बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारतीय टीम के लिए गुरुवार का दिन मिला-जुला रहा। एक तरफ पीवी सिंधु और युवा शटलर आयुष शेट्टी को हार के बाद टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा, वहीं पुरुष और महिला डबल्स में भारत को बड़ी सफलता मिली। सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी-चिराग शेट्टी और त्रिसा जॉली-गायत्री गोपीचंद की जोड़ियों ने अपने-अपने मुकाबले जीतकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। हालांकि, मिक्स्ड डबल्स में ध्रुव कपिला और तनिषा क्रास्टो की हार के साथ भारत की चुनौती समाप्त हो गई।
नई दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में खेली जा रही इस प्रतिष्ठित चैंपियनशिप में भारतीय खिलाड़ियों ने कई रोमांचक मुकाबले खेले। सबसे ज्यादा नजरें दो बार की ओलिंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु के मैच पर थीं, लेकिन वह महिला सिंगल्स के राउंड ऑफ 16 में चीन की वांग झी यी की चुनौती पार नहीं कर सकीं। तीन गेम तक चले मुकाबले में सिंधु को 11-21, 21-15, 17-21 से हार का सामना करना पड़ा। यह मैच एक घंटे 28 मिनट तक चला।
सिंधु की हार के साथ सिंगल्स में भारत की चुनौती समाप्त
महिला सिंगल्स में सिंधु भारत की आखिरी उम्मीद थीं। उनके बाहर होने के साथ ही सिंगल्स वर्ग में भारतीय खिलाड़ियों का अभियान समाप्त हो गया। सिंधु के मुकाबले में शुरुआत चीन की खिलाड़ी वांग झी यी ने बेहद मजबूत तरीके से की। तीसरी वरीयता प्राप्त वांग ने पहले गेम में लगातार अंक बनाते हुए सिंधु को 21-11 से पीछे छोड़ दिया।
हालांकि, दूसरे गेम में भारतीय स्टार ने शानदार वापसी की। सिंधु ने अपनी गति और आक्रामक खेल का बेहतर इस्तेमाल किया और चीनी खिलाड़ी पर दबाव बनाते हुए 21-15 से गेम अपने नाम कर लिया। इसके बाद मुकाबला निर्णायक तीसरे गेम में पहुंच गया, जहां दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली।
तीसरे गेम में सिंधु ने संघर्ष जरूर किया, लेकिन मैच के महत्वपूर्ण क्षणों में वांग झी यी ने बेहतर नियंत्रण बनाए रखा। चीनी खिलाड़ी ने निर्णायक गेम 21-17 से जीतकर सिंधु का सफर समाप्त कर दिया। इस हार के साथ सिंधु की वर्ल्ड चैंपियनशिप में छठा पदक जीतने की उम्मीद भी खत्म हो गई।
यह हार इसलिए भी खास रही क्योंकि वर्ल्ड चैंपियनशिप में सिंधु का चीनी खिलाड़ियों के खिलाफ शानदार रिकॉर्ड रहा है। वह चीन के खिलाड़ियों के खिलाफ लगातार आठ मुकाबले जीतने के बाद पहली बार हारीं। सिंधु ने मैच में वापसी की पूरी कोशिश की, लेकिन निर्णायक गेम में लगातार लय बनाए रखना उनके लिए मुश्किल साबित हुआ।
आयुष शेट्टी को इंडोनेशियाई खिलाड़ी ने हराया
भारत को पुरुष सिंगल्स में भी निराशा मिली। आयुष शेट्टी राउंड ऑफ 16 के मुकाबले में इंडोनेशिया के अल्वी फरहान से सीधे गेम में हार गए। करीब 45 मिनट तक चले मुकाबले में फरहान ने 21-19, 21-11 से जीत दर्ज की।
पहला गेम काफी प्रतिस्पर्धी रहा। आयुष ने मुकाबले की शुरुआत शानदार अंदाज में की और शुरुआती तीन अंक अपने नाम किए। इसके बाद अल्वी फरहान ने धीरे-धीरे वापसी की और मैच को संतुलित कर दिया। ब्रेक तक इंडोनेशियाई खिलाड़ी 11-9 की मामूली बढ़त के साथ आगे था।
इंटरवल के बाद दोनों खिलाड़ियों के बीच एक-एक अंक के लिए संघर्ष देखने को मिला। आयुष ने फरहान को आसानी से आगे नहीं बढ़ने दिया और स्कोर लगातार करीबी बना रहा। लेकिन गेम के अंतिम चरण में इंडोनेशियाई खिलाड़ी ने बेहतर रणनीति दिखाई और 21-19 से पहला गेम जीत लिया।
पहले गेम की हार का असर दूसरे गेम में आयुष के प्रदर्शन पर दिखाई दिया। फरहान ने शुरुआत से ही दबाव बनाना शुरू कर दिया और भारतीय खिलाड़ी को वापसी का पर्याप्त मौका नहीं दिया। एक समय वह 8-5 से आगे था, जिसके बाद उन्होंने लगातार बढ़त मजबूत की। आयुष मैच में जरूरी लय हासिल नहीं कर सके और दूसरा गेम 11-21 से गंवा बैठे। इस तरह उनका वर्ल्ड चैंपियनशिप अभियान समाप्त हो गया।
सात्विक-चिराग ने तीन गेम के संघर्ष में मलेशियाई जोड़ी को हराया
सिंगल्स में भारत के लिए निराशाजनक नतीजों के बीच पुरुष डबल्स से अच्छी खबर आई। पांचवीं वरीयता प्राप्त सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी ने मलेशिया के जुनैदी अरिफ और रॉय किंग याप को हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया।
भारतीय जोड़ी को जीत के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ा। पहला गेम बेहद रोमांचक रहा, जिसमें मलेशियाई खिलाड़ियों ने 23-21 से जीत हासिल कर सात्विक और चिराग को शुरुआती झटका दिया। इसके बाद भारतीय जोड़ी ने शानदार वापसी करते हुए दूसरे गेम में 21-19 से जीत दर्ज की और मुकाबले को निर्णायक गेम तक पहुंचाया।
तीसरे गेम में सात्विक और चिराग ने अधिक आत्मविश्वास के साथ खेल दिखाया। दोनों खिलाड़ियों ने नेट पर बेहतर नियंत्रण और तेज रैलियों के जरिए विरोधी जोड़ी पर दबाव बनाया। अंत में भारतीय जोड़ी ने 21-17 से गेम जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया और टॉप-8 में जगह पक्की की।
सात्विक-चिराग को पिछले राउंड में स्कॉटलैंड के एलेक्जेंडर डन और एडम प्रिंगल के खिलाफ वॉकओवर मिला था। इसके बाद राउंड ऑफ 16 में उन्हें कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा, लेकिन अनुभवी भारतीय जोड़ी ने दबाव के बावजूद वापसी करते हुए जीत हासिल की। अब क्वार्टर फाइनल में उनके सामने टूर्नामेंट की एक और मजबूत चुनौती होगी।
त्रिसा-गायत्री ने जापान की सातवीं वरीयता प्राप्त जोड़ी को चौंकाया
महिला डबल्स में भारत की त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। 39वीं वरीयता प्राप्त भारतीय जोड़ी ने जापान की सातवीं वरीयता प्राप्त रिन इवानागा और की नाकानिशी को सीधे गेम में हराकर बड़ा उलटफेर किया।
त्रिसा और गायत्री ने मुकाबले की शुरुआत से ही आत्मविश्वास से भरा खेल दिखाया। जापानी जोड़ी को सातवीं वरीयता मिलने के बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने उन्हें खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। पहले गेम में दोनों भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार तालमेल दिखाते हुए 21-16 से जीत दर्ज की।
दूसरे गेम में भी भारतीय जोड़ी का दबदबा जारी रहा। त्रिसा और गायत्री ने अपनी लय बनाए रखी और जापानी खिलाड़ियों को वापसी का मौका नहीं दिया। उन्होंने दूसरा गेम 21-12 से जीतकर मुकाबला सीधे गेम में समाप्त कर दिया।
इस जीत के साथ भारत को महिला डबल्स में क्वार्टर फाइनल की उम्मीद मिल गई है। कम वरीयता के बावजूद त्रिसा-गायत्री ने मजबूत प्रतिद्वंद्वी को हराकर साबित किया कि वे टूर्नामेंट में आगे भी बड़ी चुनौती पेश कर सकती हैं।
ध्रुव कपिला और तनिषा क्रास्टो का अभियान खत्म
मिक्स्ड डबल्स में भारत की आखिरी जोड़ी ध्रुव कपिला और तनिषा क्रास्टो को चीन की गुओ शिन वा और चेन फांग हुई के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। राउंड ऑफ 16 में चीनी जोड़ी ने भारतीय खिलाड़ियों को 21-16, 21-5 से हराया। मुकाबला केवल 31 मिनट तक चला।
पहले गेम में ध्रुव और तनिषा ने मुकाबला बनाए रखने की कोशिश की। भारतीय जोड़ी ने कुछ अच्छे अंक भी जुटाए, लेकिन चीनी खिलाड़ियों ने महत्वपूर्ण मौकों पर बेहतर खेल दिखाया और 21-16 से पहला गेम जीत लिया।
दूसरे गेम में मुकाबला पूरी तरह एकतरफा हो गया। चीनी जोड़ी ने लगातार अंक बनाते हुए भारतीय खिलाड़ियों पर दबाव बढ़ा दिया। ध्रुव और तनिषा केवल पाँच अंक ही बना सके और 5-21 से गेम हार गए। इसके साथ ही मिक्स्ड डबल्स में भारत की चुनौती समाप्त हो गई।
ध्रुव और तनिषा ने इससे पहले टूर्नामेंट में मकाऊ की लियोंग लोक चोंग और एन वेंग ची की जोड़ी को 21-11, 21-11 से हराकर राउंड ऑफ 16 में जगह बनाई थी। लेकिन चीन की मजबूत जोड़ी के सामने उनका प्रदर्शन उस स्तर का नहीं रह सका।
डबल्स में भारत की उम्मीदें बरकरार
गुरुवार के मुकाबलों के बाद भारतीय सिंगल्स और मिक्स्ड डबल्स खिलाड़ियों का सफर समाप्त हो चुका है, लेकिन डबल्स स्पर्धाओं में देश की उम्मीदें कायम हैं। पुरुष डबल्स में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी तथा महिला डबल्स में त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद क्वार्टर फाइनल में पहुंच चुके हैं।
पीवी सिंधु की हार भारतीय प्रशंसकों के लिए बड़ा झटका रही, क्योंकि उनसे रिकॉर्ड छठे वर्ल्ड चैंपियनशिप पदक की उम्मीद की जा रही थी। वहीं आयुष शेट्टी का अभियान भी राउंड ऑफ 16 में समाप्त हो गया। दूसरी ओर, सात्विक-चिराग और त्रिसा-गायत्री की जीत ने भारतीय चुनौती को जीवित रखा है।
अब भारत की नजरें इन दोनों जोड़ियों के क्वार्टर फाइनल मुकाबलों पर होंगी। अगर वे अगले दौर की बाधा पार करने में सफल रहते हैं, तो भारतीय टीम के लिए इस वर्ल्ड चैंपियनशिप में पदक की उम्मीद और मजबूत हो सकती है। फिलहाल, नई दिल्ली में जारी टूर्नामेंट में भारत की सबसे बड़ी उम्मीदें डबल्स कोर्ट पर टिकी हुई हैं।




