इंजीनियरिंग युवाओं के लिए हरियाणा सरकार का बड़ा अवसर, 25 लाख तक के सरकारी काम मिलेंगे; एक साल का ब्याज मुक्त ऋण भी

इंजीनियरिंग युवाओं के लिए हरियाणा सरकार का बड़ा अवसर, 25 लाख तक के सरकारी काम मिलेंगे; एक साल का ब्याज मुक्त ऋण भी

‘ठेकेदार सक्षम युवा’ योजना के तहत इस साल 8 हजार युवाओं को प्रशिक्षण, श्रीविश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय देगा तीन महीने की ट्रेनिंग

हरियाणा में इंजीनियरिंग की डिग्री और डिप्लोमा करने वाले बेरोजगार युवाओं के लिए सरकार ने ठेकेदारी के क्षेत्र में प्रवेश का रास्ता खोल दिया है। ‘ठेकेदार सक्षम युवा’ योजना के तहत प्रदेश के इंजीनियरिंग शिक्षित युवाओं को प्रशिक्षण देकर सरकारी विकास कार्यों में ठेकेदार के तौर पर काम करने का अवसर दिया जाएगा। वर्ष 2026-27 में योजना के तहत 8 हजार युवाओं को तीन महीने का प्रशिक्षण दिलाने का लक्ष्य रखा गया है।

सरकार की योजना के मुताबिक प्रशिक्षण पूरा करने और मूल्यांकन में सफल रहने वाले युवाओं को प्रमाणपत्र दिया जाएगा। इसके बाद उन्हें हरियाणा इंजीनियरिंग वर्क्स पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने वाले पंजीकृत युवा ठेकेदारों को 25 लाख रुपये तक के विकास कार्यों में भाग लेने का अवसर मिलेगा।

योजना के तहत युवाओं को केवल ठेकेदारी का सैद्धांतिक प्रशिक्षण नहीं दिया जाएगा, बल्कि सरकारी विकास कार्यों की प्रक्रिया, तकनीकी जरूरतों, विभागीय नियमों और मौके पर काम करने के व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी भी दी जाएगी। सरकार का लक्ष्य इंजीनियरिंग योग्यता रखने वाले युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के साथ सरकारी निर्माण और विकास कार्यों में उनकी भागीदारी बढ़ाना है।

तीन महीने की ट्रेनिंग में कक्षा के साथ मैदान में भी सीखेंगे काम

ठेकेदार सक्षम युवा योजना की ट्रेनिंग अवधि तीन महीने रखी गई है। इस प्रशिक्षण की जिम्मेदारी श्रीविश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय को सौंपी गई है। प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को ठेकेदारी से संबंधित तकनीकी और व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी।

ट्रेनिंग का फोकस केवल कक्षा में पढ़ाई तक सीमित नहीं रहेगा। युवाओं को सरकारी विकास परियोजनाओं की प्रक्रिया से परिचित कराया जाएगा। उन्हें काम की योजना तैयार करने, निर्माण कार्यों से जुड़े तकनीकी पहलुओं, सरकारी नियमों और ठेकेदारी की प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी।

इसके साथ ही मौके पर काम करने का अनुभव भी प्रशिक्षण का हिस्सा रहेगा। इसका उद्देश्य यह है कि प्रशिक्षण पूरा करने के बाद युवा केवल प्रमाणपत्र लेकर बाहर न निकलें, बल्कि वास्तविक सरकारी परियोजनाओं से जुड़े कामकाज को समझने की क्षमता भी विकसित कर सकें।

प्रशिक्षण के बाद होगा तीसरे पक्ष से मूल्यांकन

तीन महीने की ट्रेनिंग पूरी होने के बाद युवाओं का तीसरे पक्ष से मूल्यांकन कराया जाएगा। मूल्यांकन में सफल रहने वाले अभ्यर्थियों को प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा।

प्रमाणपत्र मिलने के बाद योजना के तहत निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले युवाओं को सरकारी विकास कार्यों में ठेकेदार के तौर पर भाग लेने का अवसर मिलेगा। इसके लिए हरियाणा इंजीनियरिंग वर्क्स पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।

पंजीकरण के बाद युवा पंचायती राज संस्थाओं, शहरी स्थानीय निकायों और अन्य सरकारी विभागों के विकास कार्यों से जुड़ी निविदा प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे।

25 लाख रुपये तक के विकास कार्यों का अवसर

योजना के तहत पंजीकृत और पात्र युवा ठेकेदारों को 25 लाख रुपये तक के विकास कार्यों के ठेके लेने का अवसर मिलेगा। इससे इंजीनियरिंग शिक्षा प्राप्त ऐसे युवाओं को अपनी पेशेवर क्षमता के आधार पर स्वरोजगार शुरू करने का मौका मिलेगा, जो रोजगार की तलाश में हैं।

सरकार का प्रयास है कि युवाओं को शुरुआत में छोटे और मध्यम स्तर के सरकारी विकास कार्यों से जोड़ा जाए। इससे उन्हें निर्माण क्षेत्र और सरकारी ठेकेदारी की व्यावहारिक समझ विकसित करने के साथ अपना व्यवसाय खड़ा करने का अवसर मिलेगा।

इस व्यवस्था के तहत पंचायत स्तर से लेकर शहरी निकायों और अन्य विभागों में होने वाले विकास कार्यों में पात्र युवा भाग ले सकेंगे। इसके लिए उन्हें विभागीय नियमों के अनुरूप आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।

कारोबार शुरू करने के लिए जरूरी दस्तावेज भी बनाने होंगे

सरकारी ठेकेदार के रूप में काम शुरू करने के लिए केवल प्रशिक्षण और प्रमाणपत्र पर्याप्त नहीं होगा। युवाओं को ठेकेदारी से संबंधित आवश्यक औपचारिकताएं भी पूरी करनी होंगी।

युवाओं को अपनी फर्म का गठन करने के साथ पैन, टैन, जीएसटी और टिन जैसी जरूरी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत सरकारी पोर्टल पर पंजीकरण कराया जा सकेगा।

इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना के तहत प्रशिक्षण लेने वाले युवा आगे चलकर औपचारिक रूप से अपना ठेकेदारी कारोबार संचालित कर सकें और सरकारी विकास कार्यों में निर्धारित नियमों के अनुसार भागीदारी कर सकें।

एक साल के लिए तीन लाख रुपये का ब्याज मुक्त ऋण

सरकार ने योजना में केवल प्रशिक्षण और काम का अवसर ही नहीं रखा है, बल्कि ठेकेदारी शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता का प्रावधान भी किया गया है। योजना के तहत पात्र युवाओं को एक वर्ष की अवधि के लिए तीन लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त बैंक ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।

यह सहायता उन युवाओं के लिए उपयोगी हो सकती है जिन्हें शुरुआती स्तर पर कारोबार शुरू करने के लिए पूंजी की जरूरत होती है। ठेकेदारी के क्षेत्र में प्रवेश करते समय कार्यालय, दस्तावेजी प्रक्रिया, उपकरण और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं पर खर्च हो सकता है। ऐसे में ब्याज मुक्त ऋण के माध्यम से शुरुआती वित्तीय जरूरतों को पूरा करने का प्रावधान किया गया है।

योजना के लिए 51.50 करोड़ रुपये का प्रावधान

ठेकेदार सक्षम युवा योजना को लागू करने के लिए वर्ष 2026-27 में 51.50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसी वित्तीय व्यवस्था के तहत इस साल 8 हजार युवाओं को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है।

सरकार का उद्देश्य योजना के माध्यम से इंजीनियरिंग डिग्री और डिप्लोमा धारकों को केवल नौकरी की तलाश तक सीमित रखने के बजाय उन्हें उद्यम और ठेकेदारी के क्षेत्र में अवसर उपलब्ध कराना है।

इसके तहत प्रशिक्षण, मूल्यांकन, प्रमाणपत्र, पंजीकरण और वित्तीय सहायता को एक ही प्रक्रिया से जोड़ने का प्रयास किया गया है।

फरवरी 2024 में रखी गई थी योजना की नींव

ठेकेदार सक्षम युवा योजना की शुरुआत की अवधारणा फरवरी 2024 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान सामने आई थी। उस समय इंजीनियरिंग डिग्री और डिप्लोमा धारक 10 हजार युवाओं को प्रशिक्षण देकर ठेकेदारी से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था।

इस योजना का मूल उद्देश्य पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों के विकास कार्यों में इंजीनियरिंग योग्यता रखने वाले युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करना था।

योजना के जरिए सरकार ऐसे युवाओं को विकास कार्यों से जोड़ना चाहती थी, जिनके पास तकनीकी शिक्षा तो है, लेकिन रोजगार या स्वरोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं हैं।

अगस्त 2024 में हुआ था औपचारिक शुभारंभ

योजना को अगस्त 2024 में अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने औपचारिक रूप से शुरू किया था। इसके बाद जनवरी 2025 में सरकार ने योजना से संबंधित अधिसूचना जारी कर पात्रता, प्रशिक्षण और संचालन से जुड़ी शर्तों को निर्धारित किया।

अब वर्ष 2026-27 में योजना को आगे बढ़ाते हुए पात्र युवाओं से ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं। इस चरण में 8 हजार युवाओं को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है।

इससे योजना के शुरुआती लक्ष्य को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की दिशा में आगे बढ़ने का संकेत मिलता है।

बीई-बीटेक और डिप्लोमा धारक कर सकेंगे आवेदन

योजना में आवेदन के लिए कुछ पात्रता शर्तें तय की गई हैं। हरियाणा के निवासी 18 से 40 वर्ष की आयु के बेरोजगार युवा इसमें आवेदन कर सकते हैं।

इसके लिए अभ्यर्थी के पास बीई, बीटेक या इंजीनियरिंग में डिप्लोमा होना आवश्यक है। आवेदन करने वाले युवाओं के लिए परिवार पहचान पत्र भी जरूरी होगा।

इसके अलावा अभ्यर्थी का नाम सीईटी की मेरिट सूची में होना चाहिए। निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करने वाले युवा योजना के तहत प्रशिक्षण के लिए आवेदन कर सकेंगे।

नौकरी के साथ उद्यम का विकल्प

योजना का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इसमें इंजीनियरिंग शिक्षा प्राप्त युवाओं के लिए नौकरी के अलावा अपना काम शुरू करने का विकल्प तैयार किया जा रहा है। प्रशिक्षण और प्रमाणपत्र के बाद सरकारी विकास कार्यों में भाग लेने का अवसर मिलने से युवा ठेकेदारी को व्यवसाय के रूप में अपना सकते हैं।

सरकार की ओर से 25 लाख रुपये तक के विकास कार्यों में भाग लेने की अनुमति और तीन लाख रुपये तक का एक वर्ष का ब्याज मुक्त ऋण शुरुआती स्तर पर कारोबार शुरू करने में मदद करने के उद्देश्य से जोड़ा गया है।

सरकारी विकास कार्यों में बढ़ेगी युवाओं की भागीदारी

योजना के माध्यम से पंचायतों, शहरी निकायों और अन्य सरकारी विभागों में होने वाले विकास कार्यों के लिए प्रशिक्षित इंजीनियरिंग युवाओं का एक नया वर्ग तैयार करने की कोशिश की जा रही है।

प्रशिक्षण में तकनीकी ज्ञान के साथ वास्तविक कार्यस्थल का अनुभव दिए जाने से युवाओं को सरकारी परियोजनाओं की कार्यप्रणाली समझने में मदद मिलेगी। तीसरे पक्ष के मूल्यांकन के बाद प्रमाणपत्र की व्यवस्था प्रशिक्षण की गुणवत्ता और अभ्यर्थियों की क्षमता का आकलन करने का एक चरण होगा।

अब योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन, प्रशिक्षण और मूल्यांकन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इसके बाद सफल युवा पोर्टल पर पंजीकरण कराकर सरकारी विकास कार्यों में ठेकेदार के रूप में अपनी भागीदारी शुरू कर सकेंगे।

इस तरह ‘ठेकेदार सक्षम युवा’ योजना के माध्यम से हरियाणा सरकार इंजीनियरिंग डिग्री और डिप्लोमा धारक बेरोजगार युवाओं को रोजगार तलाशने वाले अभ्यर्थियों से आगे बढ़ाकर विकास कार्यों में भाग लेने वाले संभावित उद्यमियों के रूप में तैयार करने की दिशा में काम कर रही है।