कपड़े, किताबों से लेकर राशन और ई-वेस्ट तक किया जाएगा एकत्रित, 40 से अधिक स्थानों पर बनाए जाएंगे संग्रह केंद्र
लुधियाना शहर में जरूरतमंद लोगों तक उपयोगी वस्तुएं पहुंचाने और नागरिकों को सामाजिक भागीदारी से जोड़ने के उद्देश्य से नगर निगम और सिटी नीड्स की ओर से इस वर्ष भी ‘दान उत्सव’ का आयोजन किया जा रहा है। ‘देने का पर्व’ के नाम से आयोजित होने वाला यह अभियान इस बार पांचवें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। दान उत्सव 5.0 का आयोजन 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक किया जाएगा। इस दौरान शहर के विभिन्न हिस्सों में लोगों से उपयोगी सामान एकत्रित कर उसे जरूरतमंद परिवारों और सामाजिक संस्थाओं तक पहुंचाया जाएगा।
गुरुवार को सर्किट हाउस में आयोजित कार्यक्रम के दौरान नगर निगम के सहायक आयुक्त जसदेव सिंह सेखों और सिटी नीड्स के संस्थापक मनीत देवान ने संयुक्त रूप से इस वर्ष के दान उत्सव की जानकारी दी। कार्यक्रम में अभियान से जुड़े सहयोगी संस्थानों और संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। एक्ट ह्यूमेन की हरलीन कौर, जो इस आयोजन की टाइटल पार्टनर हैं, तथा एसबी पांधी सहित अन्य सहयोगी भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक इस अभियान का उद्देश्य केवल दान एकत्रित करना नहीं बल्कि शहर के लोगों को जरूरतमंदों की मदद के लिए एक साझा मंच उपलब्ध करवाना भी है। इसके तहत घरों और संस्थानों में ऐसी अनेक वस्तुएं होती हैं जिनका इस्तेमाल वहां नहीं हो रहा, लेकिन वे किसी जरूरतमंद व्यक्ति के लिए उपयोगी साबित हो सकती हैं। इन्हीं वस्तुओं को एकत्रित कर व्यवस्थित तरीके से जरूरतमंदों तक पहुंचाने की योजना बनाई गई है।
कपड़े से लेकर ई-वेस्ट तक होगा संग्रह
सहायक आयुक्त जसदेव सिंह सेखों ने बताया कि दान उत्सव के दौरान नागरिकों से विभिन्न श्रेणियों की वस्तुएं एकत्रित की जाएंगी। इनमें नए और इस्तेमाल किए गए कपड़े, किताबें, जूते, इलेक्ट्रॉनिक सामान, बिस्तर की सामग्री, राशन, खिलौने, बर्तन और ई-वेस्ट प्रमुख रूप से शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि लोग अपने घरों में मौजूद ऐसी वस्तुएं, जिनका वे अब इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं लेकिन वे सही स्थिति में हैं, अभियान के तहत दान कर सकते हैं। इससे एक तरफ अनुपयोगी सामान को दोबारा उपयोग में लाने का अवसर मिलेगा और दूसरी तरफ जरूरतमंद परिवारों को आवश्यक सामग्री उपलब्ध हो सकेगी।
अभियान में ई-वेस्ट को भी शामिल किया गया है। इससे पुराने इलेक्ट्रॉनिक सामान को सामान्य कचरे के साथ फेंकने के बजाय उसे निर्धारित व्यवस्था के माध्यम से एकत्रित करने और उचित तरीके से आगे पहुंचाने का अवसर मिलेगा। इस पहल को पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सेवा, दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण बताया गया है।
छंटाई के बाद जरूरत के अनुसार होगा वितरण
नगर निगम और सिटी नीड्स की ओर से एकत्रित की जाने वाली सामग्री को सीधे जरूरतमंदों के बीच वितरित करने के बजाय पहले उसकी छंटाई की जाएगी। वस्तुओं को उनकी उपयोगिता और श्रेणी के अनुसार अलग किया जाएगा, ताकि संबंधित सामग्री को उचित संस्था या लाभार्थी तक पहुंचाया जा सके।
सेखों ने बताया कि एकत्रित सामग्री को छांटने के बाद संबंधित गैर सरकारी संगठनों को सौंपा जाएगा। इसके अलावा नगर निगम के आरआरआर केंद्रों और सहयोगी एनजीओ के माध्यम से शहर की झुग्गी बस्तियों और जरूरतमंद इलाकों में भी सामान का वितरण किया जाएगा।
इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दान की गई सामग्री सही व्यक्ति तक पहुंचे और उसका अधिकतम उपयोग हो। कपड़े, किताबें, जूते, बर्तन और अन्य घरेलू वस्तुओं को अलग-अलग जरूरतों के हिसाब से वितरित किया जाएगा।
70 से अधिक संस्थान अभियान में शामिल होंगे
दान उत्सव 5.0 को व्यापक स्तर पर आयोजित करने के लिए इस बार 70 से अधिक संस्थानों को अभियान से जोड़ा गया है। इसके अलावा शहर के अलग-अलग हिस्सों में 40 से ज्यादा संग्रह केंद्र बनाए जाएंगे। इन केंद्रों के माध्यम से नागरिक अपने घर या संस्थान से दान की सामग्री पहुंचा सकेंगे।
आयोजकों का कहना है कि अधिक संख्या में संग्रह केंद्र स्थापित करने का मकसद नागरिकों के लिए दान करना आसान बनाना है। यदि किसी व्यक्ति को सामान किसी दूर के स्थान पर ले जाने की परेशानी न हो तो वह अपने आसपास उपलब्ध संग्रह केंद्र पर सामग्री जमा कर सकता है।
इसके लिए शहर में विभिन्न सामाजिक संस्थाओं, उद्योगों, क्लबों और अन्य संगठनों का सहयोग लिया जा रहा है। आयोजकों को उम्मीद है कि अभियान के दौरान अधिक से अधिक लोग अपने स्तर पर योगदान करेंगे।
सामाजिक संस्थाएं भी बनीं अभियान का हिस्सा
दान उत्सव 5.0 को सफल बनाने में कई सामाजिक संस्थाएं और संगठन सहयोग कर रहे हैं। इनमें एक्ट ह्यूमेन, डू गुड फाउंडेशन, मोना लीव्स क्यारी, मार्शल एड फाउंडेशन, लीफ बेरी, 1000 थिंग्स इन लुधियाना, एक नूर सेवा केंद्र और एमएएसी एनीमेशन इंस्टीट्यूशंस सहित अन्य संस्थाएं शामिल हैं।
इन संस्थाओं की भूमिका दान सामग्री के संग्रह, छंटाई, प्रबंधन और जरूरतमंदों तक वितरण में महत्वपूर्ण रहेगी। विभिन्न संगठनों के जुड़ने से अभियान को शहर के अलग-अलग क्षेत्रों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
आयोजकों के अनुसार दान उत्सव किसी एक संस्था या संगठन का कार्यक्रम न होकर सामुदायिक भागीदारी पर आधारित पहल है। इसमें नगर निगम, गैर सरकारी संगठन, सामाजिक संस्थाएं, उद्योग, क्लब और आम नागरिक अपनी-अपनी भूमिका निभा सकते हैं।
घर में रखी अतिरिक्त वस्तुएं जरूरतमंदों तक पहुंचाने की अपील
आयोजन के दौरान नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपने घरों और संस्थानों में रखी उन वस्तुओं की पहचान करें, जिनका अब इस्तेमाल नहीं हो रहा है, लेकिन वे उपयोग योग्य हैं। ऐसी वस्तुओं को फेंकने के बजाय दान उत्सव के माध्यम से जरूरतमंदों तक पहुंचाया जा सकता है।
कपड़े, किताबें, जूते, बिस्तर, खिलौने, बर्तन और अन्य उपयोगी सामग्री विशेष रूप से दान की जा सकती है। इसी तरह इलेक्ट्रॉनिक सामान और ई-वेस्ट को भी अभियान की निर्धारित व्यवस्था के तहत दिया जा सकता है।
आयोजकों का कहना है कि दान का मतलब केवल आर्थिक सहायता देना नहीं है। किसी व्यक्ति के लिए अनुपयोगी हो चुकी वस्तु दूसरे व्यक्ति की जरूरत पूरी कर सकती है। इसी सोच के साथ दान उत्सव को शहर के लोगों की सामूहिक भागीदारी से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
संग्रह केंद्रों की जानकारी व्हाट्सऐप से मिलेगी
शहरवासियों को अपने नजदीकी संग्रह केंद्र की जानकारी उपलब्ध करवाने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। आयोजकों के मुताबिक नागरिक व्हाट्सऐप के माध्यम से 9310000925 नंबर पर ‘दान’ भेजकर नजदीकी संग्रह केंद्र की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
इस सुविधा के जरिए लोगों को अपने क्षेत्र में उपलब्ध संग्रह केंद्र के बारे में जानकारी मिल सकेगी और वे वहां अपनी सामग्री जमा कर सकेंगे। आयोजकों ने लोगों से अपील की है कि वे अभियान में भाग लेते समय केवल ऐसी वस्तुएं दें जो उपयोग के योग्य हों, ताकि उन्हें आगे जरूरतमंदों तक पहुंचाया जा सके।
नगर निगम और सिटी नीड्स के मार्गदर्शन में आयोजन
सहायक आयुक्त जसदेव सिंह सेखों ने बताया कि दान उत्सव का आयोजन मेयर प्रिंसिपल इंदरजीत कौर और नगर निगम आयुक्त ओजस्वी अलंकार के मार्गदर्शन में किया जाएगा। नगर निगम की ओर से अभियान को आवश्यक सहयोग उपलब्ध करवाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि शहर में सामाजिक भागीदारी को बढ़ावा देने वाली ऐसी पहलों से नागरिकों में जरूरतमंद लोगों के प्रति जिम्मेदारी की भावना मजबूत होती है। वहीं, उपयोगी वस्तुओं का दोबारा इस्तेमाल होने से संसाधनों की बर्बादी कम करने में भी मदद मिल सकती है।
सिटी नीड्स के संस्थापक मनीत देवान ने भी अभियान में शहरवासियों की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि दान उत्सव को हर वर्ष व्यापक बनाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस पहल से जोड़ा जा सके।
‘देने का पर्व’ बनेगा सामुदायिक भागीदारी का माध्यम
दान उत्सव का पांचवां संस्करण ऐसे समय आयोजित किया जा रहा है जब शहर में विभिन्न सामाजिक संगठन जरूरतमंद वर्गों के लिए अलग-अलग स्तर पर काम कर रहे हैं। इस अभियान के जरिए इन प्रयासों को एक साझा मंच देने की कोशिश की जा रही है।
आयोजकों के अनुसार सात दिनों तक चलने वाले इस अभियान में केवल सामान एकत्रित करना ही लक्ष्य नहीं है, बल्कि नागरिकों को यह संदेश देना भी उद्देश्य है कि समाज के कमजोर वर्गों की मदद सामूहिक जिम्मेदारी है। अभियान के माध्यम से लोगों को अपनी क्षमता के अनुसार योगदान देने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
2 अक्टूबर से शुरू होकर 8 अक्टूबर तक चलने वाले दान उत्सव 5.0 में नगर निगम, सिटी नीड्स और सहयोगी संस्थाओं की ओर से शहरवासियों को जोड़ने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जाएंगे। 70 से अधिक संस्थानों और 40 से अधिक संग्रह केंद्रों की भागीदारी के साथ आयोजकों को उम्मीद है कि इस बार बड़ी मात्रा में उपयोगी सामग्री एकत्रित होगी और उसे व्यवस्थित तरीके से जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाया जा सकेगा।
इस पहल के जरिए घरों में पड़ी अतिरिक्त वस्तुओं को जरूरतमंदों के उपयोग में लाने के साथ-साथ नागरिकों में ‘देने’ की संस्कृति को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। आयोजकों ने शहरवासियों से दान उत्सव 5.0 में सक्रिय भागीदारी करने और अपनी क्षमता के अनुसार योगदान देने की अपील की है।




