कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: दूसरे दिन भारत की मेडल उम्मीदें, पैरा पावरलिफ्टिंग से लेकर बॉक्सिंग तक खिलाड़ियों पर रहेंगी निगाहें

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: दूसरे दिन भारत की मेडल उम्मीदें, पैरा पावरलिफ्टिंग से लेकर बॉक्सिंग तक खिलाड़ियों पर रहेंगी निगाहें

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के दूसरे दिन भारतीय खिलाड़ियों के सामने कई अहम मुकाबले होंगे। पहले दिन शानदार शुरुआत के बाद अब भारतीय दल की नजरें पदकों की संख्या बढ़ाने पर टिकी हैं। शुक्रवार को प्रतियोगिता के दौरान कुल 14 गोल्ड मेडल इवेंट आयोजित किए जाएंगे, जिनमें भारत के खिलाड़ी पांच अलग-अलग खेलों में चुनौती पेश करेंगे। सबसे अधिक उम्मीदें पैरा पावरलिफ्टिंग से हैं, जहां भारतीय खिलाड़ी कई भार वर्गों में पदक जीतने के मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। इसके अलावा आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स, बॉक्सिंग, लॉन बॉल्स और स्विमिंग में भी भारतीय खिलाड़ी अपनी छाप छोड़ने के इरादे से उतरेंगे।

भारतीय दल का कार्यक्रम सुबह से ही शुरू हो जाएगा। अलग-अलग खेलों में खिलाड़ी क्वालिफिकेशन, सेक्शनल मुकाबलों और फाइनल में हिस्सा लेंगे। कई प्रतियोगिताएं ऐसी हैं, जहां भारत सीधे पदक की दौड़ में रहेगा। खासतौर पर पैरा पावरलिफ्टिंग में भारतीय टीम का प्रदर्शन पूरे दिन चर्चा का केंद्र बना रह सकता है।

पैरा पावरलिफ्टिंग में भारत के सात खिलाड़ी छह अलग-अलग मुकाबलों में उतरेंगे। इसी खेल में चार स्वर्ण पदक मुकाबले आयोजित होने हैं और भारतीय खिलाड़ी इनमें अपनी ताकत दिखाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। शाम के सत्र में सबसे पहले पुरुष लाइटवेट वर्ग में अशोक कुमार मलिक और परमजीत कुमार मुकाबला करेंगे। दोनों खिलाड़ियों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद जताई जा रही है। इसके बाद महिला लाइटवेट वर्ग में जसप्रीत कौर और सुमन देवी अपनी चुनौती पेश करेंगी।

रात के सत्र में मुकाबले और भी रोमांचक हो जाएंगे। महिला हेवीवेट वर्ग में कस्तूरी राजामणि पदक जीतने के इरादे से मंच पर उतरेंगी। वहीं पुरुष हेवीवेट वर्ग में सुधीर और झंडू कुमार भारतीय उम्मीदों का भार संभालेंगे। इन मुकाबलों में भारत के खाते में एक से अधिक पदक आने की संभावना जताई जा रही है।

लॉन बॉल्स में भी भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर सभी की नजरें रहेंगी। महिला पेयर्स स्पर्धा में रूपा रानी तिर्की और पिंकी की जोड़ी अपने दूसरे सेक्शनल मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका की मजबूत जोड़ी का सामना करेगी। भारतीय खिलाड़ियों ने पहले मुकाबले में शानदार जीत दर्ज कर आत्मविश्वास हासिल किया था। अब टीम उसी लय को बरकरार रखते हुए लगातार दूसरी जीत हासिल करना चाहेगी, ताकि अगले दौर की राह आसान हो सके।

पुरुष सिंगल्स में पुतुल सोनोवाल भी अपना दूसरा सेक्शनल मुकाबला खेलेंगे। उनका सामना फॉकलैंड आइलैंड्स के सेसिल अलेक्जेंडर से होगा। अगर वह यह मुकाबला जीतते हैं तो आगे के चरणों में पहुंचने की उनकी संभावनाएं और मजबूत हो जाएंगी।

आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स में भारतीय पुरुष टीम भी महत्वपूर्ण मुकाबले के लिए तैयार है। तपेश्वरनाथ दास, स्वाथिश केपी, तपन मोहंती और योगेश्वर सिंह टीम फाइनल के साथ-साथ व्यक्तिगत क्वालिफिकेशन राउंड में भी हिस्सा लेंगे। इन खिलाड़ियों के सामने मजबूत देशों की चुनौती होगी, लेकिन भारतीय टीम बेहतर तालमेल और तकनीकी प्रदर्शन के दम पर अच्छा परिणाम हासिल करने का प्रयास करेगी। व्यक्तिगत स्पर्धाओं के लिए क्वालिफाई करना भी इन खिलाड़ियों का बड़ा लक्ष्य रहेगा।

स्विमिंग प्रतियोगिता में भारत की ओर से अनुभवी तैराक श्रीहरि नटराज पुरुषों की 50 मीटर बैकस्ट्रोक स्पर्धा की हीट्स में उतरेंगे। यदि वह अपने हीट मुकाबले में बेहतर समय निकालने में सफल रहते हैं तो उन्हें सेमीफाइनल में जगह मिलेगी। इसके बाद उनका लक्ष्य फाइनल तक पहुंचना होगा। श्रीहरि पहले भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और उनसे एक बार फिर मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद है।

पैरा स्विमिंग में भी भारत की चुनौती बनी रहेगी। आर.वी.वी.बी.के. बुडिगिना पुरुषों की 100 मीटर फ्रीस्टाइल एस-13 वर्ग की हीट्स में हिस्सा लेंगे। यदि वह निर्धारित समय के भीतर शीर्ष प्रदर्शन करते हैं तो उन्हें फाइनल खेलने का मौका मिलेगा। भारतीय दल इस स्पर्धा में भी सकारात्मक नतीजे की उम्मीद कर रहा है।

बॉक्सिंग में भारत की शुरुआत जदुमणि सिंह करेंगे। पुरुष 55 किलोग्राम भार वर्ग के राउंड ऑफ-32 मुकाबले में उनका सामना स्कॉटलैंड के आरोन कुलेन से होगा। यह मुकाबला भारत के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि जीत मिलने पर जदुमणि अगले दौर में प्रवेश करेंगे और पदक की दौड़ में बने रहेंगे। भारतीय मुक्केबाजी टीम इस बार कई भार वर्गों में मजबूत दावेदार मानी जा रही है।

दूसरी ओर भारतीय मुक्केबाजी दल के लिए एक बड़ी सकारात्मक खबर पहले ही सामने आ चुकी है। ओलिंपिक कांस्य पदक विजेता लवलीना बोरगोहाईं बिना मुकाबला खेले ही महिला 75 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में पहुंच गई हैं। इस वर्ग में प्रतिभागियों की संख्या कम होने के कारण उन्हें क्वार्टरफाइनल में बाय मिला है। कॉमनवेल्थ गेम्स के नियमों के अनुसार दोनों सेमीफाइनल में हारने वाले खिलाड़ियों को कांस्य पदक दिया जाता है। ऐसे में लवलीना का कम से कम ब्रॉन्ज मेडल पहले ही सुनिश्चित हो चुका है।

75 किलोग्राम भार वर्ग में कुल पांच मुक्केबाज हिस्सा ले रही हैं। इसी कारण लवलीना के अलावा ऑस्ट्रेलिया की एमा-सू ग्रीनट्री और तुवालु की टारोना खानुम बाडी पासोनी ताफाकी को भी सीधे सेमीफाइनल में प्रवेश मिला है। इस वर्ग का केवल एक क्वार्टरफाइनल मुकाबला इंग्लैंड की मैरी-केट स्मिथ और नाइजीरिया की पैट्रिशिया मबाटा के बीच खेला जाएगा। सेमीफाइनल में लवलीना का मुकाबला ताफाकी से निर्धारित है।

लवलीना के लिए यह प्रतियोगिता विशेष महत्व रखती है। पिछली बार बर्मिंघम में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में वह पदक जीतने से चूक गई थीं। तब 70 किलोग्राम भार वर्ग के क्वार्टरफाइनल में उन्हें वेल्स की रोजी एक्लेस के खिलाफ बेहद करीबी मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा था। मुकाबला 3-2 के अंतर से समाप्त हुआ था और वह पदक की दौड़ से बाहर हो गई थीं। इस बार उनके पास उस निराशा को पीछे छोड़ते हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में अपना पहला पदक जीतने का सुनहरा अवसर है।

भारतीय दल के लिए दूसरे दिन का कार्यक्रम काफी व्यस्त रहने वाला है। सुबह से लेकर देर रात तक अलग-अलग खेलों में खिलाड़ी मैदान पर उतरेंगे। कुछ मुकाबले क्वालिफिकेशन के होंगे तो कुछ में सीधे पदकों का फैसला होगा। खासकर पैरा पावरलिफ्टिंग में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन पूरे अभियान की दिशा तय कर सकता है।

कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे बड़े मंच पर हर मुकाबला महत्वपूर्ण होता है और भारतीय खिलाड़ी भी इसी सोच के साथ उतरेंगे। पहले दिन मिले आत्मविश्वास को आगे बढ़ाते हुए टीम का लक्ष्य अधिक से अधिक पदक जीतना और पदक तालिका में मजबूत स्थिति बनाना रहेगा। बॉक्सिंग, लॉन बॉल्स, जिम्नास्टिक्स और स्विमिंग में भी भारतीय खिलाड़ी अपनी क्षमता साबित करने के लिए पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरेंगे। यदि प्रमुख खिलाड़ी उम्मीद के अनुरूप प्रदर्शन करते हैं तो दूसरे दिन भारत के खाते में कई पदक जुड़ सकते हैं और अभियान को नई गति मिल सकती है।