड़ी क्रिकेट टीम के दौरे को देखने के लिए स्थानीय क्रिकेट प्रेमी बड़ी संख्या में स्टेडियम पहुंचेंगे।

2017 में भारत ने श्रीलंका को दी थी करारी शिकस्त

भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट क्रिकेट में पुरानी प्रतिद्वंद्विता रही है। भारतीय टीम का श्रीलंका में पिछला टेस्ट दौरा भी उसके लिए बेहद सफल रहा था। 2017 में भारत ने तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में मेजबान टीम का 3-0 से सफाया किया था। उस दौरे के पहले टेस्ट में भारतीय टीम ने गॉल में श्रीलंका को 304 रन से हराया था। इसके बाद कोलंबो में खेले गए दूसरे टेस्ट में भी भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पारी और 53 रन से जीत दर्ज की थी।

सीरीज का तीसरा और आखिरी मुकाबला पल्लेकेले में खेला गया था। यहां भी भारतीय टीम ने अपना दबदबा कायम रखा और श्रीलंका को पारी और 171 रन के बड़े अंतर से शिकस्त दी थी।

इस तरह भारतीय टीम ने उस दौरे पर तीनों टेस्ट मैच जीतकर शानदार क्लीन स्वीप किया था। अब दोनों टीमें एक बार फिर श्रीलंकाई धरती पर टेस्ट सीरीज में आमने-सामने होंगी। ऐसे में पिछले रिकॉर्ड का मनोवैज्ञानिक असर भी मुकाबलों पर देखने को मिल सकता है।

हालिया प्रदर्शन श्रीलंका के पक्ष में नहीं

श्रीलंका की टीम इस सीरीज में अपने पिछले टेस्ट प्रदर्शन को पीछे छोड़कर वापसी करने की कोशिश करेगी। टीम को हाल ही में वेस्टइंडीज के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज में हार का सामना करना पड़ा था। वेस्टइंडीज ने उस सीरीज में श्रीलंका को 1-0 से मात दी थी। ऐसे में श्रीलंकाई टीम के सामने घरेलू मैदान पर भारत के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन करने की चुनौती होगी।

भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज में घरेलू परिस्थितियां श्रीलंका के लिए फायदे का कारण बन सकती हैं। श्रीलंकाई गेंदबाज पिच से मिलने वाली मदद का फायदा उठाना चाहेंगे, जबकि बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ बड़ी पारियां खेलने की कोशिश करेंगे।

दूसरी ओर, भारत की नजर सीरीज जीतने के साथ WTC अंक तालिका में अपनी स्थिति सुधारने पर होगी। भारतीय टीम के लिए श्रीलंका का दौरा चुनौतीपूर्ण होने के बावजूद उसके पास अनुभवी खिलाड़ियों और मजबूत टीम संयोजन का फायदा रहेगा।

फ्री एंट्री से स्टेडियम में लौटेगा क्रिकेट का उत्साह?

श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड का मुफ्त प्रवेश का फैसला इसलिए भी अहम है क्योंकि टेस्ट क्रिकेट को दर्शकों से जोड़ने के लिए बोर्ड लगातार नए तरीके तलाश रहे हैं। अगर गॉल और कोलंबो में बड़ी संख्या में फैंस पहुंचते हैं तो खिलाड़ियों को भी घरेलू दर्शकों के बीच खेलने का अलग उत्साह मिलेगा। खाली स्टैंड की तुलना में दर्शकों से भरा मैदान टेस्ट मैच का माहौल पूरी तरह बदल देता है। फैंस की आवाज, खिलाड़ियों का समर्थन और हर विकेट या चौके-छक्के पर होने वाला उत्साह मुकाबले को और रोमांचक बनाता है।

भारत की लोकप्रियता को देखते हुए श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड को उम्मीद है कि इस फैसले का फायदा मिलेगा। भारत-श्रीलंका मुकाबलों को देखने के लिए स्थानीय फैंस के साथ भारतीय क्रिकेट प्रेमियों में भी काफी दिलचस्पी रहती है।

अब सभी की नजरें 15 अगस्त से शुरू होने वाले गॉल टेस्ट पर होंगी। एक तरफ WTC के महत्वपूर्ण अंक दांव पर होंगे, तो दूसरी ओर श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड की मुफ्त एंट्री की पहल यह तय करेगी कि इस टेस्ट सीरीज में स्टेडियमों का माहौल कितना शानदार रहता है। दो टेस्ट मैचों की यह सीरीज दोनों टीमों के लिए अपनी स्थिति मजबूत करने का मौका होगी और क्रिकेट फैंस को भी लंबे फॉर्मेट में एक रोमांचक मुकाबला देखने को मिल सकता है।