भारत-वेस्टइंडीज के बीच निर्णायक मुकाबला आज: 7 साल से घर में टी-20 सीरीज नहीं हारा भारत, वैभव सूर्यवंशी को मौका मिलने की उम्मीद कम

भारत-वेस्टइंडीज के बीच निर्णायक मुकाबला आज: 7 साल से घर में टी-20 सीरीज नहीं हारा भारत, वैभव सूर्यवंशी को मौका मिलने की उम्मीद कम

भारत और वेस्टइंडीज के बीच टी-20 सीरीज का रोमांच अब अपने आखिरी पड़ाव पर पहुंच गया है। पांच मैचों की सीरीज का पांचवां और अंतिम मुकाबला आज बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाएगा। दोनों टीमें शाम 7 बजे मैदान पर उतरेंगी। सीरीज फिलहाल 2-2 की बराबरी पर है, ऐसे में आखिरी मैच जीतने वाली टीम ट्रॉफी अपने नाम कर लेगी। भारतीय टीम के सामने घरेलू मैदान पर अपना शानदार रिकॉर्ड बचाने की चुनौती होगी, जबकि वेस्टइंडीज की नजरें लंबे समय से चले आ रहे जीत के सूखे को खत्म करने पर रहेंगी।

भारत ने सीरीज के पहले और तीसरे मुकाबले में जीत हासिल की थी। दूसरी तरफ कैरेबियाई टीम ने दूसरे और चौथे मैच में बाजी मारकर सीरीज को बराबरी पर ला दिया। अब किसी भी टीम के पास गलती की गुंजाइश नहीं है। निर्णायक मुकाबले में बल्लेबाजी, गेंदबाजी और दबाव से निपटने की क्षमता खिताब का फैसला करेगी। मुकाबले से पहले मौसम भी चिंता का विषय बना हुआ है, क्योंकि बेंगलुरु में बारिश की संभावना जताई गई है।

घरेलू मैदान पर भारत के सामने रिकॉर्ड बचाने की चुनौती

टीम इंडिया के लिए यह मुकाबला सिर्फ सीरीज जीतने तक सीमित नहीं है। भारतीय टीम साल 2019 के बाद से अपने घर में टी-20 इंटरनेशनल सीरीज नहीं हारी है। सात साल से कायम इस सिलसिले को बरकरार रखने के लिए सूर्यकुमार यादव की टीम को निर्णायक मैच में बेहतर प्रदर्शन करना होगा। सीरीज के शुरुआती मुकाबलों में भारत ने अच्छी शुरुआत की थी, लेकिन वेस्टइंडीज ने वापसी करते हुए मुकाबले को आखिरी मैच तक पहुंचा दिया।

दूसरी ओर, वेस्टइंडीज के पास भारतीय जमीन पर इतिहास बदलने का अवसर है। कैरेबियाई टीम ने साल 2002 के बाद से भारत के खिलाफ किसी भी फॉर्मेट में द्विपक्षीय सीरीज नहीं जीती है। ऐसे में मेहमान टीम के लिए यह जीत लंबे समय से चले आ रहे रिकॉर्ड को बदलने का मौका होगी। हालांकि भारत को उसके घरेलू मैदान पर हराना आसान नहीं होगा, लेकिन सीरीज में अब तक के प्रदर्शन ने साफ कर दिया है कि वेस्टइंडीज मुकाबले में पीछे रहने वाली टीम नहीं है।

दोनों टीमों के बीच बराबरी का संघर्ष इस बात का संकेत है कि पांचवें मैच में दबाव निर्णायक भूमिका निभा सकता है। भारतीय टीम को अपनी गलतियों में सुधार करना होगा, वहीं वेस्टइंडीज की कोशिश पिछले मैचों की लय को बरकरार रखने की होगी।

बेंगलुरु में पहली बार आमने-सामने होंगी दोनों टीमें

इस मुकाबले की एक खास बात यह भी है कि भारत और वेस्टइंडीज की टीमें पहली बार बेंगलुरु में टी-20 इंटरनेशनल मैच खेलेंगी। एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में होने वाला यह मुकाबला सीरीज के लिहाज से बेहद अहम है। मैदान पर दर्शकों को बड़े शॉट और तेज रनगति वाला मुकाबला देखने को मिल सकता है, क्योंकि इस दौरे पर दोनों टीमों के बल्लेबाजों ने लगातार आक्रामक क्रिकेट खेला है।

हालांकि मौसम की स्थिति मैच का रोमांच प्रभावित कर सकती है। बारिश होने पर खेल में रुकावट आ सकती है और दोनों टीमों की रणनीति बदल सकती है। कप्तानों को टॉस के समय मौसम, पिच और लक्ष्य का पीछा करने की परिस्थितियों को ध्यान में रखना होगा। अगर मैच पूरा होता है, तो दोनों टीमों के पास सीरीज जीतने का स्पष्ट मौका रहेगा। बारिश की वजह से मुकाबला प्रभावित होने की स्थिति में नतीजे पर भी असर पड़ सकता है।

क्या 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को मिलेगा मौका?

निर्णायक मुकाबले से पहले भारतीय टीम के चयन को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की हो रही है। 15 साल के इस खिलाड़ी को सीरीज के शुरुआती चारों मैचों में प्लेइंग-11 में शामिल नहीं किया गया। क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें इस बात पर हैं कि क्या टीम प्रबंधन आखिरी मुकाबले में उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का अवसर देगा।

हालांकि, मौजूदा परिस्थितियों में वैभव के खेलने की संभावना कम नजर आ रही है। भारतीय टीम के शीर्ष क्रम में अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन और ईशान किशन जैसे बल्लेबाज मौजूद हैं। इन खिलाड़ियों की मौजूदगी के कारण ओपनिंग में बदलाव करना टीम प्रबंधन के लिए आसान फैसला नहीं होगा। निर्णायक मैच में भारत ऐसी जोड़ी के साथ उतरना चाहेगा, जिसके साथ वह अपनी बल्लेबाजी की योजना को बेहतर तरीके से लागू कर सके।

सीरीज का आखिरी मुकाबला होने के कारण टीम इंडिया के सामने प्रयोग करने के बजाय नतीजा हासिल करने की प्राथमिकता भी रहेगी। इस वजह से वैभव को मौका मिलने की उम्मीद फिलहाल कम है। हालांकि अंतिम एकादश का फैसला टीम प्रबंधन ही करेगा और आधिकारिक पुष्टि मैच से पहले ही होगी।

अर्शदीप सिंह की फिटनेस पर नजर, भुवनेश्वर कुमार टीम में शामिल

भारतीय खेमे के लिए तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह की फिटनेस भी अहम मुद्दा बनी हुई है। पिछले मुकाबले के दौरान उनके गेंदबाजी करने वाले कंधे पर चोट लगी थी। ऐसे में निर्णायक मैच से पहले उनकी उपलब्धता को लेकर स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है। अर्शदीप की गेंदबाजी भारतीय आक्रमण का महत्वपूर्ण हिस्सा है, इसलिए उनकी फिटनेस टीम की रणनीति को प्रभावित कर सकती है।

चयनकर्ताओं ने पांचवें टी-20 मुकाबले के लिए भुवनेश्वर कुमार को टीम में शामिल किया है। अर्शदीप के खेलने पर अंतिम निर्णय उनकी रिकवरी और मैच से पहले की स्थिति को देखकर लिया जाएगा। अगर वह पूरी तरह फिट नहीं होते हैं, तो भारतीय टीम को अपने तेज गेंदबाजी संयोजन में बदलाव करना पड़ सकता है।

भुवनेश्वर का टीम में शामिल होना भारत को एक अतिरिक्त विकल्प देता है। निर्णायक मैच में गेंदबाजों की भूमिका खास रहने वाली है, क्योंकि इस दौरे पर बल्लेबाजों ने काफी तेजी से रन बनाए हैं। ऐसे माहौल में शुरुआती ओवरों में विकेट लेना और अंतिम ओवरों में रन रोकना मैच का रुख बदल सकता है।

श्रेयस अय्यर और नमन धीर के प्रदर्शन पर रहेंगी नजरें

सीरीज में भारतीय बल्लेबाजी की बात करें तो श्रेयस अय्यर ने अब तक सबसे ज्यादा प्रभाव छोड़ा है। उन्होंने चार मुकाबलों में कुल 159 रन बनाए हैं। निर्णायक मैच में भी टीम को उनसे उपयोगी पारी की उम्मीद रहेगी। मध्यक्रम में जिम्मेदारी निभाने और जरूरत के मुताबिक रनगति बढ़ाने की उनकी क्षमता भारत के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।

गेंदबाजी में नमन धीर ने चार मैचों में पांच विकेट हासिल किए हैं। उनका प्रदर्शन भारतीय टीम के लिए उपयोगी रहा है। पांचवें मैच में भारत को बल्लेबाजों पर दबाव बनाने के लिए गेंदबाजों से अनुशासित प्रदर्शन की जरूरत होगी। खासकर ऐसे मुकाबले में, जहां दोनों टीमों के बल्लेबाज लगातार बड़े स्कोर की ओर बढ़ रहे हैं, विकेट हासिल करना काफी अहम होगा।

भारत को सिर्फ व्यक्तिगत प्रदर्शन पर निर्भर रहने के बजाय एक इकाई के रूप में खेलना होगा। बल्लेबाजों को अच्छी शुरुआत का फायदा उठाना होगा और गेंदबाजों को अहम मौकों पर विकेट निकालने होंगे। फील्डिंग में छोटी गलतियां भी निर्णायक मुकाबले में भारी पड़ सकती हैं।

शाई होप बने वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी का सबसे बड़ा हथियार

वेस्टइंडीज के लिए कप्तान शाई होप इस दौरे पर सबसे प्रभावशाली बल्लेबाजों में शामिल रहे हैं। वनडे सीरीज में उन्होंने 248 गेंदों का सामना करते हुए 278 रन बनाए थे। इसके बाद टी-20 सीरीज में भी उनका बल्ला लगातार चला है और वह 261 रन बना चुके हैं। उनके इस प्रदर्शन ने भारतीय गेंदबाजों के सामने चुनौती बढ़ा दी है।

होप इस दौरे पर अब तक चार शतक लगा चुके हैं। वह भारत दौरे पर किसी भी बल्लेबाज द्वारा एक द्विपक्षीय दौरे में पांच शतक लगाने के रिकॉर्ड से केवल एक शतक दूर हैं। पिछले मुकाबले में उन्होंने अपना तीसरा टी-20 इंटरनेशनल शतक भी पूरा किया। इसके साथ ही वह इस फॉर्मेट में वेस्टइंडीज की ओर से सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले खिलाड़ी बन गए।

उनकी फॉर्म को देखते हुए भारतीय गेंदबाजों की पहली प्राथमिकता उन्हें जल्दी आउट करना होगी। आंकड़ों के मुताबिक, भारत ने जिन चार मैचों में होप का विकेट हासिल किया, उन सभी में टीम को जीत मिली। इसके विपरीत, जिन तीन मुकाबलों में होप नाबाद रहे, उनमें भारत को हार का सामना करना पड़ा। ये आंकड़े वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी में उनकी अहमियत को दिखाते हैं।

अगर भारतीय टीम होप को शुरुआती ओवरों में पवेलियन भेजने में सफल रहती है, तो मेहमान टीम पर दबाव बनाया जा सकता है। वहीं, होप के क्रीज पर टिकने से वेस्टइंडीज का स्कोर तेजी से बढ़ने की संभावना रहेगी।

सीरीज में चौकों-छक्कों की बरसात, बना तेज रनगति का रिकॉर्ड

भारत और वेस्टइंडीज के बीच इस दौरे पर खेले गए मुकाबलों में बल्लेबाजों का दबदबा देखने को मिला है। दोनों टीमों ने मिलकर प्रति ओवर औसतन 11.49 रन बनाए हैं। तीन से अधिक मैचों वाली किसी सीरीज या टूर्नामेंट में यह सबसे तेज रनगति बताई गई है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि दोनों टीमों के बल्लेबाजों ने कितनी आक्रामक शैली में रन बनाए हैं।

टी-20 सीरीज में अब तक कुल 98 छक्के लग चुके हैं। दो आईसीसी फुल मेंबर टीमों के बीच द्विपक्षीय सीरीज में सबसे ज्यादा छक्कों का रिकॉर्ड 120 का है। ऐसे में अंतिम मैच में बड़े शॉट लगने पर यह आंकड़ा पार हो सकता है।

सभी टीमों के बीच द्विपक्षीय सीरीज में सर्वाधिक 132 छक्कों का रिकॉर्ड ऑस्ट्रिया और जर्मनी के नाम दर्ज है। भारत-वेस्टइंडीज सीरीज के मौजूदा आंकड़े बताते हैं कि बल्लेबाजों ने गेंदबाजों को लगातार दबाव में रखा है।

अब निर्णायक मुकाबले में देखना होगा कि क्या बल्लेबाजों का आक्रामक अंदाज जारी रहता है या गेंदबाज मैच पर अपना प्रभाव छोड़ पाते हैं। भारत के लिए घरेलू रिकॉर्ड बचाने का मौका है, जबकि वेस्टइंडीज इतिहास बदलने के इरादे से उतरेगी। सीरीज 2-2 से बराबर होने के कारण बेंगलुरु में होने वाला यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए फाइनल जैसा होगा।