पीएम पर टिप्पणी को लेकर भाजपा का कांग्रेस पर पलटवार, राकेश जम्वाल बोले- राजनीतिक बहस में मर्यादा जरूरी

पीएम पर टिप्पणी को लेकर भाजपा का कांग्रेस पर पलटवार, राकेश जम्वाल बोले- राजनीतिक बहस में मर्यादा जरूरी

शिमला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल की ओर से सोलन में की गई टिप्पणी को लेकर हिमाचल प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक राकेश जम्वाल ने पाटिल की टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ बयान देते समय भाषा की मर्यादा का ध्यान रखा जाना चाहिए।

शिमला से जारी बयान में राकेश जम्वाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं और उनके खिलाफ की गई टिप्पणी को केवल राजनीतिक विरोध तक सीमित करके नहीं देखा जा सकता। उन्होंने कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी से राजनीतिक संवाद में संयम बरतने की अपील करते हुए कहा कि विपक्ष को सरकार की नीतियों और फैसलों की आलोचना करने का पूरा अधिकार है, लेकिन आलोचना तथ्यों और मुद्दों के आधार पर होनी चाहिए।

भाजपा ने उठाया प्रधानमंत्री पद की गरिमा का मुद्दा

राकेश जम्वाल ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच मतभेद स्वाभाविक हैं। अलग-अलग राजनीतिक दल सरकार की नीतियों पर सवाल उठा सकते हैं और जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार को घेर सकते हैं। हालांकि, उनके अनुसार राजनीतिक असहमति को व्यक्तिगत या अमर्यादित टिप्पणी का रूप नहीं दिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी भाजपा के नेता होने के साथ देश के प्रधानमंत्री भी हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री के पद से जुड़ी गरिमा का ध्यान रखना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है। जम्वाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेताओं की ओर से प्रधानमंत्री के खिलाफ इस तरह की भाषा का इस्तेमाल राजनीतिक बहस के स्तर को नीचे ले जाता है।

भाजपा विधायक ने कहा कि कांग्रेस यदि केंद्र सरकार की किसी नीति या निर्णय का विरोध करना चाहती है तो उसे तथ्यों के साथ अपनी बात जनता के सामने रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार के कामकाज पर सवाल उठाना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन इसके लिए व्यक्तिगत टिप्पणियों के बजाय नीतिगत मुद्दों को आधार बनाया जाना चाहिए।

कांग्रेस पर राजनीतिक हताशा का आरोप

राकेश जम्वाल ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के नेता केंद्र सरकार की उपलब्धियों और नीतियों पर तथ्यात्मक जवाब देने के बजाय प्रधानमंत्री पर व्यक्तिगत टिप्पणियां कर रहे हैं। उन्होंने इसे कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति से जोड़ते हुए आरोप लगाया कि जब किसी राजनीतिक दल के पास अपने पक्ष में ठोस मुद्दे कम पड़ जाते हैं तो वह विरोधियों पर व्यक्तिगत हमला करने का रास्ता अपनाता है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं को प्रधानमंत्री की आलोचना करनी है तो वे रोजगार, अर्थव्यवस्था, विकास, आधारभूत ढांचे, कल्याणकारी योजनाओं और केंद्र की अन्य नीतियों पर सवाल उठाएं। भाजपा नेता ने कहा कि जनता के सामने किसी भी सरकार के कामकाज का आकलन उसके फैसलों और नीतियों के आधार पर किया जाना चाहिए।

जम्वाल ने कहा कि राजनीतिक दलों के बीच विचारधारा और नीतियों को लेकर मतभेद हो सकते हैं, लेकिन राजनीतिक संवाद में भाषा का स्तर बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं से प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार के खिलाफ अपने विरोध को मुद्दों तक सीमित रखने को कहा।

हिमाचल की गारंटियों को लेकर कांग्रेस पर सवाल

राकेश जम्वाल ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस की ओर से किए गए चुनावी वादों को भी अपने बयान का प्रमुख मुद्दा बनाया। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले कांग्रेस ने प्रदेश की जनता के सामने कई गारंटियां रखी थीं और इन वादों के आधार पर मतदाताओं से समर्थन मांगा था।

उन्होंने महिलाओं को 1,500 रुपये देने की गारंटी का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस को पहले अपने चुनावी वादों की स्थिति पर जनता को जवाब देना चाहिए। जम्वाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव से पहले विभिन्न वर्गों से कई वादे किए, लेकिन सत्ता में आने के बाद इन वादों को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

उन्होंने कहा कि जब प्रदेश की जनता कांग्रेस से उसके चुनावी वादों और गारंटियों के बारे में सवाल करती है तो पार्टी नेताओं को इसका जवाब देना चाहिए। भाजपा विधायक ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार से जुड़े सवालों का जवाब देने के बजाय कांग्रेस के नेता केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बना रहे हैं।

भाजपा विधायक बोले- मुद्दों पर हो राजनीतिक बहस

जम्वाल ने कहा कि हिमाचल की राजनीति में बेरोजगारी, विकास, वित्तीय स्थिति, कर्मचारियों और पेंशनरों से जुड़े मुद्दे, महिलाओं के लिए किए गए वादे और आम लोगों से संबंधित योजनाएं महत्वपूर्ण विषय हैं। इन मुद्दों पर राजनीतिक दलों को जनता के सामने अपना पक्ष रखना चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता राजनीतिक दलों के बयानों के साथ-साथ उनके कामकाज और चुनावी वादों को भी देखती है। उनके अनुसार किसी भी दल को जनता के सवालों का जवाब देना पड़ता है और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से इन सवालों को लंबे समय तक नहीं टाला जा सकता।

भाजपा नेता ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह केंद्र सरकार के खिलाफ बयानबाजी करके प्रदेश के स्थानीय मुद्दों से ध्यान हटाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस को केंद्र सरकार की किसी योजना या निर्णय से आपत्ति है तो उसे उसका तथ्यात्मक विरोध करना चाहिए और यह बताना चाहिए कि वह उससे क्यों असहमत है।

कांग्रेस से संयमित भाषा की अपील

राकेश जम्वाल ने कहा कि हिमाचल की राजनीतिक संस्कृति में अलग-अलग विचारों के बावजूद संवाद और मर्यादा की परंपरा रही है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं से राजनीतिक बयान देते समय शब्दों के चयन पर ध्यान देने की अपील की।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री पद संवैधानिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इस पद पर बैठे व्यक्ति के प्रति राजनीतिक असहमति व्यक्त करते हुए भी भाषा की गरिमा बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के फैसलों पर सवाल उठाने से किसी को नहीं रोका जा सकता, लेकिन आलोचना व्यक्तिगत टिप्पणी के बजाय नीतियों और फैसलों पर केंद्रित होनी चाहिए।

जम्वाल ने कहा कि भाजपा कांग्रेस के राजनीतिक आरोपों का जवाब मुद्दों और तथ्यों के आधार पर देती रहेगी। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता राजनीतिक बयानों के साथ सरकारों के कामकाज का भी मूल्यांकन करती है।

उन्होंने कांग्रेस नेताओं से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ टिप्पणी करने के बजाय हिमाचल प्रदेश में किए गए चुनावी वादों और सरकार के कामकाज पर जनता को जवाब देने की मांग की। साथ ही कहा कि प्रदेश में राजनीतिक बहस विकास और जनहित के मुद्दों पर केंद्रित होनी चाहिए।

भाजपा विधायक ने कहा कि राजनीतिक दलों के बीच मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन व्यक्तिगत कटाक्ष और अमर्यादित भाषा को राजनीतिक संवाद का आधार नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस से प्रधानमंत्री की आलोचना करते समय तथ्यों को सामने रखने और राजनीतिक मर्यादा बनाए रखने की अपील की।