लुधियाना में छात्रों को मिलेगा सामाजिक सरोकारों से जुड़ने का मंच, डीसी ने शुरू किया ‘डिस्ट्रिक्ट वालंटियरिंग प्रोग्राम’

लुधियाना में छात्रों को मिलेगा सामाजिक सरोकारों से जुड़ने का मंच, डीसी ने शुरू किया ‘डिस्ट्रिक्ट वालंटियरिंग प्रोग्राम’

लुधियाना: विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव, सामाजिक जिम्मेदारी और समुदाय से जुड़ने के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में जिला प्रशासन लुधियाना ने नई पहल शुरू की है। जिला प्रशासन ने ‘डिस्ट्रिक्ट वालंटियरिंग प्रोग्राम’ के पायलट चरण की शुरुआत की है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्कूलों और कॉलेजों के विद्यार्थियों के लिए वालंटियरिंग, इंटर्नशिप और अनुभव आधारित सीखने को एक व्यवस्थित ढांचे के तहत बढ़ावा देना है।

यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020, NAAC, NIRF, CBSE और पंजाब सरकार की संबंधित पहलों के अनुरूप तैयार की गई है। कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को केवल कक्षा तक सीमित रखने के बजाय उन्हें वास्तविक सामाजिक जरूरतों से जोड़ने और जिम्मेदार नागरिक के रूप में विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।

इस संबंध में आयोजित कार्यशाला में लुधियाना जिले के स्कूलों और कॉलेजों के 100 से अधिक फैकल्टी सदस्यों ने भाग लिया। पायलट चरण में फिलहाल दो कार्यक्रम शुरू किए गए हैं। इनमें ‘अर्थ क्रांति’ 60 घंटे का वित्तीय साक्षरता इंटर्नशिप कार्यक्रम और ‘दान उत्सव एंबेसडर’ 30 घंटे का वालंटियरिंग कार्यक्रम शामिल हैं।

सरकारी स्कूलों में वित्तीय साक्षरता पहुंचाएंगे विद्यार्थी

पायलट प्रोजेक्ट के तहत शुरू किया गया ‘अर्थ क्रांति’ 60 घंटे का वित्तीय साक्षरता इंटर्नशिप कार्यक्रम है। इसे लुधियाना के DDPO श्री अंबर बंदोपाध्याय ने तैयार किया है। इसके अंतर्गत भाग लेने वाले स्कूल और कॉलेज वरिष्ठ माध्यमिक कक्षाओं के ऐसे विद्यार्थियों का चयन करेंगे, जिन्हें वित्तीय साक्षरता ट्रेनर और कोऑर्डिनेटर के तौर पर प्रशिक्षित किया जाएगा।

प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ये विद्यार्थी लुधियाना जिले के 150 से अधिक सरकारी स्कूलों में छह सप्ताह का वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम संचालित करेंगे। इस दौरान सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को पैसे के सही प्रबंधन, वित्तीय जागरूकता और रोजमर्रा की आर्थिक जरूरतों से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी जाएगी।

जिला प्रशासन का मानना है कि विद्यार्थियों को कम उम्र से ही वित्तीय मामलों की बुनियादी समझ देना उनके भविष्य के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। वहीं, वरिष्ठ विद्यार्थियों को ट्रेनर के रूप में तैयार करने से उनमें नेतृत्व क्षमता, संवाद कौशल और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना भी विकसित होगी।

इंटर्नशिप पूरी करने पर डीसी कार्यालय देगा प्रमाणपत्र

कार्यक्रम के तकनीकी और संचालन संबंधी ढांचे के लिए CityNeeds को इंप्लीमेंटेशन पार्टनर बनाया गया है। संस्था की ओर से लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (LMS), पाठ्यक्रम सामग्री, प्रवेश प्रक्रिया, विद्यार्थियों की प्रगति पर नजर रखने और पूरे कार्यक्रम के समन्वय की व्यवस्था की जाएगी।

इसके अलावा Do Good Foundation और Initiators of Change को NGO पार्टनर के रूप में शामिल किया गया है। दोनों संस्थाएं भाग लेने वाले स्कूल-कॉलेजों के साथ समन्वय, विद्यार्थियों के रोस्टर तैयार करने तथा फील्ड स्तर पर काम के लिए सुपरवाइजर उपलब्ध कराने में सहयोग करेंगी।

निर्धारित 60 घंटे की इंटर्नशिप सफलतापूर्वक पूरी करने वाले विद्यार्थियों को डिप्टी कमिश्नर कार्यालय, लुधियाना की ओर से प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को अपने अकादमिक और व्यावसायिक सफर में अनुभव का दस्तावेजी प्रमाण भी मिल सकेगा।

डीसी ने संस्थानों से विद्यार्थियों को नामित करने की अपील की

कार्यशाला को संबोधित करते हुए लुधियाना के डिप्टी कमिश्नर श्री हिमांशु जैन, IAS ने स्कूलों और कॉलेजों से इस पहल में सक्रिय सहयोग करने की अपील की। उन्होंने संस्थानों से ऐसे योग्य और इच्छुक विद्यार्थियों को नामित करने को कहा, जिन्हें प्रशिक्षण देकर सरकारी स्कूलों में वित्तीय साक्षरता फैलाने के लिए तैयार किया जा सके।

प्रशासन की योजना है कि विद्यार्थियों की ऊर्जा और क्षमता का उपयोग समाज की वास्तविक जरूरतों को पूरा करने में किया जाए। इसके तहत उन्हें केवल स्वयं सीखने का अवसर नहीं मिलेगा, बल्कि वे दूसरे विद्यार्थियों तक भी अपने ज्ञान को पहुंचाएंगे।

‘दान उत्सव एंबेसडर’ से जुड़ेंगे विद्यार्थी

पायलट चरण की दूसरी पहल ‘दान उत्सव एंबेसडर’ है। यह 30 घंटे का व्यवस्थित वालंटियरिंग कार्यक्रम होगा, जिसका प्रमाणन नगर निगम लुधियाना द्वारा किया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन CityNeeds करेगा, जो पिछले पांच वर्षों से लुधियाना में ‘दान उत्सव’ से जुड़ी गतिविधियां आयोजित करता रहा है।

इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को सामुदायिक सेवा और जरूरतमंद लोगों से जुड़ी गतिविधियों में प्रत्यक्ष भागीदारी का अवसर देना है। इसके जरिए छात्र वालंटियरिंग को केवल एक औपचारिक गतिविधि के बजाय सामाजिक बदलाव में योगदान देने के अनुभव के तौर पर समझ सकेंगे।

चार RRR सेंटरों पर दान सामग्री का होगा प्रबंधन

नगर निगम लुधियाना के असिस्टेंट कमिश्नर श्री जसदेव सेखों ने कार्यशाला में कार्यक्रम से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नगर निगम ने शहर में चार RRR सेंटर निर्धारित किए हैं।

इन केंद्रों पर ‘दान उत्सव’ के दौरान एकत्र होने वाली सामग्री को व्यवस्थित तरीके से प्राप्त किया जाएगा। इसके बाद सामग्री की छंटाई, भंडारण और जरूरत के अनुसार वितरण किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में वालंटियर्स की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।

इससे विद्यार्थियों को वस्तुओं के पुन: उपयोग, जरूरतमंदों तक संसाधन पहुंचाने और समुदाय के प्रति जिम्मेदारी जैसे विषयों को व्यवहारिक रूप से समझने का अवसर मिलेगा।

NEP 2020 के तहत अनुभव आधारित शिक्षा पर जोर

जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती डिंपल मदान ने स्कूलों से इस कार्यक्रम में अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि आज की शिक्षा व्यवस्था में केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को समाज और समुदाय के साथ जोड़ना तथा उन्हें वास्तविक परिस्थितियों में सीखने के अवसर देना भी जरूरी है।

उन्होंने NEP 2020 और बदलते अकादमिक ढांचे के संदर्भ में सामुदायिक भागीदारी, अनुभव आधारित शिक्षा और व्यवस्थित इंटर्नशिप के महत्व को रेखांकित किया।

प्रशासन की कोशिश है कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान ही ऐसे अवसर मिलें, जहां वे अपनी क्षमताओं को वास्तविक परिस्थितियों में परख सकें। इससे उनमें नेतृत्व, टीमवर्क, संवाद, समस्या समाधान और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे कौशल विकसित हो सकते हैं।

आगे और वालंटियरिंग प्रोग्राम शुरू करने की तैयारी

जिला प्रशासन के अनुसार, इन दोनों पायलट कार्यक्रमों के परिणामों और अनुभवों का आकलन करने के बाद भविष्य में अन्य वालंटियरिंग प्रोग्राम भी शुरू किए जा सकते हैं। जरूरत के अनुसार शैक्षणिक संस्थानों और विभिन्न संगठनों से जुड़े विषय विशेषज्ञों को भी इन कार्यक्रमों में शामिल किया जाएगा।

‘डिस्ट्रिक्ट वालंटियरिंग प्रोग्राम’ के जरिए जिला प्रशासन स्कूलों-कॉलेजों, विद्यार्थियों, गैर-सरकारी संगठनों और विशेषज्ञों को एक साझा मंच पर लाने की कोशिश कर रहा है। इसका उद्देश्य वालंटियरिंग को अधिक व्यवस्थित, मापने योग्य और प्रभावी बनाना है।

प्रशासन का मानना है कि जब विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ समाज की वास्तविक जरूरतों से जोड़ा जाएगा, तो उन्हें अपने ज्ञान और क्षमताओं का इस्तेमाल व्यापक हित में करने का अवसर मिलेगा। लुधियाना में शुरू किया गया यह पायलट मॉडल सफल रहने पर आने वाले समय में विद्यार्थियों के लिए सामाजिक सेवा, इंटर्नशिप और अनुभव आधारित शिक्षा के और रास्ते खोल सकता है।