सार्वजनिक जगहों पर कूड़ा फेंकना पड़ा महंगा, निगम ने चार मामलों में लगाया 56 हजार रुपये से अधिक जुर्माना

सार्वजनिक जगहों पर कूड़ा फेंकना पड़ा महंगा, निगम ने चार मामलों में लगाया 56 हजार रुपये से अधिक जुर्माना

चंडीगढ़ में सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फैलाने और निर्धारित नियमों के विपरीत कचरे का निस्तारण करने वालों के खिलाफ नगर निगम ने कार्रवाई तेज कर दी है। शहर में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए निगम की ओर से चलाए जा रहे निरीक्षण अभियान के दौरान कई स्थानों पर कचरा फैलाने और खुले में कचरा डालने के मामले सामने आए। इन उल्लंघनों पर निगम की टीम ने कार्रवाई करते हुए चार चालान काटे और कुल 56,284 रुपये का जुर्माना लगाया।

नगर निगम की फील्ड टीम ने 25 और 28 सितंबर को अलग-अलग क्षेत्रों में निरीक्षण किया। इस दौरान सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता नियमों का उल्लंघन करने वाले चार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई। निगम की रिपोर्ट के अनुसार सभी चार मामलों में 14,071 रुपये प्रति उल्लंघनकर्ता के हिसाब से जुर्माना लगाया गया। इस तरह चार मामलों में कुल दंड राशि 56,284 रुपये रही।

निगम की कार्रवाई खेड़ी, सेक्टर-31 ए स्थित जापानी गार्डन की पार्किंग और बुरैल क्षेत्र में की गई। इन स्थानों पर सार्वजनिक जगहों पर कचरा फैलाने, कचरे को निर्धारित तरीके से न रखने और उसके उचित निस्तारण की व्यवस्था का पालन नहीं करने के मामले सामने आए। निरीक्षण के दौरान निगम की टीम ने मौके पर स्थिति का जायजा लिया और नियमों के उल्लंघन पर संबंधित लोगों के खिलाफ चालान की कार्रवाई की।

स्वच्छता नियमों के पालन पर जोर

नगर निगम का कहना है कि शहर की सफाई व्यवस्था केवल सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी नहीं है। सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने में शहरवासियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से निगम की टीमें विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण कर रही हैं और जहां भी स्वच्छता नियमों का उल्लंघन पाया जा रहा है, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

निगम की ओर से शहरवासियों से अपील की गई है कि वे घरों, दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से निकलने वाले कचरे को खुले में न फेंकें। कचरे को सड़क किनारे, पार्किंग, पार्कों या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर डालने से न केवल शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित होती है, बल्कि आसपास के क्षेत्र में गंदगी और दुर्गंध की समस्या भी पैदा होती है।

अधिकारियों ने लोगों से गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने पर भी जोर दिया है। निगम के अनुसार कचरे का स्रोत पर ही उचित पृथक्करण होने से उसके संग्रहण, परिवहन और निस्तारण की प्रक्रिया अधिक प्रभावी ढंग से संचालित की जा सकती है। इसके लिए नागरिकों से निर्धारित नियमों का पालन करने और कचरा केवल निर्धारित स्थानों अथवा संग्रहण व्यवस्था के माध्यम से देने की अपील की गई है।

दुकानदारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को भी चेतावनी

नगर निगम ने दुकानदारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से विशेष रूप से स्वच्छता नियमों का पालन करने को कहा है। बाजारों और व्यावसायिक क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में कचरा उत्पन्न होता है। ऐसे में यदि इसे निर्धारित व्यवस्था के बजाय सार्वजनिक स्थानों पर डाल दिया जाता है तो सफाई व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।

निगम की टीमों द्वारा किए जा रहे निरीक्षण में ऐसे मामलों पर भी नजर रखी जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक स्थानों पर कचरा डालने या स्वच्छता नियमों का उल्लंघन करने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति या प्रतिष्ठान के खिलाफ नियमानुसार चालान की कार्रवाई की जा सकती है।

निगम का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि लोगों में स्वच्छता को लेकर जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है। इसके लिए नागरिकों को लगातार जागरूक किया जा रहा है कि वे अपने आसपास के सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने में सहयोग करें और कचरे का निस्तारण निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही करें।

अभियान आगे भी रहेगा जारी

नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक शहर में स्वच्छता व्यवस्था की निगरानी के लिए फील्ड स्तर पर निरीक्षण जारी रहेगा। सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फैलाने और निर्धारित व्यवस्था के विपरीत कचरा डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी की जाएगी।

निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे सड़क, पार्किंग, पार्क, बाजार या किसी अन्य सार्वजनिक स्थान पर कचरा न डालें। गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने के साथ उसे निर्धारित व्यवस्था के माध्यम से ही निस्तारित किया जाए।

अधिकारियों का कहना है कि शहर को साफ और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए निगम की कार्रवाई के साथ नागरिकों का सहयोग भी जरूरी है। सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता बनाए रखने और कचरे के उचित निस्तारण की आदत अपनाकर लोग शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।