दो दिन में सोना ₹5 हजार और चांदी ₹11 हजार तक टूटी, सितंबर में लगातार घटे दाम; खरीदारी से पहले जानें जरूरी बातें

दो दिन में सोना ₹5 हजार और चांदी ₹11 हजार तक टूटी, सितंबर में लगातार घटे दाम; खरीदारी से पहले जानें जरूरी बातें

सोने और चांदी की कीमतों में सितंबर के आखिरी दिनों में लगातार नरमी देखने को मिल रही है। मंगलवार, 29 सितंबर को भी घरेलू सर्राफा बाजार में दोनों कीमती धातुओं के भाव नीचे आए। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 24 कैरेट सोने की कीमत 10 ग्राम पर 580 रुपये घटकर करीब 1.47 लाख रुपये रह गई। इसी तरह चांदी का भाव भी कम हुआ और एक किलोग्राम की कीमत 1,373 रुपये घटकर लगभग 2.22 लाख रुपये पर आ गई।

हाल की गिरावट को अगर दो दिनों के आधार पर देखा जाए तो सोने की कीमत में करीब 5 हजार रुपये की कमी आ चुकी है। चांदी भी इसी अवधि में लगभग 11 हजार रुपये नीचे आई है। यानी सितंबर के अंतिम सप्ताह में कीमती धातुओं के बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। जिन लोगों ने त्योहारी सीजन में सोना या चांदी खरीदने की योजना बनाई है, उनके लिए मौजूदा भावों में आई कमी बाजार की दिशा समझने का एक अहम संकेत हो सकती है।

सितंबर में अब तक कितना सस्ता हुआ सोना और चांदी?

महीने की शुरुआत की तुलना करें तो सितंबर में सोने और चांदी दोनों के दामों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज हुई है। 31 अगस्त को 24 कैरेट सोने का भाव करीब 1.56 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम था। 29 सितंबर तक यह घटकर लगभग 1.47 लाख रुपये रह गया। इस तरह एक महीने के भीतर सोने की कीमत में करीब 9 हजार रुपये की कमी आई है।

चांदी में भी इसी तरह कमजोरी देखने को मिली है। 31 अगस्त को एक किलोग्राम चांदी का भाव लगभग 2.37 लाख रुपये था, जो अब करीब 2.22 लाख रुपये पर आ गया है। यानी सितंबर के दौरान चांदी करीब 15 हजार रुपये प्रति किलो तक सस्ती हो चुकी है।

कीमती धातुओं के भाव में यह बदलाव ऐसे समय आया है जब बाजार में अंतरराष्ट्रीय आर्थिक परिस्थितियों को लेकर लगातार हलचल बनी हुई है। सोने को आम तौर पर अनिश्चित परिस्थितियों में सुरक्षित निवेश के तौर पर देखा जाता है, लेकिन इसके बावजूद इसकी कीमत में रोजाना तेज बदलाव हो सकता है। वैश्विक बाजार में डॉलर, ब्याज दरों, महंगाई, भू-राजनीतिक तनाव और निवेशकों की धारणा जैसे कई कारक घरेलू कीमतों पर असर डालते हैं।

आज की गिरावट का क्या मतलब है?

29 सितंबर को सोने के भाव में 580 रुपये की गिरावट दर्ज हुई। इसके बाद 10 ग्राम 24 कैरेट सोना लगभग 1.47 लाख रुपये पर पहुंच गया। वहीं चांदी में 1,373 रुपये प्रति किलो की कमी हुई और इसका भाव करीब 2.22 लाख रुपये रह गया।

यह ध्यान रखना जरूरी है कि IBJA के बताए भाव आमतौर पर बुलियन मार्केट के आधार भाव होते हैं। आम ग्राहक जब किसी ज्वेलरी शोरूम से आभूषण खरीदता है तो उसे केवल सोने के मूल भाव का भुगतान नहीं करना होता। आभूषण की डिज़ाइन, मेकिंग चार्ज, जीएसटी और अन्य लागू शुल्क के कारण अंतिम कीमत अलग हो सकती है। इसलिए बाजार में दिखाई देने वाले सोने के भाव और ज्वेलरी की दुकान पर मिलने वाली कीमत में अंतर होना सामान्य है।

इसी तरह अलग-अलग कैरेट के सोने की कीमत भी एक जैसी नहीं होती। 24 कैरेट सोना सबसे अधिक शुद्धता वाला माना जाता है, जबकि आभूषणों में अक्सर 22 कैरेट या अन्य शुद्धता का सोना इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए खरीदारी से पहले कैरेट और शुद्धता दोनों की जानकारी लेना जरूरी रहेगा।

क्या आने वाले दिनों में भी जारी रहेगी गिरावट?

सोने और चांदी की कीमतों का आगे क्या रुख रहेगा, इसका निश्चित अनुमान लगाना मुश्किल है। कीमती धातुओं का बाजार कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारकों से प्रभावित होता है। ब्याज दरों में बदलाव, डॉलर की स्थिति, वैश्विक अर्थव्यवस्था, महंगाई और भू-राजनीतिक घटनाओं के कारण कीमतों में अचानक तेजी या गिरावट आ सकती है।

दिए गए बाजार विश्लेषण के अनुसार, अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति भी सोने की कीमतों के लिए महत्वपूर्ण कारक बनी हुई है। ब्याज दरों से जुड़े फैसलों का असर निवेशकों के रुख पर पड़ता है और इसका प्रभाव सोने समेत दूसरी परिसंपत्तियों पर भी दिखाई दे सकता है।

दूसरी ओर, वैश्विक स्तर पर तनाव और आर्थिक अनिश्चितता बढ़ने पर सोने की मांग को सहारा मिल सकता है। ऐसी परिस्थितियों में कुछ निवेशक जोखिम वाले विकल्पों की जगह अपेक्षाकृत सुरक्षित माने जाने वाले निवेश की ओर रुख करते हैं। यही वजह है कि सोने की कीमतों में एक तरफ गिरावट देखने को मिल सकती है, जबकि दूसरी तरफ किसी बड़े वैश्विक घटनाक्रम के बाद इसमें फिर तेजी भी आ सकती है।

इसलिए मौजूदा गिरावट को देखकर यह मान लेना सही नहीं होगा कि कीमतें लगातार नीचे ही जाएंगी। इसी तरह केवल एक-दो दिनों की तेजी को देखकर यह निष्कर्ष निकालना भी उचित नहीं होगा कि बाजार में लंबी तेजी शुरू हो गई है। खरीदारी करने वाले लोगों को अपनी जरूरत, बजट और निवेश अवधि को ध्यान में रखकर फैसला लेना चाहिए।

सोना खरीदते समय सिर्फ भाव देखना काफी नहीं

अगर आप आने वाले दिनों में सोने की ज्वेलरी खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो केवल बाजार भाव की जानकारी होना पर्याप्त नहीं होगा। सोने की शुद्धता और हॉलमार्क की जांच भी उतनी ही जरूरी है।

सबसे पहले यह देखना चाहिए कि आभूषण पर BIS हॉलमार्क मौजूद है या नहीं। हॉलमार्क से सोने की शुद्धता से जुड़ी जानकारी मिलती है। आभूषण खरीदते समय बिल जरूर लेना चाहिए और बिल में सोने का वजन, शुद्धता, मेकिंग चार्ज तथा अन्य शुल्क स्पष्ट रूप से दर्ज होने चाहिए।

इसके अलावा खरीदारी के दिन सोने का बाजार भाव भी जांच लेना उपयोगी रहेगा। अलग-अलग स्रोतों से कीमत की पुष्टि की जा सकती है। IBJA जैसे आधिकारिक बाजार स्रोतों पर उपलब्ध दरों से तुलना करने के बाद ज्वेलर की ओर से बताए गए रेट को समझना आसान होगा।

खरीदार को यह भी देखना चाहिए कि दुकानदार ने 24 कैरेट के बाजार भाव को सीधे 22 कैरेट के आभूषण पर तो लागू नहीं किया है। कैरेट के हिसाब से सोने की कीमत और शुद्धता में अंतर होता है। इसी तरह मेकिंग चार्ज दुकान और डिजाइन के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।

चांदी असली है या नहीं, कैसे जांचें?

चांदी खरीदने वालों के लिए भी शुद्धता की जांच महत्वपूर्ण रहेगी। आम तौर पर असली चांदी की पहचान के लिए कई घरेलू परीक्षण बताए जाते हैं, लेकिन केवल घरेलू टेस्ट के आधार पर धातु की शुद्धता का अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। प्रमाणित हॉलमार्क और विश्वसनीय विक्रेता से खरीदारी अधिक भरोसेमंद तरीका रहेगी।

फिर भी बाजार में प्रचलित कुछ घरेलू तरीकों के बारे में जानना उपयोगी हो सकता है। पहला तरीका चुंबक से जांच करना है। शुद्ध चांदी सामान्य तौर पर चुंबक से आकर्षित नहीं होती। यदि कोई वस्तु तेज तरीके से चुंबक की ओर खिंचती है तो उसकी संरचना पर सवाल उठ सकता है। हालांकि केवल इस परीक्षण से यह प्रमाणित नहीं होता कि वस्तु निश्चित रूप से नकली है।

दूसरा तरीका बर्फ से जुड़ा परीक्षण है। चांदी ऊष्मा की अच्छी चालक होती है, इसलिए उसके ऊपर रखी बर्फ सामान्य सतह की तुलना में तेजी से पिघल सकती है। मगर यह भी घरेलू संकेत भर है, प्रमाणित शुद्धता जांच नहीं।

तीसरे तरीके में गंध की बात की जाती है। शुद्ध चांदी में आम तौर पर किसी खास धातु जैसी गंध नहीं होती। अगर किसी वस्तु से तेज धातु जैसी गंध आती है तो उसमें दूसरी धातुओं की मौजूदगी की संभावना हो सकती है। फिर भी इस तरीके से शुद्धता तय नहीं की जा सकती।

चौथा तरीका सफेद कपड़े से रगड़कर देखने का बताया जाता है। कुछ लोग मानते हैं कि चांदी रगड़ने पर कपड़े पर काला निशान छोड़ सकती है। हालांकि इस परीक्षण के परिणाम कई परिस्थितियों पर निर्भर कर सकते हैं, इसलिए इसे भी अंतिम प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए।

खरीदारी से पहले इन बातों को रखें ध्यान में

सोना या चांदी खरीदते समय सबसे पहले तय करें कि खरीदारी निवेश के लिए हो रही है या आभूषण के लिए। इसके बाद शुद्धता, वजन और बाज़ार भाव की पुष्टि करें। ज्वेलरी के मामले में मेकिंग चार्ज और अन्य शुल्कों को भी कुल कीमत में शामिल करके तुलना करें।

सोने के आभूषणों में BIS हॉलमार्क और संबंधित पहचान चिह्नों की जांच करें। बिल को सुरक्षित रखें और उस पर दर्ज विवरण को खरीदारी के समय ही देख लें। चांदी में भी प्रमाणित उत्पाद और विश्वसनीय विक्रेता को प्राथमिकता देना जरूरी होगा।

फिलहाल 29 सितंबर को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज हुई है। दो दिनों की गिरावट ने सोने को करीब 5 हजार रुपये और चांदी को लगभग 11 हजार रुपये तक नीचे ला दिया है। सितंबर की पूरी अवधि देखें तो सोना करीब 9 हजार रुपये और चांदी करीब 15 हजार रुपये सस्ती हो चुकी हैं। आगे कीमतें किस दिशा में जाएंगी, यह घरेलू मांग के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार और आर्थिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।