अक्षर पटेल का ऑलराउंड कमाल, भारत ने इंग्लैंड को पहले वनडे में हराकर सीरीज में बनाई बढ़त

अक्षर पटेल का ऑलराउंड कमाल, भारत ने इंग्लैंड को पहले वनडे में हराकर सीरीज में बनाई बढ़त

भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज की शानदार शुरुआत करते हुए पहला मुकाबला 6 विकेट से अपने नाम कर लिया। एजबेस्टन में खेले गए इस मुकाबले में भारतीय टीम ने 259 रनों के लक्ष्य को 45.2 ओवर में सिर्फ चार विकेट खोकर हासिल कर लिया। इस जीत के साथ टीम इंडिया ने सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। अब दोनों टीमों के बीच दूसरा मुकाबला 16 जुलाई को कार्डिफ में खेला जाएगा, जहां इंग्लैंड वापसी की कोशिश करेगा, जबकि भारतीय टीम अपनी बढ़त को और मजबूत करना चाहेगी।

इस मुकाबले के सबसे बड़े नायक ऑलराउंडर अक्षर पटेल रहे। उन्होंने पहले गेंदबाजी में इंग्लैंड के चार अहम बल्लेबाजों को पवेलियन भेजकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया और फिर बल्लेबाजी में दबाव के समय नाबाद 57 रन बनाकर जीत सुनिश्चित की। उनके साथ वॉशिंगटन सुंदर ने भी जिम्मेदारी निभाई और अर्धशतक लगाते हुए अंत तक क्रीज पर टिके रहे। दोनों खिलाड़ियों के बीच हुई शतकीय साझेदारी ने भारत को आसानी से लक्ष्य तक पहुंचा दिया।

भारतीय टीम के सामने 259 रनों का लक्ष्य था, लेकिन शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। अनुभवी बल्लेबाज रोहित शर्मा ज्यादा देर टिक नहीं सके और 11 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद विराट कोहली भी सिर्फ 5 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। शुरुआती दो बड़े विकेट जल्दी गिरने से टीम पर दबाव बढ़ गया था और इंग्लैंड के गेंदबाज मुकाबले में हावी दिखाई दे रहे थे।

ऐसे समय कप्तान शुभमन गिल ने जिम्मेदारी अपने कंधों पर ली। उन्होंने संयम और आक्रामकता का शानदार संतुलन दिखाते हुए पारी को संभाला। गिल ने श्रेयस अय्यर के साथ तीसरे विकेट के लिए महत्वपूर्ण साझेदारी की, जिससे भारतीय टीम संकट से बाहर निकल सकी। दोनों बल्लेबाजों ने मिलकर 101 रन जोड़े और मैच की दिशा बदल दी। इस साझेदारी ने इंग्लैंड की शुरुआती सफलता का असर काफी हद तक खत्म कर दिया।

शुभमन गिल ने अपनी कप्तानी पारी में 75 गेंदों पर 80 रन बनाए। उनकी बल्लेबाजी में कई आकर्षक चौके और बेहतरीन शॉट देखने को मिले। हालांकि अच्छी लय में नजर आ रहे गिल को अचानक मांसपेशियों में खिंचाव (क्रैम्प्स) की समस्या हुई, जिसके कारण उन्हें रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान छोड़ना पड़ा। उनके बाहर जाने से भारतीय टीम को एक बार फिर झटका लगा।

गिल के मैदान से बाहर जाते ही इंग्लैंड ने वापसी की कोशिश की। श्रेयस अय्यर 35 रन बनाकर रनआउट हो गए, जबकि केएल राहुल सिर्फ एक रन बनाकर बोल्ड हो गए। कुछ ही ओवरों में भारत ने लगातार दो विकेट गंवा दिए और स्कोर 160 रन पर चार विकेट हो गया। उस समय मुकाबला पूरी तरह खुला हुआ था और इंग्लैंड को जीत की उम्मीद नजर आने लगी थी।

इसके बाद क्रीज पर मौजूद अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर ने धैर्य के साथ बल्लेबाजी की। दोनों खिलाड़ियों ने शुरुआत में जोखिम नहीं लिया और धीरे-धीरे रन गति को बनाए रखा। जैसे-जैसे लक्ष्य करीब आता गया, दोनों ने खराब गेंदों पर खुलकर रन बनाए। पांचवें विकेट के लिए दोनों के बीच नाबाद 102 रनों की साझेदारी हुई, जिसने इंग्लैंड की सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

अक्षर पटेल ने 52 गेंदों में नाबाद 57 रन बनाए। उनकी पारी में संयम के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर आक्रामक बल्लेबाजी भी देखने को मिली। उन्होंने स्ट्राइक रोटेट करते हुए वॉशिंगटन सुंदर का भी अच्छा साथ निभाया। दूसरी ओर वॉशिंगटन ने 63 गेंदों पर नाबाद 52 रन बनाए। उन्होंने शानदार अंदाज में अपना अर्धशतक पूरा किया और विजयी छक्का लगाकर भारत को जीत दिलाई। यह साझेदारी मैच का निर्णायक मोड़ साबित हुई।

इससे पहले इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था। शुरुआती ओवरों में मेजबान टीम ने अच्छी शुरुआत की। बेन डकेट और जैकब बेथेल ने पहले विकेट के लिए 61 रन जोड़कर भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश की। दोनों बल्लेबाज तेजी से रन बना रहे थे और ऐसा लग रहा था कि इंग्लैंड बड़ा स्कोर खड़ा करेगा।

लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने शानदार वापसी करते हुए मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। बेन डकेट के आउट होते ही इंग्लैंड की बल्लेबाजी लड़खड़ा गई। टीम ने केवल 19 रन के भीतर पांच विकेट गंवा दिए। इस दौरान भारतीय गेंदबाजों ने लगातार दबाव बनाए रखा और इंग्लैंड के मध्यक्रम को संभलने का मौका नहीं दिया।

जसप्रीत बुमराह ने इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक का महत्वपूर्ण विकेट हासिल किया। प्रसिद्ध कृष्णा ने जोस बटलर और सैम करन को आउट कर मेजबान टीम को बड़े झटके दिए। वहीं गुरनूर बरार ने बेन डकेट और जैकब बेथेल दोनों को पवेलियन भेजकर इंग्लैंड की मजबूत शुरुआत पर पूरी तरह ब्रेक लगा दिया। भारतीय गेंदबाजों की अनुशासित गेंदबाजी ने इंग्लैंड को मुश्किल स्थिति में पहुंचा दिया।

हालांकि इसके बाद अनुभवी बल्लेबाज जो रूट और लियाम डॉसन ने पारी को संभालने का प्रयास किया। दोनों ने धैर्यपूर्वक बल्लेबाजी करते हुए छठे विकेट के लिए 121 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की। इस साझेदारी ने इंग्लैंड को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई।

जो रूट ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 76 रन बनाए। उन्होंने परिस्थितियों के अनुसार खेलते हुए भारतीय गेंदबाजों का डटकर सामना किया। दूसरी ओर लियाम डॉसन ने 68 रनों की उपयोगी पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों ने मुश्किल हालात में टीम को संभालने की पूरी कोशिश की, लेकिन बाकी बल्लेबाजों से अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। आखिरकार इंग्लैंड की पूरी टीम 47.5 ओवर में 258 रन बनाकर ऑलआउट हो गई।

भारतीय गेंदबाजी की बात करें तो अक्षर पटेल सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 9.5 ओवर में 62 रन देकर चार विकेट हासिल किए और इंग्लैंड की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बरार ने दो-दो विकेट अपने नाम किए। वहीं जसप्रीत बुमराह और शिवम दुबे को एक-एक सफलता मिली। सभी गेंदबाजों ने अलग-अलग समय पर विकेट लेकर इंग्लैंड को बड़ा स्कोर बनाने से रोके रखा।

अक्षर पटेल का प्रदर्शन इस मुकाबले की सबसे बड़ी खासियत रहा। उन्होंने गेंद से चार विकेट लेकर इंग्लैंड की पारी को सीमित किया और फिर बल्लेबाजी में नाबाद अर्धशतक लगाकर टीम को जीत दिलाई। उनके हरफनमौला प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। मैच के बाद उनकी जमकर तारीफ हुई और क्रिकेट विशेषज्ञों ने भी उन्हें जीत का सबसे बड़ा हीरो बताया।

इस जीत से भारतीय टीम का आत्मविश्वास काफी बढ़ा है। शुरुआती विकेट जल्दी गिरने के बावजूद जिस तरह मध्यक्रम और निचले क्रम ने जिम्मेदारी निभाई, उसने टीम की गहराई को साबित किया। कप्तान शुभमन गिल की शानदार बल्लेबाजी, अक्षर पटेल का ऑलराउंड प्रदर्शन और वॉशिंगटन सुंदर की संयमित पारी ने यह दिखाया कि टीम किसी भी परिस्थिति से मुकाबला करने में सक्षम है।

अब सीरीज का दूसरा मुकाबला कार्डिफ में खेला जाएगा। भारत की कोशिश होगी कि वह वहां भी जीत दर्ज कर सीरीज अपने नाम करने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाए, जबकि इंग्लैंड के सामने वापसी करने की बड़ी चुनौती होगी। यदि मेजबान टीम को सीरीज में बने रहना है तो उसे अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में बेहतर प्रदर्शन करना होगा।