स्वीडन दौरे पर सीएम नायब सैनी, हरियाणा में विदेशी निवेश लाने के लिए वैश्विक कंपनियों से करेंगे संवाद

स्वीडन दौरे पर सीएम नायब सैनी, हरियाणा में विदेशी निवेश लाने के लिए वैश्विक कंपनियों से करेंगे संवाद

14 से 17 अक्टूबर तक स्टॉकहोम में उद्योगपतियों और सरकारी प्रतिनिधियों से मुलाकातें, आईकेईए, साब, एरिक्सन सहित प्रमुख कंपनियों के साथ सहयोग की संभावनाओं पर होगी चर्चा

हरियाणा में विदेशी निवेश को बढ़ावा देने और प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के लिए प्रमुख निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 14 से 17 अक्टूबर तक स्वीडन के दौरे पर रहेंगे। इस यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री स्टॉकहोम में भारत-स्वीडन नवाचार दिवस 2026 में भाग लेने के साथ स्वीडन सरकार के प्रतिनिधियों, उद्योगपतियों, तकनीकी कंपनियों और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें करेंगे। इन मुलाकातों का मुख्य उद्देश्य हरियाणा में निवेश की संभावनाओं को सामने रखना और औद्योगिक, तकनीकी तथा शैक्षणिक सहयोग के नए रास्ते तलाशना है।

मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम में भारत और स्वीडन के बीच व्यापारिक साझेदारी को मजबूत करने, औद्योगिक निवेश के अवसरों पर चर्चा करने और आधुनिक तकनीक तथा नवाचार के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर रहेगा। इस दौरान हरियाणा की औद्योगिक नीतियों, आधारभूत ढांचे, शहरी विकास, शिक्षा, कौशल विकास और कारोबारी संभावनाओं को अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।

राज्य सरकार की कोशिश है कि वैश्विक कंपनियों के साथ संवाद के माध्यम से प्रदेश में नई औद्योगिक परियोजनाओं, तकनीकी साझेदारी और निवेश की संभावनाओं को आगे बढ़ाया जाए। हालांकि, प्रस्तावित बैठकों को किसी निश्चित निवेश या समझौते की घोषणा के रूप में नहीं देखा जा सकता। निवेश संबंधी निर्णयों की पुष्टि आधिकारिक घोषणाओं के बाद ही होगी।

भारत-स्वीडन नवाचार दिवस में हरियाणा की औद्योगिक क्षमता होगी प्रमुख मुद्दा

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 14 अक्टूबर को नई दिल्ली से स्वीडन के लिए रवाना होंगे। प्रस्तावित यात्रा कार्यक्रम के अनुसार, वह हेलसिंकी के रास्ते स्टॉकहोम पहुंचेंगे। वहां भारतीय दूतावास के प्रतिनिधियों की ओर से स्वागत किए जाने के बाद मुख्यमंत्री और उनके प्रतिनिधिमंडल की भारतीय दूतावास के अधिकारियों के साथ बैठक होगी। इसमें यात्रा के दौरान होने वाली कारोबारी मुलाकातों, निवेश संबंधी प्रस्तुतियों और कार्यक्रमों की रूपरेखा पर चर्चा की जाएगी।

इसके बाद भारतीय दूतावास के अधिकारियों और भारतीय कारोबारी समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ रात्रिभोज का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है। इस दौरान हरियाणा में निवेश की संभावनाओं और स्वीडन के कारोबारी जगत के साथ संपर्क बढ़ाने से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया जा सकता है।

15 अक्टूबर को मुख्यमंत्री भारत-स्वीडन नवाचार दिवस 2026 में हिस्सा लेंगे। यह आयोजन दोनों देशों के बीच व्यापार, उद्योग, तकनीकी नवाचार और आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री इस मंच पर हरियाणा की औद्योगिक क्षमता, निवेश के अनुकूल माहौल और नवाचार आधारित विकास की संभावनाओं को सामने रखेंगे।

कार्यक्रम में स्वीडन के उद्योग परिसंघ के महानिदेशक जान-ओलोफ याके और स्वीडन-भारत व्यापार परिषद से जुड़े प्रतिनिधियों के शामिल होने का प्रस्ताव है। भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल का संबोधन भी प्रस्तावित कार्यक्रम में शामिल है, हालांकि उनकी भागीदारी की अंतिम पुष्टि होना बाकी है।

इस आयोजन के माध्यम से हरियाणा सरकार अंतरराष्ट्रीय कारोबारी समुदाय को प्रदेश में उपलब्ध औद्योगिक अवसरों, आधारभूत सुविधाओं और निवेश की संभावनाओं से अवगत कराने का प्रयास करेगी।

स्वीडन के मंत्री के साथ व्यापार और निवेश पर बातचीत

मुख्यमंत्री की स्वीडन के अंतरराष्ट्रीय विकास सहयोग एवं विदेश व्यापार मंत्री बेंजामिन डूसा के साथ बैठक प्रस्तावित है। इस मुलाकात में भारत-स्वीडन व्यापारिक संबंधों, औद्योगिक सहयोग और निवेश से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

हरियाणा के लिए इस तरह की बैठकें इसलिए महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जुड़ाव बढ़ाने और विदेशी कंपनियों के साथ दीर्घकालिक साझेदारी स्थापित करने से औद्योगिक विकास को गति मिल सकती है। सरकार का प्रयास रहेगा कि स्वीडन के उद्योग जगत को हरियाणा में उपलब्ध कारोबारी अवसरों और निवेश संबंधी संभावनाओं की जानकारी दी जाए।

मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में सतत शहरी विकास से संबंधित परिचर्चा भी शामिल है। इसमें आधुनिक शहरों के विकास, आधारभूत ढांचे, शहरी सुविधाओं और टिकाऊ विकास से जुड़े अनुभवों को समझने पर जोर रहेगा। स्वीडन में शहरी नियोजन और आधुनिक तकनीक के उपयोग से जुड़े अनुभव हरियाणा के शहरी विकास कार्यक्रमों के लिए उपयोगी हो सकते हैं।

इस दौरान संबंधित संस्थानों और विशेषज्ञों के साथ संवाद के जरिए यह समझने का प्रयास भी किया जाएगा कि आधुनिक तकनीक, बेहतर शहरी प्रबंधन और टिकाऊ विकास के तरीकों को किस प्रकार अपनाया जा सकता है।

आईकेईए, साब और एसकेएफ जैसी कंपनियों से मुलाकातें

मुख्यमंत्री के स्वीडन दौरे में कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय कंपनियों और संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें प्रस्तावित हैं। इनमें आईकेईए, साब, होलीवोल्ट, एसकेएफ, एरिक्सन, ट्रूकॉलर, स्कैनिया, एसईबी बैंक और केटीएच जैसे नाम शामिल हैं। शिक्षा क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा के लिए कुनस्काप्सस्कोलन से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ संवाद भी प्रस्तावित है।

आईकेईए के साथ बैठक में कारोबारी सहयोग और निवेश के अवसरों पर बातचीत हो सकती है। रक्षा एवं एयरोस्पेस क्षेत्र से जुड़ी कंपनी साब के प्रतिनिधियों के साथ प्रस्तावित बैठक में औद्योगिक और तकनीकी साझेदारी की संभावनाओं पर विचार किया जा सकता है। वहीं, होलीवोल्ट और एसकेएफ के साथ मुलाकातों में औद्योगिक उत्पादन, तकनीक और संबंधित क्षेत्रों में सहयोग के अवसरों को समझने पर जोर रह सकता है।

स्कैनिया जैसी कंपनी के साथ संपर्क से वाहन एवं परिवहन क्षेत्र में औद्योगिक संभावनाओं पर बातचीत का अवसर मिलेगा। एसईबी बैंक के प्रतिनिधियों के साथ वित्तीय क्षेत्र और कारोबारी सहयोग से जुड़े विषयों पर चर्चा की जा सकती है। केटीएच और कुनस्काप्सस्कोलन जैसे संस्थानों के साथ संवाद शिक्षा, अनुसंधान और कौशल विकास के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं को सामने लाने में मदद कर सकता है।

इन बैठकों का उद्देश्य हरियाणा में संभावित निवेश, औद्योगिक साझेदारी और तकनीकी सहयोग के अवसरों की पहचान करना है। हालांकि, कंपनियों के साथ बैठक प्रस्तावित होने का अर्थ यह नहीं है कि निवेश या समझौते को अंतिम रूप दिया जा चुका है। किसी भी परियोजना या निवेश की स्थिति संबंधित पक्षों की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।

एरिक्सन स्टूडियो और ट्रूकॉलर कार्यालय का दौरा

16 अक्टूबर को मुख्यमंत्री का कार्यक्रम औद्योगिक और तकनीकी प्रतिष्ठानों के दौरे पर केंद्रित रहेगा। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री और उनका प्रतिनिधिमंडल एरिक्सन स्टूडियो का दौरा करेगा। यहां कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में संचार तकनीक, डिजिटल नवाचार और संबंधित क्षेत्रों में विकास की संभावनाओं पर चर्चा हो सकती है।

इसके बाद स्टॉकहोम के रॉयल सीपोर्ट क्षेत्र का दौरा भी प्रस्तावित है। यह कार्यक्रम आधुनिक शहरी विकास और आधारभूत ढांचे से जुड़े अनुभवों को समझने का अवसर उपलब्ध करा सकता है।

मुख्यमंत्री ट्रूकॉलर के कार्यालय का दौरा भी करेंगे। इस दौरान डिजिटल तकनीक, आधुनिक कारोबारी मॉडल और तकनीकी नवाचार से जुड़े पहलुओं को समझने पर जोर रहेगा। हरियाणा में औद्योगिक विकास के साथ डिजिटल सेवाओं और आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए ऐसे संपर्क उपयोगी साबित हो सकते हैं।

यात्रा के दौरान भारतीय दूतावास और संबंधित अधिकारियों के समन्वय से कारोबारी बैठकों को आगे बढ़ाने की योजना है। मुख्यमंत्री का प्रतिनिधिमंडल स्वीडन में रह रहे भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ संवाद भी करेगा।

शिक्षा और कौशल विकास में सहयोग की संभावनाएं

स्वीडन दौरे का एजेंडा केवल औद्योगिक निवेश तक सीमित नहीं है। इसमें शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण और कौशल विकास के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं को भी महत्व दिया गया है। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में शिक्षा क्षेत्र से जुड़े संस्थानों और प्रतिनिधियों के साथ संपर्क का प्रस्ताव है।

हरियाणा में उद्योगों के विस्तार के साथ प्रशिक्षित और कुशल मानव संसाधन की जरूरत भी बढ़ती है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय संस्थानों और कंपनियों के साथ संवाद के जरिए आधुनिक शिक्षण पद्धतियों, तकनीकी प्रशिक्षण और उद्योगों की जरूरत के अनुरूप कौशल विकास के अनुभवों को समझा जा सकता है।

यदि भविष्य में इस दिशा में सहयोग की संभावनाएं आगे बढ़ती हैं, तो प्रदेश के युवाओं के लिए प्रशिक्षण और रोजगार से संबंधित नए अवसर तलाशने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इस संबंध में किसी विशेष कार्यक्रम या समझौते की पुष्टि अभी प्रस्तावित यात्रा कार्यक्रम से नहीं होती।

17 अक्टूबर को वापसी से पहले भी बैठकें

मुख्यमंत्री का 17 अक्टूबर का कार्यक्रम कारोबारी और औद्योगिक प्रतिनिधियों के साथ नाश्ते पर बैठक से शुरू होने का प्रस्ताव है। इसके बाद स्टॉकहोम सिटी हॉल और जर्गार्डन वाटरफ्रंट का दौरा भी कार्यक्रम में शामिल है। इसी दिन प्रतिनिधिमंडल की भारत वापसी प्रस्तावित है। यात्रा कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री 18 अक्टूबर की सुबह नई दिल्ली पहुंचेंगे।

इस दौरे का मुख्य उद्देश्य हरियाणा के लिए विदेशी निवेश के नए अवसर तलाशना, स्वीडन के औद्योगिक और तकनीकी संस्थानों के साथ संपर्क मजबूत करना और प्रदेश की औद्योगिक क्षमता को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करना है।

अब सभी की नजरें इस बात पर रहेंगी कि इन बैठकों के माध्यम से किन क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं उभरती हैं और क्या भविष्य में निवेश प्रस्तावों, औद्योगिक साझेदारियों या तकनीकी सहयोग को लेकर ठोस पहल सामने आती है। यदि बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ती है, तो इससे हरियाणा के औद्योगिक विकास, तकनीकी नवाचार और कौशल विकास के प्रयासों को नई दिशा मिल सकती है