हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव से करीब एक साल पहले कांग्रेस ने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के साथ-साथ पार्टी के लिए स्थायी ढांचा तैयार करने की कवायद तेज कर दी है। प्रदेश कांग्रेस ने अब सभी जिलों में पार्टी के अपने कार्यालय स्थापित करने का फैसला लिया है। इसके लिए जिला कांग्रेस कमेटियों को जमीन चिह्नित करने और आवश्यक प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि स्थायी जिला कार्यालय होने से संगठन की गतिविधियों को नियमित रूप से संचालित करने में सुविधा होगी। इसके साथ ही पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए बैठकों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, चुनावी तैयारियों और अन्य संगठनात्मक गतिविधियों के लिए स्थायी स्थान उपलब्ध हो सकेगा।
प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व ने जिला अध्यक्षों से कार्यालय निर्माण के लिए उपलब्ध जमीन का ब्योरा मांगा है। पिछले सप्ताह प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल की अध्यक्षता में हुई बैठक में सभी जिला अध्यक्षों से इस संबंध में जानकारी ली गई। बैठक में जिलों में पार्टी कार्यालयों के लिए चिह्नित जमीन, उसके स्वामित्व और उपलब्धता से संबंधित जानकारी पर चर्चा हुई।
अधिकांश जिलों की ओर से जमीन को लेकर प्रारंभिक जानकारी प्रदेश नेतृत्व को उपलब्ध करवा दी गई है। अब संबंधित जमीन की स्थिति और दस्तावेजों की जांच की जाएगी। इसके बाद यह तय किया जाएगा कि पार्टी जमीन खरीदकर कार्यालय बनाएगी या फिर लंबे समय के लिए लीज पर जमीन लेकर निर्माण करवाया जाएगा।
जमीन की जांच के बाद होगा अंतिम फैसला
कांग्रेस ने जिला कार्यालयों के लिए जमीन तलाशने की प्रक्रिया को केवल स्थान चिह्नित करने तक सीमित नहीं रखा है। पार्टी अब प्रत्येक प्रस्तावित स्थल के स्वामित्व, भूमि की स्थिति, स्थान की उपयोगिता और कानूनी औपचारिकताओं की जांच करवाएगी।
इसके बाद प्रदेश नेतृत्व संबंधित जिला कांग्रेस कमेटी के साथ चर्चा कर अंतिम निर्णय लेगा। जहां जमीन खरीदना व्यावहारिक होगा, वहां खरीद की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। वहीं, यदि किसी स्थान पर जमीन लीज पर लेना ज्यादा उपयुक्त पाया जाता है तो उस विकल्प पर आगे बढ़ा जाएगा।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, कार्यालय ऐसे स्थानों पर बनाने की कोशिश की जाएगी जहां कार्यकर्ताओं और आम लोगों की पहुंच आसान हो। जिला मुख्यालयों में कार्यालय होने से संगठनात्मक गतिविधियों को एक स्थायी केंद्र मिल सकेगा।
शिमला ग्रामीण में दो स्थानों का प्रस्ताव
शिमला ग्रामीण जिला कांग्रेस कमेटी ने कार्यालय के लिए दो संभावित स्थान चिह्नित किए हैं। दोनों स्थानों की जानकारी प्रदेश नेतृत्व को भेज दी गई है। अब इन दोनों जगहों की स्थिति, उपलब्धता और उपयोगिता की जांच के बाद किसी एक स्थान को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है।
पार्टी नेतृत्व यह भी देखेगा कि प्रस्तावित जमीन कार्यालय निर्माण के लिए कितनी उपयुक्त है और वहां भविष्य में संगठन की बढ़ती गतिविधियों को संचालित करने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध होगी या नहीं।
जिला कार्यालयों को केवल पार्टी बैठकों तक सीमित रखने के बजाय इन्हें संगठनात्मक गतिविधियों के स्थायी केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। यहां जिला स्तर की बैठकें, कार्यकर्ता सम्मेलन, प्रशिक्षण कार्यक्रम और चुनावी तैयारियों से संबंधित गतिविधियां आयोजित की जा सकेंगी।
राजीव भवन के पास बहुमंजिला पार्किंग की तैयारी
जिला कार्यालयों के साथ प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय को भी सुविधाओं के लिहाज से मजबूत करने की योजना बनाई जा रही है। शिमला स्थित राजीव भवन के साथ लगती खाली जमीन कांग्रेस ने लीज पर ले ली है। इससे संबंधित औपचारिकताएं पूरी होने के बाद अब यहां बहुमंजिला पार्किंग बनाने की तैयारी है।
राजीव भवन में लंबे समय से संगठन की विभिन्न गतिविधियां संचालित होती रही हैं। बैठकों और कार्यक्रमों के दौरान बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के पहुंचने के कारण पार्किंग की समस्या भी सामने आती रही है। ऐसे में बहुमंजिला पार्किंग बनने से मुख्यालय आने वाले लोगों को सुविधा मिलने की उम्मीद है।
पार्टी मुख्यालय के आसपास उपलब्ध जगह का इस्तेमाल संगठन की बढ़ती जरूरतों के अनुसार करने की योजना है। कांग्रेस नेतृत्व मुख्यालय के विस्तार की संभावनाओं पर भी काम कर रहा है, ताकि आने वाले समय में प्रदेश संगठन की गतिविधियों के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध कराया जा सके।
लंबे समय से जिलों में स्थायी कार्यालयों की कमी
कांग्रेस लंबे समय तक हिमाचल प्रदेश की सत्ता में रही है, लेकिन इसके बावजूद कई जिलों में पार्टी का अपना स्थायी कार्यालय नहीं बन पाया। प्रदेश स्तर पर राजीव भवन पार्टी का स्थायी मुख्यालय है, लेकिन जिला स्तर पर संगठन को ऐसी सुविधा नहीं मिल सकी।
कई जिलों में कांग्रेस की गतिविधियां नेताओं के निजी भवनों या उनके उपलब्ध करवाए गए परिसरों से संचालित होती रही हैं। इसके चलते जिला संगठन को स्थायी स्थान के अभाव में अलग-अलग जगहों पर बैठकें और कार्यक्रम आयोजित करने पड़ते हैं।
पार्टी के लिए यह व्यवस्था संगठनात्मक दृष्टि से भी चुनौती रही है। निजी भवनों से पार्टी गतिविधियां संचालित होने के कारण संबंधित नेताओं का स्थानीय संगठन पर प्रभाव बना रहने की चर्चा भी होती रही है। अब जिला स्तर पर पार्टी के अपने कार्यालय बनने से संगठन को अधिक संस्थागत स्वरूप देने की कोशिश की जा रही है।
स्थायी कार्यालय होने से जिला अध्यक्षों और संगठन के पदाधिकारियों को नियमित कामकाज के लिए निश्चित स्थान मिलेगा। कार्यकर्ताओं को भी पार्टी से संपर्क करने और अपनी समस्याएं रखने के लिए एक स्थायी केंद्र उपलब्ध होगा।
चुनावी तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा कदम
विधानसभा चुनाव से लगभग एक साल पहले कांग्रेस की ओर से जिला कार्यालयों की योजना को संगठन की चुनावी तैयारियों से जोड़कर भी देखा जा रहा है। आने वाले समय में बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने, कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण और विभिन्न अभियानों के लिए जिला स्तर पर मजबूत ढांचा जरूरी होगा।
स्थायी कार्यालय होने से प्रदेश नेतृत्व और जिला संगठनों के बीच समन्वय बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है। जिला स्तर पर बैठकों और कार्यक्रमों के लिए बार-बार वैकल्पिक स्थान तलाशने की आवश्यकता नहीं होगी।
कांग्रेस की योजना जिला कार्यालयों को संगठन की नियमित गतिविधियों का केंद्र बनाने की है। इसके जरिए पार्टी अपने कार्यकर्ताओं के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने और स्थानीय स्तर पर संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने की तैयारी कर रही है।
राजीव भवन के निर्माण की भी पुरानी कहानी
शिमला का राजीव भवन हिमाचल प्रदेश कांग्रेस का प्रमुख संगठनात्मक केंद्र है। पार्टी के प्रदेश मुख्यालय के निर्माण की शुरुआत तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विद्या स्टोक्स के कार्यकाल में हुई थी। उन्होंने इसके निर्माण के लिए 25 लाख रुपये देकर प्रक्रिया की शुरुआत करवाई थी।
समय के साथ राजीव भवन प्रदेश कांग्रेस की बैठकों, संगठनात्मक कार्यक्रमों और राजनीतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बन गया। अब संगठन के विस्तार और बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए इसके आसपास उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने की योजना तैयार की जा रही है।
बहुमंजिला पार्किंग के साथ मुख्यालय के विस्तार की योजना भी इसी दिशा में एक कदम मानी जा रही है। इससे पार्टी मुख्यालय में होने वाली गतिविधियों के लिए अतिरिक्त सुविधाएं विकसित की जा सकेंगी।
जिला स्तर पर संगठन को स्थायी आधार देने की कोशिश
कांग्रेस की नई योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश संगठन को केवल चुनाव के समय सक्रिय होने वाले ढांचे के बजाय नियमित रूप से संचालित होने वाली व्यवस्था देना है। इसके लिए जिला स्तर पर स्थायी कार्यालयों को महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है।
अब प्रदेश नेतृत्व की नजर जमीन की जांच और दस्तावेजी औपचारिकताओं को पूरा करने पर है। इन प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद चरणबद्ध तरीके से कार्यालय निर्माण की दिशा में काम शुरू किया जा सकता है।
यदि सभी जिलों में पार्टी के अपने कार्यालय स्थापित होते हैं तो कांग्रेस के जिला संगठन को स्थायी बुनियादी ढांचा मिल जाएगा। इससे बैठकों, प्रशिक्षण, सदस्यता अभियान, कार्यकर्ता संवाद और चुनावी तैयारियों के लिए अलग-अलग स्थानों पर निर्भरता कम होगी।
आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस संगठन के पुनर्गठन और विस्तार पर लगातार जोर दे रही है। जिला कार्यालयों की स्थापना, प्रदेश मुख्यालय के विस्तार और पार्किंग सुविधा विकसित करने की योजना इसी संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की व्यापक कवायद का हिस्सा है।




