न्यूजीलैंड ने भारत के खिलाफ टी-20 मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए मेजबान टीम को 87 रन से हरा दिया। ऑकलैंड में शुक्रवार को खेले गए इस मैच में भारतीय टीम के सामने 260 रन का विशाल लक्ष्य था, लेकिन बल्लेबाज उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके। पूरी टीम निर्धारित 20 ओवर में 9 विकेट गंवाकर 172 रन ही बना पाई। इस हार के साथ भारत के नाम न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 इंटरनेशनल में सबसे बड़े अंतर से हारने का अनचाहा रिकॉर्ड दर्ज हो गया। इससे पहले भारतीय टीम को कीवी टीम के हाथों 80 रन से हार का सामना करना पड़ा था। यह मुकाबला 2019 में वेलिंग्टन में खेला गया था।
न्यूजीलैंड की जीत के दो सबसे बड़े नायक ग्लेन फिलिप्स और जैकब डफी रहे। फिलिप्स ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए शतक जड़ा और अपनी टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाया। वहीं, गेंदबाजी में डफी ने भारतीय बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। उन्होंने चार विकेट अपने नाम किए। न्यूजीलैंड के गेंदबाजों ने भारतीय पारी की शुरुआत में ही दबाव बना दिया था, जिसका असर पूरे मैच में देखने को मिला। भारत पावरप्ले के दौरान ही चार विकेट गंवा बैठा और इसके बाद टीम के लिए मुकाबले में वापसी करना मुश्किल हो गया।
ग्लेन फिलिप्स ने भारतीय गेंदबाजों की उड़ाई धज्जियां
न्यूजीलैंड की पारी का सबसे आकर्षक पहलू ग्लेन फिलिप्स की बल्लेबाजी रही। उन्होंने भारतीय गेंदबाजों का सामना करते हुए केवल 49 गेंदों में 107 रन ठोक दिए। उनकी इस पारी ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। फिलिप्स ने मैदान के अलग-अलग हिस्सों में शॉट लगाकर रन बटोरे और भारतीय गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी की बदौलत न्यूजीलैंड ने ऐसा स्कोर खड़ा किया, जिसका पीछा करना भारतीय टीम के लिए बड़ी चुनौती बन गया।
फिलिप्स ने शुरुआत से ही सकारात्मक रवैया अपनाया। उन्होंने खराब गेंदों का फायदा उठाया और मौके मिलने पर बड़े शॉट खेलने से परहेज नहीं किया। उनकी पारी ने न्यूजीलैंड की रन गति को लगातार तेज बनाए रखा। जैसे-जैसे पारी आगे बढ़ी, भारतीय गेंदबाजों के सामने मुश्किलें बढ़ती गईं। फिलिप्स ने शतक पूरा करके अपनी टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया।
न्यूजीलैंड के लिए यह पारी इसलिए भी महत्वपूर्ण रही, क्योंकि टीम ने टी-20 इंटरनेशनल में अपना सबसे बड़ा स्कोर बनाया। फिलिप्स की बल्लेबाजी ने भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की कमजोरियों को उजागर किया और न्यूजीलैंड को मैच में निर्णायक बढ़त दिलाई।
माइकल ब्रेसवेल ने भी खेली विस्फोटक पारी
फिलिप्स के अलावा माइकल ब्रेसवेल ने भी भारतीय गेंदबाजों की मुश्किलें बढ़ाईं। उन्होंने महज 25 गेंदों में 65 रन की तेजतर्रार पारी खेली। उनकी बल्लेबाजी ने न्यूजीलैंड की पारी को अतिरिक्त गति दी। ब्रेसवेल ने कम समय में तेजी से रन बनाकर भारतीय टीम को बैकफुट पर धकेल दिया।
ब्रेसवेल की पारी का महत्व इस बात से समझा जा सकता है कि बड़े लक्ष्य का पीछा करते समय विपक्षी टीम पर दबाव बनाने के लिए पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम को लगातार रन बनाने होते हैं। न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने यही रणनीति अपनाई। फिलिप्स ने जहां शतक के जरिए पारी को मजबूती दी, वहीं ब्रेसवेल ने तेजी से रन जोड़कर स्कोर को बेहद ऊंचे स्तर तक पहुंचा दिया।
दोनों बल्लेबाजों के प्रदर्शन ने न्यूजीलैंड को 250 रन के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। भारतीय गेंदबाजों को विकेट लेने के मौके तलाशने पड़े, लेकिन बड़े शॉट्स के कारण वे रन गति पर नियंत्रण नहीं रख सके। आखिरकार न्यूजीलैंड ने 20 ओवर में सात विकेट खोकर 259 रन बना लिए। टी-20 इंटरनेशनल में यह टीम का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर रहा।
260 रन के लक्ष्य के सामने भारतीय बल्लेबाजी बिखरी
न्यूजीलैंड के 259 रन बनाने के बाद भारतीय टीम को जीत के लिए 260 रन की जरूरत थी। टी-20 क्रिकेट में इस तरह के लक्ष्य को हासिल करने के लिए तेज शुरुआत और बड़ी साझेदारियों की जरूरत होती है। भारतीय टीम को भी शुरुआत से आक्रामक खेल दिखाना था, लेकिन परिस्थितियां इसके उलट रहीं। विकेट लगातार गिरने के कारण बल्लेबाजों को संभलकर खेलने और रन गति बढ़ाने के बीच संतुलन बनाने का मौका नहीं मिला।
भारतीय पारी की सबसे बड़ी कमजोरी शुरुआती विकेटों का जल्दी गिरना रही। पावरप्ले समाप्त होने से पहले ही टीम ने चार बल्लेबाज गंवा दिए। इतने कम समय में चार विकेट गिरने के बाद लक्ष्य का पीछा करना और कठिन हो गया। न्यूजीलैंड के गेंदबाजों ने इस स्थिति का फायदा उठाया और भारतीय बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा।
भारत की ओर से कोई भी बल्लेबाज अर्धशतक तक नहीं पहुंच सका। तिलक वर्मा टीम के सबसे सफल बल्लेबाज रहे, लेकिन वह भी केवल 35 रन बना पाए। बड़े लक्ष्य के सामने भारतीय बल्लेबाजी में किसी एक खिलाड़ी की बड़ी पारी देखने को नहीं मिली। लगातार विकेट गिरने से टीम की रन बनाने की क्षमता प्रभावित हुई और जरूरी रन गति बनाए रखना मुश्किल हो गया।
भारतीय बल्लेबाजों को न्यूजीलैंड के गेंदबाजों की सटीक लाइन और लेंथ का सामना करना पड़ा। बड़े लक्ष्य के कारण टीम को तेजी से रन बनाने की जरूरत थी, लेकिन शुरुआती झटकों ने बल्लेबाजों को दबाव में ला दिया। इसका असर मध्यक्रम के प्रदर्शन पर भी पड़ा।
जैकब डफी ने चार विकेट लेकर भारत की उम्मीदों को झटका दिया
न्यूजीलैंड की जीत में जैकब डफी की गेंदबाजी की अहम भूमिका रही। उन्होंने भारतीय बल्लेबाजों को परेशान करते हुए चार विकेट हासिल किए। डफी ने ऐसे समय पर विकेट निकाले, जब भारत को लक्ष्य का पीछा करने के लिए मजबूत साझेदारियों की जरूरत थी। उनके प्रदर्शन ने भारतीय पारी को लय में आने का मौका नहीं दिया।
चार विकेट गिरने के बाद भारतीय टीम पहले ही मुश्किल स्थिति में पहुंच चुकी थी। ऐसे में डफी की गेंदबाजी ने दबाव को और बढ़ा दिया। भारत के बल्लेबाज बड़ी साझेदारी बनाने में नाकाम रहे और विकेटों के गिरने का सिलसिला जारी रहा। न्यूजीलैंड के गेंदबाजों ने लक्ष्य का बचाव करते हुए लगातार आक्रामक रुख अपनाया।
मिचेल सैंटनर ने भी भारतीय मध्यक्रम को झटके दिए। उनकी गेंदबाजी ने भारत के लिए मुश्किलें बढ़ाईं और बल्लेबाजों को खुलकर खेलने से रोका। न्यूजीलैंड की गेंदबाजी में विकेट हासिल करने और रन गति पर नियंत्रण रखने का अच्छा तालमेल दिखाई दिया। यही कारण रहा कि भारतीय टीम बड़े लक्ष्य के सामने टिककर मुकाबला नहीं कर सकी।
टी-20 क्रिकेट में 260 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए शुरुआती ओवरों में विकेट बचाना बेहद जरूरी होता है। भारत ऐसा करने में असफल रहा। डफी और सैंटनर के प्रदर्शन ने सुनिश्चित किया कि न्यूजीलैंड को मुकाबले के अंतिम ओवरों तक अपनी बढ़त बनाए रखने में ज्यादा परेशानी न हो।
आखिरी ओवर में भी नहीं बदली मैच की तस्वीर
भारतीय टीम को अंतिम ओवर में भी जीत की उम्मीद बनाए रखने के लिए तेजी से रन बनाने की जरूरत थी, लेकिन तब तक मुकाबला काफी हद तक न्यूजीलैंड के पक्ष में जा चुका था। नाथन स्मिथ ने पारी का 20वां ओवर किया। भारतीय बल्लेबाज इस ओवर में नौ रन ही बना सके।
भारत ने 20 ओवर में नौ विकेट पर 172 रन बनाए और उसे 87 रन से हार का सामना करना पड़ा। प्रिंस यादव 17 गेंदों में 18 रन बनाकर नाबाद रहे, जबकि मयंक यादव ने चार गेंदों में तीन रन बनाए। दोनों बल्लेबाज नाबाद लौटे, लेकिन टीम को जीत दिलाने के लिए जरूरी रन नहीं बना सके।
भारतीय टीम की पारी में शुरुआत से लेकर आखिरी ओवर तक न्यूजीलैंड का दबदबा बना रहा। बड़े लक्ष्य के कारण भारत को लगातार तेजी से रन बनाने थे, लेकिन विकेटों के गिरने से टीम की योजना सफल नहीं हो सकी। न्यूजीलैंड ने बल्लेबाजी में विशाल स्कोर बनाया और फिर गेंदबाजी में भारतीय टीम को निर्धारित ओवरों के भीतर सीमित कर दिया।
न्यूजीलैंड ने दर्ज की सीरीज की पहली जीत
इस मुकाबले में जीत के साथ न्यूजीलैंड ने सीरीज में अपनी पहली जीत दर्ज की। टीम के लिए यह प्रदर्शन कई मायनों में खास रहा। एक ओर ग्लेन फिलिप्स ने शतक लगाकर बल्लेबाजी में अपनी क्षमता दिखाई, तो दूसरी ओर माइकल ब्रेसवेल की तेज पारी ने टीम के स्कोर को नई ऊंचाई दी। इसके बाद गेंदबाजों ने भारतीय बल्लेबाजों को रोककर जीत सुनिश्चित कर दी।
न्यूजीलैंड का 259 रन का स्कोर टी-20 इंटरनेशनल में टीम का सबसे बड़ा स्कोर रहा। वहीं, भारत के खिलाफ 87 रन की जीत कीवी टीम के लिए एक बड़ी उपलब्धि बनी। भारतीय टीम को इस मुकाबले में बल्लेबाजी और गेंदबाजी, दोनों विभागों में चुनौती का सामना करना पड़ा। न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए बड़ा स्कोर बनाया और फिर नियमित अंतराल पर विकेट लेकर भारतीय पारी को आगे बढ़ने से रोक दिया।
भारत के लिए यह हार इसलिए भी निराशाजनक रही, क्योंकि टीम 260 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 200 रन तक भी नहीं पहुंच सकी। किसी बल्लेबाज का अर्धशतक नहीं बनना और पावरप्ले में चार विकेट गंवाना हार के प्रमुख कारणों में शामिल रहा।
भारत के लिए कहां बिगड़ा खेल?
इस मुकाबले में भारत की हार के पीछे शुरुआती विकेटों का गिरना सबसे बड़ी वजह बनकर सामने आया। टी-20 जैसे छोटे प्रारूप में जब लक्ष्य बहुत बड़ा हो, तब बल्लेबाजों को तेजी से रन बनाने के साथ विकेट भी बचाने पड़ते हैं। भारतीय टीम इन दोनों मोर्चों पर सफल नहीं रही। शुरुआती झटकों ने मध्यक्रम पर दबाव बढ़ाया और टीम को लगातार बदलती परिस्थितियों के अनुसार खेलना पड़ा।
दूसरी ओर न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने अपनी पारी में आक्रामकता दिखाई। फिलिप्स के शतक और ब्रेसवेल के तेज अर्धशतक ने भारतीय गेंदबाजों को लगातार चुनौती दी। टीम ने सात विकेट खोकर 259 रन बनाए, जो उसके टी-20 इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर रहा।
गेंदबाजी में डफी के चार विकेट और सैंटनर के अहम झटकों ने न्यूजीलैंड की स्थिति और मजबूत कर दी। भारतीय टीम को लक्ष्य हासिल करने के लिए बड़ी व्यक्तिगत पारियों की जरूरत थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। तिलक वर्मा के 35 रन भारतीय पारी का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर रहे।
इस तरह ऑकलैंड में खेला गया यह मुकाबला न्यूजीलैंड के नाम रहा। कीवी टीम ने 87 रन से जीत हासिल कर सीरीज में पहली सफलता दर्ज की, जबकि भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 इंटरनेशनल में अपनी सबसे बड़ी हार झेलनी पड़ी। फिलिप्स का शतक, ब्रेसवेल की विस्फोटक बल्लेबाजी और डफी की शानदार गेंदबाजी इस मैच के सबसे अहम पहलू रहे।




