हुरुन रिच लिस्ट 2026 में अडाणी परिवार नंबर-1: 13% बढ़ी संपत्ति, मुकेश अंबानी दूसरे स्थान पर; रोशनी नादर सबसे अमीर महिला

हुरुन रिच लिस्ट 2026 में अडाणी परिवार नंबर-1: 13% बढ़ी संपत्ति, मुकेश अंबानी दूसरे स्थान पर; रोशनी नादर सबसे अमीर महिला

भारत के सबसे अमीर लोगों की नई तस्वीर सामने आ गई है। एम3एम हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2026 में गौतम अडाणी और उनका परिवार देश के सबसे धनी परिवार के रूप में शीर्ष पर पहुंच गया है। 23 सितंबर को जारी हुई इस रिपोर्ट में अडाणी परिवार की कुल संपत्ति 9.23 लाख करोड़ रुपए आंकी गई है। पिछले साल की तुलना में इसमें करीब 13% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

इस बार अडाणी परिवार ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी और उनके परिवार को पीछे छोड़ दिया है। अंबानी परिवार की संपत्ति में इस अवधि में 10% की कमी दर्ज की गई और उनकी कुल संपत्ति 8.63 लाख करोड़ रुपए रह गई। इसी के साथ मुकेश अंबानी रिच लिस्ट में दूसरे पायदान पर आ गए हैं।

हुरुन की इस साल की सूची सिर्फ शीर्ष अमीरों की स्थिति में बदलाव के लिए ही चर्चा में नहीं है। रिपोर्ट में देश में बढ़ती संपत्ति, नए कारोबारियों के उभरने, महिलाओं की बढ़ती मौजूदगी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े कारोबार के तेजी से विस्तार की तस्वीर भी सामने आती है।

मुंबई में सबसे ज्यादा अमीर, दिल्ली और बेंगलुरु भी आगे

अमीरों के रहने के लिहाज से देश की आर्थिक राजधानी मुंबई इस बार भी सबसे आगे है। हुरुन की सूची में शामिल सबसे ज्यादा 465 अमीर लोग मुंबई में रहते हैं। इसके बाद नई दिल्ली का नंबर आता है, जहां 236 लोग इस सूची में शामिल हैं। 129 अमीरों के साथ बेंगलुरु तीसरे स्थान पर है।

यह आंकड़ा बताता है कि बड़े कारोबारी समूहों और हाई-नेटवर्थ लोगों का एक बड़ा हिस्सा अब भी देश के प्रमुख आर्थिक और कारोबारी केंद्रों में केंद्रित है। मुंबई लंबे समय से भारत के बड़े उद्योगपतियों और कारोबारी परिवारों का प्रमुख केंद्र रहा है, जबकि बेंगलुरु की मौजूदगी टेक्नोलॉजी और नए कारोबार से जुड़े धन के बढ़ते प्रभाव को भी दर्शाती है।

1,810 लोगों के पास कम से कम ₹1,000 करोड़ की संपत्ति

एम3एम हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2026 में उन भारतीयों को शामिल किया गया है जिनकी संपत्ति कम से कम 1,000 करोड़ रुपए है। इस मानक के आधार पर इस साल कुल 1,810 लोग सूची में जगह बनाने में सफल रहे।

इन सभी लोगों की संयुक्त संपत्ति करीब 187.5 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गई है। यह आंकड़ा भारत में निजी संपत्ति के बढ़ते आकार को दिखाता है। पिछले कुछ वर्षों में रिच लिस्ट में शामिल लोगों की संख्या भी लगातार बढ़ी है। इस साल सूची में 128 नए नाम जुड़े हैं, जबकि पिछले पांच वर्षों के दौरान कुल 803 नए लोग इस सूची का हिस्सा बने हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, सूची में शामिल करीब 70% लोग सेल्फ-मेड हैं। यानी 1,266 लोगों ने अपने कारोबार या पेशेवर उपलब्धियों के दम पर यह संपत्ति बनाई है। इससे यह संकेत मिलता है कि भारत में संपत्ति के नए स्रोत केवल पारंपरिक कारोबारी परिवारों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि नए उद्यमियों और कारोबारों का योगदान भी बढ़ रहा है।

एलएन मित्तल तीसरे स्थान पर पहुंचे, संपत्ति में 93% उछाल

शीर्ष तीन अमीरों की सूची में इस बार सबसे बड़ा बदलाव आर्सेलरमित्तल के एलएन मित्तल और उनके परिवार की रैंकिंग में देखने को मिला है। मित्तल परिवार आठ पायदान की छलांग लगाकर तीसरे नंबर पर पहुंच गया है।

रिपोर्ट में मित्तल परिवार की संपत्ति 3.39 लाख करोड़ रुपए आंकी गई है। इसमें एक साल के दौरान 93% की वृद्धि हुई है। रिपोर्ट के अनुसार यूरोप में स्टील कारोबार से जुड़े संरक्षणात्मक उपायों और स्टील की कीमतों में बढ़ोतरी ने उनकी संपत्ति में इजाफे में भूमिका निभाई।

इस तरह अडाणी और अंबानी के बाद एलएन मित्तल परिवार ने शीर्ष तीन में अपनी जगह बनाई है। तीनों शीर्ष परिवारों की संपत्ति में बड़ा अंतर मौजूद है, लेकिन मित्तल परिवार की तेज वृद्धि इस साल की रिच लिस्ट के प्रमुख बदलावों में शामिल है।

अनिल अग्रवाल 9वें और समीर मेहता पहली बार टॉप-10 में

वेदांता के अनिल अग्रवाल और उनका परिवार भी इस साल तेजी से ऊपर आया है। 87% की संपत्ति वृद्धि के साथ उनकी नेटवर्थ 2.08 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गई। इसके साथ ही वे रिच लिस्ट में नौवें स्थान पर आ गए हैं।

दूसरी ओर टॉरेंट फार्मास्युटिकल्स के समीर मेहता और उनका परिवार पहली बार शीर्ष 10 में शामिल हुआ है। उनकी संपत्ति 52% बढ़कर 1.89 लाख करोड़ रुपए हो गई। इस संपत्ति के साथ मेहता परिवार को सूची में 10वां स्थान मिला है।

इन बदलावों से पता चलता है कि इस साल रिच लिस्ट में सिर्फ पारंपरिक रूप से शीर्ष पर रहने वाले कारोबारी परिवार ही चर्चा में नहीं हैं, बल्कि तेजी से बढ़ती संपत्ति वाले अन्य उद्योग समूहों ने भी ऊपरी पायदानों पर जगह बनाई है।

महिलाओं की संख्या बढ़ी, रोशनी नादर सबसे आगे

हुरुन की 2026 की सूची में महिलाओं की हिस्सेदारी में भी वृद्धि हुई है। इस बार कुल 131 महिलाओं को सूची में जगह मिली है। पिछले साल यह संख्या 100 थी। यानी एक साल में सूची में शामिल महिलाओं की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई।

एचसीएल टेक्नोलॉजीज की रोशनी नादर मल्होत्रा इस सूची में भारत की सबसे अमीर महिला बनी हुई हैं। उनकी संपत्ति 2.79 लाख करोड़ रुपए बताई गई है। महिलाओं की बढ़ती संख्या को भारत के कारोबारी और संपत्ति परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा सकता है।

हालांकि, पुरुष और महिला अमीरों की कुल संख्या में अभी भी बड़ा अंतर है। इसके बावजूद रिच लिस्ट में महिलाओं की संख्या का 100 से बढ़कर 131 होना पिछले वर्ष की तुलना में स्पष्ट बदलाव है।

पहली बार हुरुन रिच लिस्ट में AI के लिए अलग कैटेगरी

इस साल की सूची में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को पहली बार एक अलग सेक्टर के तौर पर शामिल किया गया है। इस कैटेगरी ने तेजी से ध्यान खींचा है क्योंकि AI से जुड़े कारोबारों के प्रमोटरों ने कम समय में बड़ी संपत्ति बनाई है।

रिपोर्ट के मुताबिक AI सेक्टर से जुड़े 19 अमीर लोगों ने सूची में जगह बनाई है। इन सभी की संयुक्त संपत्ति करीब 3.07 लाख करोड़ रुपए है। खास बात यह है कि इन 19 में से 15 नाम ऐसे हैं जिन्हें पहली बार हुरुन रिच लिस्ट में शामिल किया गया है।

इन 15 नए AI कारोबारियों ने कुल मिलाकर 1.82 लाख करोड़ रुपए की संपत्ति जोड़ी है। इस कैटेगरी में कंट्रोल एस डेटासेंटर्स, योट्टा, एस्टेरा लैब्स, पैरेलल वेब सिस्टम्स, सर्वम एआई और इमर्जेंट एआई जैसी कंपनियों के प्रमोटर शामिल हैं।

AI से जुड़े कारोबारों का इस स्तर पर रिच लिस्ट में पहुंचना भारत के टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम में हो रहे बदलाव को भी सामने लाता है। खासकर डेटा सेंटर, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और AI प्लेटफॉर्म जैसे क्षेत्रों में काम करने वाले उद्यमियों ने नई संपत्ति बनाने में भूमिका निभाई है।

28 साल के दो युवा AI कारोबारी भी सूची में

AI सेक्टर की नई पीढ़ी का प्रतिनिधित्व 28 वर्षीय तनय कोठारी और सहज गर्ग करते हैं। दोनों ‘विस्प्र फ्लो’ के संस्थापक हैं और इस साल हुरुन रिच लिस्ट में शामिल होने वाले सबसे युवा AI बिजनेस पर्सन बने हैं।

रिपोर्ट के अनुसार तनय कोठारी और सहज गर्ग की व्यक्तिगत संपत्ति 4,200-4,200 करोड़ रुपए आंकी गई है। इतनी कम उम्र में 1,000 करोड़ रुपए की निर्धारित सीमा से काफी अधिक संपत्ति के साथ सूची में जगह बनाना इस साल के प्रमुख नए आंकड़ों में शामिल है।

भारत में डॉलर अरबपतियों की संख्या 391 हुई

हुरुन रिपोर्ट में भारत के डॉलर अरबपतियों की संख्या में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। एक अरब डॉलर या उससे ज्यादा संपत्ति रखने वाले लोगों की संख्या अब 391 हो गई है।

पिछले एक साल में इस श्रेणी में 27 नए लोग जुड़े हैं। पांच साल पहले भारत में ऐसे 237 लोग थे। यानी पांच साल की अवधि में डॉलर अरबपतियों की संख्या में 154 लोगों की वृद्धि हुई है।

यह बदलाव भारत में बड़ी निजी संपत्ति के लगातार विस्तार को दर्शाता है। इसके साथ ही नई रिच लिस्ट में शामिल होने वाले लोगों की संख्या भी बढ़ी है। इस साल 128 नए लोगों की एंट्री हुई है, जबकि पांच साल के दौरान 803 नए नाम सूची में जुड़े हैं।

इंडस्ट्रियल प्रॉडक्ट्स सेक्टर सबसे आगे

अलग-अलग कारोबारी क्षेत्रों की बात करें तो इंडस्ट्रियल प्रॉडक्ट्स सेक्टर रिच लिस्ट में सबसे ज्यादा अमीरों वाला क्षेत्र रहा। इस सेक्टर से 166 लोग सूची में शामिल हैं।

इसके बाद केमिकल्स सेक्टर का स्थान है, जिसमें 142 अमीर शामिल हैं। फार्मास्युटिकल्स सेक्टर 136 लोगों के साथ तीसरे स्थान पर है। इन आंकड़ों से पता चलता है कि भारत में बड़ी निजी संपत्ति बनाने में मैन्युफैक्चरिंग, इंडस्ट्रियल कारोबार, केमिकल और फार्मा जैसे पारंपरिक क्षेत्रों की भूमिका अब भी महत्वपूर्ण है।

वहीं AI जैसे नए सेक्टर का पहली बार अलग कैटेगरी के रूप में सामने आना यह दिखाता है कि भारत की संपत्ति निर्माण की तस्वीर में नए टेक्नोलॉजी कारोबार भी तेजी से शामिल हो रहे हैं।

कुल मिलाकर एम3एम हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2026 में भारत के सबसे अमीर परिवारों की रैंकिंग के साथ-साथ संपत्ति निर्माण के बदलते पैटर्न की तस्वीर सामने आती है। अडाणी परिवार का शीर्ष पर पहुंचना, अंबानी परिवार का दूसरे स्थान पर जाना, एलएन मित्तल परिवार की तेज वृद्धि, महिलाओं की बढ़ती संख्या और AI से जुड़े नए कारोबारियों की एंट्री इस साल की रिपोर्ट के प्रमुख बिंदु हैं।