टेस्ला की नई रोडस्टर का इंतजार खत्म? 1 अक्टूबर को होगा बड़ा खुलासा, थ्रस्टर्स से उड़ने की चर्चा ने बढ़ाई एक्साइटमेंट

टेस्ला की नई रोडस्टर का इंतजार खत्म? 1 अक्टूबर को होगा बड़ा खुलासा, थ्रस्टर्स से उड़ने की चर्चा ने बढ़ाई एक्साइटमेंट

टेस्ला की बहुप्रतीक्षित सेकेंड जनरेशन रोडस्टर एक बार फिर सुर्खियों में है। इलेक्ट्रिक कार बनाने वाली कंपनी ने संकेत दिया है कि उसकी नई स्पोर्ट्स कार को 1 अक्टूबर को दुनिया के सामने पेश किया जा सकता है। कंपनी की ओर से X पर एक पोस्ट शेयर की गई है, जिसमें “Go for Launch” लिखा है और 10.01 की तारीख दिखाई गई है। इस पोस्ट के बाद माना जा रहा है कि टेस्ला लंबे समय से टल रहे रोडस्टर प्रोजेक्ट पर बड़ा ऐलान करने वाली है।

नई रोडस्टर को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा उसके संभावित थ्रस्टर सिस्टम की हो रही है। रिपोर्ट्स और एलन मस्क के पुराने दावों के मुताबिक, कार में कोल्ड गैस थ्रस्टर्स लगाए जा सकते हैं। इनका इस्तेमाल सामान्य ड्राइविंग के बजाय कार की परफॉर्मेंस बढ़ाने और कुछ समय के लिए लिफ्ट हासिल करने में किया जा सकता है। यानी अगर यह तकनीक वास्तव में कार में शामिल होती है तो रोडस्टर सड़क पर चलने वाली ऐसी कार बन सकती है, जिसमें कुछ स्थितियों में जमीन से ऊपर उठने की क्षमता भी हो।

हालांकि, इसे पूरी तरह उड़ने वाली कार समझना सही नहीं होगा। इसका मतलब यह नहीं है कि रोडस्टर किसी विमान की तरह हवा में लंबी दूरी तक उड़ सकेगी। संभावित थ्रस्टर सिस्टम का उद्देश्य मुख्य रूप से बेहद तेज एक्सीलरेशन, बेहतर परफॉर्मेंस और थोड़े समय के लिए कार को ऊपर उठाने जैसी क्षमता देना हो सकता है।

करीब एक दशक से चल रहा है इस कार का इंतजार

नई रोडस्टर की कहानी आज से शुरू नहीं हुई है। टेस्ला ने सेकेंड जनरेशन रोडस्टर का कॉन्सेप्ट नवंबर 2017 में पेश किया था। उस समय कार को देखकर ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में काफी चर्चा हुई थी। कंपनी ने इसे अपनी सबसे तेज और आकर्षक इलेक्ट्रिक स्पोर्ट्स कार के तौर पर पेश किया था।

उस समय उम्मीद जताई गई थी कि रोडस्टर 2020 के आसपास बाजार में आ सकती है। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। प्रोडक्शन, डिजाइन, इंजीनियरिंग और दूसरे तकनीकी कारणों से इसकी लॉन्चिंग लगातार आगे बढ़ती रही। अब 2026 में कंपनी की ओर से 1 अक्टूबर की तारीख का संकेत मिलने के बाद एक बार फिर उम्मीद जगी है कि करीब आठ साल पुराने इस प्रोजेक्ट पर आखिरकार कोई बड़ा कदम उठाया जाएगा।

हालांकि, यहां एक बात समझना जरूरी है कि 1 अक्टूबर को कार का अनावरण होने का मतलब यह नहीं है कि ग्राहक उसी दिन इसे खरीद पाएंगे। एलन मस्क पहले संकेत दे चुके हैं कि रोडस्टर के अनवील के बाद भी इसे बड़े पैमाने पर तैयार करने में समय लग सकता है।

नई रोडस्टर का डिजाइन पुराने मॉडल से अलग होगा

सेकेंड जनरेशन रोडस्टर का 2017 में दिखाया गया मॉडल अपनी लो-स्लंग स्पोर्ट्स कार डिजाइन और बेहद आकर्षक लुक के लिए चर्चा में आया था। लेकिन अब खबर है कि टेस्ला ने इस कार के पुराने डिजाइन में बड़े स्तर पर बदलाव किए हैं।

टेक वेबसाइट द इंफॉर्मेशन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने 2017 में दिखाए गए रोडस्टर के डिजाइन को पूरी तरह से दोबारा तैयार किया है। ऐसे में 1 अक्टूबर को सामने आने वाला मॉडल उस कॉन्सेप्ट से काफी अलग दिखाई दे सकता है जिसे लोगों ने करीब नौ साल पहले पहली बार देखा था।

टेस्ला ने अभी तक नई रोडस्टर के सभी फीचर्स आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक नहीं किए हैं। यही वजह है कि कार के संभावित डिजाइन, पावर और थ्रस्टर सिस्टम को लेकर लगातार अटकलें लगाई जा रही हैं।

मस्क और सैम ऑल्टमैन के बीच भी हुई थी रोडस्टर पर बहस

रोडस्टर की लंबी देरी का मुद्दा सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आ चुका है। पिछले साल टेस्ला के सीईओ एलन मस्क और OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन के बीच सोशल मीडिया पर इसी कार को लेकर बहस हुई थी।

ऑल्टमैन ने X पर रोडस्टर की बुकिंग को लेकर सवाल उठाते हुए कहा था कि करीब 50 हजार डॉलर की बुकिंग फीस देने के बाद साढ़े सात साल तक इंतजार करना काफी लंबा समय है। उनका इशारा उस रोडस्टर की तरफ था, जिसकी बुकिंग और डिलीवरी को लेकर लंबे समय से इंतजार चल रहा था।

मस्क ने इसका जवाब देते हुए कहा था कि ऑल्टमैन को उनकी बुकिंग की रकम पहले ही वापस कर दी गई थी। इस बातचीत के बाद भी रोडस्टर की देरी को लेकर लोगों की दिलचस्पी और बढ़ गई थी।

अनवील के बाद भी डेढ़ साल तक करना पड़ सकता है इंतजार

अगर 1 अक्टूबर को टेस्ला नई रोडस्टर पेश करती है, तो भी ग्राहकों को तुरंत कार मिलने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। मस्क के मुताबिक, कार को उत्पादन में पहुंचाने में अनवील के बाद 12 से 18 महीने तक का समय लग सकता है।

इसका मतलब है कि कार की सार्वजनिक प्रस्तुति और वास्तविक डिलीवरी के बीच लंबा अंतर हो सकता है। टेस्ला के लिए यह प्रोजेक्ट इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि रोडस्टर से कंपनी अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक परफॉर्मेंस और नई तकनीक का प्रदर्शन करना चाहती है।

टेस्ला की शुरुआत भी रोडस्टर से ही हुई थी

दिलचस्प बात यह है कि रोडस्टर टेस्ला की पहली प्रोडक्शन कार थी। कंपनी ने अपनी शुरुआती इलेक्ट्रिक स्पोर्ट्स कार को लोटस के प्लेटफॉर्म पर तैयार करने की योजना बनाई थी। इसका मकसद लागत को नियंत्रण में रखना था।

लेकिन एलन मस्क इस साधारण योजना से संतुष्ट नहीं थे। वह चाहते थे कि टेस्ला की पहली कार सिर्फ इलेक्ट्रिक होने की वजह से अलग न दिखे, बल्कि उसका डिजाइन और परफॉर्मेंस भी लोगों का ध्यान खींचे।

मस्क डिजाइन प्रक्रिया में काफी सक्रिय रहते थे। वह सिलिकन वैली में होने वाली डिजाइन मीटिंग्स में नियमित रूप से हिस्सा लेते और कार में बदलाव के निर्देश देते थे। इन बदलावों का सीधा असर कार की लागत और निर्माण प्रक्रिया पर पड़ा।

पहली रोडस्टर में किए गए थे कई बड़े बदलाव

पहली रोडस्टर को बेहतर बनाने के लिए मस्क ने कई महत्वपूर्ण बदलाव करवाए थे। इनमें कार के दरवाजों से लेकर सीट और हेडलाइट तक शामिल थे।

सबसे पहले दरवाजे के फ्रेम में बदलाव किया गया। मस्क चाहते थे कि कार में बैठना और बाहर निकलना ज्यादा आसान हो। इसके लिए दरवाजे के फ्रेम को करीब तीन इंच नीचे किया गया। इस बदलाव पर लाखों डॉलर खर्च हुए।

इसके बाद सीटों को लेकर भी बदलाव किया गया। लोटस की मूल सीटें काफी संकरी थीं। मस्क ने इन्हें ज्यादा चौड़ा करवाया ताकि कार के अंदर बैठने में लोगों को परेशानी न हो।

कार की हेडलाइट्स भी उनके पसंद के मुताबिक बदली गईं। शुरुआती डिजाइन पसंद नहीं आने के बाद कवर वाली नई हेडलाइट्स तैयार की गईं। इससे भी कंपनी की लागत बढ़ी।

रोडस्टर की बॉडी में फाइबरग्लास की जगह कार्बन फाइबर का इस्तेमाल किया गया। इससे कार ज्यादा मजबूत और हल्की बनी, लेकिन निर्माण लागत काफी बढ़ गई।

इसके अलावा पारंपरिक डोर हैंडल की जगह टच-सेंसिटिव इलेक्ट्रिक हैंडल लगाए गए। यह बदलाव कार को ज्यादा आधुनिक और प्रीमियम लुक देने के लिए किया गया था।

बदलावों ने बढ़ाया बजट और निर्माण का समय

इन सभी बदलावों का परिणाम यह हुआ कि टेस्ला की पहली रोडस्टर उम्मीद से ज्यादा महंगी और जटिल परियोजना बन गई। कंपनी को नए डिजाइन के हिसाब से कई अलग-अलग कलपुर्जे तैयार कराने पड़े और उनके लिए नए सप्लायर्स तलाशने पड़े।

यानी मस्क का उद्देश्य सिर्फ एक इलेक्ट्रिक कार बनाना नहीं था। वह ऐसी स्पोर्ट्स कार तैयार करना चाहते थे जो डिजाइन, तकनीक और प्रदर्शन के मामले में पारंपरिक कारों को चुनौती दे सके।

2006 में पहली रोडस्टर ने खींचा था सितारों का ध्यान

टेस्ला के शुरुआती रोडस्टर का प्रोटोटाइप जुलाई 2006 में सांता मोनिका एयरपोर्ट पर एक इवेंट के दौरान पेश किया गया था। इस लॉन्च में हॉलीवुड की कई बड़ी हस्तियां भी पहुंची थीं। अभिनेता अर्नोल्ड श्वार्जनेगर और जॉर्ज क्लूनी जैसे सितारों ने कार में दिलचस्पी दिखाई थी।

टेस्ला के शुरुआती तकनीकी अधिकारियों में शामिल जेबी स्ट्रॉबेल ने अर्नोल्ड श्वार्जनेगर को रोडस्टर की टेस्ट ड्राइव भी करवाई थी। कार की स्पीड ने भी लोगों का ध्यान खींचा। यह करीब चार सेकेंड में 0 से 96 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकती थी।

अर्नोल्ड श्वार्जनेगर और जॉर्ज क्लूनी ने कार के लिए करीब 1 लाख डॉलर की एडवांस बुकिंग की थी। Apple के सह-संस्थापक स्टीव जॉब्स ने भी रोडस्टर की तारीफ की थी।

रोडस्टर के पीछे था मस्क का बड़ा विजन

मस्क के लिए रोडस्टर सिर्फ एक महंगी स्पोर्ट्स कार नहीं थी। टेस्ला की शुरुआती रणनीति के पीछे यह विचार था कि पहले ऐसी इलेक्ट्रिक कार बनाई जाए जो प्रीमियम ग्राहकों को आकर्षित करे और फिर उसी तकनीक के आधार पर ज्यादा सस्ती इलेक्ट्रिक कारों की ओर बढ़ा जाए।

रोडस्टर ने टेस्ला को दुनिया के सामने एक ऐसी कंपनी के रूप में स्थापित करने में मदद की जो इलेक्ट्रिक वाहनों को सिर्फ पर्यावरण के अनुकूल विकल्प नहीं, बल्कि तेज, स्टाइलिश और हाई-परफॉर्मेंस वाहन भी बना सकती है।

अब सेकेंड जनरेशन रोडस्टर के साथ कंपनी इसी विचार को नई तकनीक के स्तर पर ले जाने की कोशिश करती नजर आ रही है। 1 अक्टूबर को होने वाला संभावित अनवील इसलिए खास माना जा रहा है क्योंकि इसमें सिर्फ नई इलेक्ट्रिक स्पोर्ट्स कार नहीं, बल्कि टेस्ला की लंबे समय से चली आ रही महत्वाकांक्षी परियोजना का अगला अध्याय सामने आ सकता है।