शेर-ए-पंजाब टी20 लीग के उद्घाटन मुकाबले ने ही टूर्नामेंट के रोमांच का स्तर तय कर दिया। मोहाली किंग्स और अमृतसर सूरमा के बीच खेले गए सीजन के पहले मैच में बल्लेबाजों ने गेंदबाजों की जमकर खबर ली। मुकाबले में दोनों टीमों की ओर से चौकों और छक्कों की ऐसी बरसात देखने को मिली कि पूरे मैच में 500 से ज्यादा रन बन गए। अंत में मोहाली किंग्स ने लक्ष्य का पीछा करते हुए तीन गेंद बाकी रहते पांच विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया।
इस हाई स्कोरिंग मैच की सबसे बड़ी कहानी मोहाली किंग्स के अनमोलप्रीत सिंह रहे। उन्होंने ऐसी विस्फोटक बल्लेबाजी की, जिसने अमृतसर सूरमा के 258 रन के विशाल स्कोर को भी छोटा साबित कर दिया। अनमोलप्रीत ने महज 51 गेंदों पर 133 रन ठोककर अपनी टीम को असंभव नजर आ रहे लक्ष्य तक पहुंचा दिया। उनकी पारी में 10 चौके और 12 छक्के शामिल रहे। उन्होंने केवल 39 गेंदों में अपना शतक पूरा कर लिया था।
मोहाली की इस जीत के साथ ही लीग के इतिहास में पहले मैच से एक बड़ा रिकॉर्ड दर्ज हो गया। अमृतसर सूरमा ने निर्धारित 20 ओवर से कुछ गेंद पहले 258 रन बनाए, जबकि जवाब में मोहाली किंग्स ने 19.3 ओवर में ही 262 रन बनाकर लक्ष्य हासिल कर लिया। यानी दोनों टीमों के स्कोर को जोड़ने पर मुकाबले में कुल 520 रन बने। टी20 क्रिकेट में इस तरह की रन बरसात किसी भी टूर्नामेंट के लिए बेहद खास शुरुआत मानी जा सकती है।
अनमोलप्रीत की तूफानी पारी ने पलटा मुकाबला
मोहाली किंग्स के सामने 259 रन का लक्ष्य था। इतने बड़े स्कोर का पीछा करना आसान नहीं था, लेकिन अनमोलप्रीत सिंह ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाकर मैच का रुख बदल दिया। उन्होंने अमृतसर के गेंदबाजों को संभलने का मौका नहीं दिया। मैदान के चारों तरफ शॉट लगाते हुए अनमोलप्रीत ने रन बनाने की रफ्तार लगातार तेज रखी।
उनकी 133 रन की पारी में 12 छक्के और 10 चौके आए। यानी उन्होंने केवल बाउंड्री के जरिए ही 108 रन बटोर लिए। इस पारी ने मोहाली को रन चेज में जबरदस्त बढ़त दिलाई। शतक पूरा करने के बाद भी अनमोलप्रीत लगातार बड़े शॉट खेलने की कोशिश करते रहे। आखिरकार 51 गेंदों में 133 रन बनाकर वह आउट हुए, लेकिन तब तक वह अपनी टीम को जीत की दहलीज तक पहुंचा चुके थे।
अनमोलप्रीत की पारी की खास बात उनकी बल्लेबाजी की गति भी रही। उन्होंने महज 39 गेंदों में तीन अंकों का आंकड़ा छू लिया। उनकी इस पारी ने मैच में मौजूद दर्शकों के बीच रोमांच को कई गुना बढ़ा दिया।
कप्तान रमनदीप ने भी निभाई अहम भूमिका
मोहाली की जीत सिर्फ अनमोलप्रीत सिंह की बल्लेबाजी के दम पर नहीं आई। कप्तान रमनदीप सिंह ने भी दबाव के समय शानदार बल्लेबाजी करते हुए टीम को लक्ष्य के पार पहुंचाने में अहम योगदान दिया। उन्होंने 40 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 69 रन बनाए।
रमनदीप की पारी में नौ चौके और एक छक्का शामिल रहा। उन्होंने एक छोर संभालकर रखा और अनमोलप्रीत के साथ मिलकर रन चेज को मजबूत आधार दिया। जब अनमोलप्रीत पवेलियन लौटे, तब भी कप्तान ने संयम नहीं खोया और अपनी टीम को लक्ष्य तक ले गए।
रमनदीप की नाबाद पारी इस लिहाज से भी महत्वपूर्ण रही कि मोहाली को आखिरी ओवरों में ज्यादा दबाव का सामना नहीं करना पड़ा। उनके साथ बल्लेबाजी करने वाले गुरमेहर सारा ने 26 रन और हरप्रीत बरार ने 23 रन बनाकर टीम के स्कोर को आगे बढ़ाने में मदद की।
अमृतसर सूरमा ने पहले ही मुकाबले में खड़ा किया बड़ा स्कोर
इससे पहले टॉस हारकर अमृतसर सूरमा को बल्लेबाजी करने के लिए मैदान पर उतरना पड़ा। टीम के सलामी बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही आक्रामक क्रिकेट खेला और मोहाली के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। कप्तान अभिषेक शर्मा और सहज धवन की जोड़ी ने शुरुआती ओवरों में ही मुकाबले की दिशा तय कर दी।
दोनों बल्लेबाजों के बीच केवल 31 गेंदों में 100 रन की साझेदारी हो गई। इतनी तेज साझेदारी ने अमृतसर को पावरप्ले के बाद ही मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। कप्तान अभिषेक शर्मा ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। उन्होंने सिर्फ 26 गेंदों में 77 रन बना डाले।
अभिषेक की पारी में सात छक्के और छह चौके शामिल थे। उन्होंने लगभग हर गेंदबाज के खिलाफ आक्रामक अंदाज अपनाया और गेंद को लगातार बाउंड्री के बाहर भेजते रहे। उनकी बल्लेबाजी ने अमृतसर को बड़े स्कोर की ओर तेजी से बढ़ाया।
सहज धवन ने भी खेली तेज पारी
अभिषेक शर्मा के साथ ओपनिंग करने उतरे विकेटकीपर बल्लेबाज सहज धवन ने भी उनका भरपूर साथ दिया। उन्होंने शुरुआत में स्ट्राइक रोटेट करने के साथ-साथ खराब गेंदों को बाउंड्री तक पहुंचाया। सहज ने केवल 18 गेंदों में 45 रन बनाए।
उनकी पारी में सात चौके और दो छक्के शामिल रहे। दोनों सलामी बल्लेबाजों ने मिलकर अमृतसर की पारी को ऐसी शुरुआत दी, जिससे मोहाली के गेंदबाजों के लिए वापसी करना मुश्किल हो गया। 31 गेंदों में शतकीय साझेदारी ने अमृतसर के स्कोर की नींव रख दी थी।
सहज धवन के आउट होने के बाद भी अमृतसर की रन गति में कोई खास कमी नहीं आई। तीसरे नंबर पर आए नमन धीर ने भी आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखी। उन्होंने 22 गेंदों में 47 रन बनाए। नमन की पारी में पांच छक्के और एक चौका शामिल रहा।
निचले क्रम ने भी जोड़े उपयोगी रन
टॉप ऑर्डर के बल्लेबाजों के शानदार प्रदर्शन के बाद अमृतसर के निचले क्रम के खिलाड़ियों ने भी स्कोर को 250 के पार पहुंचाने में योगदान दिया। राहुल कुमार ने 23 रन बनाए, जबकि अभय चौधरी के बल्ले से 18 रन निकले।
इन पारियों की बदौलत अमृतसर सूरमा ने 19.5 ओवर में 258 रन का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया। एक समय ऐसा लग रहा था कि यह स्कोर विपक्षी टीम के लिए काफी मुश्किल साबित होगा। टी20 क्रिकेट में 250 से ज्यादा का लक्ष्य अपने आप में बड़ा माना जाता है, लेकिन इस मुकाबले में कहानी पूरी तरह अलग रही।
मोहाली के गेंदबाजों की चुनौती
मोहाली किंग्स की ओर से गेंदबाजी करते हुए तेजप्रीत सिंह ने सबसे प्रभावी प्रदर्शन किया। उन्होंने अमृतसर की पारी के दौरान तीन बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। उनके अलावा हरप्रीत बरार और तनमय धारनी ने दो-दो विकेट हासिल किए।
हालांकि अमृतसर के बल्लेबाजों की आक्रामक शैली के सामने मोहाली के गेंदबाजों को काफी रन खर्च करने पड़े। विकेट हासिल करने के बावजूद वे रन गति को रोक नहीं पाए और अमृतसर का स्कोर 258 तक पहुंच गया।
लेकिन दूसरी पारी में मोहाली के बल्लेबाजों ने गेंदबाजी की इस चुनौती को पूरी तरह उलट दिया। अनमोलप्रीत सिंह ने जिस अंदाज में बल्लेबाजी की, उसने अमृतसर की मजबूत स्थिति को कमजोर कर दिया।
पहले मैच में ही बना यादगार रिकॉर्ड
शेर-ए-पंजाब टी20 लीग के पहले मुकाबले में 520 रन बनना इस टूर्नामेंट के लिए बेहद खास शुरुआत है। एक तरफ अमृतसर सूरमा ने 258 रन बनाकर बड़ा स्कोर बनाया, तो दूसरी ओर मोहाली किंग्स ने 262 रन बनाकर उससे भी आगे निकलते हुए लक्ष्य हासिल कर लिया।
मोहाली ने 19.3 ओवर में पांच विकेट गंवाकर 262 रन बनाए। इस तरह टीम ने न सिर्फ 259 रन के लक्ष्य को हासिल किया, बल्कि तीन गेंद पहले ही जीत दर्ज कर ली। इतने बड़े लक्ष्य का सफल पीछा अपने आप में इस मुकाबले की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक रहा।
ओपनिंग मैच में ही बल्लेबाजों का ऐसा प्रदर्शन देखने के बाद अब लीग के बाकी मुकाबलों को लेकर भी उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। अभिषेक शर्मा, अनमोलप्रीत सिंह, रमनदीप सिंह और नमन धीर जैसे खिलाड़ियों ने पहले ही मुकाबले में बता दिया कि शेर-ए-पंजाब टी20 लीग में दर्शकों को तेज और आक्रामक क्रिकेट देखने को मिलने वाला है।
मुकाबले का नतीजा भले ही मोहाली किंग्स के पक्ष में गया, लेकिन अमृतसर सूरमा के बल्लेबाजों ने भी अपनी पारी से खूब प्रभावित किया। 258 रन बनाने के बाद भी टीम को हार का सामना करना पड़ा, जो बताता है कि इस मैच में बल्लेबाजी किस स्तर की रही।
इस तरह शेर-ए-पंजाब टी20 लीग का पहला मुकाबला रिकॉर्ड रन, तेज शतक, बड़े-बड़े छक्कों और रोमांचक रन चेज के नाम रहा। टूर्नामेंट की शुरुआत ही 520 रनों के आंकड़े के साथ हुई है। अब देखने वाली बात होगी कि आने वाले मुकाबलों में कोई टीम इस रिकॉर्ड को चुनौती दे पाती है या नहीं।




