चंडीगढ़। शहर में ऐप आधारित कैब और बाइक टैक्सी सेवाएं उपलब्ध कराने वाली कंपनियों के लिए नियमों का पालन अब बेहद जरूरी हो गया है। चंडीगढ़ प्रशासन ने एग्रीगेटर कंपनियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए ओला के बाद अब इनड्राइव पर भी बड़ी कार्रवाई की है। राज्य परिवहन प्राधिकरण ने इनड्राइव के नाम से सेवाएं संचालित करने वाली इंडसिस्टम्स आईटी प्राइवेट लिमिटेड का एग्रीगेटर लाइसेंस छह महीने के लिए निलंबित कर दिया है। लाइसेंस निलंबन 10 अगस्त 2026 से तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। इस अवधि के दौरान कंपनी चंडीगढ़ में कैब और बाइक टैक्सी सेवाओं का संचालन नहीं कर सकेगी।
राज्य परिवहन प्राधिकरण की ओर से जारी सार्वजनिक सूचना में कंपनी को शहर में अपने प्लेटफॉर्म के जरिए किसी भी तरह की यात्री परिवहन सेवा संचालित नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही इनड्राइव से जुड़े कैब और बाइक टैक्सी मालिकों तथा चालकों को भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने वाहनों को कंपनी के प्लेटफॉर्म के साथ जोड़कर परिचालन न करें। ड्राइवरों को इनड्राइव मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए मिलने वाली सवारी की बुकिंग स्वीकार करने से भी रोक दिया गया है।
प्राधिकरण ने साफ किया है कि निलंबन की अवधि के दौरान यदि कोई चालक या वाहन मालिक इनड्राइव के माध्यम से यात्रियों को सेवा देता पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। उल्लंघन की स्थिति में संबंधित वाहन का चालान किया जा सकता है और जरूरत पड़ने पर वाहन को जब्त भी किया जा सकता है। इस आदेश के बाद इनड्राइव से जुड़े वाहन मालिकों और चालकों को वैकल्पिक प्लेटफॉर्म के जरिए काम करने या अन्य वैध परिवहन विकल्प तलाशने होंगे।
चंडीगढ़ प्रशासन ने आम यात्रियों से भी इनड्राइव के माध्यम से कैब या बाइक टैक्सी बुक नहीं करने की अपील की है। परिवहन प्राधिकरण ने लोगों को सलाह दी है कि यात्रा के लिए उन अन्य मोबाइल एप्लिकेशन का इस्तेमाल किया जाए, जो राज्य परिवहन प्राधिकरण के साथ पंजीकृत हैं और शहर में वैध रूप से सेवाएं संचालित कर रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि इससे यात्रियों को संभावित असुविधा और किसी भी कानूनी स्थिति से बचाया जा सकेगा।
इनड्राइव से पहले इसी वर्ष ओला के खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई की जा चुकी है। राज्य परिवहन प्राधिकरण ने 17 जून 2026 को एएनआई टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड यानी ओला का एग्रीगेटर लाइसेंस छह महीने के लिए निलंबित किया था। ओला के संचालन को लेकर सामने आई शिकायतों में चंडीगढ़ मोटर वाहन एग्रीगेटर नियम-2025 के प्रावधानों का पालन नहीं करने के आरोप शामिल थे। इनमें ड्राइवरों के बीमा, प्रशिक्षण, किराया व्यवस्था और कंपनी के संचालन से संबंधित अन्य नियमों के पालन को लेकर सवाल उठाए गए थे।
ओला के मामले में परिवहन प्राधिकरण की ओर से कंपनी को नियमों का पालन करने और जरूरी जवाब उपलब्ध कराने का अवसर भी दिया गया था। हालांकि, अपेक्षित अनुपालन नहीं होने के बाद लाइसेंस निलंबित करने का निर्णय लिया गया। अब इनड्राइव के खिलाफ हुई कार्रवाई से यह स्पष्ट संकेत मिल रहा है कि चंडीगढ़ प्रशासन ऐप आधारित परिवहन कंपनियों के संचालन को लेकर बनाए गए नियमों को सख्ती से लागू करने के मूड में है।
चंडीगढ़ में एग्रीगेटर कंपनियों के कामकाज को लेकर प्रशासन की निगरानी पिछले कई महीनों से जारी है। अक्टूबर 2025 में राज्य परिवहन प्राधिकरण ने ओला, उबर, रैपिडो और इनड्राइव समेत चार प्रमुख एग्रीगेटर कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए थे। इन कंपनियों से शहर में निर्धारित नियमों के तहत संचालन को लेकर जवाब मांगा गया था। प्रशासन ने कंपनियों से चंडीगढ़ में कार्यालय की व्यवस्था, निर्धारित किराया, ड्राइवरों के बीमा, चालकों के प्रशिक्षण और अन्य आवश्यक नियामकीय शर्तों के पालन के संबंध में जानकारी मांगी थी।
चंडीगढ़ में ऐप आधारित कैब और बाइक टैक्सी सेवाओं के संचालन के लिए चंडीगढ़ मोटर वाहन एग्रीगेटर नियम-2025 लागू हैं। इन नियमों के तहत एग्रीगेटर कंपनियों की जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं। प्रशासन का उद्देश्य इन सेवाओं को अधिक व्यवस्थित बनाने के साथ-साथ यात्रियों और ड्राइवरों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। कंपनियों के लिए केवल ऐप के माध्यम से यात्रियों और ड्राइवरों को जोड़ना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें सरकार की ओर से निर्धारित विभिन्न शर्तों और सुरक्षा मानकों का पालन भी करना होता है।
इन नियमों के तहत ड्राइवरों की ट्रेनिंग, बीमा, किराया व्यवस्था और वाहनों से जुड़े कई प्रावधान महत्वपूर्ण हैं। प्रशासन की ओर से लगातार यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है कि ऐप आधारित परिवहन सेवाएं बिना आवश्यक नियामकीय अनुपालन के संचालित न हों। यही वजह है कि पहले नोटिस और जवाब की प्रक्रिया अपनाने के बाद अब लाइसेंस निलंबन जैसी कार्रवाई भी सामने आ रही है।
ओला और इनड्राइव के खिलाफ छह महीने की कार्रवाई से शहर में ऐप आधारित कैब सेवाओं के क्षेत्र में हलचल बढ़ गई है। दोनों कंपनियां देश के कई शहरों में बड़े स्तर पर कैब और बाइक टैक्सी सेवाओं का संचालन करती हैं। चंडीगढ़ में लाइसेंस निलंबन के कारण इन प्लेटफॉर्म से जुड़े ड्राइवरों और वाहन मालिकों को भी इसका सीधा प्रभाव झेलना पड़ेगा।
प्राधिकरण के आदेश के बाद इनड्राइव के ड्राइवर यदि अपने वाहनों को कंपनी के ऐप से जोड़कर यात्रियों को सेवा देते हैं तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। इसका मतलब है कि केवल कंपनी के स्तर पर ही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर भी निलंबन आदेश को लागू करने की जिम्मेदारी तय की गई है। वाहन मालिकों और चालकों को इस अवधि में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी, क्योंकि आदेश का उल्लंघन करने पर आर्थिक कार्रवाई के साथ वाहन जब्ती जैसी कार्रवाई भी संभव है।
प्रशासन की इस कार्रवाई को चंडीगढ़ में परिवहन सेवाओं को नियामकीय दायरे में लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। ऐप आधारित कैब और बाइक टैक्सी सेवाओं की लोकप्रियता बढ़ने के साथ यात्रियों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में प्रशासन के सामने एक ओर यात्रियों को सुविधाजनक परिवहन उपलब्ध कराने की चुनौती है, वहीं दूसरी ओर इन सेवाओं को निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित करवाना भी जरूरी है।
इनड्राइव का लाइसेंस छह महीने के लिए निलंबित किए जाने के बाद अब कंपनी के प्लेटफॉर्म के जरिए चंडीगढ़ में कैब या बाइक टैक्सी बुक करना प्रतिबंधित रहेगा। प्रशासन ने लोगों से स्पष्ट रूप से कहा है कि वे निलंबन अवधि में इस ऐप का इस्तेमाल कर यात्रा बुक न करें। यात्रियों के लिए वैकल्पिक रूप से अन्य पंजीकृत ऐप-आधारित सेवाओं का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।
ओला के बाद इनड्राइव पर हुई कार्रवाई ने शहर में काम कर रही अन्य एग्रीगेटर कंपनियों के लिए भी संदेश स्पष्ट कर दिया है कि नियमों के उल्लंघन को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। अक्टूबर 2025 में जारी कारण बताओ नोटिस से लेकर जून और अगस्त 2026 में लाइसेंस निलंबन तक की कार्रवाई यह संकेत देती है कि प्रशासन अब केवल दिशा-निर्देश जारी करने के बजाय उनके अनुपालन की निगरानी और जरूरत पड़ने पर दंडात्मक कार्रवाई पर भी जोर दे रहा है।
चंडीगढ़ प्रशासन का यह सख्त रुख आने वाले समय में ऐप आधारित परिवहन सेवाओं के संचालन के तरीके को प्रभावित कर सकता है। कंपनियों को अपने ड्राइवर नेटवर्क, बीमा, प्रशिक्षण, किराया और अन्य नियामकीय आवश्यकताओं को लेकर ज्यादा सतर्क रहना होगा। वहीं वाहन मालिकों और चालकों के लिए भी यह जरूरी होगा कि वे केवल वैध और अधिकृत प्लेटफॉर्म के माध्यम से ही यात्रियों को सेवा उपलब्ध कराएं।
इनड्राइव पर की गई कार्रवाई से फिलहाल इतना साफ है कि चंडीगढ़ में ऐप आधारित कैब और बाइक टैक्सी सेवाओं को लेकर प्रशासन ने अनुपालन को प्राथमिकता दी है। ओला के बाद दूसरी बड़ी एग्रीगेटर कंपनी पर छह महीने का लाइसेंस निलंबन यह दर्शाता है कि नियमों का पालन नहीं करने वाली कंपनियों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।




