फ्री पार्किंग को लेकर फिर गरमाएगा नगर निगम सदन, आप आज उठाएगी शुल्क खत्म करने की मांग

फ्री पार्किंग को लेकर फिर गरमाएगा नगर निगम सदन, आप आज उठाएगी शुल्क खत्म करने की मांग

शहर में मार्केट पार्किंग को शुल्क मुक्त करने का मुद्दा एक बार फिर नगर निगम सदन में जोर-शोर से उठने जा रहा है। आम आदमी पार्टी (आप) ने मंगलवार को होने वाली नगर निगम की जनरल हाउस बैठक में पार्किंग शुल्क खत्म करने की मांग को प्रमुख मुद्दा बनाने का फैसला किया है। सोमवार को हुई पार्टी की प्री-हाउस बैठक में पार्षदों और वरिष्ठ नेताओं ने बैठक के एजेंडे के अलावा शहर से जुड़े कई जनहित के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की और तय किया कि सदन में पार्किंग से संबंधित पुराने फैसले को लागू कराने की मांग मजबूती से रखी जाएगी।

आप नेताओं का कहना है कि शहरवासियों को मार्केट क्षेत्रों में अपने वाहनों की पार्किंग के लिए शुल्क देना पड़ता है, जबकि पहले नगर निगम सदन की ओर से शहर की मार्केट पार्किंग को निशुल्क करने का प्रस्ताव पारित किया जा चुका है। पार्टी के अनुसार, मेयर कुलदीप कुमार धलोर के नेतृत्व में नगर निगम सदन ने फ्री पार्किंग के पक्ष में फैसला लिया था, लेकिन बाद में यूटी प्रशासन से इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिल सकी। अब आप इस मामले को दोबारा सदन के सामने लाकर प्रशासन पर प्रस्ताव को लागू करने का दबाव बनाने की तैयारी में है।

पार्टी का तर्क है कि पार्किंग शुल्क का सीधा असर शहर के बाजारों में आने वाले लोगों पर पड़ता है। खासकर उन लोगों को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता है, जो खरीदारी, जरूरी काम या अन्य गतिविधियों के लिए बाजारों में अपने वाहन लेकर पहुंचते हैं। आप का कहना है कि पार्किंग की व्यवस्था का उद्देश्य शहर में वाहनों को व्यवस्थित करना होना चाहिए, न कि आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना। इसी आधार पर पार्टी निशुल्क पार्किंग की मांग को फिर से सदन में प्रमुखता से रखने जा रही है।

पार्किंग शुल्क के नए प्रस्ताव के बीच उठेगा फ्री पार्किंग का मुद्दा

आप के लिए मंगलवार की बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि नगर निगम के एजेंडे में सेक्टर-17 की 20 पेड पार्किंग साइट के लिए संशोधित पार्किंग शुल्क निर्धारित करने का प्रस्ताव शामिल है। ऐसे में सदन की बैठक में पार्किंग व्यवस्था को लेकर दो अलग-अलग प्रस्ताव आमने-सामने दिखाई दे सकते हैं।

एजेंडे में शामिल प्रस्ताव के अनुसार दोपहिया वाहनों के लिए 10 रुपये तथा कार और तीन पहिया वाहनों के लिए 20 रुपये तक पार्किंग शुल्क निर्धारित करने का प्रावधान रखा गया है। आप इस प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान फ्री पार्किंग के अपने पुराने फैसले को भी सामने रखेगी। पार्टी का कहना है कि जब नगर निगम सदन पहले ही शहर की मार्केट पार्किंग को निशुल्क करने का निर्णय ले चुका है, तो उस निर्णय को लागू करने के रास्ते तलाशे जाने चाहिए।

आप नेताओं के मुताबिक, पार्किंग शुल्क में संशोधन के प्रस्ताव पर सदन में चर्चा के दौरान पार्टी यह सवाल भी उठाएगी कि शहरवासियों को शुल्क से राहत देने के बजाय पार्किंग शुल्क तय करने की जरूरत क्यों पड़ रही है। पार्टी इस मुद्दे को केवल सेक्टर-17 तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि शहर की मार्केट पार्किंग व्यवस्था से जुड़े व्यापक विषय के रूप में उठाने की तैयारी में है।

प्रशासन की मंजूरी नहीं मिलने का मुद्दा भी उठेगा

पार्टी की ओर से कहा गया है कि नगर निगम सदन में फ्री पार्किंग का प्रस्ताव पारित होने के बाद भी इसे अमल में नहीं लाया जा सका। आप अब इस पूरे मामले को सदन में फिर से उठाकर प्रशासनिक स्तर पर लंबित प्रक्रिया को स्पष्ट करने की मांग करेगी।

पार्टी नेताओं का कहना है कि नगर निगम सदन में पारित प्रस्तावों को लागू करने के लिए संबंधित स्तर पर आवश्यक कार्रवाई होनी चाहिए। यदि किसी प्रस्ताव को प्रशासनिक मंजूरी की जरूरत है तो उस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए नगर निगम और प्रशासन के बीच समन्वय किया जाना चाहिए। आप का कहना है कि फ्री पार्किंग का मुद्दा सीधे तौर पर शहरवासियों से जुड़ा है, इसलिए इसे केवल राजनीतिक बहस तक सीमित रखने के बजाय व्यावहारिक समाधान की दिशा में आगे बढ़ाया जाना चाहिए।

बाजारों में पार्किंग व्यवस्था पर भी चर्चा की तैयारी

प्री-हाउस बैठक में आप नेताओं ने केवल पार्किंग शुल्क पर ही चर्चा नहीं की, बल्कि शहर की पार्किंग व्यवस्था से जुड़े अन्य पहलुओं पर भी विचार किया। पार्टी का कहना है कि बाजारों में आने वाले लोगों के लिए पर्याप्त और व्यवस्थित पार्किंग की सुविधा उपलब्ध होना जरूरी है। इसके साथ ही पार्किंग स्थलों का उचित प्रबंधन, वाहनों की आवाजाही और बाजारों में बढ़ते पार्किंग दबाव जैसे मुद्दों को भी सदन में उठाया जा सकता है।

आप की ओर से संकेत दिया गया है कि यदि पार्किंग शुल्क को लेकर चर्चा होती है तो पार्टी शहर की मौजूदा पार्किंग व्यवस्था और लोगों को मिलने वाली सुविधाओं का मुद्दा भी सामने रखेगी। पार्टी का कहना है कि किसी भी शुल्क व्यवस्था के साथ लोगों को बेहतर सुविधा और पारदर्शी प्रबंधन मिलना जरूरी है।

जनहित के दूसरे मुद्दे भी एजेंडे में रहेंगे

सोमवार को हुई प्री-हाउस बैठक में आप के नेताओं और पार्षदों ने मंगलवार की जनरल हाउस बैठक के लिए कई अन्य जनहित के मुद्दों पर भी चर्चा की। पार्टी ने तय किया कि सदन में शहरवासियों से जुड़े विषयों को प्राथमिकता के साथ उठाया जाएगा और संबंधित मामलों पर नगर निगम प्रशासन से जवाब मांगा जाएगा।

बैठक में पार्टी नेताओं ने आगामी सदन की कार्यवाही की रणनीति पर भी विचार किया। आप का कहना है कि नगर निगम सदन शहर के स्थानीय मुद्दों पर चर्चा और समाधान का महत्वपूर्ण मंच है, इसलिए पार्षदों को नागरिकों से जुड़े विषयों को प्रभावी ढंग से उठाना चाहिए।

पार्टी की प्री-हाउस बैठक में आप चंडीगढ़ की कोर कमेटी के चेयरमैन प्रेम गर्ग, नेता प्रतिपक्ष हरदीप सिंह बुटेरला, पूर्व मेयर कुलदीप कुमार धलोर, मुख्य प्रवक्ता योगेश ढींगरा, जसबीर सिंह लड्डी, जसविंदर कौर, ग्रामीण विंग प्रधान जगपाल जग्गा और ऑब्जर्वर विनीत वर्मा सहित अन्य नेता मौजूद रहे।

बैठक के दौरान नेताओं ने कहा कि मंगलवार को होने वाली जनरल हाउस बैठक में शहर के लोगों से जुड़े मुद्दों को मजबूती के साथ उठाया जाएगा। इनमें पार्किंग शुल्क का मामला प्रमुख रहेगा। आप का प्रयास रहेगा कि नगर निगम सदन में पहले पारित फ्री पार्किंग के प्रस्ताव को दोबारा चर्चा में लाकर उसे लागू कराने की दिशा में आगे बढ़ा जाए।

पार्किंग शुल्क पर सदन में टकराव के आसार

नगर निगम की बैठक में एक ओर सेक्टर-17 की पेड पार्किंग के शुल्क में संशोधन का प्रस्ताव रखा जाना है, वहीं दूसरी ओर आप निशुल्क पार्किंग की मांग को सदन के सामने रखने जा रही है। ऐसे में पार्किंग शुल्क का मुद्दा बैठक में चर्चा का प्रमुख विषय बन सकता है।

आप की ओर से कहा गया है कि पार्टी शहरवासियों को पार्किंग शुल्क से राहत दिलाने की मांग को स्पष्ट रूप से रखेगी। पार्टी का मानना है कि बाजारों में आने वाले लोगों को पार्किंग के नाम पर अतिरिक्त शुल्क नहीं देना पड़े, इसके लिए नगर निगम को अपने स्तर पर पहले लिए गए निर्णय को लागू कराने की पहल करनी चाहिए।

अब नजर इस बात पर रहेगी कि जनरल हाउस बैठक में पार्किंग शुल्क को लेकर किस तरह की चर्चा होती है और फ्री पार्किंग के प्रस्ताव पर नगर निगम सदन की क्या दिशा तय होती है।