महंगाई के खिलाफ चंडीगढ़ में कांग्रेस का हल्ला बोल, बिना चीनी की चाय के साथ प्रदर्शन

महंगाई के खिलाफ चंडीगढ़ में कांग्रेस का हल्ला बोल, बिना चीनी की चाय के साथ प्रदर्शन

देश में रोजमर्रा के इस्तेमाल की खाद्य वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के खिलाफ पंजाब कांग्रेस ने बुधवार को चंडीगढ़ में केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की अगुवाई में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता पंजाब कांग्रेस भवन के बाहर एकत्र हुए और महंगाई के मुद्दे पर केंद्र की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने बढ़ती चीनी की कीमतों को लेकर विरोध दर्ज कराने के लिए लोगों को बिना चीनी की चाय परोसकर अनोखा सांकेतिक प्रदर्शन भी किया।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के दौरान लोकभवन की ओर जाने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस ने उन्हें रास्ते में बैरिकेड लगाकर रोक दिया। प्रदर्शन स्थल से करीब एक किलोमीटर पहले ही भारी पुलिस बल और बैरिकेडिंग की व्यवस्था कर दी गई थी, जिसके चलते प्रदर्शनकारियों और वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आगे बढ़ने का प्रयास जारी रखा, जिसके बाद मौके पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनातनी की स्थिति बन गई।

स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर पानी की बौछारें कीं। इसके बावजूद जब कार्यकर्ताओं ने आगे बढ़ने की कोशिश की तो पुलिस ने बल प्रयोग कर उन्हें पीछे हटाया। इसके बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग समेत कई वरिष्ठ नेताओं और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया। हिरासत में लिए गए नेताओं और कार्यकर्ताओं को सेक्टर-11 थाने ले जाया गया।

प्रदर्शन में कांग्रेस के पुरुष कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं ने भी हिस्सा लिया। पार्टी नेताओं ने केंद्र सरकार पर आम जनता की परेशानियों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। कांग्रेस का कहना था कि खाने-पीने की जरूरी वस्तुओं की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी से आम परिवारों का घरेलू बजट प्रभावित हो रहा है और सरकार को महंगाई पर तत्काल कदम उठाने चाहिए।

राजा वड़िंग ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के चलते आम लोगों के लिए रोजमर्रा की जरूरत की चीजें लगातार महंगी होती जा रही हैं। उन्होंने खास तौर पर चीनी की कीमतों का मुद्दा उठाते हुए दावा किया कि पिछले वर्ष की इसी अवधि के मुकाबले खुदरा और थोक बाजार में चीनी की कीमतों में करीब 40 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि कुछ राज्यों में कीमतों में यह इजाफा 50 प्रतिशत तक पहुंच चुका है।

वड़िंग ने दावा किया कि देश के आठ राज्यों में चीनी का भाव 65 रुपये प्रति किलोग्राम से ऊपर चला गया है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन महीनों में चीनी की कीमत करीब 48 रुपये से बढ़कर 67 रुपये प्रति किलो और गुड़ की कीमत 50 रुपये से बढ़कर लगभग 65 रुपये प्रति किलो हो गई है। उनके अनुसार, खाद्य वस्तुओं की कीमतों में इस तरह की वृद्धि सीधे तौर पर आम उपभोक्ता की जेब पर असर डाल रही है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने चीनी की कीमतों में वृद्धि को लेकर केंद्र सरकार से कई सवाल भी पूछे। उन्होंने चीनी के निर्यात की नीति, गन्ने के इस्तेमाल और एथेनाल उत्पादन से जुड़े फैसलों पर सरकार से स्पष्टीकरण मांगा। उनका कहना था कि गन्ने का एक बड़ा हिस्सा एथेनाल उत्पादन में इस्तेमाल किया जा रहा है, ऐसे में सरकार को यह बताना चाहिए कि इसका घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता और कीमतों पर क्या असर पड़ रहा है।

वड़िंग ने ई-20 एथेनाल मिश्रण को लेकर भी केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने सवाल किया कि यदि पेट्रोल में एथेनाल मिश्रण से देश के लिए ईंधन की बचत हो रही है तो इसका लाभ आम उपभोक्ताओं को पेट्रोल की कीमतों में राहत के रूप में क्यों नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि सरकार को अपनी ईंधन और कृषि संबंधी नीतियों के प्रभाव को आम जनता के दृष्टिकोण से भी देखना चाहिए।

उन्होंने आटा, दाल, खाद्य तेल, प्याज, चीनी और गुड़ समेत कई आवश्यक खाद्य पदार्थों की कीमतों में वृद्धि का मुद्दा उठाया। वड़िंग ने आरोप लगाया कि महंगाई पर नियंत्रण रखने में केंद्र सरकार प्रभावी कदम उठाने में नाकाम रही है। उन्होंने कहा कि खाने-पीने की चीजों के महंगे होने का सबसे ज्यादा असर मध्यम वर्ग, गरीब परिवारों और रोजमर्रा की आय पर निर्भर लोगों पर पड़ता है।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाते रहे। पार्टी नेताओं ने कहा कि महंगाई के खिलाफ उनका आंदोलन केवल राजनीतिक विरोध तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आम उपभोक्ता की परेशानियों को सामने लाने का प्रयास है। उनका कहना था कि सरकार को बाजार में जरूरी खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर निगरानी बढ़ानी चाहिए और ऐसे कदम उठाने चाहिए जिससे आम लोगों को राहत मिल सके।

पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को रोकने और बाद में हिरासत में लिए जाने के कारण प्रदर्शन स्थल पर कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। पुलिस ने लोकभवन की तरफ जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग कर रखी थी और बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया था। प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने पानी की बौछारों का भी इस्तेमाल किया।

कांग्रेस नेताओं ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि महंगाई के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाना उनका अधिकार है। पार्टी कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। वहीं, पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने और उन्हें हिरासत में लेने की कार्रवाई की।

इस प्रदर्शन में एआईसीसी सचिव रविंदर दलवी, पूर्व मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू, हरदयाल कंबोज, कुलजीत सिंह नागरा और गुरशरण रंधावा समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। इनके अलावा बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौके पर मौजूद रहे।

हालांकि, प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के कुछ प्रमुख चेहरे नजर नहीं आए। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी समेत कई वरिष्ठ नेताओं की गैरमौजूदगी भी चर्चा का विषय बनी रही। इसके बावजूद पार्टी के प्रदेश नेतृत्व ने बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को जुटाकर महंगाई के मुद्दे पर केंद्र सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि खाद्य वस्तुओं की कीमतों में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही तो इसका सीधा असर आम परिवारों के मासिक खर्च पर पड़ेगा। उन्होंने केंद्र सरकार से चीनी समेत जरूरी खाद्य वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। पार्टी ने यह भी कहा कि महंगाई के मुद्दे को आने वाले दिनों में और मजबूती से उठाया जाएगा और जनता से जुड़े सवालों पर सरकार को घेरा जाता रहेगा।

बिना चीनी की चाय परोसने से लेकर लोकभवन की ओर मार्च और पुलिस की पानी की बौछारों तक, चंडीगढ़ में हुआ यह प्रदर्शन पंजाब कांग्रेस के लिए महंगाई के मुद्दे को राजनीतिक तौर पर प्रमुखता से उठाने का एक बड़ा प्रयास रहा। राजा वड़िंग ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस आम लोगों की जेब पर पड़ रहे महंगाई के बोझ को लेकर केंद्र सरकार से जवाब मांगती रहेगी।