हॉकी वर्ल्ड कप 2026: आज भारत का वेल्स से मुकाबला, जीत के साथ अभियान शुरू करने उतरेगी टीम इंडिया

हॉकी वर्ल्ड कप 2026: आज भारत का वेल्स से मुकाबला, जीत के साथ अभियान शुरू करने उतरेगी टीम इंडिया

हॉकी वर्ल्ड कप 2026 का रोमांच आज से शुरू होने जा रहा है। टूर्नामेंट के शुरुआती मुकाबलों में ही भारतीय पुरुष हॉकी टीम मैदान पर उतरेगी। भारत का सामना वेल्स से होगा। यह मुकाबला भारतीय समयानुसार शाम 4:30 बजे से खेला जाएगा। टीम इंडिया टूर्नामेंट की शुरुआत जीत के साथ करना चाहेगी, वहीं वेल्स के सामने भारत के खिलाफ अपना रिकॉर्ड सुधारने की चुनौती होगी।

भारत और वेल्स के बीच अब तक हुए मुकाबलों में भारतीय टीम का पलड़ा पूरी तरह भारी रहा है। दोनों टीमें चार बार आमने-सामने आई हैं और हर बार भारत ने जीत हासिल की है। ऐसे में पिछले रिकॉर्ड से भारतीय खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ा हुआ होगा। हालांकि, वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में किसी भी टीम को हल्के में लेना नुकसानदायक हो सकता है।

इस मुकाबले में सबसे ज्यादा नजरें भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह पर रहेंगी। वह टीम के सबसे अनुभवी और भरोसेमंद गोल स्कोररों में शामिल हैं। खासतौर पर पेनल्टी कॉर्नर पर उनकी ड्रैग फ्लिक भारत के लिए बड़ा हथियार है। हरमनप्रीत अब तक अंतरराष्ट्रीय हॉकी में 220 गोल कर चुके हैं और टीम को उनसे एक बार फिर निर्णायक प्रदर्शन की उम्मीद होगी।

पहले मैच में ही भारत के सामने वेल्स की चुनौती

भारतीय टीम वेल्स के खिलाफ अपने पुराने रिकॉर्ड को बरकरार रखने की कोशिश करेगी। दोनों देशों के बीच हुए चार मुकाबलों में भारत ने लगातार जीत दर्ज की है। साल 2014 में भारतीय टीम ने वेल्स को 3-1 से मात दी थी। इसके बाद 2018 में दोनों टीमें भिड़ीं, जिसमें भारत ने 4-3 के करीबी अंतर से मुकाबला अपने नाम किया।

2022 में एक बार फिर भारत और वेल्स का सामना हुआ। इस बार भारतीय टीम ने 4-1 से जीत हासिल की। इसके अगले साल यानी 2023 में भी वेल्स भारतीय खिलाड़ियों को रोक नहीं सका और भारत ने मुकाबला 4-2 से अपने नाम किया।

इन चार परिणामों से साफ है कि वेल्स के खिलाफ भारत का रिकॉर्ड शानदार है। हालांकि, वर्ल्ड कप के मंच पर दबाव अलग होता है। इसलिए भारतीय टीम पुराने आंकड़ों पर निर्भर रहने के बजाय शुरुआत से ही आक्रामक हॉकी खेलने की कोशिश करेगी।

कप्तान हरमनप्रीत पर रहेंगी खास निगाहें

भारतीय टीम की सबसे बड़ी ताकतों में कप्तान हरमनप्रीत सिंह का नाम सबसे ऊपर आता है। डिफेंस की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ वह पेनल्टी कॉर्नर के जरिए गोल करने की क्षमता रखते हैं। उनकी ड्रैग फ्लिक ने कई बड़े मुकाबलों में भारत को बढ़त दिलाई है।

हरमनप्रीत ने 264 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 220 गोल किए हैं। वह भारतीय टीम के मौजूदा स्क्वाड में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी हैं। इसलिए वेल्स के डिफेंडरों को उन्हें रोकने के लिए खास रणनीति बनानी होगी।

हरमनप्रीत के अलावा मिडफील्ड में मनप्रीत सिंह की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। वहीं फॉरवर्ड लाइन में अभिषेक से भी गोल की उम्मीद रहेगी। भारतीय टीम के लिए यह जरूरी होगा कि वह केवल कप्तान पर निर्भर न रहे और अलग-अलग खिलाड़ियों के जरिए वेल्स के डिफेंस पर दबाव बनाए।

वेल्स की उम्मीदें गैरेथ फर्लोंग पर

वेल्स की टीम भी अपने प्रमुख खिलाड़ी गैरेथ फर्लोंग से बड़ी उम्मीद लगाए मैदान पर उतरेगी। वह टीम के को-कप्तान होने के साथ-साथ पेनल्टी कॉर्नर के विशेषज्ञ हैं। ड्रैग फ्लिक में उनकी क्षमता उन्हें भारत के लिए खतरनाक खिलाड़ी बनाती है।

फर्लोंग ने 166 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 113 गोल किए हैं। ऐसे में भारतीय डिफेंस को उनके खिलाफ विशेष सावधानी बरतनी होगी। अगर वेल्स को लगातार पेनल्टी कॉर्नर मिलते हैं तो फर्लोंग भारत के लिए परेशानी पैदा कर सकते हैं।

भारत की कोशिश होगी कि वह वेल्स को ज्यादा पेनल्टी कॉर्नर के मौके न दे। साथ ही भारतीय खिलाड़ी विपक्षी सर्कल में मिले अवसरों को गोल में बदलने पर ध्यान देंगे।

आठ भारतीय खिलाड़ी पहली बार खेलेंगे वर्ल्ड कप

इस बार भारतीय टीम में कई ऐसे चेहरे हैं जिनके लिए वर्ल्ड कप का अनुभव बिल्कुल नया होगा। कुल 20 खिलाड़ियों के स्क्वाड में आठ खिलाड़ी पहली बार हॉकी के इस सबसे बड़े मंच पर उतरेंगे।

युवा खिलाड़ियों के लिए यह मुकाबला अपने आप में बड़ी परीक्षा होगा। वर्ल्ड कप में मुकाबलों का दबाव आम अंतरराष्ट्रीय मैचों से काफी अलग होता है। ऐसे में अनुभवी खिलाड़ियों की जिम्मेदारी होगी कि वे नए खिलाड़ियों को मैदान पर आत्मविश्वास दें।

डिफेंडर यशदीप सिवाच के लिए यह टूर्नामेंट व्यक्तिगत रूप से भी बेहद खास रहने वाला है। वह पहली बार वर्ल्ड कप खेलने जा रहे हैं और यह आयोजन उस देश में हो रहा है, जहां उनकी मां प्रीतम सिवाच भारत की ओर से वर्ल्ड कप में हिस्सा ले चुकी हैं। इस वजह से यशदीप के लिए टूर्नामेंट भावनात्मक रूप से भी यादगार हो सकता है।

श्रीजेश के बिना पहली बार वर्ल्ड कप खेलेगा भारत

भारतीय हॉकी टीम इस वर्ल्ड कप में अपने अनुभवी गोलकीपर पीआर श्रीजेश के बिना उतरेगी। श्रीजेश ने पेरिस ओलिंपिक के बाद अंतरराष्ट्रीय हॉकी से संन्यास ले लिया था। उनके जाने के बाद गोलपोस्ट की जिम्मेदारी नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के कंधों पर है।

इस बार टीम में सूरज करकेरा और मोहित एचएस गोलकीपर की भूमिका निभाएंगे। दोनों खिलाड़ियों के लिए वर्ल्ड कप का अनुभव पहली बार होगा। इसलिए भारत की डिफेंस लाइन के सामने भी अतिरिक्त जिम्मेदारी होगी कि वह विपक्षी टीम को गोल करने के ज्यादा मौके न दे।

श्रीजेश लंबे समय तक भारतीय हॉकी के अहम स्तंभ रहे हैं। ऐसे में उनके बाद टीम का गोलकीपिंग विभाग किस तरह प्रदर्शन करता है, इस पर भी हॉकी प्रशंसकों की नजर रहेगी।

महिला वर्ल्ड कप में भी होंगे मुकाबले

पुरुषों के भारत-वेल्स मुकाबले से पहले महिला हॉकी वर्ल्ड कप के दो मैच भी खेले जाएंगे। दिन के पहले मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया और जापान की टीमें आमने-सामने होंगी। इसके बाद जर्मनी और स्कॉटलैंड के बीच मुकाबला होगा।

इस तरह टूर्नामेंट के शुरुआती दिन ही हॉकी प्रशंसकों को कई अहम मुकाबले देखने को मिलेंगे। पुरुष वर्ग में भारत के अभियान पर घरेलू प्रशंसकों की खास नजर रहेगी।

भारत की टीम में अनुभव और युवा जोश का मेल

भारतीय स्क्वाड में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ युवा प्रतिभाओं को भी जगह दी गई है। कप्तान हरमनप्रीत के अलावा टीम में जरमनप्रीत सिंह, अमित रोहिदास, जुगराज सिंह, संजय और सुमित जैसे डिफेंडर हैं। मिडफील्ड में मनप्रीत सिंह, हार्दिक सिंह, विवेक सागर प्रसाद और नीलाकंता शर्मा जैसे खिलाड़ी मौजूद हैं।

फॉरवर्ड लाइन में मंदीप सिंह, अभिषेक, सुखजीत सिंह, दिलप्रीत सिंह और शिलानंद लाकड़ा जैसे खिलाड़ी टीम की आक्रमण क्षमता को मजबूत करते हैं। राजिंदर सिंह और आदित्य अर्जुन लालगे भी टीम का हिस्सा हैं।

भारत की कोशिश होगी कि शुरुआत से ही गेंद पर नियंत्रण रखा जाए और वेल्स को दबाव में रखा जाए। अगर टीम को पेनल्टी कॉर्नर मिलते हैं तो हरमनप्रीत और जुगराज जैसे विशेषज्ञों के जरिए गोल के मौके बनाए जा सकते हैं।

भारत की पूरी टीम

भारतीय स्क्वाड की कमान हरमनप्रीत सिंह के हाथों में है। गोलकीपिंग की जिम्मेदारी मोहित एचएस और सूरज करकेरा संभालेंगे। डिफेंस में जरमनप्रीत सिंह, अमित रोहिदास, जुगराज सिंह, संजय, सुमित और यशदीप सिवाच शामिल हैं।

मिडफील्ड में मनप्रीत सिंह, हार्दिक सिंह, विवेक सागर प्रसाद, नीलाकंता शर्मा, राजिंदर सिंह और आदित्य अर्जुन लालगे हैं। फॉरवर्ड लाइन में मंदीप सिंह, अभिषेक, सुखजीत सिंह, दिलप्रीत सिंह और शिलानंद लाकड़ा को जगह मिली है।

वेल्स का स्क्वाड भी तैयार

वेल्स की टीम की कमान गैरेथ फर्लोंग संभालेंगे। गोलकीपर के तौर पर टोबी रेनॉल्ड्स-कॉटेरिल और राइस पेन टीम में हैं। डिफेंस में डेनियल किरियाकिडिस, ह्वेल जोन्स, अल्फ डिनी, जैकब ड्रेपर, रोडरी फर्लोंग और डेल हचिंसन जैसे खिलाड़ी शामिल हैं।

इसके अलावा राइस ब्रैडशॉ, फ्रेड न्यूबोल्ड, गैरेथ ग्रिफिथ्स, बेन फ्रांसिस, निक मॉर्गन, जैक प्रिचर्ड, जोलियॉन मॉर्गन, सैम वेल्श, जॉनी फ्लेक, जेम्स टायसन और लियाम बार्कर भी स्क्वाड का हिस्सा हैं।

जीत के साथ शुरुआत करना चाहेगा भारत

वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में पहला मुकाबला बेहद अहम माना जाता है। जीत से टीम को न केवल अंक मिलते हैं, बल्कि आगे के मैचों के लिए आत्मविश्वास भी बढ़ता है। भारत के सामने आज वेल्स की चुनौती है और आंकड़े पूरी तरह भारतीय टीम के पक्ष में हैं।

हालांकि, कप्तान हरमनप्रीत सिंह की टीम यह मुकाबला केवल पुराने रिकॉर्ड के भरोसे नहीं खेलना चाहेगी। नए खिलाड़ियों के लिए यह खुद को साबित करने का अवसर होगा, जबकि अनुभवी खिलाड़ी टीम को मुश्किल परिस्थितियों से निकालने की कोशिश करेंगे।

भारत की नजरें मजबूत शुरुआत पर होंगी। कप्तान हरमनप्रीत के 220 अंतरराष्ट्रीय गोलों का अनुभव, मिडफील्ड की मजबूती और फॉरवर्ड लाइन की आक्रामकता टीम की जीत की कुंजी बन सकती है। अब देखना होगा कि वेल्स के खिलाफ अजेय रिकॉर्ड रखने वाली भारतीय टीम वर्ल्ड कप 2026 के पहले ही मुकाबले में जीत के साथ अपने अभियान का आगाज कर पाती है या नहीं।