पुलिस, जेल, वन और आपदा प्रबंधन समेत विभागों में रोजगार के अवसर; ग्रुप-सी के सामान्य पदों पर 5 प्रतिशत और चिह्नित विभागों में 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का प्रावधान
भारतीय सेना में चार वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद हरियाणा के अग्निवीरों का पहला बैच अगले महीने राज्य में वापस लौटेगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को कहा कि अग्निवीरों की सेवा पूरी होने के बाद उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने आवश्यक कदम उठाए हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पहला समूह लौटते ही पात्र अग्निवीरों को तुरंत नियुक्ति पत्र दिए जाएं, ताकि उन्हें सेवा से लौटने के बाद रोजगार के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े।
मुख्यमंत्री चंडीगढ़ में पंचनद शोध संस्थान की ओर से आयोजित 33वें वार्षिक व्याख्यान एवं पूर्व-लोकमंथन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। ‘हम भारत के लोग, हमारा दायित्व’ विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने अग्निवीरों के पुनर्वास और रोजगार के लिए राज्य सरकार की ओर से किए गए प्रावधानों की जानकारी दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पंचनद शोध संस्थान को 11 लाख रुपये देने की घोषणा भी की।
नायब सैनी ने कहा कि हरियाणा के युवा सेना में रहकर देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। सेना से सेवा पूरी करके लौटने वाले इन युवाओं के अनुभव, अनुशासन और कौशल का उपयोग राज्य के विकास में भी किया जा सकता है। इसी उद्देश्य से सरकार ने अग्निवीरों के लिए सरकारी सेवाओं में आरक्षण और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की है।
पहले बैच के लिए रोजगार की तैयारी
वर्ष 2022-23 में भर्ती हुए हरियाणा के 2,227 अग्निवीरों का पहला बैच नवंबर में चार वर्ष की सेवा पूरी करेगा। इसके बाद ये युवा सेना से लौटेंगे। राज्य सरकार ने इनके लिए रोजगार की व्यवस्था करने की दिशा में तैयारी शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अग्निवीरों का पहला समूह राज्य में वापस आते ही पात्र युवाओं को नियुक्ति पत्र जारी करने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। सरकार का उद्देश्य है कि सेना में सेवा पूरी करने वाले युवाओं को उनके अनुभव और योग्यता के अनुरूप रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा सकें।
आने वाले वर्षों में भी बड़ी संख्या में अग्निवीरों के सेवा पूरी करके लौटने की संभावना है। उपलब्ध अनुमान के अनुसार, वर्ष 2027 में 2,893 और वर्ष 2028 में 2,108 अग्निवीर अपनी सेवा पूरी करके वापस लौट सकते हैं। इस तरह अगले कुछ वर्षों में राज्य को इन युवाओं के रोजगार और पुनर्वास के लिए लगातार व्यवस्था करनी होगी।
ग्रुप-सी पदों पर पांच प्रतिशत आरक्षण
मुख्यमंत्री ने अग्निवीरों के लिए निर्धारित आरक्षण नीति का उल्लेख करते हुए बताया कि ग्रुप-सी के सामान्य पदों पर पांच प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा पुलिस, जेल, वन और खनन सहित चिह्नित विभागों में 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जाएगा।
क्षैतिज आरक्षण का उद्देश्य संबंधित श्रेणी के पात्र उम्मीदवारों को निर्धारित नियमों के अनुसार अवसर उपलब्ध कराना है। इससे सेना में सेवा पूरी करने वाले युवाओं को सरकारी भर्ती में लाभ मिल सकेगा। हालांकि, नियुक्तियां संबंधित पदों की पात्रता शर्तों और लागू भर्ती नियमों के अनुसार की जाएंगी।
सरकार ने अग्निवीरों को भर्ती प्रक्रिया में सहूलियत देने के लिए प्रवेश परीक्षाओं और चयनित पदों पर शारीरिक जांच से संबंधित छूट देने की व्यवस्था भी की है। इन प्रावधानों का उद्देश्य सेना में अर्जित अनुभव और प्रशिक्षण को नागरिक रोजगार में उपयोगी बनाना है।
पुलिस, जेल और वन विभाग में पदों की व्यवस्था
अग्निवीरों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने पुलिस, जेल, वन विभाग और आपदा प्रबंधन से संबंधित क्षेत्रों में कुल 3,685 पदों की मंजूरी दी है। इन विभागों में अग्निवीरों के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है।
सेना में सेवा के दौरान अग्निवीर अनुशासन, टीमवर्क, शारीरिक दक्षता और कठिन परिस्थितियों में काम करने का अनुभव हासिल करते हैं। पुलिस, जेल और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में इस तरह के कौशल उपयोगी हो सकते हैं। वहीं, वन विभाग सहित अन्य चिह्नित विभागों में भी निर्धारित पात्रता के अनुसार अवसर मिल सकते हैं।
सरकार की ओर से घोषित प्रावधानों के तहत आरक्षण, परीक्षा संबंधी राहत और शारीरिक जांच में छूट अग्निवीरों को चयन प्रक्रिया में सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से रखी गई हैं। इनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संबंधित विभागों को भर्ती नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप आगे बढ़ना होगा।
युवाओं से विकसित भारत के संकल्प में भागीदारी की अपील
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने युवाओं, विश्वविद्यालयों और विभिन्न संस्थाओं से विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं, शैक्षणिक संस्थानों और सामाजिक संगठनों से विकसित भारत की यात्रा में योगदान देने का आह्वान किया है। हरियाणा भी इस साझा संकल्प में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश का विकास तभी व्यापक और स्थायी बन सकता है, जब समाज के अलग-अलग वर्ग अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए योगदान दें। युवाओं की ऊर्जा, संस्थानों की भूमिका और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से विकास के लक्ष्यों को हासिल करने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा के जवान देश की सीमाओं की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रदेश के किसान देश के खाद्यान्न भंडार को भरने में योगदान देते हैं, जबकि खिलाड़ी अपनी उपलब्धियों के माध्यम से देश और राज्य का नाम रोशन करते हैं। इन सभी क्षेत्रों में हरियाणा के लोगों का योगदान राज्य की पहचान को मजबूत करता है।
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने हरियाणा में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए लागू की गई योजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में बेहतर और टिकाऊ तरीकों को अपनाना महत्वपूर्ण है। किसानों को प्रोत्साहित करने और खेती से जुड़े विषयों पर जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं।
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की पहल को राज्य के कृषि क्षेत्र के विकास और किसानों को नए विकल्प उपलब्ध कराने के प्रयासों के हिस्से के रूप में प्रस्तुत किया गया। मुख्यमंत्री ने विकसित भारत के लक्ष्य में किसानों की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि देश की खाद्य सुरक्षा में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है।
बेटियों को आगे बढ़ने के अवसर देना समाज की जिम्मेदारी
अपने संबोधन में नायब सैनी ने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि बेटियों को आगे बढ़ने के अवसर देना और उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित करना पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आज बेटियां रक्षा, खेल और अन्य क्षेत्रों में अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन कर रही हैं।
मुख्यमंत्री के अनुसार, समाज को ऐसा वातावरण तैयार करना चाहिए, जिसमें बेटियों को शिक्षा, प्रशिक्षण और आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर मिलें। उनकी उपलब्धियां न केवल परिवार बल्कि प्रदेश और देश के लिए भी गौरव का विषय हैं।
उन्होंने नागरिकों से अपने दायित्वों को समझने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। कार्यक्रम की थीम ‘हम भारत के लोग, हमारा दायित्व’ के अनुरूप उन्होंने सामाजिक जिम्मेदारी, युवाओं की भूमिका और संस्थागत भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम में कई प्रमुख लोग रहे मौजूद
पंचनद शोध संस्थान की ओर से आयोजित कार्यक्रम में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के सदस्य सचिव एवं आयोजक डॉ. सच्चिदानंद जोशी, पंचनद शोध संस्थान के अध्यक्ष प्रो. बृज किशोर कुठियाला और मुख्यमंत्री के ओएसडी तथा स्वर्ण जयंती हरियाणा राजकोषीय प्रबंधन संस्थान के महानिदेशक डॉ. राज नेहरू ने भी अपने विचार रखे।
कार्यक्रम में राष्ट्र निर्माण, नागरिक दायित्व और सामाजिक संस्थाओं की भूमिका से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर संस्थान को 11 लाख रुपये देने की घोषणा की।
हरियाणा सरकार की ओर से अग्निवीरों के लिए किए गए प्रावधानों के बीच अब नवंबर में पहले बैच की वापसी महत्वपूर्ण रहेगी। राज्य सरकार ने पात्र युवाओं को जल्द नियुक्ति पत्र देने के निर्देश दिए हैं। आने वाले वर्षों में लौटने वाले अग्निवीरों की संख्या को देखते हुए पुलिस, जेल, वन और आपदा प्रबंधन सहित विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी अहम होगी।



