न्यूजीलैंड ने पांचवें और आखिरी टी-20 मुकाबले में भारतीय टीम को 7 विकेट से शिकस्त देकर सीरीज का समापन जीत के साथ किया। हालांकि इस हार के बावजूद सीरीज की ट्रॉफी टीम इंडिया के पास ही रही। भारत ने पांच मैचों की टी-20 सीरीज 3-2 से अपने नाम कर ली। हैमिल्टन में खेले गए इस मुकाबले में न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों को कोई खास मौका नहीं दिया और 192 रन के बड़े लक्ष्य को महज 18 ओवर में तीन विकेट गंवाकर हासिल कर लिया।
कीवी टीम की जीत के सबसे बड़े नायक टिम साइफर्ट रहे। उन्होंने भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ आक्रामक अंदाज अपनाते हुए 50 गेंदों में 93 रन ठोक दिए। वह अपने टी-20 करियर के एक और शानदार शतक से केवल सात रन दूर रह गए। दूसरी ओर ग्लेन फिलिप्स ने भी उनका बखूबी साथ निभाया। फिलिप्स ने नाबाद 65 रन बनाकर न्यूजीलैंड की जीत सुनिश्चित कर दी। दोनों बल्लेबाजों की पारियों के सामने भारतीय टीम का 191 रन का स्कोर छोटा पड़ गया।
भारत की ओर से गेंदबाजी में अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती और नीतीश कुमार रेड्डी को एक-एक सफलता मिली। भारतीय गेंदबाजों के लिए सबसे बड़ी चुनौती साइफर्ट और फिलिप्स की साझेदारी रही। दोनों ने तेजी से रन बनाते हुए मुकाबले को भारत की पकड़ से बाहर कर दिया। हालांकि सीरीज के शुरुआती मुकाबलों में दमदार प्रदर्शन के कारण भारतीय टीम पहले ही सीरीज में अजेय बढ़त हासिल कर चुकी थी।
ईशान और श्रेयस की बल्लेबाजी ने भारत को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया
मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवर में आठ विकेट के नुकसान पर 191 रन बनाए। टॉस का नतीजा भारत के पक्ष में नहीं रहा था और टीम को पहले बल्लेबाजी करनी पड़ी। शुरुआत में भारतीय बल्लेबाजों ने संभलकर खेलने की कोशिश की, लेकिन बीच के ओवरों में ईशान किशन और कप्तान श्रेयस अय्यर ने रन बनाने की रफ्तार बढ़ा दी।
ईशान किशन ने न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाते हुए 32 गेंदों में 61 रन की आकर्षक पारी खेली। उन्होंने मैदान के चारों ओर शॉट लगाए और टीम के स्कोर को तेजी से आगे बढ़ाया। ईशान ने अपनी बल्लेबाजी के दौरान आक्रामक रवैया अपनाया और न्यूजीलैंड के गेंदबाजों को लगातार चुनौती दी।
उनके अलावा कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी शानदार बल्लेबाजी की। उन्होंने महज 23 गेंदों का सामना करते हुए 50 रन बना दिए। श्रेयस की पारी ने भारतीय टीम को बड़े स्कोर की ओर बढ़ने में मदद की। दोनों बल्लेबाजों ने अर्धशतक लगाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाने की कोशिश की। हालांकि बाकी बल्लेबाज इन अच्छी शुरुआतों को बड़े योगदान में बदलने में सफल नहीं हो सके।
भारत की पारी के दौरान न्यूजीलैंड के गेंदबाजों ने वापसी करते हुए नियमित अंतराल पर विकेट हासिल किए। इसका नतीजा रहा कि भारतीय टीम 200 रन के आंकड़े तक नहीं पहुंच पाई। कीवी टीम की ओर से तेज गेंदबाज एडम मिल्ने सबसे सफल गेंदबाज साबित हुए। उन्होंने भारतीय बल्लेबाजी क्रम को झकझोरते हुए चार विकेट अपने नाम किए।
एडम मिल्ने की गेंदबाजी ने भारतीय बल्लेबाजों की बढ़ाई मुश्किलें
न्यूजीलैंड की तरफ से एडम मिल्ने ने मुकाबले में अपनी गेंदबाजी का शानदार नमूना पेश किया। उन्होंने चार ओवर के स्पेल में केवल 19 रन खर्च किए और चार भारतीय बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। उनकी कसी हुई गेंदबाजी ने भारतीय टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचने से रोकने में अहम भूमिका निभाई।
मिल्ने ने भारतीय पारी के दौरान अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, नीतीश कुमार रेड्डी और भुवनेश्वर कुमार के विकेट हासिल किए। उन्होंने अपनी गति और सटीक लाइन-लेंथ से बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। खास बात यह रही कि उन्होंने चार ओवर में बेहद कम रन देते हुए भारतीय टीम के निचले क्रम को भी ज्यादा देर तक टिकने नहीं दिया।
ईशान किशन और श्रेयस अय्यर के अर्धशतकों के कारण भारत सम्मानजनक स्कोर बनाने में सफल रहा, लेकिन मिल्ने के प्रदर्शन ने न्यूजीलैंड को मुकाबले में वापसी का अवसर दे दिया। उनकी इसी प्रभावशाली गेंदबाजी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच के पुरस्कार से नवाजा गया।
साइफर्ट और फिलिप्स ने भारतीय गेंदबाजों की रणनीति बिगाड़ी
192 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम ने शुरुआत से ही सकारात्मक रुख अपनाया। मेजबान बल्लेबाजों ने रन गति को कम नहीं होने दिया और भारतीय गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। टिम साइफर्ट ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए भारतीय गेंदबाजों की मुश्किलें बढ़ा दीं।
साइफर्ट ने अपनी 50 गेंदों की पारी में 11 चौके और पांच छक्के लगाए। उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता के साथ बेहतरीन टाइमिंग भी देखने को मिली। उन्होंने भारतीय गेंदबाजों की छोटी और वाइड गेंदों का फायदा उठाया और कई शानदार शॉट लगाए। उनके साथ ग्लेन फिलिप्स ने भी तेजी से रन बटोरे।
फिलिप्स ने 65 रन की नाबाद पारी खेली। उन्होंने साइफर्ट के साथ मिलकर न्यूजीलैंड की रन गति को लगातार बनाए रखा। भारतीय गेंदबाजों को दोनों बल्लेबाजों को रोकने के लिए अलग-अलग रणनीतियां अपनानी पड़ीं, लेकिन इसका ज्यादा असर नहीं हुआ। न्यूजीलैंड ने 18 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया और मुकाबला सात विकेट से जीत लिया।
इस दौरान भारतीय टीम को केवल तीन विकेट मिले। अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती और नीतीश कुमार रेड्डी ने एक-एक बल्लेबाज को आउट किया। इसके बावजूद कीवी बल्लेबाजों की आक्रामकता पर लगाम नहीं लग सकी।
शतक से सात रन दूर रह गए टिम साइफर्ट
न्यूजीलैंड की पारी में टिम साइफर्ट का विकेट गिरना भारतीय टीम के लिए एक अहम पल रहा। हालांकि तब तक वह अपनी टीम को जीत के बेहद करीब पहुंचा चुके थे। पारी के 15.3वें ओवर में नीतीश कुमार रेड्डी ने साइफर्ट को बोल्ड करके उनकी शानदार पारी का अंत किया।
नीतीश की गेंद पर साइफर्ट ने बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की। वह शॉर्ट और वाइड गेंद को बाउंड्री के बाहर भेजना चाहते थे, लेकिन गेंद उनके बल्ले के अंदरूनी हिस्से से लगकर सीधे लेग स्टंप से जा टकराई। इस तरह साइफर्ट 93 रन बनाकर पवेलियन लौट गए।
उन्होंने अपनी पारी में 11 चौके और पांच छक्के लगाए। साइफर्ट के आउट होने से भारतीय टीम को एक सफलता जरूर मिली, लेकिन तब तक न्यूजीलैंड की जीत लगभग तय हो चुकी थी। उनका विकेट गिरने के बाद भी फिलिप्स ने मोर्चा संभाले रखा और टीम को लक्ष्य तक पहुंचाकर ही दम लिया।
ग्लेन फिलिप्स पूरे टूर्नामेंट में रहे शानदार, बने प्लेयर ऑफ द सीरीज
पांच मैचों की इस सीरीज में न्यूजीलैंड के बल्लेबाज ग्लेन फिलिप्स का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा। उन्होंने लगातार अच्छी बल्लेबाजी करते हुए अपनी टीम के लिए अहम रन बनाए। पूरी सीरीज में उनके बल्ले से कुल 341 रन निकले। इसी दमदार प्रदर्शन के आधार पर उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया।
फिलिप्स ने केवल आखिरी मुकाबले में ही नहीं, बल्कि पूरी सीरीज के दौरान अपनी उपयोगिता साबित की। उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में टीम को संभालने के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर तेजी से रन बनाने की जिम्मेदारी भी निभाई। आखिरी मैच में नाबाद 65 रन की पारी खेलकर उन्होंने एक बार फिर अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया।
सीरीज में 341 रन बनाना उनके निरंतर प्रदर्शन को दर्शाता है। न्यूजीलैंड की टीम भले ही सीरीज जीतने में कामयाब नहीं रही, लेकिन फिलिप्स के व्यक्तिगत प्रदर्शन ने टीम को कई मौकों पर मजबूती दी।
भारत ने 3-2 से जीती सीरीज, आखिरी मैच की हार से नहीं बदला नतीजा
आखिरी मुकाबले में हार के बावजूद भारतीय टीम के लिए सीरीज का नतीजा सकारात्मक रहा। पांच मैचों की टी-20 सीरीज में भारत ने 3-2 से जीत दर्ज की। न्यूजीलैंड ने अंतिम मैच जीतकर सीरीज का अंतर जरूर कम किया, लेकिन ट्रॉफी भारत के नाम ही रही।
इस मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने अच्छी शुरुआत दिलाई थी। ईशान किशन और श्रेयस अय्यर के अर्धशतकों की बदौलत टीम 191 रन तक पहुंची, लेकिन गेंदबाजी के दौरान भारतीय खिलाड़ी कीवी बल्लेबाजों पर अपेक्षित दबाव नहीं बना सके। साइफर्ट और फिलिप्स की बेहतरीन पारियों ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया।
न्यूजीलैंड के लिए एडम मिल्ने और ग्लेन फिलिप्स का प्रदर्शन भी खास रहा। मिल्ने ने चार विकेट लेकर भारत को बड़ा स्कोर बनाने से रोका, जबकि फिलिप्स ने बल्ले से टीम की जीत में अहम योगदान दिया। साइफर्ट की 93 रन की पारी भी मुकाबले की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल रही।
इस तरह पांचवें टी-20 में न्यूजीलैंड ने भारत को सात विकेट से हराकर अपनी ताकत दिखाई, लेकिन सीरीज का खिताब भारतीय टीम के खाते में गया। आखिरी मुकाबले में मिली हार के बावजूद टीम इंडिया 3-2 की बढ़त के साथ सीरीज विजेता बनी रही।




